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सरकारी नियंत्रण वाले निगम ने जर्मनी की प्रतिबंधित कंपनी को बेच दिए 500 टन विस्फोटक!

नई दिल्ली: सरकारी स्वामित्व वाली रक्षा क्षेत्र की एक इकाई ने जर्मन कंपनी राइनमेटल को करीब 500 टन विस्फोटक बेच दिया। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक की डिलेविरी किए जाने के बाद से हड़कंप मच गया है। राइनमेटल को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते 2012 से ही कारोबार से प्रतिबंधित कर दिया है। पिछले साल के अंत में और 2024 की शुरुआत में डिलीवरी की गई थी। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार के संज्ञान में मामला आने के बाद अंतिम शिपमेंट को रोक दिया गया है।

पहली खेप अक्टूबर में भेजी गई
भारतीय कंपनी मुनिशन इंडिया लिमिटेड (MIL) को पिछले दो सालों से अंतरराष्ट्रीय बाजार से ढेरों ऑर्डर मिल रहे हैं, क्योंकि रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद से विस्फोटकों की वैश्विक मांग चरम पर है। कंपनी के पास पूरी तरह से उत्पादन क्षमता है और कई देश इसे ऑर्डर देने के लिए कतार में हैं। हमारे सहयोगी ET की ओर से देखे गए रिकॉर्ड के अनुसार, विस्फोटकों को बेचने का सौदा एक मध्यस्थ के माध्यम से किया गया था और 144 टन की पहली खेप अक्टूबर 2023 में भेजी गई थी। आपूर्ति एक्सपल नामक एक स्पेनिश कंपनी को की गई थी, जिसे सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार राइनमेटल ने पहले ही अधिग्रहित कर लिया था। 

अंतिम शिपमेंट मार्च 2024 में भेजा गया
दो अतिरिक्त शिपमेंट भेजे गए, जिनमें से अंतिम शिपमेंट मार्च 2024 में भेजा गया था। सूत्रों ने बताया कि डिलीवरी के लिए मूल अनुबंध एक्सपल को दिया गया था, लेकिन कंपनी ने स्वामित्व बदलकर राइनमेटल को दे दिया औ
इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई। MIL और रक्षा मंत्रालय को भेजी गई विस्तृत प्रश्नावली का जवाब नहीं दिया गया।

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