देश-विदेश

भारत का दिल और आत्मा है पूर्वोत्तर : उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत का हृदय और आत्मा है। उपराष्ट्रपति ने मीडिया से पर्यटन और विकास में इस क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ावा देने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि संस्कृतियों, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का जीवंत संगम है, जो भारत का सार दर्शाता है।

नई दिल्ली में एक मीडिया सम्मेलन में मुख्य भाषण देते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के परिवर्तनकारी प्रभाव और नेशनल नैरेटिव को आकार देने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड और स्कॉटलैंड को एक साथ रख दें, तो भी वे पूर्वोत्तर के सौंदर्य से पीछे रह जाएंगे। इस क्षेत्र का प्रत्येक राज्य विजिटर्स, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए स्वर्ग है।

 
 

उपराष्ट्रपति ने कनेक्टिविटी में सुधार के लिए की गई महत्वपूर्ण प्रगति पर जोर देते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन बताया। हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई है। जलमार्गों का बीस गुना विस्तार हुआ है, इससे देशभर में विशाल रुचि और निवेश बढ़ा है।

धनखड़ ने बांग्ला, मराठी, पाली और प्राकृत के साथ असमिया को भारत की 11 शास्त्रीय भाषाओं में से शाम‍िल क‍िए जाने पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "इस पदनाम का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता को दर्शाता है।

 

 

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