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एलन मस्क ने कैसे बनाया दुनिया का इतिहास बदलने वाला रॉकेट फाल्कन 9, जानें इंजिनियरिंग के कमाल की कहानी

 वॉशिंगटन: अंतरिक्ष की दुनिया के रहस्य समय के साथ खुलते गए हैं, जिनके आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है। अगर इन चीजों का असर इंसानी सभ्यता पर पड़े तो उससे कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। मंगल ग्रह पर इंसानी बस्तियां बसाने का एलन मस्क का सपना हो या अंतरिक्ष को लेकर किसी और साइंस फिक्शन के हकीकत में बदलने के आसार, इन्हें पंख दिया है मस्क की कंपनी SpaceX के रॉकेट फाल्कन 9 ने इस रॉकेट की खूबी यह है कि यह अपने प्रतिद्वंद्वियों से मीलों आगे है। साल 2023 में फाल्कन 9 ने करीब हजार टन पेलोड को ऑर्बिट में पहुंचाया। यह कितनी बड़ी बात है, इसे यूं समझिए कि उस साल दुनिया से जितना पेलोड स्पेस में भेजा गया, यह उसका 80 प्रतिशत था। फाल्कन 9 के फर्स्ट स्टेज का अंतरिक्ष से लौटने के बाद सफलतापूर्वक फिर से इस्तेमाल किया जा चुका है। ऐसा कोई 300 बार हुआ है, जबकि फाल्कन 9 के अलावा कोई और ऑर्बिटल लॉन्चर यह करिश्मा एक बार भी नहीं कर पाया है।

मस्क के इंजिनियरों ने किया कमाल

Reentry: SpaceX, Elon Musk and the Reusable Rockets that Launched a Second Space Age नाम की किताब में लेखक एरिक बर्गर बताते हैं कि यह कमाल कैसे हुआ। वह लिखते हैं कि मस्क की कंपनी के कुछ शानदार इंजिनियरों ने इस रॉकेट को बनाया और इसमें सरकार से भी मदद मिली। एरिक का कहना है कि इसमें मस्क का अपनी टीम से और बेहतर करने की मांग की भी भूमिका रही। एरिक लिखते हैं कि असल कहानी 2008 में शुरू हुई। तब SpaceX ने अपना पहला रॉकेट, फाल्कन 1 बनाया था। यह छोटा रॉकेट था और इसका कमर्शल इस्तेमाल भी संभव नहीं था।

मस्क लगा चुके थे सारा पैसा

खैर, जब यह रॉकेट अपनी चौथी कोशिश में अंतरिक्ष में पहुंचा, तब तक SpaceX के संस्थापक एलन मस्क प्रॉजेक्ट के लिए सारा अवेलेबल पैसा इसमें लगा चुके थे। ऐसे में कंपनी का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता था, जब इसे सरकार से बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिलें, लेकिन यह तभी मुमकिन था जब कंपनी के पास बड़े लॉन्चर हों। यानी फाल्कन 9। इसके लिए मेर्लिन 9 इंजन्स को साथ लाने की जरूरत थी। इसी इंजन का इस्तेमाल फाल्कन 1 रॉकेट को बनाने में हुआ था।यह काम कंपनी के पहले एंप्लॉयी टॉम मूलर के जिम्मे आया। मूलर ने ही इस इंजन को डिवेलप किया था। माना जाता है कि मूलर और उनकी टीम को कोशिशों से ही SpaceX बच पाया। नवंबर 2008 में फाल्कन 9 के पहले स्टेज की कामयाबी के साथ यह मुमकिन हुआ। मूलर के मुताबिक, ‘हम लोग तब ऐतिहासिक काम कर रहे थे, लेकिन मस्क इसके बावजूद हमसे नाराज थे। हमने जो काम किया था, वह कोई न कर सका था, लेकिन मस्क का कहना था कि टीम काफी धीमी गति से आगे बढ़ रही है।’

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