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ईरान या इजरायल... पश्चिम एशिया में जंग छिड़ी जंग तो किस ओर जाएंगे सऊदी और यूएई? समझें पूरा मामला

 रियाद: ईरान और इजरायल  बीते कई महीनों से आमने-सामने हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइल हमले भी कर चुके हैं। इस तनातनी ने पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध के अंदेशों को जन्म दिया है। ईरान और इजरायल की तनातनी में इस क्षेत्र के जिन देशों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है, वह सऊदी अरब और यूएई हैं। ऐसे में ये सवाल पूछा जा रहा है कि किसी संघर्ष की स्थिति में सऊदी अरब और उसके सहयोगियों का रुख क्या होगा।ईरान के इस महीने के मिसाइल हमले के बाद इजरायल ने कहा है कि वह तेहरान से खामेनेई के शासन को खत्म कर देगा। वह उस सरकार को उखाड़ फेंकेगा, जो 1979 की क्रांति के बाद से चली आ रही है। इजरायल की ओर से ये ऐसे समय कहा गया है कि जब ईरान के पूर्व राजा के बेटे रेजा भी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की आलोचना करते रहे हैं। रेजा पहलवी दिवंगत राजा शाह मोहम्मद रेजा पहलवी के बेटे हैं, जिन्होंने 1970 के दशक तक ईरान पर शासन किया था।

सऊदी का रुख क्या होगा?

डीडी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और ईरान दोनों ही सऊदी अरब को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में ईरान-इजराइल संघर्ष में सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान किसका पक्ष लेंगे। वह कोई पक्ष लेंगे या फिर तटस्थता जैसा कोई अन्य रास्ता चुनेंगे। ये भी जानना दिलचस्प है कि मोहम्मद बिन सलमान पिछले अक्टूबर में गाजा में युद्ध से पहले इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य करने पर आगे बढ़ रहे थे। सऊदी अरब को 7 अक्टूबर 2023 के इजरायल के गाजा में हमले ने उससे संबंधों को सामान्य करने से रोक दिया। दूसरी ओर सऊदी अरब ने पहले ही ईरान के साथ अपने संबंधों को सामान्य कर लिया है। मार्च 2023 में सऊदी अरब और ईरान सात साल बाद अपने राजनयिक संबंधों को बहाल करने पर सहमत हुए थे।

यूएई और कतर से भी कम हो रही ईरान की दूरी

सऊदी अरब के अलावा यूएई और कतर जैसे खाड़ी के अमीर देश भी ईरान के साथ संबंधों को मजबूत कर रहे हैं। इन देशों ने इजरायल को ईरान पर हमला करने में मदद नहीं करने की बात भी कही है। ये देश पारंपरिक रूप से पश्चिम के सहयोगी रहे हैं लेकिन बीते कुछ समय में संसाधन संपन्न ईरान के करीब आए हैं।इजरायल जब 1 अक्टूबर को ईरान की ओर से की गई मिसाइलों की बमबारी का जवाब देने की धमकी दे रहा है तो ये देश इस संघर्ष में अपनी तटस्थता दिखाने के लिए उत्सुक दिख रहे है। सऊदी अरब के नेतृत्व में खाड़ी देशों ने ईरान पर हमलों के लिए इजरायल को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने देने से साफ इनकार कर दिया है।

 

कतर पहुंचे थे ईरानी राष्ट्रपति

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हाल ही में कतर यात्रा की है। यहां उन्होंने कतर के अमीर के अलावा सऊदी अरब के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की थी। ईरान ने अपने विदेश मंत्री को हाल ही में सऊदी अरब भी भेजा था। लंदन स्थित थिंक-टैंक चैथम हाउस के नील क्विलियम का कहना है कि ईरान ने इन यात्राओं के जरिए अपना संदेश पहुंचाने में कामयाबी हासिल की है।

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