दो बहनों के इस कारोबार को जानकर चौंक जाएंगे, सालाना करती हैं करोड़ों की कमाई
नई दिल्ली: शायद ही कोई घर ऐसा होगा, जहां फूल इस्तेमाल न होते हों। कई बार परेशानी तक होती है जब आसपास कोई फूल बेचने वाला नहीं होता। इस समस्या को दो बहनों यशोदा करुतुरी और रिया करुतुरी ने पहचाना। उन्होंने सोचा कि जब रोजाना घर पर दूध और किराना से जुड़ा सामान डिलीवर हो सकता है तो पूजा या किसी दूसरी चीजों की जरूरत के लिए फूल क्यों नहीं? बस, यही सोचकर इन्होंने फूलों के कारोबार में एंट्री मार ली।
बेंगलुरु की रहने वाली यशोदा और रिया ने अपने इस कारोबार को शुरू करने के लिए साल 2019 में हूवु (Hoovu) नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया। कन्नड़ में हूवु का मतलब फूल होता है। वह अपने इस स्टार्टअप के जरिए लोगों के दरवाजे तक दूध और दूसरी चीजों की तरह फूल पहुंचाती हैं। आज इनके ब्रांड में फूलों के साथ अगरबत्तियां भी शामिल हो गई हैं। इनका सालाना टर्नओवर करोड़ों रुपये पहुंच गया है।
फूलों से बचपन से रिश्ता
यशोदा और रिया के लिए फूलों का यह बिजनस कोई नया नहीं था। उनके पिता राम करुतुरी केन्या, इथियोपिया और भारत में गुलाब के खेत के मालिक रहे हैं। इनके केन्या के खेत को 90 के दशक में दुनिया के सबसे बड़े गुलाब के खेत के रूप में मान्यता दी गई थी। ऐसे में इन दोनों बहनों ने फूलों की इस इंडस्ट्री में कई बदलाव देखे हैं।
10 लाख रुपये से की शुरुआत
दोनों बहनों ने एक एंजल इन्वेस्टर से 10 लाख रुपये का फंड लिया और अपना कारोबार शुरू कर दिया। इन्होंने सोचा कि दशकों पुराने पारंपरिक फूलों के बाजार को नया मोड़ दिया जाए। ऐसे में इन दोनों बहनों ने अपने स्टार्टअप में फूलों की डिलीवरी के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल भी पेश किया।
भारत में फूलों की अलग डिमांड
अमेरिका की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट यशोदा कहती हैं कि भारत में फूलों की डिमांड दूसरे देशों के मुकाबले अलग है। यहां फूलों का इस्तेमाल पूजा में ज्यादा किया जाता है। इसके अलावा काफी महिलाएं फूलों को अपने बालों में लगाना पसंद करती हैं। वहीं काफी लोग अपनी गाड़ी, दुकान और ऑफिस में फूलों की माला लटकाना भी पसंद करते हैं।
कई दिनों तक रहते हैं ताजे
यशोदा के मुताबिक फूलों को तोड़कर लाने के बाद उनकी देखभाल काफी अहम हो जाती है। थोड़ी सी लापरवाही से फूलों की ताजगी खत्म हो जाती है। इससे काफी संख्या में फूल बर्बाद हो जाते हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट रिया बताती हैं कि उनका स्टार्टअप इससे निपटने के लिए कई स्तर पर काम करता है।
रिया के मुताबिक इनके स्टार्टअप ने कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के 50 से अधिक किसानों के साथ सीधी पार्टनरशिप की है। ऐसा इसलिए क्योंकि फूल सीधे किसान के पास से जल्दी आ जाते हैं। फूल आने के बाद इन्हें बैक्टीरिया और मॉइश्चर फ्री किया जाता है। बाद में इनकी पैकिंग इस तरह की जाती है कि ये फूल 15 दिनों पर ताजे बने रहते हैं।
करोड़ों का हुआ ऑनलाइन कारोबार
इनका स्टार्टअप हूवु ऑनलाइन कारोबार करता है। फूलों के अलावा इनका स्टार्टअप कई तरह के फूलों की सुगंध वाली अगरबत्तियां भी बेचता है। इनके प्रोडक्ट खुद की वेबसाइट के अलावा बिग बास्केट, मिल्क बास्केट, जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट आदि पर भी मौजूद हैं। फूलों की डिलीवरी फिलहाल बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई में ही है। इनका सालाना कारोबार करीब 8 करोड़ रुपये का है।