India China Agreement: शांति की दस्तक! देपसांग और डेमचोक से आज पूरी तरह से हट जाएंगी दोनों सेनाएं, जानिए कौन कर रहा वेरीफाई
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद को खत्म करने के लिए एक खास समझौता किया गया है। जिसमें पूर्वी लद्दाख में देपसांग और डेमचोक से दोनों देशों की सेना के सैनिक पीछे हट रहे हैं और कुछ दिनों बाद वहां साल 2020 के अप्रैल वाली स्थिति बन जाएगी और गश्त शुरू होगी। बता दें कि 2020 से इन इलाकों में गश्त नहीं हो रही थी।
आज पूरी तरह सैनिकों की होगी वापसी
देपसांग और डेमचोक इलाकों में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। दोनों देशों ने सेनाओं ने सैनिकों की वापसी पर पैनी नजर बनाई हुई है और उसका वेरिफिकेशन कर रही है। उम्मीद है कि आज देपसांग और डेमचोक इलाकों से बुनियादी ढांचे और सैनिकों को हटाने की प्रकिया पूरी हो जाएगी।
सैटेलाइट तस्वीरें हैं गवाह
सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि देपसांग और डेमचोक में बनाए गए अस्थायी ढांचों को लगभग हटा दिया गया है। चीन ने देपसांग में जो सैन्य ढांचे बनाए थे, उन्हें भी हटा दिया गया है। इन ढांचों की वजह से भारतीय सैनिक पांच पेट्रोलिंग पॉइंट तक नहीं पहुंच पा रहे थे। बता दें कि 'Y जंक्शन' एक महत्वपूर्ण जगह है जहां से भी चीनी ढांचों को हटा दिया गया है।
अरुणाचल प्रदेश में भी तनाव कम करने की कोशिश
यह तय किया गया है कि दोनों देश एक-दूसरे को अपनी गश्त के बारे में पहले से बताएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि दोनों देशों के सैनिक विवादित इलाकों में आमने-सामने न आएं। अरुणाचल प्रदेश में भी दो जगहों पर तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है।
क्या है भारत और चीन के बीच हुआ समझौता?
भारत और चीन के बीच देपसांगऔर डेमचोक से दोनों देशों की सेनाओं को हटाने का समझौता हुआ है। जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में तनाव को कम करना है। इस समझौते के तहत, दोनों देशों ने देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में तैनात अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति व्यक्त की। यह समझौता भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ने की उम्मीद है और यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी फायदेमंद है।