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चीनियों के खून से लाल हो रही पाकिस्‍तान की धरती, शहबाज सरकार पर यूं ही नहीं बरसे जिनपिंग के राजदूत, समझें बौखलाहट

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान और चीन के बीच रिश्‍ते तनावपूर्ण होते दिख रहे हैं। सीपीईसी परियोजना में लगे चीन के नागरिकों पर जानलेवा हमलों को लेकर अब खुलकर सार्वजनिक रूप से इस्‍लामाबाद में चीनी राजदूत ने पाकिस्‍तान की सरकार को सुना दिया है। इस पर पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने भी पलटवार किया है। चीनी राजदूत जियांग जैदोंग ने कहा कि चीनी नागरिकों की सुरक्षा उनके लिए सबसे ज्‍यादा चिंता का विषय है। चीन के राजदूत ने पाकिस्‍तान सरकार को ऐसे समय पर फटकार लगाई है जब पाकिस्‍तान की धरती चीनी नागरिकों के खून से लाल हो रही है। साल 2024 में ही 7 चीनी नागरिकों की हत्‍या हुई है, वहीं 10 साल पहले सीपीईसी परियोजना शुरू होने के बाद अब तक 21 चीनी इंजीनियर मारे जा चुके हैं।

चीन ने चाइना पाकिस्‍तान आर्थिक कॉरिडोर पर अब तक करीब 60 अरब डॉलर खर्च कर डाला है और अब उसे चीनी नागरिकों की सुरक्षा का खतरा बहुत सता रहा है। चीन बलूचिस्‍तान के ग्‍वादर में नौसैनिक अड्डा बना रहा है जो सीपीईसी का हिस्‍सा है। वहीं बलोच विद्रोही इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। बलूचों ने इस साल ही चीनियों पर दो हमले किए हैं। बलूचों ने धमकी दी है कि चीन बलूचिस्‍तान में चलाए जा रहे अपने प्राजेक्‍ट और यहां की प्राकृतिक संसाधनों को लूटना बंद करे, नहीं तो ये हमले जारी रहेंगे।

पाकिस्‍तान भुगत रहा अपने कर्मों की सजा

 

दरअसल, पाकिस्‍तान में तेज हुए आतंकी हमले खुद उसके पापों का परिणाम है। पाकिस्‍तान पर ये हमले तब तेज हुए जब अफगानिस्‍तान में तालिबानी शासन आया। पाकिस्‍तान ने तालिबान की खुलकर मदद की और हथियार से लेकर पैसे तक दिए। अब तालिबानी अफगानिस्‍तान पर कब्‍जा करने के बाद पाकिस्‍तान के लिए भस्‍मासुर बन गए हैं। तालिबानी टीटीपी आतंकियों की मदद कर रहे हैं, उन्‍हें शरण दे रहे हैं। ये टीटीपी आतंकी अब पाकिस्‍तान में खूनी हमले करके पाकिस्‍तानी सेना और चीनी नागरिकों की हत्‍या कर रहे हैं।

चीन ने पाकिस्‍तान से कहा है कि वह अपनी सेना को तैनात करेगा। दोनों देशों के बीच एक डील हुई है जिससे चीनी सुरक्षाकर्मी अब पाकिस्‍तान में तैनात होंगे और मिलकर सुरक्षा देंगे। माना जा रहा है कि इसके जरिए चीनी सैनिक पाकिस्‍तानी नागरिकों के खिलाफ ऐक्‍शन भी ले सकेंगे जो पाकिस्‍तान की संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा होगा। पाकिस्‍तान की सेना लगातार इन हमलों को रोकने में फेल साबित हो रही है और इसी वजह से चीन का गुस्‍सा बढ़ता जा रहा है। चीन लगातार गुहार लगा रहा है कि सुरक्षा को पुख्‍ता किया जाए लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। चीन चाहता है कि पाकिस्‍तानी सेना बड़ा सैन्‍य अभियान चलाए लेकिन इसके लिए इमरान खान की पार्टी तैयार नहीं है जिसकी खैबर पख्‍तूनख्‍वा में सरकार है। इसीलिए चीन की बौखलाहट और बढ़ती जा रही है। 

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