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दिल्ली बनाम लखनऊ 2.0! प्रशांत कुमार या कोई और? किस IPS के बहाने योगी सरकार पर बरसे अखिलेश

लखनऊ:उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार ने डीजीपी चयन को लेकर एक अहम नियमावली को मंजूरी दे दी है। इस नियमावली के लागू हो जाने के बाद सरकार खुद अपनी पसंद के आईपीएस अफसर को डीजीपी बना सकेगी। उसे यूपीएससी के ऊपर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सोमवार देर रात कैबिनेट बैठक के दौरान पास की गई इस नियमावली को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। सपा मुखिया  अखिलेश यादव ने योगी सरकार प‍र निशाना साधा है।

अपने X अकाउंट पर अखिलेश यादव ने लिखा है- 'सुना है किसी बड़े पुलिस अधिकारी को स्थायी पद देने और और उसका कार्यकाल 2 साल बढ़ाने की व्यवस्था बनाई जा रही है… सवाल ये है कि व्यवस्था बनाने वाले खुद 2 साल रहेंगे या नहीं। कहीं ये दिल्ली के हाथ से लगाम अपने हाथ में लेने की कोशिश तो नहीं है। दिल्ली बनाम लखनऊ 2.0।' 

प्रशांत कुमार के नाम की चल रही है चर्चा

गौरतलब है कि इस समय प्रशांत कुमार यूपी के कार्यवाहक डीजीपी हैं। पिछले तीन सालों से राज्‍य को पूर्णकालिक डीजीपी नहीं मिल पाया है। प्रशांत कुमार अगले साल मई में रिटायर होंगे। अभी इसमें छह महीने का वक्‍त है। सोशल मीडिया पर चर्चा है कि प्रशांत कुमार को ही पूर्णकालिक डीजीपी बनाया जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव ने बगैर नाम लिए प्रशांत कुमार के बहाने ही योगी सरकार पर हमला बोला है। कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले प्रशांत कुमार कई सालों तक एडीजी लॉ एंड आर्डर पद पर तैनात रहे थे।

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