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हजरतगंज कोतवाली के मालखाने से 10 लाख गायब, दो मुंशियों पर शक

लखनऊ:हजरतगंज कोतवाली के मालखाने में लाखों रुपये की हेराफेरी की गई। कोर्ट के आदेश पर बनी जांच कमिटी की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन मालखाना मुंशियों के खिलाफ मंगलवार को थाना प्रभारी ने तहरीर दी है। एक आरोपी मुंशी की मौत हो चुकी है। एक आरोपी मुंशी निलंबित चल रहा है।

थाना प्रभारी हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि 29 मार्च 2019 को तत्कालीन हजरतगंज कोतवाली प्रभारी राधारमण सिंह ने मालखाने से 10 लाख रुपये गबन होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस मामले में आरोपी मुख्य आरक्षी (तत्कालीन मालखाना प्रभारी) अशोक यादव को निलंबित कर गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था, जिसके बाद मालखाने की जिम्मेदारी आरक्षी प्रिय त्रिपाठी को सौंपी गई थी। 


इस दौरान प्रिय त्रिपाठी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गए। दिसंबर 2022 में प्रिय त्रिपाठी का इलाज के दौरान देहांत हो गया था। मालखाने का प्रभारी न होने की वजह से मामलों में बरामद माल कोर्ट में पेश नहीं किया जा रहा था। इस पर कोर्ट ने जानकारी मांगी थी।

डीसीपी सेंट्रल की रिपोर्ट पर 29 दिसंबर 2021 में कमिटी का गठन किया गया। कमिटी का प्रभारी एडीसीपी मध्य और एसीपी हजरतगंज, थाना प्रभारी हजरतगंज मोहर्रिर मालखाना को सदस्य बनाया गया। इंस्पेक्टर हजरतगंज का कहना है कि उन्होंने अब इस मामले में एक और तहरीर दी है। फिलहाल किसी मुंशी को नामजद नहीं किया गया है। मुख्य आरक्षी अशोक यादव और प्रिय त्रिपाठी पर संदेह जताया गया है।

एसीपी हजरतगंज को कोर्ट ने भेजा नोटिस

पुलिस के मुताबिक हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज भ्रष्टाचार के पांच केसों में बरामद हुए माल को पुलिस कोर्ट में पेश नहीं कर पा रही थी। हाई कोर्ट और विशेष न्यायाधीश की ओर से हजरतगंज पुलिस को बार-बार रिमांइडर दिया गया। इसके बावजूद भी पांचों मामलों के साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं किए गए। इस पर कोर्ट ने एसीपी हजरतगंज को 24 जुलाई 2024 को नोटिस भेजा था, जिसके बाद हजरतगंज पुलिस सक्रिय हुई थी।

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