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भारत ने गाजा में जल्द सीजफायर का किया समर्थन, सऊदी के विदेश मंत्री के साथ जयशंकर की मुलाकात

नई दिल्ली :भारत और सऊदी अरब ने बुधवार को इजरायल-हमास संघर्ष पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली गाजा में शीघ्र युद्ध विराम और दो-राज्य समाधान के माध्यम से फिलिस्तीनी मुद्दे के समाधान का समर्थन करता है। जयशंकर ने अपने सऊदी समकक्ष प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ बैठक में कहा कि भारत आतंकवादी कृत्यों की निंदा करता है, लेकिन 7 अक्टूबर के आतंकवादी हमलों पर किसी भी प्रतिक्रिया में अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून को ध्यान में रखना होगा।

सऊदी अरब को पश्चिम एशिया में 'स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति' बताते हुए जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति गहरी चिंता का विषय है, विशेष रूप से गाजा में संघर्ष। संघर्ष पर भारत के सैद्धांतिक रुख की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "जबकि हम आतंकवाद और बंधक बनाने की घटनाओं की निंदा करते हैं, हम निर्दोष नागरिकों की निरंतर मौत से बहुत दुखी हैं। जयशंकर ने कहा कि किसी भी प्रतिक्रिया में अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून को ध्यान में रखना चाहिए। हम जल्द से जल्द युद्ध विराम का समर्थन करते हैं।

जयशंकर ने दी जानकारी

विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट में लिखा, आज दिल्ली में हमारी रणनीतिक भागीदारी परिषद के अंतर्गत राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग समिति PSSC की दूसरी बैठक की सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैजल बिन फरहान के साथ सह-अध्यक्षता करते हुए प्रसन्नता हुई। विदेश मंत्री ने लिखा कि रक्षा भागीदारी, सुरक्षा सहयोग, व्यापार और निवेश, संस्कृति, पर्यटन और युवा आदान-प्रदान तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क सहित हमारे बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों पर सार्थक चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि हमने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर हमारे संयुक्त प्रयासों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने कहा कि भारत दो-राज्य समाधान के माध्यम से फिलिस्तीनी मुद्दे के समाधान के लिए खड़ा है। फिलिस्तीनी संस्थाओं के निर्माण में योगदान दिया है।

सऊदी के साथ भारत की पार्टनरशिप

जयशंकर ने कहा कि सऊदी अरब का 'विजन 2030' और भारत का विकसित भारत 2047 दोनों देशों के उद्योगों के लिए नई पार्टनरशिप करने के लिए पूरक हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार और निवेश हमारी साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। हम प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन सहित नवीकरणीय ऊर्जा, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित नए क्षेत्रों में अपने सहयोग को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में भारतीय समुदाय की संख्या 26 लाख है। विदेश मंत्री ने कहा कि मैं इस अवसर पर, उनके कल्याण और सुविधा के लिए आपको धन्यवाद देता हूं। अल सऊद भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। 

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