चुनावी अखाड़े में RSS, जानिए कैसे काम कर रहे हैं महाराष्ट्र और झारखंड में आरएसएस के संगठन
नई दिल्ली: महाराष्ट्र और झारखंड में BJP का साथ देने के लिए उसके वैचारिक संगठन RSS के स्वयंसेवक भी जुटे हुए हैं। लोकसभा चुनाव के वक्त यह चर्चा थी कि संघ और BJP के बीच सबकुछ ठीक नहीं है इसलिए स्वयंसेवक सक्रिय नहीं रहे। हरियाणा विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के पीछे RSS का भी हाथ रहा।
महाराष्ट्र और झारखंड में RSS के अलग-अलग संगठन काफी मजबूत हैं। झारखंड में आदिवासियों के बीच RSS का संगठन वनवासी कल्याण आश्रम कई वर्षों से काम कर रहा है। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में काम कर रहे RSS के संगठन भी सक्रिय हैं। VHP, ABVP, किसान संघ, मजदूर संघ, विद्या भारती, सेवा भारती, राष्ट्र सेविका समिति, स्वदेशी जागरण मंच जैसे करीब 50 ऐसे संगठन हैं जो संघ से जुड़े हुए हैं।
RSS सूत्रों के मुताबिक, झारखंड में स्वयंसेवक अपने समरसता अभियान की बात कर रहे हैं। इसके जरिए एक तरीके से वे पीएम मोदी के नारे- एक हैं तो सेफ हैं, का ही विचार बता रहे हैं। साथ ही 100 फीसदी मतदान सुनिश्चित हो, इसके लिए अपील कर रहे हैं। महाराष्ट्र में भी RSS के अलग-अलग संगठनों के स्वयंसेवक घर-घर जाकर पर्चा बांट रहे हैं। इस पर्चे के जरिए वे कह रहे हैं कि भूमि जिहाद, धर्मांतरण, दंगा, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न रोकने वाली सरकार चुनें। वे सीधे BJP के पक्ष में मतदान की अपील नहीं कर रहे लेकिन पार्टी जिन मुद्दों को उठा रही है, उन मुद्दों को अहम बताते हुए उस आधार पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने को कह रहे हैं। RSS से जुड़े संगठनों के स्वयंसेवक कह रहे हैं कि भारतीय विचारधारा के लोग और जिन्होंने दुनिया में देश की शान बढ़ाई है उनको चुनें। साथ ही अगर जातियों में बंटेंगे तो, नुकसान होगा...इसका जिक्र कर रहे हैं।