मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश में पुलिस और एजेंसियां बनी किलिंग मशीन, पहले 52 दिनों में मारे गए कितने लोग,
ढाका: बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया के रूप में सत्ता संभालने के बाद मोहम्मद यूनुस ने वादा किया था कि वह देश में अल्पसंख्यकों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हो रही हिंसा को रोकेंगे। लेकिन देश से आ रहे आंकड़े बताते हैं कि मोहम्मद यूनुस के पदभार संभालने के बाद भी विरोधियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार जारी हैं। बांग्लादेश के मानवाधिकार संगठन ने ही मोहम्मद यूनुस सरकार की पोल खोल दी है।
बांग्लादेश के मानवाधिकार संगठन 'ओधिकार' (Odhikar) ने देशभर में हिंसा को लेकर दस्तावेज तैयार किया है। इसमें बताया है कि 9 अगस्त से 30 सितम्बर के बीच कम से कम 8 लोग न्यायेतर (कानून से परे जाकर) हत्याओं का शिकार हुए। न्यायेतर हत्याएं वे हैं, जिन्हें राज्य के एजेंट या उसके समर्थन से बिना किसी न्यायिक कार्यवाही को पूरा किए अंजाम दिया जाता है।