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गांदरबल हमले में NIA के हाथ लगे अहम सुराग, बाहरी मजदूरों की हत्या में दर्ज की FIR

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में 20 अक्टूबर को हुए आतंकी हमले के करीब एक महीने बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एफआईआर दर्ज कर ली। हालांकि, टेरर अटैक के इस मामले में NIA पहले दिन से ही जम्मू-कश्मीर पुलिस को जांच में सहयोग कर रही थी, लेकिन अब NIA ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर इस मामले को जम्मू-कश्मीर पुलिस से टेकओवर कर लिया। NIA केस से संबंधित तमाम दस्तावेज और सबूत भी जम्मू-कश्मीर पुलिस से ले रही है। इस हमले में एक कश्मीरी डॉक्टर और छह बाहरी मजदूरों को आतंकियों ने गोलियों से भून डाला था। 

इस साल 9 जून को आतंकवादियों द्वारा तीर्थयात्रियों से भरी बस में की गई ओपन फायरिंग के मामले को भी NIA ने 15 जून को टेकओवर किया था। हमले में बस के ड्राइवर-कंडक्टर समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें सात तीर्थयात्री थे। इस हमले के फरार आतंकी भी आज तक ना तो पकड़े जा सके हैं और ना ही किसी एनकाउंटर में मारे गए हैं। पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर में जितने भी एनकाउंटर हुए। उनमें से किसी में भी रियासी और गांदरबल हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादी शामिल नहीं पाए गए। लेकिन केंद्र सरकार को उम्मीद है कि एनआईए इन मामलों की अच्छे से पड़ताल कर आतंकवादियों की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।

आतंकियों के पाकिस्तानी होने की आशंका

सूत्रों का कहना है कि फिलहाल एनआईए को गांदरबल टेरर अटैक मामला ही दिया गया है। 24 अक्टूबर को बारामुला जिले में सेना के काफिले पर हुए हमले वाले मामले को अभी होल्ड पर रखा गया है। इसमें दो जवान समेत चार लोग मारे गए थे। गांदरबल हमले में आतंकवादियों ने एके-47 के अलावा पहली बार अमेरिकी राइफल एम-4 का भी इस्तेमाल किया था। इस हमले में दो आतंकी सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए थे। दोनों के पाकिस्तानी होने की आशंका है।

जल्द ही अच्छे परिणाम आने की उम्मीद

गांदरबल और अन्य मामलों को लेकर 21 नवंबर को एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के रियासी, उधमपुर, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों के आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी। एनआईए सूत्रों का दावा है कि यहां से उन्हें पाकिस्तान से बॉर्डर पार कर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैबा और जैश-ए-मोहम्मद और इनके शेडो संगठन 'कश्मीर टाइगर्स' और 'टीआरएफ' के आतंकवादियों को मदद करने वालों के बारे में काफी अहम दस्तावेज और जानकारियां प्राप्त हुई हैं। आगे जाकर इसके अच्छे परिणाम सामने आने की उम्मीद है। 

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