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जम्मू-कश्मीर में पुलिस की ताबड़तोड़ 56 ठिकानों पर छापेमारी, आतंकियों के 'मददगारों' पर एक्शन

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और आतंकवादियों की कमर तोड़ने के लिए मंगलवार को बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। इसमें जम्मू के चार जिलों में 56 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। छापेमारी की यह कार्रवाई पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैबा, जैश-ए-मोहम्मद, कश्मीर टाइगर्स और टीआरएफ जैसे आतंकवादी संगठनों को मदद देने वाले जम्मू-कश्मीर में रह रहे ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) और आतंकवादियों के संदिग्धों की पहचान और उनका पता लगाने के लिए की गई।

'आतंकी हमलों में लोकल लेवल पर मिली हेल्प'

जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक टॉप अफसर ने बताया कि असल में पिछले दिनों राज्य में जितने भी आतंकी हमले हुए हैं, उनका रिव्यू करने पर पाया गया कि अधिकतर में हमला करने वाले आतंकवादियों की किसी ना किसी रूप में मदद लोकल स्तर पर की गई थी। इसमें चाहे रेकी की गई हो या फिर पाकिस्तान से सीमा पार करके जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को रहने, खाने-पीने, हथियार, गोला-बारूद और पैसा मुहैया कराने, भर्ती और लॉजिस्टिक सुविधा देना हो।

पुलिस अधिकारी ने किया खुलासा

पुलिस अधिकारी ने बताया कि रियासी, राजौरी, पुंछ और गांदरबल समेत अधिकतर टेरर अटैक में जम्मू-कश्मीर में रह रहे कश्मीरियों ने आतंकवादियों की मदद की थी। इस रिव्यू के बाद बड़े स्तर पर आतंकवादियों की कमर तोड़ने के लिए इनके लोकल सपोर्टर के खिलाफ यह अभियान चलाया गया है। जो आने वाले कई दिन और चलेगा। पुलिस और आर्मी के पास कई सारे ओडब्लूजी की लिस्ट है। जिनके उपर आतंकवादियों की मदद करने का शक है।

आने वाले दिनों में और तेज होगा एक्शन

पुलिस के मुताबिक, आने वाले दिनों में इन सभी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। सोमवार-मंगलवार की कार्रवाई में राजौरी जिले में नौ, पुंछ जिले में 12, उधमपुर में 25 और रियासी जिले में 10 ठिकानों पर छापेमारी की गई। पुलिस ने बताया कि 56 ठिकानों पर की गई कार्रवाई में टीम ने बड़े स्तर पर हथियार और गोला-बारूद के अलावा इलेक्ट्रानिक गजेट, दस्तावेज, कैश और अन्य सामान जब्त किया है। अभियान में इस बात का पूरा ख्याल रखा गया कि अन्य लोकल लोगों को किसी भी तरह की कोई परेशानी ना होने पाए। 

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