देश-विदेश

हजारों रॉकेट तबाह, 4000 लड़ाके मारे गए... इजरायल से युद्ध में हिजबुल्लाह का भयानक नुकसान, आम लेबनानी भी पिसे

तेल अवीव: इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमास ने हमला किया था। इस हमले के बाद से इजरायल और हमास का युद्ध शुरू हो गया। हमास का साथ देने के लिए लेबनान का हिजबुल्लाह भी मैदान में उतरा। बुधवार को 14 महीने बाद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम हुआ। इस युद्ध में हिजबुल्लाह और लेबनान को भयानक नुकसान हुआ है। हिजबुल्लाह के लगभग 4000 लड़ाके मारे गए हैं। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच 2006 में हुए युद्ध से यह संख्या 10 गुना ज्यादा है। इनमें से ज्यादातर के शव अभी भी युद्ध के मैदान में पड़े हैं।

हिजबुल्लाह के सबसे ज्यादा लड़ाके सितंबर के बाद मारे गए हैं। इजरायल को भी इसमें कम नुकसान नहीं हुआ है। इजरायल के 75 सैनिक मारे गए। 45 इजरायली नागरिकों की तुलना में 700-1,200 लेबनानी नागरिक मारे गए हैं। हिजबुल्लाह ने इजरायल पर कितना हमला किया इसके आंकड़े अलग-अलग हैं, जिनकी संख्या कुछ हजार रॉकेट से लेकर 10-15 हजार के बीच हो सकती है। यरूशलम पोस्ट के मुताबिक 2500 ड्रोन से हिजबुल्लाह ने हमला किया।

हिजबुल्लाह के रॉकेटों की संख्या में भारी कमी

युद्ध से पहले हिजबुल्लाह के पास डेढ़ लाख रॉकेट और मिसाइल थे, जिनके अब 30,000 से भी ज्यादा कम होने का अनुमान है। ज्यादातर हथियारों को इजरायल ने अपने हमले से तबाह कर दिया। अनुमान है कि लगभग 14000 से ज्यादा हमले इजरायल ने लेबनान पर किए। IDF ने बुधवार को पुष्टि की कि मध्य सितंबर से युद्ध के बढ़ने के बाद अकेले लेबनान की राजधानी बेरूत पर 330 हवाई हमले किए गए। वहीं इस युद्ध के कारण अभी भी उत्तरी इजरायल से 60000 इजरायली जा चुके हैं।

अपने घरों में लौट रहे लेबनानी लोग

हिजबुल्लाह की ओर से 2,874 नागरिक ढांचों को निशाना बनाया गया, जिनमें से ज्यादातर उत्तरी सीमा के पास हैं। लेकिन पिछले दो महीनों में इजरायल के अंदर तक हमला बढ़ा था। 12 से 15 लाख लेबनानी नागरिकों ने युद्ध के कारण अपना इलाका छोड़ दिया। हालांकि अब लेबनानी लोग युद्धविराम के बाद अपने घरों में लौट रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक युद्धविराम के तहत अब लेबनान-इजरायल की सीमा से हिजबुल्लाह के लड़ाके दूर होंगे। इसके अलावा सेना भी धीरे-धीरे पीछे होगी। 

Leave Your Comment

Click to reload image