मेलबर्न टेस्ट मैच के बाद ही खत्म होने वाला था रोहित शर्मा का टेस्ट करियर, 'खास लोगों' ने बचा लिया, तभी से नाराज हैं गौतम गंभीर
2025-01-12 14:03:45
नई दिल्ली। भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट से रिटायरमेंट लेने का फैसला कर लिया था। हालांकि, उनके कुछ खास लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया। हालांकि, ये फैसला टीम के कोच गौतम गंभीर को पसंद नहीं आया और तब से वह खुश नहीं है।
रोहित बतौर कप्तान और बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया दौरे पर फेल रहे थे। मेलबर्न टेस्ट मैच के बाद उन्होंने टेस्ट मैचों से संन्यास लेने का फैसला कर लिया था, लेकिन फिर टीम के बाहर के कुछ खास लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोका दिया। रोहित फिर सिडनी में खेले गए आखिरी टेस्ट मैच में नहीं खेले थे।
फॉर्म से परेशान थे रोहित
अपने बेटे के जन्म के कारण रोहित पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में नहीं खेले थे। तब यशस्वी और केएल राहुल ने ओपनिंग की थी और अच्छा किया था। इसी कारण रोहित ने एडिलेड और ब्रिस्बेन में छठे नंबर पर बल्लेबाजी की थी। मेलबर्न में ओपनिंग करने लौटे थे, लेकिन सफल नहीं रहे थे। इसके बाद ही उन्होंने टेस्ट को अलविदा कहने का मन बना लिया था। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है।
अखबार ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है, "एमसीजी के बाद रोहित ने संन्यास लेने का मन बना लिया था। टीम के बाहर के कुछ शुभचिंतकों ने उनको ऐसा करने से मना नहीं किया होता तो हम ऑस्ट्रेलिया में एक और संन्यास देख लेते।"
गंभीर हुए नाराज
रोहित ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेले गए तीन मैचों में कुल 31 रन बनाए। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत में खेली गई टेस्ट सीरीज में भी कोई कमाल नहीं किया था। इसी कारण वह संन्यास लेना चाहते थे, लेकिन फिर अपना मन बदल दिया। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित का फैसला बदलना कोच गौतम गंभीर को रास नहीं आया। इन दोनों के बीच अभी भी सब कुछ ठीक नहीं है।
सिडनी टेस्ट मैच से पहले गंभीर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी रोहित से नाराजगी का इशारा किया था। हालांकि, रोहित ने टेस्ट मैच के बीच स्टार स्पोर्ट्स को इंटरव्यू दिया था और कहा था कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा था कि वह टेस्ट से रिटायरमेंट नहीं ले रहे हैं और सिडनी टेस्ट मैच से उन्होंने खुद को बाहर रखने का फैसला किया था।