देश-विदेश
"प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'पीएम विश्वकर्मा' योजना का शुभारंभ, कारीगरों और शिल्पकारों के लिए तोहफा"
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कारीगरों, शिल्पकारों और पारंपरिक कौशल से जुड़े लोगों को तोहफा देने जा रहे हैं. 17 सितंबर को ‘विश्वकर्मा जयंती’ के अवसर पर इन लोगों के लिए एक नई योजना ‘पीएम विश्वकर्मा’ शुरू करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारंपरिक शिल्प में लगे लोगों को न केवल आर्थिक रूप से समर्थन देना, बल्कि स्थानीय उत्पादों, कला और शिल्प के माध्यम से सदियों पुरानी परंपरा, संस्कृति और विविध विरासत को जीवित और समृद्ध बनाए रखने की ओर भी निरंतर ध्यान रहे हैं.
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित इस योजना को 13,000 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित किया जाएगा. योजना के तहत, संभावित लाभार्थियों को बायोमेट्रिक-आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल का उपयोग करके सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से निःशुल्क पंजीकृत किया जाएगा.
"IRS के अधिकारी राहुल नवीन को ईडी के प्रभारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया"
नई दिल्ली: भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी राहुल नवीन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया है. 1993 बैच के अधिकारी राहुल नवीन वर्तमान में ईडी में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर तैनात थे. उन्हें नियमित निदेशक की नियुक्ति तक ये जिम्मेदारी सौंपी गई है.
1993 बैच के आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन ने 1984 बैच के IRS अधिकारी संजय कुमार मिश्रा की जगह ED के कार्यवाहक निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला है. अपनी नियुक्ति के साथ राहुल नवीन केंद्रीय जांच एजेंसी के सबसे वरिष्ठ अधिकारी बन गए हैं. उन्होंने ने ईडी मुख्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में भी काम किया है.
शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि 15 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय में प्रवर्तन निदेशक के रूप में संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल समाप्त होता है. जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने ED प्रमुख संजय मिश्रा को 15 सितंबर तक कार्यकाल का विस्तार दिया था, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि आगे कोई विस्तार नहीं होगा.
"भारतीय वायु सेना को रूस से 12 सुखोई लड़ाकू विमान खरीदने की मंजूरी, निर्माण होगा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स द्वारा"
नई दिल्ली: लड़ाकू विमानों की तंगी झेल रहे भारतीय वायु सेना के लिए केंद्र सरकार ने रूस से 12 सुखोई लड़ाकू विमान खरीदने की अनुमति प्रदान की है. इन विमानों को निर्माण भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा. रक्षा मंत्रालय ने इस खरीदी के लिए 11,000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं.
बता दें कि ये भारतीय वायु सेना के सबसे आधुनिक Su-30 MKI विमान होंगे, जो कई भारतीय हथियारों और सेंसर से लैस होंगे. खरीदी में विमानों के भारत में निर्माण के साथ संबंधित ग्राउंड सिस्टम शामिल होंगे. विमान में आवश्यकता के अनुसार 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री शामिल होगी.
इसके पहले 15 सितंबर को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बैठक में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने लगभग 45,000 करोड़ रुपए के 9 पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति दी है. मंत्रालय ने कहा कि ये सभी खरीदारी इंडियन वेंडर से खरीदें (भारतीय-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित/खरीदें (भारतीय) श्रेणी के तहत खरीदी जाएंगी, जिससे भारतीय डिफेंस इंडस्ट्री को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बढ़ावा मिलेगा.
नौसेना के लिए खरीदी की मिली अनुमति
डीएसी ने इंडियन नेवी के लिए अगली पीढ़ी के सर्वे जहाजों की खरीद को भी मंजूरी दे दी है, जिससे हाइड्रोग्राफिक संचालन करने में इसकी क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी. वहीं, डीएसी ने इंडियन एयरफोर्स के प्रस्तावों के लिए एओएन को भी मंजूरी दे दी जिसमें संचालन के लिए सटीकता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए डोर्नियर विमान का एवियोनिक अपग्रेडेशन शामिल था.
राष्ट्रपति को मानद डॉक्टरेट की उपाधि
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को शहीद इहादादेन अब्देलहाफिद विश्वविद्यालय, अल्जीरिया के वैज्ञानिक एवं तकनीकी केंद्र ने आज (15 अक्टूबर, 2024) सिदी अब्दुल्ला में आयोजित
दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को शहीद इहादादेन अब्देलहाफिद विश्वविद्यालय, अल्जीरिया के वैज्ञानिक एवं तकनीकी केंद्र ने आज (15 अक्टूबर, 2024) सिदी अब्दुल्ला में आयोजित एक समारोह में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भारत में सभी सामाजिक समूहों के लिए विज्ञान और ज्ञान की बात को आगे बढ़ाने के लिए राजनीति विज्ञान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप में नहीं, बल्कि भारत के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने इस सम्मान के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी केंद्र को धन्यवाद दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, न केवल व्यक्तिगत सशक्तिकरण का, बल्कि राष्ट्रीय विकास का भी साधन है। छात्रों को प्रबुद्ध नागरिक के रूप में विकसित करने और भारत को ‘ज्ञान अर्थव्यवस्था’ की ओर ले जाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य सभी स्तरों पर शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाना है। यह नीति विदेशी शिक्षण संस्थानों के साथ सहयोग के रास्ते भी खोलती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत, पश्चिमी संस्थानों की तुलना में बहुत कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है और अफ्रीकी छात्रों को कई छात्रवृत्तियां और फेलोशिप भी प्रदान करता है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों, सरकारी विभागों और अल्जीरिया के युवाओं को भारत सरकार की विभिन्न पहलों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत-अल्जीरिया संबंध अपनी क्षमता तक पहुँचने से बहुत दूर हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और अल्जीरिया के युवा इसे हासिल करेंगे और वे अंततः हमारे लोगों के मजबूत आपसी संबंधों को और बढ़ाने के लिए सेतु बनेंगे।
27 आकांक्षी जिलों के लिए पीएम गतिशक्ति के तहत जिला मास्टर प्लान का शुभारंभ
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज पीएम गतिशक्ति के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश के 27 आकांक्षी जिलों के लिए पीएम गतिशक्ति
दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज पीएम गतिशक्ति के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश के 27 आकांक्षी जिलों के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के जिला स्तरीय संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बोलते हुए, श्री गोयल ने कहा कि गतिशक्ति बुनियादी ढांचे की योजना के लिए एक शानदार विशिष्टता वाला उपकरण है और अगले 18 महीनों में देश भर के 750 से अधिक जिलों को कवर करने हेतु जिला मास्टर प्लान का विस्तार किया जाएगा। श्री गोयल ने शहरों को अपनी अनूठी दृष्टि, उद्देश्यों और स्थानीय विशेषताओं को पूरा करने के लिए अपनी उपयुक्त लॉजिस्टिक्स संबंधी योजना तैयार करने में मदद करने हेतु ‘भारतीय शहरों के लिए सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार करने संबंधी दिशानिर्देश' भी जारी किए।
अपने संबोधन में, श्री गोयल ने कहा कि यह राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में प्रवेश करने का एक तेज, बेहतर, कुशल, अपेक्षाकृत अधिक किफायती और उच्च गुणवत्ता वाला उपकरण है। उन्होंने कहा कि गति और शक्ति आज भारत की पारिभाषिक विशेषता है क्योंकि देश को समय पर आपूर्ति करने वाले, भविष्य के लिए योजनाबद्ध और दक्षता के साथ कार्यान्वित किए गए एक आधुनिक उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में दुनिया इस उपकरण का उपयोग अपनी बुनियादी ढांचे की योजना बनाने के लिए करेगी।
केन्द्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान में भू-स्थानिक और अन्य अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाना कनेक्टिविटी से जुड़े परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति में प्रत्येक डेटा को मान्य किया गया है, दोबारा जांचा गया है और डेटा के आवधिक अद्यतनीकरण के लिए एक तंत्र को पेश किया गया है। मास्टर टूल विकसित करने के लिए बीआईएसएजी-एन टीम की सराहना करते हुए, श्री गोयल ने पीएम गतिशक्ति को एक बेहतर विशिष्टता वाला बताया और इस बात पर जोर दिया कि जीआईएस समर्थित यह प्लेटफॉर्म सरकार के लिए महत्वपूर्ण बजट बचाने में मदद करेगा और इसकी डेटा समर्थित निर्णय लेने की प्रक्रिया के कारण अधिक दक्षता के साथ बुनियादी ढांचे के निर्माण की योजना बनाएगा।
श्री गोयल ने कहा कि पीएम गतिशक्ति वह आधार बन गई है जिसके चारों ओर बुनियादी ढांचे के आउटरीच कार्यक्रम मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पीएम गतिशक्ति ने अर्थव्यवस्था पर एक गुणात्मक प्रभाव डालने और भारत को सबसे बड़ी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री गोयल ने 20 वर्ष पहले स्थानिक प्रौद्योगिकियों के विचार का बीजारोपण करने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भू और स्थानिक के बीच के अंतरसंबंध को प्रधानमंत्री मोदी ने पहचाना तथा गुजरात में इसे साकार किया।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'क्षेत्र विकास दृष्टिकोण' पहल का उपयोग करके बिजली वितरण की लाइनों, स्कूलों, अस्पतालों तथा अन्य सेवाओं का समावेश करने के लिए पीएम गतिशक्ति के दायरे को सामाजिक बुनियादी ढांचे तक विस्तारित किया है। अब जब हम भौतिक बुनियादी ढांचे के परिणामों के लिए योजना बना रहे हैं, तो क्या हम जीवनयापन में आसानी के लिए सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए भी योजना बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति अब व्यापार करने में आसानी और जीवन जीने में आसानी को मिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है क्योंकि वे एक-दूसरे के पर्याय हैं।
डीपीआईआईटी ने गतिशक्ति के मंच के प्रदर्शन की समीक्षा करने और इसे केन्द्रीय एवं राज्य स्तर के बुनियादी ढांचे के योजनाकारों के लिए और भी अधिक उपयोगी बनाने के तरीकों पर विचार-मंथन करने हेतु केन्द्र तथा राज्य सरकारों से जुड़े इस मंच के हितधारकों की आज दिनभर की एक बैठक आयोजित की थी।
भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं को दूरसंचार सेवाएं और डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में भूमिका निभाएगा: गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दूरसंचार सेवाओं का प्रदाता बनने के लिए पूरी तरह तैयार है और भारतीय कंपनियां उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उच्च सुरक्षा और गुणवत्ता वाले तकनीकी उपकरण प्रदाता बनेंगी।
दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दूरसंचार सेवाओं का प्रदाता बनने के लिए पूरी तरह तैयार है और भारतीय कंपनियां उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उच्च सुरक्षा और गुणवत्ता वाले तकनीकी उपकरण प्रदाता बनेंगी।
आज नई दिल्ली में विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा और 8वीं भारत मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर संबोधन के दौरान, मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत भविष्य में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार आपूर्ति श्रृंखलाओं का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कंपनियों से दूरसंचार को उन देशों में ले जाने में मदद के लिए समाधान खोजने का आग्रह किया जो नेटवर्क कनेक्टिविटी में अब भी पीछे हैं। श्री गोयल ने कहा कि ग्लोबल साउथ में प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने और दुनिया भर में डिजिटल कनेक्टिविटी को किफायती बनाने के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) को पूरा करने में दुनिया का नेतृत्व करने में भारत की भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश भर में निर्बाध ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी ने भारत को 'विश्व का विश्वसनीय भागीदार' उपनाम दिलाया है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए प्रमुख 'डिजिटल इंडिया' अभियान की उपलब्धि के रूप में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भारत की स्थिर नेटवर्क कनेक्टिविटी पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुशासन के लिए, व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराने, और देश की आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करने में प्रौद्योगिकी को समर्थक के रूप में उपयोग करने की प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता की सराहना की। श्री गोयल ने कहा कि भारत आज एक राष्ट्र के रूप में सोचता है। उन्होंने युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाने और पूरे देश की विचार प्रक्रिया को राष्ट्र के विकास के साथ जोड़ने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को दिया।
श्री गोयल ने कहा कि 2015 में डिजिटल को आगे बढ़ाने से आवश्यक सेवाओं को जारी रखने में मदद मिली, जिससे कोविड महामारी के दौरान देश भर में निर्बाध व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हुईं। उन्होंने कहा कि जब देश भारत के साथ काम करते हैं, तो उन्हें उच्च गुणवत्ता, सामर्थ्य और किफायती समाधान का आश्वासन दिया जाता है और निर्बाध व्यावसायिक गतिविधियों का आश्वासन दिया जाता है, जिससे कंपनियां अपने वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के लिए भारत की ओर देख सकती हैं।
उन्होंने कहा कि दूरसंचार सेवाओं में नवाचार, उपकरण, सेवाओं और डेटा की उपलब्धता जैसे तकनीकी विकास के मामले में भारत विकसित देशों से कहीं आगे है। भारत में कल विश्व मानक दिवस मनाया गया। इस बारे में श्री गोयल ने कहा कि सरकार भारत को गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं और सेवाओं का प्रदाता बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत जो कुछ भी करेगा उसमें देश की विकास गाथा को परिभाषित करने वाली गुणवत्ता की छाप होगी।
कार्यक्रम की थीम "भविष्य अभी है" की ओर संकेत करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत न केवल अपने बल्कि दुनिया के भविष्य में भी योगदान दे रहा है और इसकी डिजिटल प्रौद्योगिकियों की पेशकश दुनिया को एक परिवार के रूप में लाने में अभिन्न भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स से जुड़े डिजिटलीकरण के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की छाप भारत में है। भारत अपने नवप्रवर्तन, प्रतिभा और बड़े बाजार के लिए पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि नवाचार भारत की विकास गाथा को परिभाषित करता है और दुनिया भारत को वंचितों और पूरी दुनिया के लिए प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करने में अग्रणी देश के रूप में पहचानती है।
डॉ. ए.पी.जे. की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में उनके अग्रणी काम को दुनिया भर में सराहा गया है और युवाओं के साथ उनका जुड़ाव हमेशा देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
श्री गोयल ने भारत को तकनीकी उपलब्धियों में आत्मनिर्भर बनाने का विश्वास पैदा करने के लिए दूरसंचार उपकरण और सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (टीईपीसी) की प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज भारत की अलग कहानी है क्योंकि यह बाकी दुनिया के साथ समानांतर रूप से 5जी लॉन्च करने में सक्षम हुआ है। उन्होंने कहा कि देश 6जी लॉन्च करने और विकसित करने में अग्रणी होगा। उन्होंने कहा कि नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन के जरिए देश के हर कोने को 5G तकनीक से फायदा मिलेगा।
हरियाणा की नई सरकार : भाजपा विधायक दल की बैठक आज, अमित शाह की मौजूदगी में चुना जाएगा दल का नेता
हरियाणा. हरियाणा की नई सरकार के गठन की तैयारियां आज भाजपा विधायक दल की बैठक से शुरू हो जाएगी। भाजपा के पर्यवेक्षक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में पार्टी के विधायक पंचकूला स्थित पार्टी दफ्तर में अपने नेता का चुनाव करेंगे।
विधायक दल का नेता चुनने से पहले सभी विधायक शाह और यादव के साथ ब्रेक फास्ट करेंगे। उसके बाद विधायक दल के नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भाजपा ने अपने सभी 48 विधायकों को अगले दो दिन चंडीगढ़ में ही रहने के निर्देश जारी किए हैं।
भाजपा नेताओं ने बताया, कि करीब दस बजे विधायक दल की बैठक होगी। बैठक में शामिल होने नायब सैनी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली बीजेपी कार्यालय पहुंच गए हैं। हालांकि नायब सिंह सैनी के नाम को लेकर कोई शक नहीं है। भाजपा ने उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा था। यहां तक कि अमित शाह ने चुनाव से पहले पंचकूला में कार्यकर्ताओं की बैठक एलान किया था कि भाजपा की सरकार बनने पर नायब सिंह सैनी ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी रैलियों में नायब सिंह सैनी को ही अगले मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करते आए हैं। एतिहासिक जीत के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की नजरों में नायब सिंह सैनी का कद भी बढ़ा है। ऐसे में उनके नाम को लेकर कोई संशय नहीं है।
इसलिए आना पड़ा अमित शाह को
बीते मार्च में मनोहर लाल को हटाकर विधायक दल की बैठक में जब नायब सिंह सैनी का नाम रखा गया तो अनिल विज नाराज हो गए थे। वह बैठक से बाहर निकल गए थे। चुनाव से पहले अनिल विज मुख्यमंत्री की दावेदारी जता चुके हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत भी समय-समय पर दावेदारी जताते रहे हैं। लिहाजा इस तरह के विवादों से बचने के लिए शाह को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले 2022 में शाह यूपी में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए थे और योगी के नाम पर मुहर लगाई गई थी।
राईजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट 2024 को सफल बनाने के लिए अधिकारी मुस्तैदी से करे काम : कृषि सचिव
जयपुर। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल की अध्यक्षता में पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में राईजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट 2024 के आयोजन से पूर्व 24 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित होने वाले कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं सहकारिता विभाग की प्री समिट की व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन हेतु विभागों को सौंपे गये दायित्वों के निर्वहन के सम्बन्ध में बैठक कर चर्चा की गई। शासन सचिव ने बताया कि इससे राजस्थान की कृषि क्षेत्र की संभावनाओं से प्री समिट में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के साथ ही देश दुनिया के कृषि क्षेेत्र से जुड़े लोग भी रूबरू हो सकेंगे।
बैठक में राईजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट 2024 के 24 अक्टूबर को अयोजित होने वाली तैयारी को लेकर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने समिट 2024 के प्री इन्वेस्टमेन्ट समिट के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को सौंपे गये दायित्वों की प्रगति की समीक्षा की एवं दिये गये कार्याे को समय पर जिम्मेदारी के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिये।
राजन विशाल ने बताया कि प्री समिट को बहुपयोगी बनाने के लिए अतिरिक्त निदेशक कृषि विपणन विभाग रविन्द्र कुमार शर्मा को इवेन्ट मैनेजमेन्ट कमेटी में अतिथियों की सूची एवं आमंत्रण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्री समिट में निवेश प्रस्तावों के एमओयू के लिए सम्पर्क, सहयोग व समन्वय की जिम्मेदारी महाप्रबंधक कृषि विपणन बोर्ड संजय शर्मा को दी गई है। वहीं लॉजिस्टिक एवं प्रोटोकॉल कमेटी की जिम्मेदारी निदेशक राजस्थान बीज प्रमाणीकरण संस्था के.सी. मीना व साहित्य सामग्री तैयार करवाने की जिम्मेदारी अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) के.सी. मीना को दी गई है। इसी तरह मीडिया एवं पब्लिसिटी की जिम्मेदारी मुख्य लेखाधिकारी कृषि विपणन विभाग कौशल्या सांकृत्य को जिम्मा दिया गया है। सभी प्रभारी अपने टीम सहयोगियों के साथ तय समय सीमा में तैयारियां सुनिश्चित करेंगे। राईजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट 2024 का आयोजन 9-11 दिसम्बर को जयपुर में होगा। इसका आयोजन राजस्थान सरकार के तत्वाधान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेन्ट प्रोमोशन (बीआईपी) और राजस्थान स्टेट इण्डस्ट्रीयल डेवलपमेन्ट एण्ड इन्वेस्टमेन्ट कॉरपोरेशन (रीको) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
बैठक में आयुक्त कृषि चिन्मयी गोपाल, आयुक्त उद्यानिकी सुरेश कुमार ओला, निदेशक कृषि विपणन विभाग राजेश कुमार चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की उमर अब्दुल्ला ने ली शपथ
जम्मू-कश्मीर। अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के बाद उमर अब्दुल्ला के जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए मंच तैयार है।
उमर अब्दुल्ला ने दूसरी बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वहीं, कांग्रेस ने उमर सरकार में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। बारामूला के राफियाबाद से नेकां विधायक जावेद अहमद डार ने मंत्री पद की शपथ ली है। वहीं, निर्दलीय के तौर पर विधायक बने सतीश शर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सतीश शर्मा छंब विधानसभा से विधायक चुने गए हैं।
जस्टिस ट्रूडो के कारण भारत-कनाडा के बीच तल्खी, अब आगे क्या होगी नई दिल्ली की रणनीति?
नई दिल्ली: कनाडा और भारत के दर्मियान हुए हालिया घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच पनपी राजनयिक तल्खी जल्दी खत्म होती नहीं दिखती। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान से ये साफ किया है कि वो इस मसले पर आगे और कदम उठाने के लिए स्वतंत्र है तो दूसरी ओर कनाडा की ओर से भी इसी तरह के संकेत मिले हैं कि फिलहाल रिश्ते किसी भी दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। आइये जानने की कोशिश करते हैं कि डिप्लोमैटिक रिश्तों के दायरे के भीतर दोनों देशों के पास क्या संभावनाएं हैं । पिछले एक साल से ट्रूडो जिस तरह भारत सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, उससे इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि कनाडा इस मामले को और आगे लेकर नहीं जाएगा।
आर्थिक प्रतिबंधों का सवाल ?
कनाडाई विदेश मंत्री विदेश मंत्री मिलोनी जोली ने भारत के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर कहा कि सब कुछ टेबल पर है...यानि कनाडा ने अपने विकल्प खुले रखे हैं। विदेश मामलों के जानकार राजीव डोगरा कहते हैं कि कनाडा के साथ हमारे व्यापारिक संबंध बहुत बड़े लैंडस्केप पर नहीं है और अगर कनाडा इकोनॉमिक प्रतिबंध लगाएगा भी तो इससे भारत से ज्यादा कनाडा के एक्सपोर्टर्स को ही नुकसान होगा। तो वहीं विदेशी मामलों के जानकार प्रोफेसर स्वर्ण सिंह कहते हैं कि अगर ट्रूडो सरकार किसी तरह के आर्थिक प्रतिबंध भारत के खिलाफ लगाने की कोशिश करती है तो इसका दायरा जी 7 तक जा पाएगा , ऐसा लगता नहीं क्योंकि जिस तरह से इस ग्रुप में पीएम मोदी को शिखर सम्मेलनों के साथ आमंत्रित किया जाता है, उससे लगता नहीं कनाडा के पास किसी भी साथी देश का समर्थन है, इससे साफ है कि अगर प्रतिबंध लगते हैं तो वो सिर्फ कनाडा- भारत व्यापारिक संबंधों तक ही सीमित रहेगा। जानकार कहते हैं कि अगली रणनीति में कनाडा वहां पढ़ रहे छात्रों की संख्या में कमी कर सकता है, लेकिन वो पहले से ही आधे रह गए हैं और अब वो दूसरी डेस्टिनेशन्स की ओर जा रहे हैं। खासतौर से जिस तरह से डिप्लोमैटिक अधिकारियों की संख्या कम की गई है, ऐसे में आशंका है कि कनाडा के लिए और सीमित संख्या में वीजा जारी हो सकते है। इससे कनाडा पढ़ने जाने वाले स्टूडेंट्स के लिहाज से भारत को नुकसान हो सकता है।
विएना कन्वेनशन का जिक्र क्यों?
कनाडा की ओर से मंगलवार को विएना कन्वेशन का जिक्र किया गया है, तो सवाल है कि क्या ऐसे में मामले को वो अंतराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर सकता है? इसे लेकर राजीव डोगरा कहते हैं कि कनाडा ने खुद ही विएना कन्वेशन के सारे नियम तक पर रख दिए हैं। क्योंकि कन्वेंशन के मुताबिक राजनयिकों को इम्युनिटी मिली होती है और उन्हें लीगल प्रक्रिया में घसीटा नहीं जा सकता। ऐसे में किस आधार पर इस मामले को उठा सकते हैं। वहीं प्रोफेसर स्वर्ण सिंह कहते हैं कि जिस तरह का गैर जिम्मेदार अप्रोच कनाडा ने अब तक दिखाई है, उससे लगता नहीं कनाडा खुद ऐसे मामलों को उस स्तर पर उठाने का सोचेगा भी।
जी- 7 और फाइल आईज के पास शिकायत?
कनाडा सरकार की ओर से कहा गया है कि इस मामले को लेकर वो फाइव आईज और जी- 7 तक लेकर जाएगा। इस दिशा में पीएम ट्रूडो ने सोमवार को ब्रिटेन के पीएम के साथ चर्चा भी की है। हालांकि जानकार मानते हैं कि पिछले साल भी ट्रूडो ने इसी रणनीति पर काम किया था लेकिन इसका कोई फायदा हुआ नहीं। स्वर्ण सिंह कहते हैं कि जी सेवन समिट अगले साल कनाडा में होना है और अगर भारत विशेष आमंत्रित सदस्य की तरह अगर वहां जाने का फैसला ले तो क्या कनाडा की छवि के लिए लिए सही होगा ? जानकार मानते हैं कि बतौर ग्रुप ब्रिक्स की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है और ऐसे में चुनौतियों से घिरा जी - 7 भारत जैसी आर्थिक शक्ति को नाराज नहीं करना चाहेगा।
भारत वेट एंड वॉच करेगा, उसके लिहाज से प्रतिक्रिया देगा
जानकार कहते हैं कि कनाडा की ओर से अब तक बेतुकी बयानबाज़ी , खासतौर से खुद वहां के पीएम की ओर से बिना तर्क के आरोप सामने आए हैं। लेकिन भारत में सरकार के शीर्ष स्तर पर खामोश रहकर एक्शन ओरिंइटेड अप्रोच के साथ काम किया गया है। भारत ने पिछले साल 41 कनाडाई राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा था और अब 6 को निष्कासित किया है। ऐसे में भारत की अप्रोच एक्शन ओरिटेंडेट रही है। भारत ने कनाडा की आक्रामक भाषा का शालीनता के साथ कड़ा जवाब दिया है। ऐसे में लगता नहीं कि अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी कनाडा के पीछे सपोर्ट में आएगी। पिछली बार भी अमेरिका ने कुछ हद तक इस मामले में कनाडा के साथ इंगेज किया था, बाकी देशों ने इस तरह वोट बैंक वाली राजनीति पर कुछ बोलने से दूरी बनाई थी
फिर सुर्खियों में आया इत्र कारोबारी पीयूष जैन, 200 करोड़ मिले थे कैश
कानपुर। यूपी के कानपुर में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर पर DDGI अहमदाबाद की टीम ने रेड डाली थी. इसमें कारोबारी के घर से 200 करोड रुपये कैश और करोड़ों की टैक्स चोरी का मामला सामने आया था. अब इस मामले में DDGI अहमदाबाद की ओर से सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
इसमें डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस ने पीयूष जैन की पत्नी, भाई, भाई की पत्नी समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया है. DGGI के वकील और भारत सरकार के स्पेशल प्रॉसिक्यूटर अमरीश टंडन ने बताया है कि जो 200 करोड़ रुपये पीयूष कुमार जैन के घर से मिले थे। वो पैसा आरोपी बनाए गए सभी 13 लोगों और पीयूष जैन का है। इन सभी को समन भी जारी किया गया है. DDGI अहमदाबाद ने 13 गवाहों को सप्लीमेंट्री चार्टशीट के द्वारा न्यायालय तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र स्पेशल सीजेएम की अदालत में दाखिल किया है। कोर्ट ने इसमें अगली तारीख 20 अक्टूबर दी है।
बता दें कि दिसंबर 2021 में कानपुर और कन्नौज में पीयूष जैन के ठिकानों पर छापे पड़े थे. वहां से 23 किलो सोने के बिस्कुट मिले थे. इसके अलावा कानपुर वाले घर से 177 करोड़ रुपये मिले थे. वहीं कन्नौज वाले घर से 19 करोड़ की बरामदगी हुई थी।
जो 23 किलो सोना मिला ता उसपर विदेशी मार्क था। DRI ने कोर्ट को बताया था कि पूछताछ में पीयूष जैन ने माना कि उसने वह सोना बिना बिल या कागजात के खरीदा था. ये सोने के बिस्कुट कैश देकर बिना कोई टैक्स दिए खरीदे गए थे. DRI के वकील अंबरीश टंडन ने बताया था कि पीयूष जैन ने 10-12 साल पहले अपने घर पर बंकर बनवाए थे ताकि पैसा और गोल्ड छिपा सके।
भारत आतंकवाद के सभी स्वरूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा करता है : बिरला
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि भारत आतंकवाद के सभी स्वरूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा करता है। वैश्विक शांति और समृद्धि का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद शांति और विकास में बाधक है और आतंक से सभी स्रोतों को सामूहिक संकल्पशक्ति से परास्त करना होगा। इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के बीच चल रही लड़ाई के बीच लोक सभा स्पीकर के इस बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पी-20 के सफल शिखर सम्मेलन के समापन के अगले दिन रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि सम्मेलन में कुछ देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के विश्वसनीय और उत्तरदायित्वपूर्ण प्रयोग और डेटा सुरक्षा पर बल दिया। सभी देशों ने उत्तरदायित्वपूर्ण एआई विकास और डेटा सुरक्षा से संबंधित आयामों पर ध्यान दिये जाने की जरूरत पर जोर दिया। बिरला ने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जवाबदेह और विश्वसनीय होनी चाहिए। लोक सभा अध्यक्ष ने बताया कि पी20 देशों ने विधायी प्रारूपण के लिए डोमेन ज्ञान को बढ़ाने के लिए एक समूह बनाने पर सहमति व्यक्त की। भारत की जी20 प्रेसीडेंसी की थीम के अनुरूप, 9वें पी20 शिखर सम्मेलन का विषय ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के लिए संसद’ रहा।
बिहार के मुजफ्फरपुर में बस ने तिपहिया वाहन को मारी टक्कर, 5 की मौत
पटना । बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रविवार को एक तेज रफ्तार बस ने एक तिपहिया वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि सकरा थाना क्षेत्र के एनएच 28 स्थित सुजावलपुर चौक पर यह दुर्घटना हुई। चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक व्यक्ति ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है क्योंकि दो अन्य घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। दुर्घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण वहां जुट गये और एनएच 28 को जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे सकरा थाने के अधिकारियों ने लोगों को समझाकर धरना समाप्त कराते हुए जाम खुलवाया। पुलिस ने शवों को लेकर पोस्टमार्ट के लिए भेज दिया।
यमुनोत्री धाम और केदारनाथ धाम के कपाट 15 नवंबर से शीतकाल के लिए बंद होंगे
देहरादून । चारधाम यात्रा इस समय पूरे चरम पर चल रही है। जहां हर रोज एक नया रिकॉर्ड बन रहा है, वहीं अब चारधाम यात्रा में चारों धामों के कपाट बंद होने की तिथि की एक-एक कर घोषणा शुरू हो गई है। 15 नवंबर को भैया दूज के दिन यमुनोत्री धाम और केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 6 महीने के लिए बंद हो जाएंगे। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति शीतकालीन प्रवास श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। विजय दशमी को ही द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट बंद होने की तिथि श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ में तय होगी।
साथ ही श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजय दशमी मंगलवार 24 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम में तय की जाएगी।कपाट बंद होने की तिथि घोषित करने के लिए श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में धार्मिक समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के मुताबिक, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय की मौजूदगी में रावल और धर्माधिकारी पंचांग गणना के बाद कपाट बंद होने के शुभ मुहूर्त की घोषणा की जाएगी।
इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे।बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने की तिथि तय करने के कार्यक्रम समारोह में यात्रा वर्ष 2024 के लिए मंदिर भंडार की जिम्मेदारी के तहत मंदिर समिति द्वारा हकहकूक धारियों को पगड़ी भेंट की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने झारखंड के गिरीडीह लोकसभा क्षेत्र में संभाली चुनाव प्रचार की कमान
भ्रष्टाचार के हर आलम का यही आलम होगा : राम विचार नेताम
छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री तथा झारखंड के पूर्व सहप्रभारी रहे श्री राम विचार नेताम इन दिनों प्रदेश के प्रवास पर हैं। यहां उन्होंने राज्य के गिरीडीह लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार एवं जनसंपर्क अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगे। इस मौके पर राम विचार नेताम ने कहा कि झारखंड खनिज संसाधनों एवं वन संपदा से संपन्न राज्य होने के बाद भी उसे परिवारवाद ने विकास के मानक में पीछे छोड़ दिया। उन्होंने कहा परिवारवाद की वजह से राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। यहां के मंत्री और उनके सहयोगी कमीशन के खेल में व्यस्त हैं। आदिवासी बहुल राज्य में भी आदिवासी समाज विकास की मुख्यधारा से अलग है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री जेल में बंद हैं। मंत्री आलमगिरी भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इससे पता चलता है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्रि ने कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं, वह हर भ्रष्टाचारी का यही आलम करेंगी। उन्होंने कहा, झारखंड से सटे हुए छत्तीसगढ़ में भाजपा की डबल इंजन की सरकार आदिवासियों, गरीब, किसान और पिछड़े वर्ग के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं झारखंड में उनके हक का पैसा पिता-पुत्र और मंत्री तथा उनके सहयोगियों के कमीशन में खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में झारखंड की जनता प्रदेश की नकारा और भ्रष्ट सरकार का बोरिया बिस्तर हमेशा के लिए बांधने का काम करेगी।
वर्दी में वीडियो और रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों की अब खैर नहीं! होगी कड़ी कार्रवाई
राजस्थान मेंं पुलिसकर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने वाले वीडियो और रील पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं और कहा गया है कि वर्दी में गैर-पुलिसिया मामलों में ये सब करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
जयपुर: पुलिसकर्मियों के वर्दी में वीडियो और रील बनाने के मामले अक्सर सामने आते हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इस मामले से जुड़े निर्देश सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को भेजे गए हैं। जिसमें कहा गया है कि वर्दी में 'गैर-पुलिसिया मामलों' पर वीडियो, रील या स्टोरी वगैरह अपलोड करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर वर्दी में 'गैर-पुलिसिया मामलों' पर वीडियो, रील या स्टोरी आदि अपलोड करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी। इस संबंध में राजस्थान पुलिस के मुखिया यू आर साहू ने मंगलवार को सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) यू आर साहू ने बताया कि पुलिसकर्मियों द्वारा वर्दी में स्वयं के वीडियो, रील और स्टोरी जिनका पुलिस कार्य से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं होता है, उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट या अपलोड करना पुलिस नियमों के खिलाफ है। इससे विभाग की गरिमा और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
साहू ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों, कमांडेंट एवं अन्य पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि भविष्य में किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिस कार्य से संबंधित कार्य के अलावा अन्य किसी भी प्रकार के वीडियो, रील, स्टोरी तैयार कर पोस्ट व अपलोड नहीं की जाएं।
नियंत्रक अधिकारी इस प्रकार की पोस्ट करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से आह्वान किया है कि पुलिस वर्दी हमारी प्रतिबद्धता, समर्पण और जनता के प्रति हमारी जवाबदेही का प्रतीक है। इसका उपयोग करते समय हमें अत्यधिक सावधानी और गंभीरता बरतनी चाहिए। वर्दी में अनुचित सामग्री का प्रसारण न केवल अनुशासनहीनता का प्रतीक है, बल्कि यह जनता के बीच विश्वास को भी कमजोर करता है।
धनबाद की सबिता मोहालिक ने जीता ‘मेरी पौष्टिक रसोई’ का छठा सीजन
स्वादिष्ट ‘मोरिंगा ड्रमस्टिक पल्प पैटीज़ और केले के फूल की चटनी’ बनाकर बनीं विजेता
ग्लेनमार्क फाउंडेशन ने इडोब्रो इम्पैक्ट सॉल्यूशंस के सहयोग से पाक प्रतियोगिता ‘मेरी पौष्टिक रसोई’ के छठे सीज़न के सफल समापन की घोषणा की। इस अखिल भारतीय पहल का उद्देश्य पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों के उत्सव और प्रचार के माध्यम से कुपोषण से मुकाबला करना है। साथ ही इसका मकसद देशभर में खान-पान की स्वस्थ और बेहतर आदतें अपनाने के लिए समुदायों को सशक्त बनाना भी है। फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश की रहने वालीं सीमा सेतुमाधवन ‘मेथी दाना सब्जी’ के साथ खुली श्रेणी की विजेता रहीं।
स्पर्धा का व्यापक प्रभाव
24 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों से 800 से अधिक प्रविष्टियाँ हासिल हुईं, जिनमें 250 से अधिक कस्बे और शहर शामिल हैं। इनमें लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की प्रविष्टियाँ और जम्मू और कश्मीर से पहली बार भागीदारी भी शामिल हैं
50 से 65 वर्ष की आयु वर्ग के व्यक्तियों की ओर से प्रस्तुतियों में वृद्धि दर्शाती है कि पीढ़ियों के बीच पोषण में सुधार के लिए व्यापक प्रतिबद्धता बढ़ रही है।
प्रतिभागियों ने चार श्रेणियों- एनजीओ, पेशेवर, छात्र और ओपन/व्यक्तिगत में अपनी पाक कला का प्रदर्शन किया।
पाक कला की उत्कृष्टता का जश्न
एक कड़ी चयन प्रक्रिया, जिसका समापन 25 फाइनलिस्ट्स के साथ रमानाथ पय्याडे कॉलेज ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई में एक भव्य कुक-ऑफ प्रतिस्पर्धा के रूप में हुआ।
सेलिब्रिटी शेफ गौतम महर्षि, अनुराधा शेखर, डॉ. बीएमएन कॉलेज के पूर्व वाइस प्रिंसिपल और शेफ योगेश उटेकर, प्रिंसिपल आरपीएच इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्टडीज सहित एक प्रतिष्ठित ग्रैंड जूरी ने पोषण, नवाचार और खाना पकाने के जुनून पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यंजनों का मूल्यांकन किया।
इस पहल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए, ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर- कॉर्पोरेट सर्विसेस, चेरिल पिंटो ने कहा, "ग्लेनमार्क फाउंडेशन में हमने हमेशा खान-पान संबंधी अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित करने और इसका जश्न मनाने का प्रयास किया है, क्योंकि आधुनिक जीवनशैली के कारण अक्सर हमारी समृद्ध विरासत प्रभावित होती है। ‘मेरी पौष्टिक रसोई’ के माध्यम से, हमने कुपोषण जैसे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मुद्दों को दूर करने में पारंपरिक खान-पान के गहरे असर को सामने लाने की कोशिश की है। यह पहल सिर्फ व्यंजनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हमारे समुदायों के सामने आने वाली पोषण संबंधी चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, खान-पान की स्वस्थ और बेहतर आदतों की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में भी काम करती है। संवाद को बढ़ावा देकर और स्थायी खाद्य संस्कृतियों को अपनाते हुए हम देश भर में व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों पर स्थायी और परिवर्तनकारी प्रभाव के लिए प्रयास करते हैं।"
डॉ. बीएनएम कॉलेज की सेवानिवृत्त प्रिंसिपल और जूरी की सदस्य अनुराधा शेखर ने कहा, "रेसिपीज़ न केवल देखने में प्रभावशाली थीं, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक, नवीन और प्यार से बनाई गई थीं। फाइनलिस्ट्स ने वास्तव में खाना पकाने और पोषण के प्रति अपने जुनून का प्रदर्शन किया, जिससे जजों के लिए विजेताओं का चयन करना एक मुश्किल काम हो गया।"
इडोब्रो इम्पैक्ट सॉल्यूशंस के चीफ इम्पैक्ट ऑफिसर और एमडी करोन शैवा ने कहा, "यह पहल उद्योग, नागरिक समाज, शिक्षा और सरकार के बीच सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत करती है। इन आवश्यक 4 प्रमुख हितधारक समूहों की सहायता से ही हम ‘मेरी पौष्टिक रसोई’ के मकसद को हासिल कर सकते हैं। दीर्घकालिक परिणामों के लिए आपसी सम्मान और विश्वास सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक की भूमिका को समझना और भी महत्वपूर्ण है।"
ये रहे विजेता
एनजीओ श्रेणी- गुजरात से पवन कुमार ‘बाजरा गुट्टा करी’ के साथ।
व्यावसायिक श्रेणी- झारखंड की सबिता मोहालिक ‘मोरिंगा ड्रमस्टिक पल्प पैटीज़ और केले के फूल की चटनी’ के साथ।
खुली श्रेणी- उत्तर प्रदेश से सीमा सेतुमाधवन ‘मेथी दाना सब्जी’ के साथ।
छात्र श्रेणी- महाराष्ट्र से सालिहा चौधरी ‘रागी मुद्दे सोप्पु सर्रू और पल्या’ के साथ।
प्रतियोगिता ने जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों को अपने पाक कौशल का प्रदर्शन करने और स्वस्थ भोजन की आदतों को बढ़ावा देने के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान किया। कुपोषण से लड़ने के लिए ग्लेनमार्क फाउंडेशन का समग्र दृष्टिकोण बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को लक्षित करता है और विभिन्न कार्यक्रमों और प्रयासों के माध्यम से कुपोषण से लड़ने के लिए एक साथ अनेक मोर्चों पर काम करता है।