देश-विदेश
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में यात्रियों की सहायता के लिए 24×7 मल्टीपल चैनल ‘रेल मदद’ कार्यरत
ट्रेन में हो किसी भी तरह की समस्याया देना है कोई सुझाव, तो रेल मदद एप से तुरंत मिलेगा समाधान
इस वर्ष में मई तक 27 हज़ार से ज्यादा समस्याओं का समाधान आधे घंटेमें
रायपुर : भारतीय रेल एक ऐसा साधन है जिससे एक दिन में लाखों लोग सफर करते हैं। ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए रेलवे ने ‘रेल मदद ऐप’ तैयार किया है ।डिजिटल इंडिया मिशन के तहत नागरिको दी जाने वाली सुविधा के रेल मदद एप एक डिजिटल प्लेटफार्म है। पैसेंजर इस ऐप के जरिए रेल सफर के दौरान आने वाली सभी दिक्कतों का समाधान के साथ ही अपनी शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं ।यह 24×7 मल्टीपल चैनल ग्राहक सहायता सेवा ‘रेल मदद’ ऐप, वेबसाइट, ई मेल, पोस्ट, सोशल मीडिया और एक हेल्पलाइन सर्विस के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने तीनों मंडलों एवं मुख्यालय के रेल मदद एप के टीम के साथ यात्रीयों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 24x7 तैनात है ।
यहाँ समस्याओं के समाधान का औसत निपटारा समय 33 मिनट है और यात्रिओं के द्वारा दिया गया फीडबैक भी संतोषजनक या उससे बेहतर है । बिलासपुर, रायपुर , नागपुर तथा ज़ोनल मुख्यालय नियंत्रण कार्यालय में रेल मदद एप के त्वरित समाधान के लिए समर्पित रेलकर्मी तैनात हैं । इस वर्ष जनवरी से मई तक 27000 से अधिक शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा चुका है ।रेल MADAD का अर्थ है : Mobile Application For Desired Assistance During travel अर्थात रेल में सफर करते वक्त वांछित सहायता प्राप्त करने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन । यह मोबाइल एप्लीकेशन एंड्राइड और आईओएस मोबाइल प्लेटफार्म पर उपलब्ध है ।
रेल मदद मोबाइल एप से शिकायत दर्ज करना :
* गूगल प्ले स्टोर से RAIL MADAD App डाउनलोड करें
* अपना डिटेल्स डालें
* ओटीपी डालें
* विकल्प रजिस्टर पर संबन्धित विकल्प चुने ।
* शिकायत एवं उनके समाधान के विकल्प को चुनें ।
* शिकायत दर्ज के विकल्प पर क्लिक करें ।
* ट्रेन से सम्बंधित शिकायत दर्ज करने के लिए Register my complaint for train विकल्प पर क्लिक करें
* रेल में सफ़र के दौरान स्टेशन से सम्बंधित असुविधा की शिकायत दर्ज करने के लिए Register my complaint for station विकल्प पर क्लिक करें ।
* ट्रेन में सफ़र के दौरान सहायता प्राप्त करने के लिए एप में दिए विकल्प हेल्पलाइन नंबर पर क्लिक करें ।
हेल्पलाइन नंबर द्वारा कॉल करने पर ट्रेन में यात्री को सहायता प्राप्त हो जाती है ।इस एप के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में सहायता से सम्बंधित सुविधा रेल यात्रियों को प्रदान करने की योजना का संचालन किया जाता है । रेल मदद एप के जरिये रेल में स्वच्छता, एवं सफ़र के दौरान असुरक्षा एवं बच्चो के सहायता हेतु सीधे फ़ोन कॉल से मदद प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर शामिल किये गए हैं।संबंधित शिकायत से संबन्धित फोटो खींचकर अपलोड भी किया जा सकता है । शिकायत के स्टेटस की जानकारी भी यात्री को ट्रैक कंप्लेंट में दिखता है ।
रेलवे मदद ऐप के जरिए यात्री किसी भी ट्रेन या स्टेशन की शिकायत दर्ज कर सकते हैं । इस ऐप पर मेडिकल असिस्टेंस को लेकर, सुरक्षा को लेकर, दिव्यांगजनों की सुविधाओं को लेकर, कोच में सफाई को लेकर, स्टाफ के बर्ताव समेत कई मुद्दों पर अपनी शिकायत दर्ज कराया जा सकता हैं । रेलवे मदद ऐप पर आप अपनी दर्ज की हुई शिकायत को ट्रैक भी कर सकते हैं । शिकायत का स्टेटस भी देखा जा सकता है। एप के अंदर अदर सर्विसेज का टैब भी दिया गया है ।
जिसके आधार पर आगे टिकट बुकिंग, ट्रेन की पूछताछ, रिजर्वेशन की पूछताछ, रिटाइरिंग रूम बुकिंग और इंडियन रेलवे सलेक्ट किया जा सकता है । यह सभी टैब भारतीय रेलवे की अन्य आधिकारिक वेबसाइट और एप तक पहुँच उपलब्ध कराते हैं । जिसे डाउनलोड करके आगे की सेवा लिया जा सकता है । आपको यहां यूटीएस टिकटिंग का ऑप्शन भी मिलता है । जिसके आधार पर अनारक्षित (जनरल) टिकट भी बुक कराया जा सकता है । रेल मदद की वेबसाइट के अनुसार, पोर्टल का उद्देश्य शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ रेल यात्रियों के अनुभव को बढ़ाना है ।
नेपाल में भूस्खलन : दो बसें त्रिशूली नदी में बहीं, 7 भारतीयों समेत 65 लोग लापता
काठमांडू । नेपाल में खराब मौसम लोगों के लिए आफत बना हुआ है। बताया जा रहा है कि आज यानी शुक्रवार सुबह मध्य नेपाल में मदन-आश्रित राजमार्ग पर भूस्खलन की वजह से लगभग 63 यात्रियों को ले जा रही दो बसें त्रिशूली नदी में बह गईं। दोनों चालकों समेत सभी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इनमें सात भारतीय भी शामिल थे।
चितवन के मुख्य जिला अधिकारी इंद्रदेव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बसों में चालकों सहित कुल 63 लोग सवार थे। हादसा सुबह करीब 3:30 बजे हुआ। हम घटनास्थल पर हैं और तलाशी अभियान चल रहा है। लगातार बारिश के कारण लापता बसों की तलाश में हमें दिक्कत आ रही है। घटना चितवन जिले में नारायणघाट-मुगलिंग रोड पर सिमलताल इलाके में हुई। इस बीच मौसम खराब रहने के कारण काठमांडू से भरतपुर, चितवन तक की सभी उड़ानें आज के लिए रद्द कर दी गई हैं।
दिल्ली में यमुना उफान पर: 45 साल बाद जलस्तर 208 मीटर पार, स्कूलों में छुट्टी, सीएम केजरीवाल ने गृह मंत्री शाह को पत्र लिखा
देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ गया है। 45 साल बाद यहां नदी के जलस्तर ने 208 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार अलर्ट है। नदी के आसपास के इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाढ़-निगरानी पोर्टल के अनुसार, पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर बुधवार (12 जुलाई) सुबह चार बजे 2013 के बाद पहली बार 207 मीटर के निशान को पार कर गया। यह शाम चार बजे तक बढ़कर रिकॉर्ड 207.71 मीटर के निशान तक पहुंच गया। रात 11 बजे यह बढ़कर 208.08 मीटर हो गया और गुरुवार (13 जुलाई) सुबह आठ बजे तक इसके 208.30 मीटर तक पहुंचने की आशंका है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, रात 11 बजे के आसपास का यमुना का जलस्तर केंद्रीय जल आयोग की ओर से 13 जुलाई को सुबह 4 से 6 बजे तकी अवधि के लिए लगाए गए 207.99 मीटर के अनुमान से ज्यादा है। सरकार ने बताया कि पुराने रेलवे पुल पर रात 10 बजे बढ़ोतरी दर्ज की गई। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इससे पहले 1978 में दिल्ली में यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर पहुंचने का रिकॉर्ड था। बुधवार रात 9 बजे पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 207.95 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले रात 8 बजे हथिनीकुंड बैराज से 1,47,857 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
निचले इलाकों में स्कूलों की छुट्टी
दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग ने गुरुवार (13 जुलाई) को निचले इलाकों के कुछ स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है, जिनकी कक्षाएं छात्रों के लिए ऑनलाइन तरीके से चलाई जाएंगी। एमसीडी की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ”दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए एमसीडी के शिक्षा विभाग ने सिविल लाइंस जोन के निचले इलाकों में 10 स्कूलों, शाहदरा दक्षिण जोन के 6 स्कूलों और शहादरा उत्तर जोन के एक स्कूल को 13 जुलाई को बंद रखने का फैसला किया है। इन स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।”
संवेदनशील इलाकों में लगाई गई धारा 144
दिल्ली में यमुना नदी के आसपास के इलाकों में बने मकान और बाजारों में पानी घुसने के कारण हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। बाढ़ जैसे हालात के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में बुधवार को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। इस धारा के तहत चार से ज्यादा लोगों के एक ही स्थान पर एकत्रित होने पर रोक होती है।
सीएम ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
दिल्ली सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। जल स्तर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुचने के बाद, केजरीवाल ने केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया कि यमुना का जलस्तर और न बढ़े। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में, केजरीवाल ने अनुरोध किया, ‘‘यदि संभव हो तो हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से पानी सीमित गति में छोड़ा जाए।’’ केजरीवाल ने गृह मंत्री शाह का ध्यान आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन की ओर आर्कषित करते हुए लिखा कि दिल्ली कुछ हफ्तों में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाली है। उन्होंने कहा, ‘‘देश की राजधानी में बाढ़ की खबर से दुनिया में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। हम सबको मिलकर दिल्ली के लोगों को इस स्थिति से बचाना होगा।’’
भजन लाल शर्मा होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री...
राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान कर दिया गया है। भजन लाल शर्मा के हाथों में अब राज्य की सत्ता की कमान होगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में भजन लाल शर्मा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। वे सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक हैं। इनके नाम का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रखा। इसके साथ ही पार्टी ने तय किया है कि राजस्थान में दो डिप्टी सीएम भी होंगे। इसके लिए प्रेम चंद बैरवा और दीया कुमारी के नाम पर मुहर लगी है। स्पीकर के लिए वासुदेव देवनानी का नाम फाइनल किया गया है।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। वसुंधरा ने चुनावी नजीतों के बाद पार्टी के कई विधायकों को डिनर पार्टी दी थी, जिसे दबाव की राजनीति के तौर पर देखा गया था। हालांकि, नड्डा से मुलाकात के बाद वसुंधरा के सुर बदले-बदले नजर आए थ और उन्होंने खुद को पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता बताया था।
विधायक दल की बैठक में चुना गया नेता
इसके बाद पार्टी ने राज्य के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी थी। उन्हें राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस पर विराम लगाने और विधायक दल का नेता चुनने के लिए सभी की सहमति बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसके बाद मंगलवार को हुई विधायक दल की बैठक में भजन लाल शर्मा को चुना गया।
विधायक बने सांसदों के इस्तीफे ने बढ़ा दी थी सरगर्मी
इससे पहले राजस्थान के राजसमंद की सांसद दीया कुमारी, जयपुर के सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा और अलवर के सांसद बाबा बालक नाथ ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि पार्टी वसुंधरा के अलावा किसी दूसरे चेहरे पर दांव खेल सकती है।
21 सांसदों को उम्मीदवार बनाया था
भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के विधानसभा चुनावों में कुल 21 सांसदों को उम्मीदवार बनाया था। इनमें से 12 ने जीत दर्ज की है। भाजपा ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में सात-सात, छत्तीसगढ़ में चार और तेलंगाना में तीन सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा था।
मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में चौंकाया
इससे पहले भाजपा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाकर सभी चौंका दिया था। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक हैं। यह भी तय किया गया कि मध्य प्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे। इनके लिए जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला का चुना गया। जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ और राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक हैं। इसके अलावा स्पीकर पद के लिए नरेंद्र सिंह तोमर के नाम का एलान किया गया था।
वहीं, छत्तीसगढ़ में भाजपा ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री के लिए चुनकर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी थी। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि राज्य में दो डिप्टी सीएम होंगे और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह स्पीकर हो सकते हैं।
25 नवंबर को मतदान, तीन दिसंबर को आए थे नतीजे
राजस्थान में करणपुर विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी सभी 199 सीटों पर 25 नवंबर को चुनाव कराए गए थे।इसके नतीजे 3 दिसंबर को आए। राजस्थान विधानसभा चुनाव के सियासी घमासान में कांग्रेस को पछाड़ कर भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। वहीं कांग्रेस को 69 सीटें ही मिल सकीं। इसके अलावा 15 सीटें अन्य के खाते में गईं।
न्यूक्लियर वार्मिंग पृथ्वी के लिए सबसे बड़ा खतरा: ट्रम्प
वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि पृथ्वी के लिए ‘ग्लोबल वार्मिंग’ नहीं बल्कि परमाणु युद्ध (न्यूक्लियर वार्मिंग) सबसे बड़ा खतरा है। श्री ट्रम्प ने अरबपति उद्यमी एलन मस्क के साथ ‘एक्स’ पर एक साक्षात्कार में कहा, सबसे बड़ा खतरा ग्लोबल वार्मिंग नहीं है, सबसे बड़ा खतरा न्यूक्लियर वार्मिंग है।
उन्होंने रूस, चीन और उत्तर कोरिया सहित विभिन्न परमाणु शक्तियों के बीच बढ़ती नजदीकियों पर प्रकाश डाला। आगामी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार श्री ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका, रूस और चीन को गठबंधन करने की अनुमति नहीं दे सकता।
आतिशी नहीं फहरा पाएंगी झंडा, जीएडी ने खारिज किया प्रस्ताव
नई दिल्ली । दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी जगह दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी को झंडा फहराने के लिए नामित किया था। उनके इस फैसले को जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीएडी) ने खारिज कर दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस समय जेल में बंद हैं, उन्होंने इच्छा जताई थी कि उनकी जगह दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी झंडारोहण करें।
दिल्ली सरकार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने केजरीवाल के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि केजरीवाल की जगह आतिशी स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं। इसके लिए नियमों का हवाला दिया गया है।
दरअसल बीते सोमवार को दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने तिहाड़ में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। उसके बाद उन्होंने दिल्ली सरकार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट को 15 अगस्त के दिन झंडारोहण की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए थे और कहा था कि अरविंद केजरीवाल के मुताबिक इस बार झंडारोहण दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी करेंगी।
गोपाल राय के जारी किए गए पत्र पर जवाब देते हुए जीए डिपार्टमेंट ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस सर्वोच्च संवैधानिक पवित्रता वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम हैं। उन्हें उनके योग्य कद के अनुसार मनाने के लिए विस्तृत प्रावधान है। इसमें कोई भी विचलन या अधीनता न केवल उनसे जुड़ी पवित्रता को कमजोर करेगी, बल्कि वैधानिक अवैधता भी हो सकती है।
जीएडी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी नवीन कुमार चौधरी द्वारा जारी किए गए इस पत्र में लिखा है, मैं आपका ध्यान दिल्ली जेल नियम, 2018 के नियम 585, 588, 620 और 627 की ओर आकर्षित करता हूं। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि उपरोक्त संचार अनुमेय संचार में योग्य नहीं है। जिसे जेल के बाहर भेजा जा सकता है।
ऊपर परिभाषित लोगों के एक निर्दिष्ट समूह के साथ केवल निजी पत्राचार की अनुमति है। इसलिए, नियमों के उल्लंघन में कोई भी संचार, लिखित या मौखिक, कानूनी रूप से वैध नहीं है और इसलिए उस पर कार्रवाई नहीं की जा सकती।
इसमें कहा गया है, सामान्य प्रशासन विभाग ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मुख्यमंत्री की उपलब्धता के लिए उनसे सुविधा मांगी। हालांकि, मुख्यमंत्री के कार्यालय ने न्यायिक हिरासत में होने के कारण उनकी अनुपलब्धता का संकेत दिया।
इसलिए, इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाया गया है और निर्णय की प्रतीक्षा है। सामान्य प्रशासन सभी संबंधित विभागों के साथ पिछले अभ्यास के अनुसार छत्रसाल स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए सभी व्यवस्थाएं कर रहा है।
इस पत्र से यह साफ है कि कहीं ना कहीं अब आतिशी के झंडारोहण करने के कार्यक्रम में विराम लग गया है।
11वीं बार फरलो पर जेल से बाहर आया गुरमीत राम रहीम
रोहतक । डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की फरलो दी गई, जिसके बाद वह मंगलवार को सुनारिया जेल से बाहर आ गया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 6:30 बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच गुरमीत राम रहीम जेल से बाहर आया और बरनावा आश्रम की ओर रवाना हो गया। पिछली बार राम रहीम को जनवरी में 50 दिन की पैरोल दी गई थी।
राम रहीम ने जून में हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसमें 21 दिन की फरलो के निर्देश दिए जाने की मांग की थी।गुरमीत राम रहीम, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित बरनावा आश्रम में अपना जन्मदिन मनाएगा। बता दें कि राम रहीम 11वीं बार जेल से बाहर आया है।
गुरमीत राम रहीम, साध्वी यौन शोषण और हत्या के मामले में हरियाणा की रोहतक में सुनारिया जेल में बंद है। राम रहीम ने फरलो के लिए जेल प्रशासन को आवेदन दिया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे 21 दिन की फरलो दी।
गुरमीत राम रहीम को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित बरनावा आश्रम में कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया है। 21 दिन फरलो की अवधि के दौरान वह अपना जन्मदिन बरनावा आश्रम में मनाएगा।
ज्ञात हो कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरमीत राम रहीम को फरलो और पैरोल दिए जाने पर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।
हाई कोर्ट ने कहा था कि जेल नियमों के अनुसार ही जेल प्रशासन को इसका अधिकार है और वह ही गुरमीत राम रहीम की फरलो या पैरोल पर फैसला ले सकता है।
नवंबर 2023 में गुरमीत राम रहीम को 21 दिनों के लिए जेल से रिहा किया गया था। पिछले साल उसे तीन बार पैरोल दी गई थी। अब तक उसे 205 दिनों के लिए पैरोल और फरलो दी जा चुकी है।
जेल मैनुअल के अनुसार, एक दोषी को एक साल में 70 दिन की पैरोल मिल सकती है। राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिलाओं से बलात्कार के आरोप में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
जनवरी 2019 में पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने भी राम रहीम और तीन अन्य को 16 साल पहले पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
रामदेव-बालकृष्ण की माफी मंजूर ,सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया अवमानना का केस
नई दिल्ली । पतंजलि आयुर्वेद के विवादित विज्ञापन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बलकृष्ण द्वारा किए गए भ्रामक विज्ञापन के लिए दी गई माफी को स्वीकार करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे अवमानना के केस को बंद कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि बाबा रामदेव और बालकृष्ण द्वारा जारी की गई माफी के साथ ही इस मामले की कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही समाप्त की जाती है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि भविष्य में विज्ञापनों में किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जाए और सही और सत्यापन योग्य जानकारी ही प्रस्तुत की जाए।
आपको बता दे की अपनी याचिका में, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 के उल्लंघन के लिए पतंजलि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
योग गुरु और पतंजलि के संस्थापक बाबा रामदेव के खिलाफ कोविड-19 के एलोपैथिक उपचार के खिलाफ उनकी विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर कई राज्यों में केस दर्ज है।एक वीडियो में बाबा रामदेव ने कहा था, ऑक्सीजन या बेड की कमी से ज्यादा लोग एलोपैथिक दवाओं के इस्तेमाल से मरे हैं।
विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिका में भारतीय राजदूत का पद संभाला
नई दिल्ली । विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिका में भारतीय राजदूत का पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने तरनजीत सिंह संधू की जगह ली, जो इसी वर्ष सेवा निवृत्त हो गए हैं।
उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर दी। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, अमेरिका में भारतीय राजदूत का पद ग्रहण करने का सौभाग्य मिला। यूएस में टीम इंडियन एम्बेसी इस महत्वपूर्ण साझेदारी को मजबूत करने के लिए गंभीरता से काम करना जारी रखेगी।
विनय मोहन क्वात्रा इससे पहले विदेश सचिव भी रह चुके हैं। विदेश सचिव बनने से पहले वह चीन, अमेरिका, फ्रांस में भी विदेश मंत्रालय के अंतर्गत कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
क्वात्रा 1988 बैच के आईएफएस ऑफिसर हैं। इस समय उनको मोदी सरकार के पसंदीदा अफसरों में से एक माना जाता है। क्वात्रा इससे पहले नेपाल में भारत के राजदूत के तौर पर कार्यरत थे।
हाल ही के सालों में खराब हुए भारत-नेपाल संबंधों को सुधारने का श्रेय क्वात्रा को ही दिया जाता है। वह जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में भी बतौर सचिव काम कर चुके हैं।
समोसे में निकली मेंढक की टांग, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल...
गाजियाबाद। यूपी के गाजियाबाद से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां फेमस बीकानेर स्वीट्स शॉप के समोसे में मेंढक की टांग मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अभयखंड इलाके की है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि विजन न्यूज़ सर्विस नहीं करता है।
जानकारी के अनुसार, न्यायखंड क्षेत्र के निवासी अमन शर्मा बुधवार शाम अपने दोस्तों के साथ बीकानेर स्वीट्स शॉप पर पहुंचे और समोसे पैक करवाए। जब अमन ने घर जाकर समोसा खाने के लिए निकाला, तो उसमें कुछ काला नजर आया। पास से देखने पर अमन को एहसास हुआ कि वह कोई साधारण चीज नहीं, बल्कि मेंढक की टांग है। इस चौंकाने वाले दृश्य के बाद अमन और उसके साथियों ने दुकान पर पहुंचकर जोरदार हंगामा किया।
अमन द्वारा जब दुकान के कर्मचारियों को घटना की जानकारी दी गई, तो कर्मचारियों ने इसे मामूली घटना बताते हुए कहा कि "गिर गया होगा"। इसी बीच अमन ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जहां यह तेजी से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। वीडियो में समोसे के अंदर एक काले रंग की चीज स्पष्ट रूप से नजर आ रही है, जिसे लोग मेंढक की टांग के रूप में पहचान रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही अमन ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और शॉप संचालक को हिरासत में लिया। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और जांच के लिए समोसे के सैंपल लिए। फिलहाल मामले की जांच जारी है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है।
इस घटना के बाद से इलाके में बाहर खाने को लेकर लोगों के बीच चिंता का माहौल है।
जवान को बंधक बना महिला मित्र से गैंगरेप, महू में पहले भी हुईं कई घटनाएं; 9 साल पहले 100 फौजियों ने क्यों किया था थाने पर हमला?
नई दिल्ली। इंदौर से करीब 24 किलोमीटर महू स्थित छावनी इलाके से हैरान-परेशान करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां में दो प्रशिक्षु सैन्य अधिकारियों (कैप्टन) को बंधक बनाकर मारपीट की, नकदी व कीमती सामान लूटा और उनके साथ आई युवतियों के साथ गैंगरेप किया। पीड़ित प्रशिक्षु सैन्य अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर के आईजी (ग्रामीण) अनुराग ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के निवासी दो सैन्य अधिकारी (कैप्टन) महू आर्मी कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे है।
मंगलवार रात दोनों कैब में दो महिला मित्रों के साथ जाम गेट घूमने गए। यहां फायरिंग रेंज में कार पार्क कर आपस में बातें करने लगे। तभी अचानक पिस्तौल, चाकू और डंडे लेकर आठ बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।
बदमाशों ने सैन्य अधिकारियों (कैप्टन) और युवतियों से मारपीट की। नकदी, पर्स व अन्य कीमती सामान लूट लिए। फिर एक अफसर और एक युवती को बंधक बना लिया। दूसरे अफसर और युवती से कहा- जाओ रुपये लेकर आओ। जब तक 10 लाख रुपये नहीं लाओगे, तब तक उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा।
साथी जवान को आने में देरी हुई तो युवती से किया गैंगरेप
आईजी के मुताबिक, घबराए अफसर ने यूनिट पहुंच कमांडिंग अफसर को घटना की जानकारी दी। फिर सैन्य अफसरों ने पुलिस को इसकी सूचना दी, तब दोनों को बदमाशों की गिरफ्त से छुड़ाया गया।
साथी अफसर के लौटने में देरी होने पर बदमाश युवती को दूर ले गए और गैंगरेप किया। शहर में इतनी बड़ी वारदात के बाद पुलिस अब तक सिर्फ दो आरोपियों को ही गिरफ्तार कर पाई है।
इस घटना से पहले भी इंदौर के महू कैंट में ट्रेनिंग ले रहे सैन्य अफसरों के साथ कई घटनाएं हुई हैं। एक घटना तो देश भर में खासा चर्चा में रही थी, जिसमें शामिल लोग कोई और नहीं पुलिसकर्मी ही थे। आइए बताते हैं क्या थी वो घटना...
नौ साल पहले क्या हुआ था?
9 सितंबर 2015 की घटना है। इंदौर के विजयनगर थाने की पीसीआर वैन ने देर शाम कुछ युवकों को मॉल के बाहर शराब पीते पकड़ा था। पुलिसकर्मी युवकों को थाने गए। वहां युवकों ने खुद को आर्मी का जवान बताया तो पुलिसकर्मियों ने उनको जमकर पीटा।
पुलिस की पिटाई में एक जवान के पैर की हड्डी टूट तक गई और बाकी जवान बुरी तरह घायल हो गए। किसी तरह पुलिस के चंगुल से छूटे जवान महू कैंट पहुंचे और अपने साथियों को इसकी जानकारी दी।
100 जवान ने मिलकर थाने पर किया हमला
सैनिक अपने साथी जवानों की हालत देख बुरी तरह भड़क गए। फिर क्या था। 100 से अधिक जवानों मिलकर पूरी प्लानिंग से हॉकी और स्टिक लेकर विजय नगर थाने पर हमला बोला। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों की जमकर पिटाई की, जिसमें 10 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
सेना के जवान जाते-जाते थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे और रिकॉर्डर भी उखाड़कर ले गए ताकि कोई सबूत न बचे। पुलिस की गाड़ियों, वायरलेस सेट्स, कंप्यूटर और प्रिंटर भी तोड़ डाले। पुलिस ने आरोप लगाया था कि जवान एक राइफल और पांच कारतूस भी ले गए थे।
13 मिनट में पूरे घटनाक्रम को दिया अंजाम
सैन्य अफसरों ने थाने पर हमला इतनी प्लानिंग से किया, जैसे- दुश्मनों के खिलाफ किसी मिशन पर हों। पूरे घटनाक्रम को सिर्फ 13 मिनट में अंजाम दिया था। वे तीन टुकड़ियों में बंटकर आए।
उन्होंने सबसे पहले थाने की ओर आने वाले दो रास्ते ब्लॉक कर दिए ताकि किसी दूसरे थाने से फोर्स न आ सके। थाने पर हमला करने वाले टुकड़ी ने मुंह पर काला कपड़ा बांध रखा था। बाकी दल के जवानों ने सड़क के आसपास पुलिसवालों को ढूंढ-ढूंढकर पीटते रहे थे।
छह ट्रको में भरकर आए थे जवान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि फौजियों विजय नगर थाने के आसपास जितने भी पुलिस वाले मिले सबको दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सिपाहियों ने वहां से भागकर जान बचाई। जवान एक सिपाही को पीटते हुए रसोमा चौराहे तक ले गए थे। रेड लाइट वॉयलेंस डिटेक्शन कैमरों की फुटेज से पता चला था कि जवान बाइक कार नहीं, बल्कि छह ट्रकों में भरकर आए थे।
पुलिस विभाग की ओर से जवानों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में तीन मामले दर्ज हुए। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस और सेना के जवानों के बीच मारपीट और तोड़फोड़ के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सेना के जवानों के साथ मारपीट करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि, बाद में पुलिस कोई जवान पेश नहीं कर पाई।
ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगेगा प्रतिबंध
कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की योजना की घोषणा की। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार 2024 में सोशल मीडिया और अन्य संबंधित डिजिटल प्लेटफार्मों तक पहुंच के लिए न्यूनतम आयु लागू करने का कानून पेश करेगी।
प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा, हम जानते हैं कि सोशल मीडिया सामाजिक नुकसान पहुंचा रहा है। यह बच्चों को असली दोस्तों और असली अनुभवों से दूर कर रहा है। इस कानून को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया जाएगा, लेकिन उनकी प्राथमिकता न्यूनतम आयु 16 वर्ष निर्धारित करने की है।
अगस्त में ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के एक सर्वे के अनुसार, 61 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने 17 साल से कम आयु के लोगों तक सोशल मीडिया की पहुंच को प्रतिबंधित करने का समर्थन किया।
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर पीटर मालिनौस्कास ने पूर्व संघीय न्यायाधीश रॉबर्ट फ्रेंच को 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से प्रतिबंधित करने के लिए कानूनी रास्ते तलाशने का काम सौंपा। प्रधानमंत्री ने कहा कि संघीय सरकार कानून का मसौदा तैयार करते समय रॉबर्ट फ्रेंच की समीक्षा पर विचार करेगी।
भारतीय सेना की टुकड़ी भारत-ओमान संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए रवाना
नई दिल्ली। भारत-ओमान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अल नजाह’ के पांचवें संस्करण के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी गुरुवार को रवाना हो गई। यह अभ्यास 13 से 26 सितंबर तक ओमान के सलालाह में रबकूट प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित होने वाला है। अभ्यास ‘अल नजाह’ 2015 से भारत और ओमान के बीच बारी-बारी से द्विवार्षिक आधार पर आयोजित किया जाता है। इस अभ्यास का पिछला संस्करण राजस्थान के महाजन में आयोजित किया गया था।
कुल 60 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन द्वारा अन्य अंगों एवं सेवाओं के कर्मियों के साथ किया जा रहा है। ओमान की शाही सेना की टुकड़ी में भी 60 कर्मी शामिल हैं, जिसका प्रतिनिधित्व फ्रंटियर फोर्स के सैनिकों द्वारा किया जाएगा।
इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। यह अभ्यास रेगिस्तानी वातावरण में संचालन पर केन्द्रित होगा।
अभ्यास के दौरान किए जाने वाले सामरिक अभ्यासों में संयुक्त योजना, घेरा और खोज अभियान, निर्मित क्षेत्र में लड़ाई, मोबाइल वाहन चेक पोस्ट की स्थापना, काउंटर ड्रोन और रूम इंटरवेंशन शामिल हैं। वास्तविक दुनिया के आतंकवाद विरोधी अभियानों का अनुकरण करने वाले संयुक्त क्षेत्र प्रशिक्षण अभ्यास की भी योजना बनाई गई है।
अभ्यास अल नजाह-V दोनों पक्षों को संयुक्त अभियानों के लिए रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं से संबंधित सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करने की अनुमति देगा। यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता, सद्भावना और सौहार्द को बढ़ावा देगा। इसके अतिरिक्त, यह संयुक्त अभ्यास रक्षा सहयोग को मजबूत करेगा और दोनों मित्र देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाएगा।
आयुष मंत्रालय ने विशेष अभियान के तहत 1346 जन शिकायतों का निपटारा किया
नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने कार्यस्थल पर साफ-सफाई में सुधार करने एवं इसे बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से विशेष अभियान 3.0 की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस राष्ट्रव्यापी पहल की तैयारी के तहत नवंबर, 2023 से अगस्त 2024 तक आयुष मंत्रालय ने लंबित विभिन्न मुद्दों की पहचान कर उनका निपटारा किया। इसमें सांसदों के 33 संदर्भ, 18 संसदीय आश्वासन, 1346 जन शिकायतें, 187 जन शिकायत अपीलें, 765 फाइल प्रबंधन कार्य और 11 स्वच्छता अभियानों को शामिल किया गया।
इस पहल का उद्देश्य कार्य स्थल पर कार्य करने के माहौल को बेहतर बनाना और उसके समग्र अनुभव में सुधार करना तथा संदर्भ शिकायतों का प्रभावी तरीके से निस्तारण करना शामिल है। इस अभियान का उद्देश्य मंत्रालय के कार्यालयों में उपयोग में नहीं आने वाली वस्तुओं को हटाने, अव्यवस्था को दूर करने और स्वच्छता बनाए रखने पर जोर देना है। इन पहल का उद्देश्य कार्य स्थल पर बेहतर माहौल बनाने और कर्मचारी उत्पादकता को बढ़ावा देना है।
विशेष अभियान-4 के लिए तैयारी कर रहे आयुष मंत्रालय ने स्वच्छ एवं कचरा मुक्त भारत के लक्ष्य को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत अपने सभी अधिकारियों को इस आशय का संकल्प दिलाया है। सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने इस अभियान के दौरान लक्ष्यों के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से इस आशय का आग्रह किया है। इस कार्य की दैनिक प्रगति की निगरानी के लिए एक समर्पित टीम को जिम्मेदारी दी गई है। विभिन्न संस्थानों, संगठनों एवं परिषदों ने अपने परिसरों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों जैसे- बस अड्डे, हर्बल उद्यानों एवं जल निकायों में स्वच्छता प्रयासों को पूरा किया है। इस पहल के तहत आयुष समुदाय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सदस्यों ने आयुष भवन एवं उसके आस-पास स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया है। स्वच्छता अभियान की तरह ही आयुष मंत्रालय ने सभी शोध परिषदों एवं राष्ट्रीय संस्थानों को इस राष्ट्रव्यापी अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए निर्देश दिया है।
कोयला मंत्रालय ने की 71 कैप्टिव-वाणिज्यिक खदानों की प्रगति की समीक्षा
नई दिल्ली । कोयला मंत्रालय ने बुधवार को आयोजित एक बैठक में विभिन्न चरणों में नीलामी की गई खानों और प्रक्रिया पूर्ण होने के विभिन्न चरणों वाली खानों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता कोयला मंत्रालय में अपर सचिव और नामांकित प्राधिकारी श्रीमती रूपिंद्रर ब्रार ने की। यह विस्तृत समीक्षा केंद्र सरकार द्वारा घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने की प्रतिबद्धता पर केंद्रित थी। अपर सचिव ने संचालन के अग्रिम चरण वाले कोयला ब्लॉंक को शीघ्र संचालित करने के लिए आंवटियो से आवश्यक कदम उठाने हेतु प्रभावित किया।
यह 71 ब्लॉक नियामक स्वीकृति प्राप्त करने के विभिन्न चरणों मे हैं और नौ राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिसा और पश्चिम बंगाल में स्थित हैं।
यह रणनीतिक समीक्षा बैठक कोयला ब्लॉक संचालन में आ रही समस्याओं का निवारण करने में मंत्रालय की सक्रिय भूमिका को प्रदर्शित करती है, जिससे भारत की बढ़ती हुए ऊर्जा आवश्यकताओ को पूर्ण किया जा सके। इन खदानों पर ध्यान केंद्रित कर केंद्र सरकार घरेलू संसाधनों के अधिकतम उपयोग और कोयला आयात पर निर्भरता कम करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।
कोयला मंत्रालय घरेलू कोयला उत्पादन में वृद्धि कर राष्ट्र की दीर्घकालिक आर्थिक विकास के मार्ग को प्रशस्त करने में समर्थन कर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
सेमीकंडक्टर की टेक्नोलॉजी ही भारत को आने वाले समय में तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएगी : जितिन प्रसाद
नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी भूमिका होगी।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आयोजित 'सेमीकॉन इंडिया 2024' से इतर आईएएनएस से बात करते हुए जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और संकल्प की वजह से आज देश-विदेश से सेमीकंडक्टर और साइबर के विशेषज्ञ और सीईओ भारत में आ रहे हैं। सेमी कंडक्टर की टेक्नोलॉजी ही देश को आने वाले समय में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प की बदौलत भारत इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पीएम मोदी ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित 'सेमीकॉन इंडिया 2024' का आज शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर विनिर्माण में भारत में निवेश के लिए यह सबसे अच्छा समय है, क्योंकि भारत में वैश्विक कंपनियों का मजबूत इकोसिस्टम मौजूद है। साथ ही बड़ी संख्या में स्किल्ड लोग भी हैं।
पीएम मोदी ने उद्घाटन सत्र में कहा, भारत में चिप में कभी मंदी नहीं होगी, आप हमारी विकास यात्रा में निवेश कर सकते हैं। उन्होंने वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का आह्वान करते हुए कहा, भारत में आकर निवेश कर वैल्यू क्रिएट करें। हम आपको ग्रोथ के लिए एक इकोसिस्टम उपलब्ध कराएंगे। भारत के पास सेमीकंडक्टर डिजाइन में दुनिया के ग्लोबल टैलेंट का 20 प्रतिशत हिस्सा है। हम 85 हजार की मजबूत सेमीकंडक्टर वर्कफोर्स बना रहे हैं। इसमें तकनीकी विशेषज्ञ, आरएंडडी एक्सपर्ट्स और डिजाइनर शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये के 'अनुसंधान फंड' का उद्देश्य बेसिक रिसर्च और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट को समर्थन देना है। इसमें सेमीकंडक्टर भी शामिल है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक सुधारवादी सरकार प्रदान करता है, जो एक बढ़ता हुआ विनिर्माण आधार और महत्वाकांक्षी तकनीक-उन्मुख बाजार भी है। हम सेमीकंडक्टर के लिए 85,000 इंजीनियर्स और टेक्नीशियन का एक मजबूत टैलेंट पूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस उद्देश्य से 113 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज, शैक्षणिक और आरएंडडी संस्थाएं जुड़ी हैं।
राजनीति में महत्वाकांक्षा रखना कोई बुरी बात नहीं : सुरजेवाला
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस इस बार हरियाणा में 70 से अधिक सीट लेकर आ रही है। अगर यह आंकड़ा 80 तक भी पहुंच जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मेरे अधिकार क्षेत्र की बात नहीं है।
मैं तो पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं, इसका निर्णय पार्टी के महासचिव, पार्टी के अध्यक्ष और राहुल गांधी करेंगे। ये लोग जो भी निर्णय लेंगे वह सबको सर्वमान्य होगा। मुख्यमंत्री पद के दावेदार पर उन्होंने कहा कि राजनीति में महत्वाकांक्षा रखना कोई बुरी बात नहीं, महत्वाकांक्षा होनी चाहिए तभी व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। लेकिन, महत्वाकांक्षा पार्टी के अनुशासन से बड़ा नहीं हो सकता। हमारा लक्ष्य पद पाना ही नहीं हो सकता। हरियाणा और हरियाणा के लोग हम सबसे बड़े हैं और हमारी पार्टी का लक्ष्य हरियाणा के मौजूदा स्वरूप को बदलना है।