देश-विदेश
इटली में दिखा जाह्नवी का बॉयफ्रेंड संग रोमांस
मुंबई ।'बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने रिलेशनशिप को लेकर इन दिनों चर्चा में बनी रहती हैं। ऐसे में एक्ट्रेस एक बार फिर अपनी लव-लाइफ को लेकर चर्चा में आ गई हैं। दरअसल, हाल ही में जाह्नवी कपूर का एक वीडियो सामने आया है, जो कि अनंत-राधिका की प्री-वेडिंग के दौरान का है। इस वीडियो में जाह्नवी कपूर अपने ब्वॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया संग भरी महफिल में रोमांस करती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में आप देख सकते हैं कि जाह्नवी कपूर प्लेट में कुछ खा रही होती हैं, इतने में उनके बगल में खड़े शिखर पहाड़िया उन्हें अपने हाथ से खिलाने के लिए इशारा करते हैं। इसके बाद आप देखेंगे कि जाह्नवी कपूर उन्हें अपनी चम्मच से बीच-बीच में खिलाती हुई नजर आ रही हैं। इस वीडियो को देख सोशल मीडिया पर फैंस ने इस कपल को बेस्ट कपल का टैग दे दिया है। फैंस को दोनों के बीच की ये क्यूट केमेस्ट्री खूब पसंद आ रही हैं।
दर्दनाक हादसा, कार में आग, चार लोग जिंदा जले
मेरठ । मेरठ के कावड़ पटरी मार्ग पर दिल्ली से हरिद्वार जा रही कार में अचानक आग लग गई। कार सवार लोग जब तक कुछ कर पाते आग विकराल रूप धारण कर लिया था। हादसे में चार लोगों की मौत हुई है। कावड़ पटरी मार्ग पर दिल्ली से हरिद्वार जा रहे सेंट्रो कार सवार चार लोग जिंदा जल गए। कार में जिस वक्त आग लगी सभी लोग चीखने और चिल्लाने लगे, लेकिन चाह कर भी कोई मदद नहीं कर पाया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और जिसने भी कार के अंदर अधजले शव देखे उसकी ही रूह कांप गई। ये दर्दनाक हादसा मेरठ के जानी थाना इलाके के भोला की झाल कावड़ पटरी मार्ग के पास हुआ।
हादसे के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली की तरफ से सेंट्रो कार संख्या डीएल 4सी एपी 4792 हरिद्वार की तरफ जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चलती कार में अचानक से आग की लपटे उठने लगी। कोई कुछ समझ पाता कि कार रुक गई और आग का गोला बन गई।
एग्जिट पोल : शेयर बाजार की धमाकेदार ओपनिंग
सेंसेक्स 2595 अंक उछलकर खुला, निफ्टी 23,300 के पार
मुंबई। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों से पहले एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार बनने के अनुमान से घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार को धमाकेदार ओपनिंग की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स सेंसेक्स बाजार खुलते ही 2595 अंक उछलकर खुला। सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर सेंसेक्स 2594.53 अंक की जोरदार बढ़त के साथ 7655.84 के लेवल पर शानदार कारोबार करता हुआ खुला। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क निफ्टी भी 788.85 अंकों की जोरदार तेजी के साथ 23319.55 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। व्यापक सूचकांक सकारात्मक दायरे में खुले। बैंक निफ्टी सूचकांक 1905.90 अंक या 3.89% बढ़कर 50,889.85 पर खुला।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक से दूरभाष पर चर्चा की
उन्होंने ओडिशा के बालासोर जिले में हुए ट्रेन हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए, अपनी संवेदना प्रकट की
श्री भूपेश बघेल ने श्री नवीन पटनायक से कहा कि छत्तीसगढ़ की ओर से ओडिशा को हर संभव मदद की जायेगी
श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग हताहतों के परिजनों के दुख में साथ खड़े हैं, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं
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ओडिशा के बालासोर जिले में तीन ट्रेनों की टक्कर हो गई,! जानें देश में कब-कब हुए ट्रेन हादसे?
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को तीन ट्रेनों की टक्कर हो गई है. यहां बहनागा स्टेशन के पास SMVB-हावड़ा एक्सप्रेस (12864), कोरोमंडल एक्सप्रेस और मालगाड़ी की टक्कर हुई है.सबसे पहले हावड़ा एक्सप्रेस की मालगाड़ी से टक्कर हुई, उसके बाद मालगाड़ी कोरोमंडल से जा टकराई. हादसे में 233 लोगों की मौत हो गई. 900 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. कोरोमंडल एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल में कोलकाता के हावड़ा स्टेशन और तमिलनाडु के चेन्नई के बीच चलती है.
हादसे में 15 बोगी पटरी से उतरी हैं. 7 बोगियां पूरी तरह पलट गई हैं. कई लोगों के बोगी के अंदर फंसे होने की बात कही जा रही है. जानिए देश में कब-कब बड़े ट्रेन हादसे हुए हैं...
इससे पहले 14 जनवरी 2022 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में दोमोहानी के पास हादसा हुआ था. इसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी. राजस्थान के बीकानेर से असम के गुवाहाटी जा रही बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी से उतर गई थीं. तब 34 महीने बाद रेल हादसा हुआ था. अब 16 महीने बाद यानी जून 2023 में दूसरा रेल हादसा सामने आया है.
अब कहां हादसा हुआ...
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम बहनागा स्टेशन के पास ट्रेन हादसा हो गया. यहां कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841) और मालगाड़ी आपस में टकरा गई. हादसे में 50 लोगों की मौत हो गई. 350 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए हैं. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोरोमंडल एक्सप्रेस की 15 बोगी पटरी से उतर गईं. ट्रेन के कई डिब्बे मालगाड़ी पर चढ़ गए. यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के शालीमार से चेन्नई सेंट्रल जा रही थी. 200 किमी बाद ट्रेन हादसे का शिकार हो गई.
ट्रेनों के आपस में टकराने का ये चौथा हादसा...
27 जनवरी, 1982: आगरा के पास घने कोहरे में एक मालगाड़ी और एक एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेन की आमने-सामने टक्कर हो गई थी, जिसमें 50 लोगों की मौत हो गई थी.
14 मई, 1995: मद्रास-कन्याकुमारी एक्सप्रेस सलेम के पास एक मालगाड़ी से टकरा गई थी, जिसमें 52 लोगों की मौत हो गई थी.
14 दिसंबर, 2004: जम्मू तवी एक्सप्रेस और जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन आपस में टकरा गई थीं. ये हादसा होशियारपुर, पंजाब के पास हुआ था. हादसे में 39 यात्रियों की मौत हो गई थी.
2 जून 2023: ओडिशा के बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस सामने से आ रही मालगाड़ी से टकरा गई. हादसे में अब तक 50 लोगों की मौत हो गई है. 350 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
मार्च 2019 के बाद किसी रेल हादसे में मौत
साल 2022 में देश में 34 महीने बाद कोई रेल हादसा हुआ है, जिसमें किसी की मौत हुई है. इससे पहले 22 मार्च 2019 को रेल हादसे में मौत हुई थी. 12 फरवरी 2021 को तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि 22 मार्च 2019 के बाद कोई ऐसा रेल हादसा नहीं हुआ, जिसमें किसी की मौत हुई हो.
इससे पहले कब-कब रेलवे हादसे हुए...
कदलुंदी नदी पुल हादसा (केरल, 2001)
केरल में वर्ष 2001 में हुए कदलुंडी नदी रेल पुल हादसे में 50 से अधिक लोगों की जान गई थी. सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटनाओं में से एक इस हादसे में लगभग 300 लोग घायल हुए थे और कम से कम 57 लोगों की जान गई थी. ट्रेन केरल में कोझीकोड के पास कदलुंडी नदी पर पुल 924 को पार कर रही थी. जब एक डिब्बा टूट गया और ट्रेन पटरी से उतर गई. भारी मानसून और ट्रेन में ही कुछ खामियां के चलते ये हादसा हुआ था.
रफीगंज रेल पुल (बिहार, 2002)
10 सितंबर 2002 को तेज रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस उत्तर-मध्य भारत में धावे नदी पर बने पुल पर पटरी से उतर गई थी. इस हादसे में तकरीबन 130 लोगों की मौत हो गई थी. शुरुआत में दुर्घटना का कारण पुराने पुल में जंग लगना बताया गया था मगर बाद में पता चला कि दुर्घटना इलाके के नक्सलियों द्वारा जानबूझकर की गई थी.
वलिगोंडा रेलवे ब्रिज (तेलंगाना, 2005)
अचानक आई बाढ़ के कारण हैदराबाद के निकट वेलिगोंडा में स्थित एक छोटा पुल बह गया. 29 अक्टूबर 2005 को एक ट्रेन पुल के इस हिस्से को पार कर रही थी. ट्रेन को जानकारी नहीं थी कि पुल का एक हिस्सा गायब है और यह ट्रेन अपने सवारों समेत पानी में उतरती चली गई. इस हादसे में लगभग 114 लोग मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए.
भागलपुर (बिहार, 2006)
हावड़ा जमालपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस पर दिसंबर 2006 में 150 साल पुराना एक ओवर ब्रिज गिर गया. इस घटना में लगभग 30 लोगों की मौत हो गई थी.
पंजागुट्टा पुल (तेलंगाना, 2007)
हैदराबाद के पंजागुट्टा में एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर सितंबर 2007 में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पुल के नीचे से गुजरने वाले वाहनों पर फ्लाईओवर का मलबा गिरा जिससे कई लोग घायल हुए. हादसे में 15 लोगों की मौत भी हुई थी.
कोटा चंबल ब्रिज (राजस्थान, 2009)
दिसंबर 2009 में राजस्थान के कोटा जिले में चंबल नदी पर एक निर्माणाधीन पुल ढह गया जिससे मलबे में फंसे लगभग 28 मजदूरों की मौत हो गई थी. इस परियोजना के प्रभारी हुंडई और गैमन के 14 अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला भी दर्ज किया गया था.
कोलकाता फ्लाईओवर (पश्चिम बंगाल, 2016)
31 मार्च 2016 को, कोलकाता में निर्माणाधीन विवेकानंद फ्लाईओवर गिर गया जिसमें 27 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और लगभग 80 घायल हो गए. कंस्ट्रक्शन फर्म, IVRCL के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था.
मुंबई-गोवा राजमार्ग पुल (महाराष्ट्र, 2016)
2 अगस्त 2016 की देर रात मुंबई-गोवा राजमार्ग पर सावित्री नदी पर ब्रिटिश काल के एक पुल के गिरने से लगभग 41 लोगों की मौत हो गई. तकरीबन एक दर्जन वाहन नदी में गिर गए जिसमें कई लोग घायल हुए थे.
मुंबई फुट ओवर ब्रिज, (महाराष्ट्र, 2017)
एलफिंस्टन रोड रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज 29 सितंबर, 2017 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 29 यात्रियों की मौत हो गई थी.
माजेरहाट ब्रिज, कोलकाता (पश्चिम बंगाल, 2018)
कोलकाता में 04 सितंबर, 2018 को एक बड़ा पुल ढह गया. माजेरहाट ब्रिज, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम कोलकाता के बीच मुख्य कनेक्टर्स में से एक था. शाम के ट्रैफिक के भार के चलते पूरा पुल नीचे गिर गया, जिससे 3 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 लोग घायल हो गए.
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मोदी सरकार ने दी दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना को मंजूरी। *
किसानों की आय में होगी वृद्धि तथा पैक्स होंगे सशक्त__ शशिकांत द्विवेदी
भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशिकांत द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना को मंजूरी दी गई है। सहकारिता के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 2150लाख मैट्रिक टन अन्न भंडारण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभी तक देश में कुल 1450लाख टन अन्न भंडारण की क्षमता है। किंतु अब सहकारिता के क्षेत्र में सात सौ लाख मैट्रिक टन भंडारण की अतिरिक्त क्षमता बढ़ाने पर काम शुरू हो जाएगा। इस पर लगभग एक लाख करोड रुपए खर्च होंगे। सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशिकांत द्विवेदी ने बताया कि मौजूदा योजना काफी लाभकारी है ।यह न केवल पैक्स के स्तर पर गोदामों के निर्माण द्वारा देश में भंडारण के आधारभूत संरचना के कमियों को दूर करेगी बल्कि पैक्स को कई अन्य गतिविधियां संचालित करने में सक्षम बनाएगी।
श्री द्विवेदी ने बताया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में अंतर मंत्रालयीन समिति (आई एम सी) के गठन किए जाने का निर्णय लिया गया है। जिसमें कृषि और किसान कल्याण मंत्री, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और संबंधित मंत्रालयों के सचिव सदस्य के रूप में शामिल होंगे ।यह योजना न केवल पैक्स के स्तर पर गोदामों के निर्माण द्वारा देश में भंडारण के इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करेगी बल्कि पैक्स को कई अन्य गतिविधियां करने के लिए सक्षम बनाएगी।
जैसे भारतीय खाद्य निगम के लिए प्रोक्योरमेंट सेंटर के रूप में कार्य करना , कॉमन प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित करना जिसमें कृषि उपजों की जांच, छंटाई, ग्रेडिंग इकाई आदि शामिल है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर विकेंद्रीकृत भंडारण क्षमता बनने से खाद्यान्न की बर्बादी कम होगी और देश में खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी ।स्थानीय स्तर पर भंडारण क्षमता बनने से किसानों को विभिन्न विकल्प प्रदान करके फसलों की बहुत कम मूल्य पर आकस्मिक बिक्री पर रोक लगेगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। जिससे किसानों के आय में वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सहकारी समितियों की ताकत को उन्हें सफल और जीवंत संस्थान बनाने में उपयोग करने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया है ।जिससे सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सके ।
इस परिकल्पना को साकार करने में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना लाया है। इस योजना में पैक्स के स्तर पर भंडारगृह , प्रसंस्करण इकाई, कृषि यंत्रों को किराए पर दिए जाने वाले सेंटर (कस्टम हायरिंग सेंटर), आदि कई तरह की कृषि अधोसंरचनाएं स्थापित करना शामिल है। जिससे पैक्स को बहुउद्देशीय बनाया जा सके। पैक्स स्तर पर गोडाउन के निर्माण और पर्याप्त भंडारण क्षमता निर्माण से खाद्यान्नों की बर्बादी में कमी आएगी। देश की खाद्य सुरक्षा सशक्त और किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। श्री द्विवेदी ने बताया कि देश में लगभग एक लाख से ज्यादा सक्रिय पैक्स हैं जिनके 13 करोड़ से भी ज्यादा किसान सदस्य हैं।
भारतीय अर्थ व्यवस्था कृषि और ग्रामीण परिदृश्य को बदलने और जमीनी स्तर पर लाभ लेने के लिए पैक्स के स्तर पर विकेंद्रीकृत भंडारण क्षमता के साथ-साथ अन्य कृषि अधोसंरचना निर्माण के लिए यह पहल की गई है जिससे न केवल देश की खाद्य सुरक्षा सुदृढ़ होगी बल्कि सहकारी समितियां भी एक जीवंत आर्थिक संस्था के रूप में काम कर सकेगी ।केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा पैक्स को भी पेट्रोल/डीजल पंप खोलने की मंजूरी दी गई है साथ ही एलपीजी रसोई गैस की डिस्ट्रीब्यूटरशिप भी पैक्स को मिलेगी।
जेम पोर्टल पर सहकारी समितियों को खरीददार के रुप में शामिल किया गया है। इस तरह 25 से अधिक अन्य गतिविधियों के माध्यम से देश के 13 करोड़ से अधिक किसानों की आय बढ़ाने में पैक्स सहायक सिद्ध होंगे। पैक्स को सशक्त बनाने के लिए सहकारिता के माध्यम से विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवम् केंद्रीय गृह एवम् सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को सहकारिता प्रकोष्ठ की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त करता हूं।
केन्या में कर-विरोधी प्रदर्शनों में 39 लोगों की मौत
नैरोबी । केन्या में मंगलवार को कर विरोधी प्रदर्शनों के नए दौर के युवा सड़कों पर उतर आए और हाल ही में इन प्रदर्शनों में कम से कम 39 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। केन्या की राजधानी नैरोबी में सोमवार शाम को जारी एक बयान में राज्य द्वारा वित्तपोषित केन्या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (केएनसीएचआर) की अध्यक्ष रोज़लाइन ओडेडे ने कहा, हमारे रिकॉर्ड से पता चलता है कि देश भर में विरोध-प्रदर्शनों के संबंध में 39 लोगों की मौत हो गई है और 361 लोग घायल हुए हैं।
केएनसीएचआर ने कहा कि अनैच्छिक रूप से गायब होने के 32 मामले और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के 627 मामले थे जो कई तरह की अलोकप्रिय कर वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें अब वापस ले लिया गया है।
ट्यूनीशिया में होंगे 6 अक्टूबर को राष्ट्रपति का चुनाव
काहिरा । ट्यूनीशिया के मौजूदा राष्ट्रपति कैस सैयद के आदेश के अनुसार ट्यूनीशिया में अगला राष्ट्रपति चुनाव 6 अक्टूबर को होगा। सईद के कार्यालय द्वारा मंगलवार को प्रकाशित डिक्री में कहा गया, 2 जुलाई, 2024 को, गणतंत्र के राष्ट्रपति कैस सैयद ने 6 अक्टूबर, 2024 को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदाताओं को आमंत्रित करने का आदेश जारी किया।
सईद 2019 से पद पर हैं और दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ सकते हैं। सईद ने सरकार को 25 जुलाई, 2021 को बर्खास्त कर दिया और संसद और ट्यूनीशिया की इस्लामी पार्टी, एन्नाहदा के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि के खिलाफ संसद को निलंबित कर दिया।
हाथरस में सत्संग समागम हादसा, 120 की मौत
उत्तर प्रदेष के हाथरस जिले के ग्राम पुलराई में नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग समागम में मची भगदड़ में 120 से ज्यादा श्रद्धालुओं की असमय मौत हो गई। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। मौत की यह भयावह त्रासदी कोई पहली घटना नहीं है।
अंधभक्त धर्मपरायण देष में ब्रह्मज्ञान देने के आयोजन निरंतर होते रहते हैं, उसी अनुपात में दुर्घटनाएं भी घटती रहती हैं। तीर्थस्थलों की आवाजाही में होने वाली वाहन दुर्घटनाओं में भी बड़ी संख्या में लोग हर साल काल के गाल में समा जाते हैं। पिछले माह संपन्न हुई हज यात्रा में भी एक हजार के करीब लोग भीशण गर्मी के चलते मक्का में मौत की नींद सो गए थे। इसमें 78 भारतीय थे।
आजकल राजनेताओं और फिल्म जगत की बड़ी हस्तियों द्वारा बाबाओं की षरण में जाने से आम आदमी यह सोचने लगा है कि ब्रह्म और भविश्य के इन अलौकिक ज्ञाताओं के पास वाकई अदृष्य षक्तियां नियंत्रण में हैं। गोया, बाबा बाघेष्वर धाम के धीरेंद्र षास्त्री और सीहोर के प्रदीप मिश्रा भी आसानी से अपने प्रवचनों के लिए लाखों की भीड़ जुटा लेते हैं। भीड़ उम्मीद से ज्यादा हो जाती है और प्रषासन प्रबंधन में अकसर चूक जाता है।
फलतः भगदड़ में ही सैंकड़ों लोग मर जाते हैं। आज कल नेता बाबाओं की इस भीड़ को मतदाता समझने लगे हैं। अतएव वोट के लालच में इन समागमों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का दोहन कथित बाबाओं के मध्ययम से स्वयं एव ंअपने दल के लिए दोहन करने में कोई संकोच नहीं करते हैं। वैभव और विलास में डूबे बाबा भी इन नेताओं की पैरवी करने लग जाते हैं। नतीजतन उचित प्रबंधन की प्रशासन अनदेखी कर देता है।
उत्तर प्रदेष की पुलिस सेवा में आरक्षक रहे सूरजपाल जाटव को एकाएक आध्यात्मिक ज्ञान हो गया और वे नारायण साकार उर्फ भोले बाबा के रूप में सत्संग कर ब्रह्मज्ञान की रसधारा बहाने लग गए।
सूरजपाल ने 1997 में नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर आध्यात्मिक मार्ग पर चल पड़े थे। बाबा कांसीनगर में पटियाली तहसील के बहादुर नगर के रहने वाले हैं। यही उन्होंने अपने घर को आश्रम का रूप दे दिया और प्रवचन शुरू कर दिए। बीते कुछ सालों में ही उन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में अपने असंख्य भक्त बना लिए। चमत्कारी बाबा के रूप में प्रसिद्धि मिल गई तो उनकी पत्नी भी माताश्री कही जाने लगी। भोले बाबा के सत्संग में लोग अपनी परेषानियां लेकर पहुंचने लगे। उनके द्वारा हाथ से छूकर बीमारियों को दूर करने का चमत्कार जुड़ गया। अतएव चमत्कार से वषीभूत उनके अनुयायियों का कारवां बढ़ता चला गया।
वे काशी नगर के अलावा अनेक जगह बुलावे पर प्रवचन देने जाने लगे। पुलराई में जहां यह त्रासदी घटी है, वहां 80,000 से ज्यादा भक्त पहुंचे थे। जबकि प्रशासन को सूचना 50,000 लोगों के पहुंचने की दी गई थी। सत्संग जब समाप्त हुआ तो अनुमान से ज्यादा पहुंचे भक्त बाबा के चरण छूने की होड़ में लग गए और एक-दूसरे को मची भगदड़ में कुचलने लग गए। ऐसे मामलों में कभी कोई कठोर कार्यवाही हुई हो अब तक देखने में नहीं आया है। गोया, यह मामला भी कुछ दिन चर्चा में रहने के बाद षून्य में बदल जाएगा।
2018 में अमृतसर में रावण दहन के अवसर पर हुए रेल हादसे में 61 लोग मारे गए थे। सीधे-सीधे यह प्रषासनिक लापरवाही थी। देष में धार्मिक मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान भीड़ में भगदड़ मचने से होने वाले हादसों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है।
ठीक इसी किस्म की लापरवाही केरल में कोल्लम के पास पुत्तिंगल देवी मंदिर परिसर में हुई त्रासदी के समय देखने में आई थी। इस घटना में 110 लोग मारे गए थे और 383 लोग घायल हुए थे। यह ऐसी घटना थी, जिसे मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन सचेत रहते तो टाला जा सकता था। क्योंकि मलयालम नववर्श के उपलक्ष में हर वर्श जो उत्सव होता है, उसमें बड़ी मात्रा में आतिषबाजी की जाती है और इसका भंडारण मंदिर परिसर में ही किया जाता है।
आतिषबाजी चलाने के दौरान एक चिंगारी भंडार में रखी आतिषबाजी तक पहुंच गई और भीशण त्रासदी में लोगों की दर्दनाक मौतें हो गईं। यह हादसा इतना बड़ा और हृदयविदारक था कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिकित्सकों का दल लेकर कोल्लम पहुंचना पड़ा था। लेकिन इस तरह से संवेदना जताकर और मुआवजा देने की खानापूर्ति कर देने भर से मंदिर हादसों का क्रम टूटने वाला नहीं हैं।
जरूरत तो शीर्ष न्यायालय के उस निर्देश का पालन करने की है, जिसमें मंदिरों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी समान नीति बनाने का उल्लेख है। यदि प्रधानमंत्री इस हादसे से सबक लेकर इस नीति को बनाने का काम करते तो शायद यह हादसा नहीं हुआ होता ?
दर्षनलाभ की जल्दबाजी व कुप्रबंधन से उपजने वाली भगदड़ व आगजनी का सिलसिला जारी है। धर्म स्थल हमें इस बात के लिए प्रेरित करते हैं कि हम कम से कम षालीनता और आत्मानुषासन का परिचय दें। किंतु इस बात की परवाह आयोजकों और प्रषासनिक अधिकारियों को नहीं होती। इसलिए उनकी जो सजगता घटना के पूर्व सामने आनी चाहिए, वह अकसर देखने में नहीं आती। लिहाजा आजादी के बाद से ही राजनीतिक और प्रशासनिक तंत्र उस अनियंत्रित स्थिति को काबू करने की कोषिष में लगा रहता है, जिसे वह समय पर नियंत्रित करने की कोशिश करता तो हालात कमलेश बेकाबू ही नहीं हुए होते ?
हमारे धार्मिक-आध्यात्मिक आयोजन विराट रुप लेते जा रहे हैं। कुंभ मेलों में तो विषेश पर्वों के अवसर पर एक साथ तीन-तीन करोड़ तक लोग एक निष्चित समय के बीच स्नान करते हैं। दरअसल भीड़ के अनुपात में यातायात और सुरक्षा के इंतजाम देखने में नहीं आते। जबकि षासन-प्रषासन के पास पिछले पर्वों के आंकड़े हाते हैं। बावजूद लपरवाही बरतना हैरान करने वाली बात है। दरअसल, कुंभ या अन्य मेलों में जितनी भीड़ पहुंचती है और उसके प्रबंधन के लिए जिस प्रबंध कौषल की जरुरत होती है, उसकी दूसरे देषों के लोग कल्पना भी नहीं कर सकते ? इसलिए हमारे यहां लगने वाले मेलों के प्रबंधन की सीख हम विदेशी साहित्य और प्रशिक्षण से नहीं ले सकते ? क्योंकि दुनिया के किसी अन्य देष में किसी एक दिन और विशेष मुहूर्त के समय लाखों-करोडों़ की भीड़ जुटने की उम्मीद ही नहीं की जा सकती ? बावजूद हमारे नौकरषाह भीड़ प्रबंधन का प्रषिक्षण लेने खासतौर से योरुपीय देषों में जाते हैं। प्रबंधन के ऐसे प्रशिक्षण विदेशी सैर-सपाटे के बहाने हैं, इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे प्रबंधनों के पाठ हमें खुद अपने देशज ज्ञान और अनुभव से लिखने होंगे।
प्रषासन के साथ हमारे राजनेता, उद्योगपति, फिल्मी सितारे और आला अधिकारी भी धार्मिक लाभ लेने की होड़ में व्यवस्था को भंग करने का काम करते हैं। इनकी वीआईपी व्यवस्था और यज्ञ कुण्ड अथवा मंदिरों में मूर्तिस्थल तक ही हर हाल में पहुंचने की रूढ़ मनोदषा, मौजूदा प्रबंधन को लाचार बनाने का काम करती है। नतीजतन भीड़ ठसाठस के हालात में आ जाती है। ऐसे में कोई महिला या बच्चा गिरकर अनजाने में भीड़ के पैरों तले रौंद दिया जाता है और भगदड़ मच जाती है। धार्मिक स्थलों पर भीड़ बढ़ाने का काम मीडिया भी कर रहा है। इलेक्ट्रोनिक मीडिया टीआरपी के लालच में इसमें अहम् भूमिका निभाता है। वह हरेक छोटे बड़े मंदिर के दर्षन को चमात्कारिक लाभ से जोड़कर देष के भोले-भाले भक्तगणों से एक तरह का छल कर रहा है। इस मीडिया के अस्तित्व में आने के बाद धर्म के क्षेत्र में कर्मकाण्ड और पाखण्ड का आंडबर जितना बड़ा है, उतना पहले कभी देखने में नहीं आया। निर्मल बाबा, कृपालू महाराज और आषाराम बापू, रामपाल जैसे संतों का महिमामंडन इसी मीडिया ने किया था। हालांकि यही मीडिया पाखण्ड के सार्वजनिक खुलासे के बाद मूर्तिभंजक की भूमिका में भी खड़ा हो जाता है।
मीडिया का यही नाट्य रूपांतरण अलौकिक कलावाद, धार्मिक आस्था के बहाने व्यक्ति को निष्क्रिय व अंधविष्वासी बनाता है। यही भावना मानवीय मसलों को यथास्थिति में बनाए रखने का काम करती है और हम ईश्वर अथवा भाग्य आधारित अवधारणा को प्रतिफल व नियति का कारक मानने लग जाते हैं। दरअसल मीडिया, राजनेता और बुद्धिजीवियों का काम लोगों को जागरूक बनाने का है, लेकिन निजी लाभ का लालची मीडिया, धर्मभीरु राजनेता और धर्म की आंतरिक आध्यात्मिकता से अज्ञान बुद्धिजीवी भी धर्म के छद्म का शिकार होते दिखाई देते हैं। यही वजह है कि पिछले एक दशक के भीतर मंदिर हादसों में कई हजार से भी ज्यादा भक्त मारे जा चुके हैं। 2013 में घटित केदारनाथ हादसे में तो कई हजार लोग दफन हो गए थे। बावजूद श्रद्धालु हैं कि दर्शन, श्रद्धा, पूजा और भक्ति से यह अर्थ निकालने में लगे हैं कि इनको संपन्न करने से इस जन्म में किए पाप धुल जाएंगे, मोक्ष मिल जाएगा और परलोक भी सुधर जाएगा। गोया, पुनर्जन्म हुआ भी तो श्रेष्ठ वर्ण में होने के साथ समृद्ध व वैभवशाली होगा ? जाहिर है, धार्मिक हादसों से छुटकारा पाने की कोई उम्मीद निकट भविष्य में दिखाई नहीं दे रही है ?
जयपुर में 3 दिवसीय डीजी-आईजी सम्मेलन में भाग लेंगे पीएम मोदी
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 5 से 7 जनवरी 2024 तक 3 दिन के लिए जयपुर में होने वाली डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। अमित शाह और पीएम मोदी एक दिन पहले 4 जनवरी को जयपुर पहुंचेंगे।
एसपीजी के अधिकारी पहले ही जयपुर में सुरक्षा की जांच कर चुके हैं और पुलिस मुख्यालय और जयपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा की गई सुरक्षा व्यवस्था पर काम करना शुरू कर दिया है। बुलेट प्रूफ गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। गृह मंत्री तीन दिन तक सोडाला के पास एक गेस्ट हाउस में रहेंगे।
इस सम्मेलन में 28 राज्यों के डीजी और आईजी और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के आईजी भाग लेंगे। विधानसभा के पास एमएलए क्वार्टर में 150 से ज्यादा सरकारी अधिकारियों के रहने की व्यवस्था की गई है।
नए मॉडल के वाहन तैनात किए गए हैं, जबकि कुछ वाहन दूसरे जिलों से भी मंगवाए गए हैं। पीएम और गृहमंत्री के लिए दिल्ली से ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। जयपुर पुलिस के कमांडो तैनात कर दिए गए हैं और मंगलवार से विधायक आवास को जनता के लिए बंद कर दिया गया है। आठ जनवरी से क्वार्टर से सुरक्षा हटा ली जाएगी।
वेदांता एल्यूमिनियम ने गुजरात अल्कालीज़ एंड कैमिकल्स लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए
वेदांता लिमिटेड (एल्यूमिनियम बिज़नेस) ने गुजरात अल्कालीज़ एंड कैमिकल्स लिमिटेड (जीएसीएल) के साथ मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार के तहत कॉस्टिक-क्लोराइन और अन्य संबंधित कारोबारी क्षेत्रों में व्यापारिक अवसरों की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
मटर की फसल में करता था गांजे की खेती, 64 किलो माल के साथ किया गिरफ्तार
मध्य प्रदेश में डिंडोरी में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। यहां एक शख्स ने बेखौफ होकर अपने खेत में गांजे की फसल उगा रखी थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने जब छापेमारी की तो पाया कि आरोपी ने अपनी मटर की फसल के साथ अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। थाना गाडासरई से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 1 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम जामपानी में एक व्यक्ति ने अपने घर के सामने स्थित खेत (बाड़ी) मे मटर की फसल के साथ मादक पदार्थ गांजा की फसल लगा रखी है। इसके बाद पुलिस खेत पर कार्रवाई करने पहुंची।
50 दिन की बच्ची के पास 36 डॉक्यूमेंट्स, 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन' में दर्ज हुआ नाम
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले एक दंपति की 50 दिन की बेटी समृद्धि का वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में नाम दर्ज हुआ है. इस बेटी के परिजनों ने महज 50 दिन की उम्र में सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र और सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जीवन उपयोगी दस्तावेजों को बनवा लिया है. समृद्धि का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन की संस्था में दर्ज होने का प्रमाण पत्र भी मिल गया है.
दरअसल छिंदवाड़ा के रहने वाले प्रिया-मनीष बन्देवार की बेटी समृद्धि बन्देवार का जन्म 26 सितंबर 2023 को हुआ था. समृद्धि ने 50 दिन की उम्र में कई शासकीय और सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जीवन उपयोगी दस्तावेजों को अर्जित कर लिया है. वहीं इस रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद समृद्धि बन्देवार अब सर्वाधिक 36 दस्तावेजों की धारक विश्व की सबसे कम उम्र की बेटी बन गई हैं. कलेक्टर मनोज पुष्प ने प्रिया-मनीष बन्देवार को इस अद्भुत, सराहनीय कार्य के लिए बधाई देते हुए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है.
समृद्धि के पिता ने क्या कहा?
समृद्धि के पिता मनीष बन्देवार ने बताया कि जागरूकता के अभाव और लापरवाही के कारण बहुत से परिजन अपने बच्चों के बुनियादी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड आदि तक नहीं बनवाते हैं. मेरे मन में बेटियों के प्रति आदर और सद्भाव के कारण मैंने अपनी बेटी के सभी आवश्यक दस्तावेजों को बनवाने का संकल्प लिया है. बेटियों के लिए चलाई जाने वाली सरकार की कुछ योजनाओं के बारे में जानकारी थी, लेकिन जब हमने कुछ और जानकारी जुटाई तो शासन द्वारा बेटियों के हित मे चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई.
इन योजनाओं में समृद्धि का नाम दर्ज
इसके बाद हमने यह तय कर लिया कि हम बेटियों के कल्याण के लिए चलाई जाने वाली सभी योजनाओं में हमारी बेटी समृद्धि को हिस्सा बनाएंगे. समृद्धि के पिता ने आगे बताया कि टीकाकरण कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, समग्र सदस्य कार्ड, ग्रीन कार्ड, लाड़ली लक्ष्मी योजना का प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, केन्द्र शासन का स्थायी जाति प्रमाण-पत्र, राज्य शासन का स्थायी जाति प्रमाण-पत्र, डिजी लॉकर खाता, पोस्ट ऑफिस बचत खाता, आर.डी.खाता, सुकन्या समृद्धि योजना खाता, एनएससी, किसान विकास पत्र, महिला सम्मान बचत पत्र में नाम दर्ज है.
इसके अलावा पीपीएफ, फिलाटेलिक डिपोजिट खाता, माय स्टाम्प, एमआईएस, एक वर्षीय टर्म डिपोजिट, 2 वर्षीय टर्म डिपोजिट, 3 वर्षीय टर्म डिपोजिट, 5 वर्षीय टर्म डिपोजिट, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया बचत खाता, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया चेक बुक, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया बचत खाता, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया चैक बुक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ए.टी.एम., यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बचत खाता, एल.आई.सी. एजुकेशन प्लान, एलआईसी कन्यादान प्लान और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के मिलाकर कुल 36 दस्तावेजों में भी नाम दर्ज हो चुका है.
समृद्धि के पिता ने बेटियों के माता-पिता से की ये अपील
उन्होंने कहा कि सूबेदार नरेंद्र सिंह बेस मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन और मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत प्रदीप वाल्मीकि की वजह से हमारी मेहनत रंग लाई और वर्ल्ड बुक ऑफ द रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ. समृद्धि के पिता ने कहा कि इन जीवन उपयोगी दस्तावेजों को बनवाकर हमने शासन की योजनाओं के माध्यम से बेटियों के मान-सम्मान को समाज में और सशक्त बनाया है, जो और भी लोगों के लिए प्रेरणादायी हो सकता है. उन्होंने बेटियों के माता-पिता और स्वजनों से अपील की है कि वह बेटियों के सशक्तिकरण, सम्मान और भविष्य के लिए बेटियों से संबंधित सभी शासकीय दस्तावेजों को बनवाकर बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में काम करें.
BIG BREAKING छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में प्रचंड बहुमत की ओर बीजेपी...यहां देखें सुबह 11 बजे तक का रूझान...
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मतगणना जारी है. इस बीच रुझानों भारतीय जनता पार्टी को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है. बीजेपी लगातार बढ़त बनाए हुए है रुझानों के मुताबिक तीनों राज्यों में बीजेपी की सरकार बनते दिख रही है.
सुबह 11 बजे तक आए रुझानों के अनुसार राजस्थान की 199 सीटों पर आए रुझानों में बीजेपी 117 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और आसानी से बहुमत हासिल करते दिख रही है. वहीं कांग्रेस बीजेपी से पिछड़ती दिख रही है और 67 सीटों बढ़त बनाए हैं. अन्य 15 पर आगे हैं. मध्य प्रदेश चुनाव के रुझानों में तो बीजेपी की सूनामी दिखाई दे रही है. इधर छत्तीसगढ़ के आंकड़ें भी हैरान करने वाले हैं. यहां भी बीजेपी का जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला है और बीजेपी कांग्रेस से आगे निकल गई है और रुझानों में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है.
मध्य प्रदेश में बीजेपी को जबरदस्त बढ़त
मध्य प्रदेश में सुबह ग्यारह बजे तक सभी 230 सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक प्रदेश में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते दिख रही है. बीजेपी 137 सीटों पर आगे है और रुझानों में पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है. कांग्रेस दूसरे नंबर पर हैं और 91 सीटों पर आगे बढ़त बनाए हैं. अन्य दो सीटों पर आगे चल रहे हैं.
छत्तीसगढ़ में रुझानों में बीजेपी को बहुमत
मध्य प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ के रुझान भी हैरान करने वाले हैं. यहां सुबह ग्यारह बजे तक के रुझानों में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है. बीजेपी यहां 47 सीटों पर आगे है और कांग्रेस 41 सीटों पर आगे हैं, जबकि दो सीटों पर अन्य ने बढ़त बनाए हुई है. छत्तीसगढ़ में सीएम भूपेश बघेल पाटन सीट से आगे चल रहे हैं, लेकिन अंबिकापुर सीट से डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव पीछे चल रहे हैं और राजनांदगांव सीट से बीजेपी नेता और पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह आगे बने हुए हैं.
BIG BREAKING इस राज्य में भाजपा बहुमत के काफी करीब...देखें कितनों सीटों पर बढ़त बनाए हुए है पार्टी....
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए मतों की सुबह से अभी तक वोटों की गिनती में रुझान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में है. ताजा अपडेट के मुताबिक बीजेपी 199 सीटों में से 126 सीट पर आगे चल रही है. कांग्रेस की 61 सीटों पर बढ़त है. इसके अलावा, 12 सीटों पर अन्य प्रत्याशी आगे हैं. राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के दूसरे राउंड की मतगणना में सीएम अशोक गहलोत के धुर विरोधी और टोंक से कांग्रेस के प्रत्याशी और युवा नेता सचिन पायलट फिर आगे हो गए हैं. पहले राउंड में वह बीजेपी प्रत्याशी से पीछे हो गए थे. पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता वसुंधरा राजे भी झालरापाटन सीट पर 5 हजार वोटों से आगे चल रही हैं.
EC के रुझानों में बीजेपी 27 पर आगे
राजस्थान चुनाव आयोग के शुरुआती रुझान में बीजेपी ने 27 सीटों पर बढ़त बना ली है. जबकि कांग्रेस 18 सीटों पर आगे है. भारत आदिवासी पार्टी, बसपा और रालोद को एक एक सीट पर बढ़त मिली हुई है.
सरकार बनाने के लिए 101 सीट जरूरी
राजस्थान विधानसभा की कुल 200 सीटों में 199 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान हुआ था. श्रीकरणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन की वजह से चुनाव नहीं कराए गए. राजस्थान में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 101 सीटों पर जीत हासिल करना जरूरी है. राजस्थान में पिछले दो दशक से ज्यादा समय से सीएम की कुर्सी बीजेपी और कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही है. प्रदेश में एक बार कांग्रेस तो दूसरी बार बीजेपी की सरकारों का बनना और गिरना एक रिवाज जैसा है. बीजेपी शुरू से कह रही थी कि इस बार भी सियासी रिवाज कायम रहेगा. जबकि कांग्रेस नेता सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत दावा कर रहे थे कि इस बार परंपरा बदलेगी.
रिकॉर्ड मतदान
बता दें कि राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को वोट डाले गए थे. एमपी की तरह राजस्थान में भी बंपर वोटिंग हुई थी. प्रदेश में पहली बार रिकॉर्ड 75.45 प्रतिशत मतदान हुआ. राजस्थान चुनाव 2018 में कांग्रेस ने 39.30 प्रतिशत वोट हासिल मिले थे और उसे 100 सीटें मिली थीं. बीजेपी को 38.77 प्रतिशत वोट मिले और पार्टी 73 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई थी.
12 गौ सांसदों की कोर कमेटी का हुआ गठन
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में गौ माता को राष्ट्र माता बनाने, गौ माता की हत्या पूरी तरह बंद करने, गौ माता की रक्षा के लिए ज्योतिष पीठाश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में शुक्रवार को छतरपुर तेरापंथ भवन में 12 गौ सांसदों की कोर कमेटी का गठन किया गया।
गौ संरक्षक आंदोलन के सायोजक गौ भक्त गोपाल मणि तथा संसद की कार्यवाही को विधि और धर्म सम्मत संचालन के लिए ज्योतिष पीठाश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज को उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता शास्त्री किशोर देव, विकास पाटनी, डॉ. गार्गी पण्डित, साध्वी पूर्णम्बदा, सचिव का दायित्व उत्तम भारद्वाज, सह-सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगी, सांसद पंजीयन सक्षम योगी, स्वामी नीरंजानंद, शम्भु प्रशाद पाठक, भानु हर्ष मिश्रा और आशुतोष पाण्डेय को विशेष प्रभार सौपे गये। साथ ही पूरे भारत से आए 110 गौ सांसदों ने गौ माता के सम्मान की स्थापना की शपथ ली।
रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढायेंगे भारत और वियतनाम
नई दिल्ली । भारत और वियतनाम साइबर सुरक्षा, सूचना सुरक्षा, सैन्य चिकित्सा और पनडुब्बी खोज एवं बचाव जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढायेंगे। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि दोनों देशों के बीच 14वीं भारत-वियतनाम रक्षा नीति वार्ता बृहस्पतिवार को यहां हुई। वार्ता की सह-अध्यक्षता रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उप मंत्री वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल होआंग जुआन चिएन ने की।
बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के मुद्दों की समीक्षा की और जून 2022 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वियतनाम यात्रा के दौरान ‘2030 की ओर, भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी पर संयुक्त विजन वक्तव्य’ पर हस्ताक्षर करने के बाद संबंधों में हुई प्रगति का उल्लेख किया। वियतनाम ने सहयोग के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों का प्रस्ताव रखा, जिनमें प्रतिनिधिमंडल का आदान-प्रदान और संवाद, स्टाफ-वार्ता, सेनाओं के बीच परस्पर सहयोग, रक्षा और प्रशिक्षण तथा रक्षा उद्योग सहयोग शामिल हैं।
रक्षा सचिव ने पाँच सूत्री प्रस्ताव का स्वागत किया तथा साइबर सुरक्षा, सूचना सुरक्षा, सैन्य चिकित्सा, पनडुब्बी खोज एवं बचाव जैसे दोनों देशों के लिए चिंता के उभरते क्षेत्रों में सहयोग का प्रस्ताव रखा। रक्षा सचिव ने मित्र देशों की क्षमता और क्षमता वृद्धि को पूरा करने के लिए घरेलू रक्षा उद्योग की क्षमता पर प्रकाश डाला तथा वियतनाम पीपुल्स आर्म्ड फोर्सेज और उनके उद्योगों के साथ उपयोगी साझेदारी के प्रति आशा व्यक्त की।
बैठक के बाद, रक्षा सचिव और वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उप मंत्री ने प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान सहित प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग, व्यापक रणनीतिक साझेदारी के मजबूत स्तंभों में से एक है। वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिन्द प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार है।