देश-विदेश
धुरंधर 2 से पहले मधुर भंडारकर ने की रणवीर सिंह की तारीफ, कहा: कमाल का परफॉर्मेंस
मुंबई । धुरंधर 2 को लेकर बढ़ती उत्सुकता के बीच फिल्ममेकर मधुर भंडारकर ने फ्रेंचाइज़ी की पहली फिल्म धुरंधर में रणवीर सिंह के जबरदस्त समर्पण की जमकर तारीफ की है।
भंडारकर ने कहा कि इतनी ताकतवर परफॉर्मेंस देने के लिए जिस तरह की मेहनत और लगन चाहिए, वह बहुत कम एक्टर्स में देखने को मिलती है। उन्होंने कहा, “बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं जो इतना बड़ा कमिटमेंट देते हैं। जब मैं धुरंधर जैसी फिल्म देखता हूं और रणवीर सिंह की कमाल की परफॉर्मेंस देखता हूं, तो साफ समझ आता है कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 2-3 साल इस किरदार को दे दिए हैं। दुर्भाग्य से आजकल लोग मुश्किल रास्ता चुनना नहीं चाहते।”
धुरंधर के रिलीज होने के कई महीनों बाद भी रणवीर सिंह का परफॉर्मेंस लगातार चर्चा में बना हुआ है। फिल्म में उनके हमज़ा के किरदार ने पूरे देश के दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। कई फैंस ने इसे “हमज़ा फीवर” तक कहा। उनके जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों को हैरान कर दिया और फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
अब जब फिल्म का सीक्वल धुरंधर: द रिवेंज रिलीज की तैयारी में है, तो इसे लेकर जबरदस्त चर्चा पहले से ही शुरू हो चुकी है। शुरुआती बॉक्स ऑफिस अनुमान और एडवांस बुकिंग के ट्रेंड्स से संकेत मिल रहे हैं कि यह सीक्वल पहली फिल्म से भी बड़ी ओपनिंग कर सकता है।
अगर ये शुरुआती संकेत सही साबित होते हैं, तो इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि यह फिल्म रणवीर सिंह को स्टारडम के एक नए मुकाम पर पहुंचा सकती है और उन्हें देश का नंबर 1 स्टार बनाने की दिशा में मजबूत कर सकती है। दर्शक हमज़ा की कहानी का अगला अध्याय देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, और इसी वजह से धुरंधर: द रिवेंज भारतीय सिनेमा की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बनती जा रही है।
प्रियदर्शन ने ‘भूत बंगला’ में एकता कपूर के साथ काम करने का अनुभव किया साझा
मुंबई । 'भूत बंगला' 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है, क्योंकि इसके साथ अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की 'ओजी' (OG) जोड़ी 14 साल के लंबे इंतजार के बाद वापसी कर रही है। इस फिल्म ने फैंस के बीच अभी से जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि इस जोड़ी ने पहले भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार कल्ट कॉमेडी फिल्में दी हैं। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और मनोरंजन से भरी कहानियों के लिए मशहूर यह जोड़ी एक बार फिर वही जादू दोहराने के लिए पूरी तरह तैयार है। बालाजी मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बन रही 'भूत बंगला' ने उन फैंस के बीच पुरानी यादों की एक लहर पैदा कर दी है, जो अपने पसंदीदा सितारों को देखते हुए बड़े हुए हैं।
हाल ही में, डायरेक्टर प्रियदर्शन ने एकता कपूर के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात की, जिनका प्रोडक्शन हाउस 'बालाजी मोशन पिक्चर्स' इस फिल्म को बना रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि कई लोगों ने उनसे कहा था कि एकता के साथ काम करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन उनका अनुभव इससे बिल्कुल अलग रहा।
प्रियदर्शन ने बताया कि कैसे एकता ने उन्हें पूरी क्रिएटिव आजादी दी। उन्होंने कहा , “एक बात जो मुझे आपको बतानी है, वो ये कि जब मैं एकता के साथ फिल्म करने गया, तो बहुत से लोगों ने मुझसे कहा था कि उनके साथ काम करना मुश्किल है। लेकिन मुझे ऐसा कभी नहीं लगा। शायद मैं खुशनसीब हूँ। मुझे ये कहना होगा कि वो मेरी लाइफ की पहली ऐसी प्रोड्यूसर हैं जिन्होंने मुझसे कभी नहीं पूछा कि 'आप क्या कर रहे हैं?' और मुझे फिल्म बनाने की पूरी आजादी दी।”
उन्होंने आगे कहा , "मैंने अब तक 98 फिल्में बनाई हैं और यह पहली बार है जब किसी प्रोड्यूसर ने मुझसे यह नहीं पूछा कि 'क्या हम ऐसा कर सकते हैं?' या 'क्या हम इसे बदल सकते हैं?' हर प्रोड्यूसर कुछ न कुछ टोकता है। इसलिए मैं हैरान था जब लोगों ने कहा कि उनके साथ काम करना मुश्किल है। सच तो यह है कि मुझे उनके साथ काम करना बहुत आसान लगा।"'भूत बंगला' के मेकर्स ने हाल ही में फिल्म का टीजर जारी किया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। दर्शकों को वही पुराने कल्ट कॉमेडी पंचलाइन्स और डरावनी मस्ती बहुत पसंद आ रही है। अक्षय कुमार और प्रियदर्शन के साथ-साथ शानदार स्टार कास्ट की वापसी ने फिल्म के लिए एक्साइटमेंट को और बढ़ा दिया है।
बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड की डिवीजन 'बालाजी मोशन पिक्चर्स', 'केप ऑफ गुड फिल्म्स' के साथ मिलकर 'भूत बंगला' पेश कर रही है। फिल्म में अक्षय कुमार, वामीका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव लीड रोल में हैं। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 10 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
आमिर खान की ‘3 इडियट्स’ के मुरीद हैं अभिषेक शर्मा, इंटरव्यू में किया खुलासा
मुंबई। आमिर खान वाकई उन बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं जिन्होंने हमें कई यादगार फिल्में दी हैं। अपनी शानदार एक्टिंग और बेहतरीन कहानी कहने के अंदाज़ से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जहाँ पूरी दुनिया में उनके चाहने वाले मौजूद हैं, वहीं भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा भी आमिर खान की फिल्मों के बड़े फैन हैं।
रविवार को नई दिल्ली में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक सम्मान समारोह का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में पिछले एक साल में भारत द्वारा पांच ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप ट्रॉफियां जीतने की उपलब्धि का जश्न मनाया गया। इसके साथ ही भारतीय क्रिकेटरों को अलग-अलग अवॉर्ड्स से सम्मानित भी किया गया। समारोह के दौरान एंकर हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी, हार्दिक पांड्या, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ एक मजेदार 'रैपिड-फायर' राउंड खेला।
हर्षा भोगले से बातचीत के दौरान जब अभिषेक से उनकी पसंदीदा फिल्म या एक्टर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, “मेरी पसंदीदा फिल्म '3 इडियट्स' है। मुझे वो फिल्म बहुत पसंद आई थी। रही बात फेवरेट एक्टर की, तो वो समय के साथ बदलते रहते हैं।”
यह वाकई दिखाता है कि आमिर खान की फिल्मों का लोगों पर कितना गहरा असर है। सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी भी उनकी फिल्मों को अपना पसंदीदा बताते हैं। यही वजह है कि आमिर खान आज भी एक ऐसे सुपरस्टार हैं जिनकी फिल्में सीधे लोगों के दिल को छू लेती हैं।
इसके अलावा, आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बन रही 'एक दिन' एक आने वाली फिल्म है, जिसमें साई पल्लवी और जुनैद खान लीड रोल में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन सुनील पांडे ने किया है और इसके प्रोड्यूसर्स आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित हैं। यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदान 9 अप्रैल से शुरू होगा,मतगणना 4 मई को होगी
नई दिल्ली।भारत निर्वाचन आयोग (ECI) 15 मार्च (रविवार) को शाम 4:00 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान कार्यक्रम की घोषणा की। इसके अनुसार, मतदान 9 अप्रैल को शुरू होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) 15 मार्च (रविवार) को शाम 4:00 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान कार्यक्रम की घोषणा की। इसके अनुसार, मतदान 9 अप्रैल को शुरू होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। चुनाव आयोग के अनुसार, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में चुनाव एक ही चरण में 9 अप्रैल को होंगे। तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा। वहीं, पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे, जिसमें मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को निर्धारित है। आयोग ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
यहाँ चुनाव कार्यक्रम का पूरा विवरण दिया गया है:1. असम - मतदान की तिथि - 9 अप्रैल; मतगणना की तिथि - 4 मई,2. तमिलनाडु - मतदान की तिथि - 23 अप्रैल; मतगणना की तिथि - 4 मई,3. पश्चिम बंगाल - मतदान की तिथि - 23 अप्रैल (पहला चरण), 29 अप्रैल (दूसरा चरण); मतगणना की तिथि - 4 मई,4. केरल - मतदान की तिथि - 9 अप्रैल; मतगणना की तिथि - 4 मई5. पुडुचेरी - मतदान की तिथि - 9 अप्रैल; मतगणना की तिथि - 4 मई इसके अलावा चुनाव आयोग ने बताया कि असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव कराने के लिए लगभग 25 लाख चुनाव अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। इन कर्मियों में मतदान कर्मचारी, सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे, जो चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को संभालने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव वाले पाँच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 2.19 लाख से ज़्यादा मतदान केंद्र बनाए जाएँगे। अधिकारियों ने बताया कि मतदाताओं के लिए मतदान को सुलभ और सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। मतदान केंद्रों की यह बड़ी संख्या, अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में होने वाली इस चुनावी प्रक्रिया के विशाल पैमाने को दर्शाती है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि भारत निर्वाचन आयोग, मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को मज़बूत करने के लिए, 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले चुनावों को 20 से ज़्यादा देशों के चुनाव आयोगों के प्रतिनिधि भी देखेंगे। इन प्रतिनिधियों को भारत में चुनावों के "उत्सवपूर्ण, पारदर्शी और कुशल" संचालन को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पाँच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के पैमाने के बारे में बताया, और इस पूरी प्रक्रिया को "चुनावों का त्योहार" कहा। एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि इन चुनावों में 824 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे, जिससे यह देश की सबसे बड़ी चुनावी प्रक्रियाओं में से एक बन जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में सभी के लिए पहुँच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर इंतज़ाम किए जाएँगे। साथ ही, उन्होंने मतदाताओं की विविधतापूर्ण प्रोफ़ाइल पर भी रोशनी डाली।कुमार ने कहा, "आपको हमारे मतदाताओं की श्रेणियों का अंदाज़ा देने के लिए बता दूँ कि असम, केरल, यहाँ तक कि पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हमारे पास 100 साल से ज़्यादा उम्र के, यानी शतायु मतदाता भी हैं। 85 साल से ज़्यादा उम्र के मतदाताओं की संख्या भी अच्छी-खासी है... कुल मिलाकर 2.18 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएँगे। इनमें से ज़्यादातर ग्रामीण इलाकों में होंगे। हर मतदाता के लिए औसत संख्या 750 से 850 के बीच होगी, और किसी भी हाल में यह 900 से ज़्यादा नहीं होगी। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएँगे। कुछ पोलिंग स्टेशन खास तौर पर महिलाओं द्वारा संचालित होंगे। सभी पोलिंग स्टेशनों पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी। और कुछ पोलिंग स्टेशन हमारे दिव्यांग भाई-बहनों द्वारा भी संचालित किए जाएँगे।"
बर्थडे सेलिब्रेशन छोड़ काम में जुटे आमिर खान, 'एक दिन' के लिए टाइट है शेड्यूल...
मुंबई । भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक, आमिर खान आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। पिछले कई दशकों में, इस एक्टर और फिल्ममेकर ने ऐसी फिल्मों के साथ एक शानदार विरासत बनाई है, जिन्होंने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। दुनिया भर में उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, और फैंस बड़े प्यार और सम्मान के साथ उनका खास दिन मनाते आ रहे हैं। मीडिया के साथ अपना जन्मदिन मनाने की अपनी पुरानी परंपरा के लिए मशहूर सुपरस्टार अक्सर इस मौके पर मीडिया और फैंस से बातचीत करते हैं। हालांकि, इस साल ये जश्न काफी सादा नजर आ रहा है।
एक्टर के करीबी एक सूत्र के मुताबिक, आमिर फिलहाल अपनी आने वाली फिल्म 'एक दिन' के पोस्ट-प्रोडक्शन काम में काफी बिजी हैं। 'एक दिन' एक रोमांटिक ड्रामा है जिसमें जुनैद खान और साई पल्लवी लीड रोल में हैं। आमिर एक प्रोड्यूसर के तौर पर प्रोजेक्ट के हर छोटे-छोटे काम में शामिल हैं। जैसे-जैसे फिल्म रिलीज के करीब पहुंच रही है, कहा जा रहा है कि एक्टर पूरी तरह से फिल्म को पूरा करने पर ध्यान दे रहे हैं।
सूत्र ने बताया, "आमिर खान के लिए इस साल उनका 61वां जन्मदिन थोड़ा अलग है। जश्न मनाने के बजाय, सुपरस्टार पूरी तरह से 'एक दिन' के पोस्ट-प्रोडक्शन काम में व्यस्त हैं। फिल्म रिलीज के करीब है और वह इसके हर बारीक काम में गहराई से जुड़े हुए हैं, जिसकी वजह से उनका शेड्यूल काफी टाइट है।"
'एक दिन' आमिर खान और फिल्ममेकर मंसूर खान को कई सालों बाद फिर से साथ लेकर आ रही है, जिससे हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक की वापसी हो रही है। इस जोड़ी ने पहले 'कयामत से कयामत तक', 'जो जीता वही सिकंदर', 'अकेले हम अकेले तुम' और 'जाने तू... या जाने ना' जैसी यादगार फिल्में दी हैं। 'एक दिन' के साथ, वे एक बार फिर रोमांस जॉनर में लौट रहे हैं, जिससे उन दर्शकों के बीच फिर से उत्साह पैदा हो गया है जो स्क्रीन पर उनके जादू को दोबारा देखने के लिए बेताब हैं।
आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी 'एक दिन' में साई पल्लवी और जुनैद खान लीड रोल में हैं। इस फिल्म का निर्देशन सुनील पांडे ने किया है और इसके प्रोड्यूसर आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित हैं। यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।
नागबंधम' का पहला गाना 'नमो रे' रिलीज, अध्यात्म और भक्ति के रंग की दिखी झलक
मुंबई । 'नागबंधम' के मेकर्स ने फिल्म का पहला गाना 'नमो रे' रिलीज कर दिया है, जो फिल्म की आध्यात्मिक और भक्तिपूर्ण गहराई की एक झलक दिखाता है।
सोशल मीडिया पर गाने को पेश करते हुए मेकर्स ने लिखा, "#Nagabandham के आध्यात्मिक महाकाव्य के साथ भक्ति की एक नई दुनिया में कदम रखें पहला गाना #NamoRe अब रिलीज हो चुका है ।"
'नमो रे' गाना फिल्म की कहानी की नींव रखता है, जिसमें दमदार आवाज, पारंपरिक भक्ति भाव और शानदार संगीत का मेल है। यह गाना सुनने वालों को आस्था और अध्यात्म की एक अलग दुनिया में ले जाता है, जो इस फिल्म का मुख्य हिस्सा नजर आ रहा है।
'नागबंधम' के टीजर को भी इसकी भव्यता, जबरदस्त बैकग्राउंड म्यूजिक और शानदार स्क्रीन प्रेजेंटेशन के लिए काफी पसंद किया जा रहा है। टीजर में एक ऐसी पौराणिक दुनिया की झलक मिलती है जो भारतीय लोक कथाओं और संस्कृति से गहराई से जुड़ी है।
अभिषेक नामा ने इस फिल्म की कहानी लिखी है और निर्देशन भी वही कर रहे हैं। इसे किशोर अन्नपुरेड्डी और निशिता नागिरेड्डी ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 2026 की गर्मियों में पैन-इंडिया (पूरे भारत में) रिलीज के लिए तैयार है।
भाजपा ने सुपरस्टार विजय को दिया डिप्टी सीएम पद का ऑफर,टीवीके को मिल सकती हैं 80 सीटें!
चेन्नई।पार्टी सूत्रों के अनुसार, BJP ने तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय को तमिलनाडु के डिप्टी मुख्यमंत्री का पद देने का प्रस्ताव दिया है, बशर्ते NDA आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीत जाए। प्रस्तावित सीट-बंटवारे की व्यवस्था के तहत, भगवा पार्टी ने TVK को लगभग 80 सीटें देने का भी प्रस्ताव दिया है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य के सियासी गलियारों में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभिनेता से राजनेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के सामने गठबंधन का एक बेहद लुभावना प्रस्ताव रखा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, BJP ने तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय को तमिलनाडु के डिप्टी मुख्यमंत्री का पद देने का प्रस्ताव दिया है, बशर्ते NDA आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीत जाए। प्रस्तावित सीट-बंटवारे की व्यवस्था के तहत, भगवा पार्टी ने TVK को लगभग 80 सीटें देने का भी प्रस्ताव दिया है। सूत्रों ने बताया कि इस बीच, चुनाव से पहले दोनों पार्टियों के बीच बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है।
यदि यह कदम सफल होता है, तो इससे राज्य में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं, जहाँ वोट शेयर में छोटे-मोटे बदलाव भी अक्सर कड़े मुकाबले वाली सीटों का नतीजा तय कर देते हैं। सूत्रों ने बताया कि विजय मुख्यमंत्री के पद पर भी नज़र गड़ाए हुए हैं, जो बातचीत का एक अहम मुद्दा बना हुआ है।
BJP अभिनेता-राजनेता विजय और उनकी पार्टी को NDA के दायरे में लाने के लिए लगातार ज़ोरदार कोशिशें कर रही है। भगवा पार्टी विजय से संपर्क साधने के लिए कई माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है; सक्रिय राजनीति में उतरने के बाद से ही उनके राजनीतिक संगठन 'तमिलगा वेट्री कझगम' ने तेज़ी से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जिन मुख्य माध्यमों पर विचार किया जा रहा है, उनमें से एक में दूसरे राज्य के एक डिप्टी मुख्यमंत्री की भूमिका शामिल है, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे इस संपर्क अभियान में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।अभिनेता-राजनेता विजय में BJP की दिलचस्पी का मुख्य कारण तमिलनाडु भर में उनके प्रशंसकों की भारी संख्या है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस समर्थन का एक छोटा सा हिस्सा भी आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
मेलानिया ट्रंप ने महिलाओं से साहसी बनने और जोखिम उठाने का किया आग्रह
वॉशिंगटन। अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने पूरे अमेरिका की महिलाओं से आत्मविश्वास और साहस के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की अपील की। उन्होंने व्हाइट हाउस में विमेंस हिस्ट्री मंथ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि देश के भविष्य को आकार देने में महिलाओं की निर्णायक भूमिका होती है।
कामकाजी माताओं और व्यवसाय, खेल, कानून प्रवर्तन, सरकार व नागरिक समाज से जुड़ी महिला नेताओं से भरे एक सभागार को संबोधित करते हुए अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने कहा कि देश की ताकत परिवारों और समुदायों में महिलाओं के प्रभाव से गहराई से जुड़ी है। उन्होंने कहा, अमेरिका की ताकत इस बात से गहराई से जुड़ी है कि महिलाएं अपने बच्चों के चरित्र, शिक्षा और नैतिक मूल्यों को किस तरह आकार देती हैं। हमारे समुदायों में विकसित होने वाले मूल्य अगली पीढ़ी की आवाज और दृष्टि को आकार देते हैं।
मेलानिया ने यह बात व्हाइट हाउस में उनके और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कही, जिसका उद्देश्य पूरे अमेरिका में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करना था। इस कार्यक्रम में विभिन्न पेशों और क्षेत्रों की सफल महिलाओं को आमंत्रित किया गया था।
अपने संबोधन में उन्होंने महिलाओं को व्यक्तिगत विकास में निवेश करने और अवसरों को पाने के लिए साहस बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, सभी युवा महिलाओं, उद्यमियों और भविष्य की नेताओं से मेरा कहना है कि अपने लिए समय निकालें, हर दिन खुद को शिक्षित करें और अपने जुनून को फैलाएं। साहसी बनें और जोखिम उठाएं।
उन्होंने अमेरिकी कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और पेशेवर महत्वाकांक्षाओं के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों को संतुलित करने की उनकी क्षमता पर भी जोर दिया।
राज्यों का पूंजीगत व्यय: धीमी गति और विकास की चुनौती
राज्यों का पूंजीगत व्यय: धीमी गति और विकास की चुनौती
हाल की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025–26 के पहले दस महीनों (अप्रैल से जनवरी) में भारत के राज्यों ने अपने कुल पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बजट का केवल लगभग 51.8 प्रतिशत ही खर्च किया है। पूंजीगत व्यय वह खर्च होता है जो सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण पर किया जाता है। इस प्रकार का निवेश दीर्घकालिक आर्थिक विकास का आधार माना जाता है। इसलिए राज्यों द्वारा कैपेक्स का कम उपयोग विकास की गति के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार राज्यों ने लगभग 10.37 लाख करोड़ रुपये के निर्धारित कैपेक्स बजट में से करीब 5.38 लाख करोड़ रुपये ही खर्च किए। इसका अर्थ है कि आधे से अधिक बजट अभी भी खर्च नहीं हो पाया है। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि कई राज्यों में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति अपेक्षाकृत धीमी है। हालांकि कुछ राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन भी किया है। उदाहरण के लिए तेलंगाना ने अपने निर्धारित बजट से भी अधिक यानी लगभग 121 प्रतिशत पूंजीगत व्यय किया, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। इसके अलावा हरियाणा, केरल और बिहार जैसे राज्यों ने भी अपने बजट का बड़ा हिस्सा खर्च किया है।
इसके विपरीत कई राज्य ऐसे हैं जहाँ पूंजीगत व्यय की गति काफी धीमी रही है। पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, मेघालय और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने अपने कैपेक्स बजट का अपेक्षाकृत कम हिस्सा खर्च किया है। उदाहरण के तौर पर छत्तीसगढ़ ने लगभग 31 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल ने लगभग 29 प्रतिशत ही खर्च किया। यह स्थिति इस बात का संकेत देती है कि इन राज्यों में परियोजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं या वित्तीय प्रबंधन में कुछ चुनौतियाँ मौजूद हैं।
पूंजीगत व्यय में कमी का सीधा प्रभाव आर्थिक विकास पर पड़ता है। जब सरकार बुनियादी ढांचे पर निवेश करती है तो इससे निर्माण कार्य बढ़ते हैं, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलता है। सड़क, बिजली और परिवहन जैसी सुविधाओं में सुधार से उद्योगों और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण बनता है। इसलिए यदि पूंजीगत व्यय धीमा रहता है, तो इसका असर समग्र आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
विशेष रूप से छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए पूंजीगत व्यय का महत्व और भी अधिक है। राज्य में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ बुनियादी ढांचे के विकास की अभी भी आवश्यकता है, जैसे ग्रामीण सड़कें, सिंचाई व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ। यदि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ता है तो इससे न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी बल्कि क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में भी मदद मिलेगी।
इस संदर्भ में यह भी उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इसी अवधि में अपने पूंजीगत व्यय का लगभग 76 प्रतिशत उपयोग कर लिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र की तुलना में राज्यों में खर्च की गति अपेक्षाकृत धीमी है। भविष्य में राज्यों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे परियोजनाओं की योजना, स्वीकृति और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएं, ताकि निर्धारित बजट का पूरा उपयोग हो सके।
समग्र रूप से देखा जाए तो पूंजीगत व्यय केवल एक वित्तीय आँकड़ा नहीं है, बल्कि यह विकास की दिशा और गति को निर्धारित करने वाला महत्वपूर्ण संकेतक है। यदि राज्य अपने विकास बजट का समय पर और प्रभावी उपयोग करें, तो इससे आर्थिक वृद्धि, रोजगार और सामाजिक विकास को नई गति मिल सकती है।
बंगाल को क्यों बचाने की ज़रूरत है !
बंगाल को क्यों बचाने की ज़रूरत है !
- गोपाल सामंतों
पाकिस्तान में मंत्री-सांसदों के विदेशी दौरे रद्द, दो हफ्ते के लिए किए स्कूल बंद
इस्लामाबाद । अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए वैश्विक तेल संकट का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। भविष्य की परेशानियों को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश में सख्त मितव्ययिता (ऑस्टेरिटी) उपायों की घोषणा की है और कहा है कि ईंधन की कीमतों से जुड़ा “कठिन फैसला” लेना मजबूरी बन गया है। इसका असर हर आमो-खास पर पड़ना तय है। जहां मंत्रियों और सलाहकारों के विदेश दौरों को रोक दिया गया है, वहीं मंत्री दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे और सांसदों की सैलरी में भी 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
पाकिस्तान में अब दो महीने तक सरकारी गाड़ियों को 50 फीसदी कम ईंधन मिलेगा। 60 फीसदी सरकारी वाहन नहीं चलेंगे। सभी सरकारी विभाग अपने खर्च में 20 फीसदी की कटौती करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं है और वैश्विक हालात के कारण ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मौजूदा संकट के समय संयम बरतें और सरकार के कदमों में सहयोग करें।
सरकार द्वारा घोषित प्रमुख कदमों में सार्वजनिक और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या आधी करने का फैसला शामिल है। कर्मचारियों का एक हिस्सा घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करेगा ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके। हालांकि यह नियम बैंक, अस्पताल, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों जैसी आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा। ऊर्जा संकट को देखते हुए देशभर में सभी स्कूलों और कॉलेजों को दो सप्ताह के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है।
उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे इस अवधि के दौरान अपनी कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करें ताकि शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बाधित न हों। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने ईंधन भंडार और राष्ट्रीय तैयारियों की समीक्षा के लिए एक विशेष कैबिनेट समिति की बैठक भी की। इस बैठक में तेल की उपलब्धता, आपूर्ति श्रृंखला और संभावित आपात स्थितियों से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई।
संघीय सरकार के अलावा पाकिस्तान के कई प्रांतों ने भी अपने स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की सरकारों ने ऊर्जा बचत और प्रशासनिक प्रबंधन से जुड़े कई उपायों की घोषणा की है। वहीं सिंध की कैबिनेट इस मुद्दे पर विचार के लिए बैठक करने वाली है। सरकार का कहना है कि यदि वैश्विक हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं तो देश में ऊर्जा बचत और आर्थिक प्रबंधन से जुड़े और भी कदम उठाए जा सकते हैं।
ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान को दी नई धमकी
वाशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चेतावनी जारी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले महत्वपूर्ण तेल मार्ग को रोकने या उसमें बाधा डालने की कोई भी कोशिश की गई, तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, अगर ईरान कुछ ऐसा करता है जिससे होर्मुज स्ट्रेट में तेल का फ्लो रुक जाता है, तो अमेरिका उन पर अब तक हुए हमलों से बीस गुना ज्यादा जोरदार हमला करेगा। उन्होंने इस चेतावनी के साथ ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करने की धमकी भी दी और कहा, “इसके अलावा, हम आसानी से नष्ट किए जा सकने वाले टारगेट को खत्म कर देंगे, जिससे ईरान के लिए एक देश के तौर पर फिर से बनना लगभग नामुमकिन हो जाएगा, लेकिन मुझे उम्मीद है और मैं प्रार्थना करता हूं कि ऐसा न हो!
इससे पहले, ट्रंप ने मियामी में ट्रंप नेशनल डोरल में रिपोर्टरों से कहा कि अमेरिका ईरान को दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी कॉरिडोर में से एक को खतरे में डालने की इजाजत नहीं देगा। उन्होंने कहा, जैसा कि हम ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी रखे हुए हैं, हम दुनिया में एनर्जी और तेल का फ्लो बनाए रखने पर भी ध्यान दे रहे हैं, और मैं किसी आतंकवादी सरकार को दुनिया को बंधक बनाने और दुनिया की तेल सप्लाई को रोकने की कोशिश नहीं करने दूंगा।
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी सुरक्षा के तहत खुला रहेगा। इसलिए होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित रहेगा। वहां हमारी नौसेना के बहुत सारे जहाज हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पानी के रास्ते को सुरक्षित करने के लिए अमेरिकी नौसेना की ताकत और माइन-क्लियरिंग क्षमता को तैयार किया जा रहा है। हमारे पास दुनिया के सबसे अच्छे उपकरण हैं, जो माइन की जांच कर रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि स्ट्रेट में ईरान की कोई भी हरकत लड़ाई के मैदान से कहीं आगे तक असर डालेगी। उन्होंने कहा, अगर वे कुछ भी करते हैं, तो इसकी कीमत बहुत ज्यादा होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका कमर्शियल शिपिंग के संचालन को सीधे समर्थन देने के लिए तैयार है। ट्रंप ने कहा, इस बीच, इस छोटी सी रुकावट के दौरान अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे किसी भी टैंकर को राजनीतिक जोखिम बीमा दे रहा है।
मुजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर
तेहरान । ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने एक ऐतिहासिक और विवादास्पद फैसले में मुजतबा खामेनेई (56) को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है। मुजतबा, पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह पहला अवसर है जब ईरान में सत्ता का हस्तांतरण पिता से पुत्र को हुआ है, जो देश के 'वंशवादी शासन विरोधी' सिद्धांतों पर सवाल खड़े कर रहा है। मुजतबा की नियुक्ति के साथ ही युद्ध और तेज होने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को अस्वीकार्य बताते हुए कहा है कि अगर तेहरान ने उनकी मंजूरी के बिना नेतृत्व चुना है, तो यह ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन ईरान की भविष्य की राजनीतिक दिशा में दखल रखेगा।
इजरायली सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह अली खामेनेई के हर उत्तराधिकारी और उसे नियुक्त करने वाले लोगों को निशाना बनाएगी। गौरतलब है कि अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए थे। मुजतबा के नाम की घोषणा के बाद रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और ईरान की सेना ने उनके प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की है। ईरान ने पड़ोसी देशों के तेल ठिकानों पर हमला करने की धमकी दी है, जिसके बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। रविवार को ईरान ने खाड़ी देशों सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत पर नए हमले किए हैं।
सऊदी अरब के अल-खर्ज में एक प्रोजेक्टाइल गिरने से दो लोगों की मौत की खबर है, जबकि बहरीन के एक महत्वपूर्ण डिसेलिनेशन प्लांट को भी नुकसान पहुंचा है। 56 वर्षीय मुजतबा ने कभी कोई आधिकारिक सरकारी पद या निर्वाचित कार्यालय नहीं संभाला है। वे पर्दे के पीछे से अपने पिता के कार्यालय और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ मजबूत संबंधों के लिए जाने जाते हैं। समर्थकों के लिए वे क्रांति की निरंतरता हैं, जबकि आलोचक इसे राजशाही की वापसी के रूप में देख रहे हैं।
रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ माइनिंग विभाग का 'करोड़पति' डिप्टी डायरेक्टर
घर से 4 करोड़ नकद बरामद
कटक, 25 फरवरी 2026 । ओडिशा में विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए माइनिंग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर देबब्रत मोहंती को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान उनके ठिकानों से करीब 4 करोड़ रुपये नकद, सोना और आलीशान संपत्ति का खुलासा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार यह राज्य के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारी
देबब्रत मोहंती कटक सर्कल में माइंस के डिप्टी डायरेक्टर पद पर पदस्थ हैं। मंगलवार रात विजिलेंस टीम ने उन्हें एक लाइसेंसी कोयला व्यापारी से 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि वे कोयला डिपो के संचालन और ट्रांसपोर्ट परमिशन में बिना बाधा अनुमति देने के एवज में रिश्वत मांगते थे।
सूचना मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए मोहंती को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
तीन ठिकानों पर छापेमारी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस विभाग ने उनके तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें भुवनेश्वर स्थित फ्लैट, भद्रक जिले में पैतृक आवास और कटक स्थित कार्यालय शामिल हैं।
भुवनेश्वर के श्रीविहार क्षेत्र स्थित नेचर क्रेस्ट अपार्टमेंट के फ्लैट से करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। यह रकम ट्रॉली बैग और अलमारी में छिपाकर रखी गई थी। कटक स्थित कार्यालय की दराज से 1.20 लाख रुपये भी जब्त किए गए।
इसके अलावा भुवनेश्वर में उनका एक आलीशान दो मंजिला मकान और लगभग 130 ग्राम सोना भी बरामद किया गया है। बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ीं।
जांच जारी, और संपत्ति मिलने की संभावना
अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान अभी जारी है और आगे और भी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है। छापेमारी पूरी होने के बाद आरोपी की कुल चल-अचल संपत्ति का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।
रेलवे में 11,127 असिस्टेंट लोको पायलट पदों पर भर्ती का ऐलान
नई दिल्ली । भारतीय रेलवे ने नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी भर्ती का ऐलान किया है। रेलवे ने असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के 11,127 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह भर्ती तकनीकी श्रेणी के अंतर्गत होगी और देशभर के 17 रेलवे जोनों में की जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोनल रेलवे और Chittaranjan Locomotive Works (CLW) को सूचना भेज दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी। ओबीसी वर्ग के लिए अधिकतम आयु 33 वर्ष तथा एससी/एसटी वर्ग के लिए 35 वर्ष तय की गई है।
शैक्षणिक योग्यता के तहत अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही संबंधित ट्रेड में आईटीआई या डिप्लोमा होना जरूरी है। रेलवे की यह भर्ती युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर मानी जा रही है।
एनएच-49 पर भीषण हादसा, पांच पुलिसकर्मियों की मौत
झारसुगुड़ा। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां तेज रफ्तार ट्रेलर और पुलिस की पेट्रोलिंग वाहन के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में पांच पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई और इलाके में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस टीम नियमित पेट्रोलिंग ड्यूटी पर थी। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पेट्रोलिंग वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन में सवार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से पांच की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसा सदर पुलिस स्टेशन के पास का बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। ट्रेलर चालक की तलाश की जा रही है और वाहन को जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएंगे। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मृत जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान युवक की मौत
मुंबई । छत्रपति संभाजीनगर में पुलिस भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां पुलिस परेड ग्राउंड में 1600 मीटर की दौड़ के दौरान 24 वर्षीय अभ्यर्थी अचानक गिर पड़ा और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद भर्ती मैदान में मौजूद अन्य अभ्यर्थियों में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, यह भर्ती प्रक्रिया Government Railway Police (GRP) द्वारा आयोजित की जा रही थी। शनिवार सुबह आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए थे। इसी दौरान दौड़ के अंतिम चरण में संग्राम शिंदे नामक युवक फिनिश लाइन से ठीक पहले लड़खड़ाकर गिर पड़ा।
मृतक की पहचान महाराष्ट्र के सांगली जिले के पलुस निवासी संग्राम शिंदे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था और इस अवसर को लेकर बेहद उत्साहित था। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस भर्ती अभियान के तहत 93 कॉन्स्टेबल पद भरे जाने हैं, जिसमें 600 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। प्रारंभिक तौर पर अत्यधिक शारीरिक दबाव या स्वास्थ्य संबंधी कारणों की आशंका जताई जा रही है।