देश-विदेश
देशी मछली पालकों को मिलेगा जल कृषि बीमा योजना का लाभ
बिहार। केंद्र सरकार देश भर में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि -सह- योजना के तहत एक लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र को बीमा सुरक्षा देने जा रही है। इसी कड़ी में मीठे जल में देशी मछली पालने वाले मत्स्य पालकों के लिए एनएफडीपी पोर्टल पर जल कृषि बीमा योजना के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है। सरकार की इस पहल से मीठे जल में देशी मछली जैसे कतला, कॉमन कार्प, मृगल, रोहु, सिल्वर कार्प आदि पालने वालों मछली पालकों का सशक्तिकरण होगा और अंतत: मछली पालकों की आय में वृद्धि होगी।
इस योजना से एक्वाकल्चर किसानों, मत्स्य पालकों, केजकल्चर संबंधित मत्स्य कृषकों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी संस्थाओं सहित मछली पालन करने वाले सुक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि -सह- योजना के तहत बीमा योजना का लाभ मिलेगा। इसका लाभ उठाने के लिए मत्स्य कृषकों को एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। योजना के बारे में विस्तृत जानकारी जिलों के जिला मत्स्य कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है।
दो प्रकार के बीमा का विकल्प रहेगा उपलब्ध
इस योजना में दो प्रकार के बीमा - मूलभूत बीमा और व्यापक बीमा का विकल्प उपलब्ध है। मूलभूत बीमा बाढ़, चक्रवात, प्रदूषण, सूखा एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं व्यापक बीमा बेसिक इंश्योरेंस के अंतर्गत आने वाले जोखिमों के साथ-साथ मछलियों में रोगों आदि के कारण उत्पन्न अतिरिक्त जोखिमों को भी कवर किया जाता है।
जिन कृषकों के द्वारा बीमा प्रीमियम राशि का भुगतान कर बीमा पॉलीसी खरीदी गई हो, वैसे कृषकों को प्रिमियम राशि का 40 प्रतिशत वन टाइम इंटेंसिव के रूप में प्रोत्साहन राशि भुगतान का प्रावधान है। योजना के तहत वन टाइम इंटेंसिव की अधिकतम सीमा 1 लाख रूपये है, छोटे किसानों को यह लाभ प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिया जायेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिलाओं के लिए अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि अर्थात कुल 1.10 लाख दिया जायेगा।
नेशनल हाईवे टोल नियमों में बड़ा बदलाव: अब बिना फास्टैग के भी यूपीआई से कर सकेंगे भुगतान, मिलेगा फायदा
नई दिल्ली। देशभर के नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने टोल भुगतान के नियमों में अहम बदलाव किए हैं।
अब अगर आपकी गाड़ी पर वैध और चालू FASTag नहीं है, तो आप UPI से भुगतान कर सकते हैं — और इस स्थिति में आपको सामान्य टोल का 1.25 गुना शुल्क देना होगा। नया नियम 15 नवंबर 2025 से पूरे देश में लागू होगा।
नकद भुगतान पर अब भी लगेगा दोगुना टोल
मंत्रालय के अनुसार, जिन वाहनों पर फास्टैग नहीं है, बंद है या रिचार्ज नहीं हुआ है, अगर वे नकद भुगतान करते हैं, तो उन्हें पहले की तरह दोगुना टोल चुकाना होगा।
लेकिन यदि वही वाहन UPI से भुगतान करता है, तो उसे केवल 1.25 गुना टोल देना होगा।
इस बदलाव का उद्देश्य नकद लेनदेन को घटाना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उदाहरण
अगर आप दिल्ली से मेरठ एक्सप्रेसवे से सफर करते हैं, तो:
एक्टिव फास्टैग के साथ टोल: ₹170
कैश में भुगतान पर: ₹340 (दोगुना)
UPI से भुगतान पर: ₹212.50 (170 × 1.25)
इस तरह, UPI भुगतान से ₹127.50 (लगभग 37.5%) की बचत होगी।
सरकार का उद्देश्य
सड़क परिवहन मंत्रालय का कहना है कि यह कदम हाईवे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों को कम करेगा और डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मज़बूत बनाएगा।
यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में किया गया है।
भारत हमेशा से ही शांति का पैरोकार रहा : उदित राज
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से गाजा में शांति स्थापित करने के डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की सराहना करने पर कहा कि यह भारत की नीति है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से ही शांति का पैरोकार रहा है। हमने कभी दुनिया के किसी भी कोने में युद्ध की वकालत नहीं की है। हमने हमेशा से ही शांति को ही तवज्जो दी है और आगे भी देते रहेंगे। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुझे मौजूदा स्थिति को देखने के बाद यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि अगर सबकुछ तय योजनाओं के मुताबिक हुआ, तो गाजा में शांति स्थापित हो जाएगी।
साथ ही, इस घटना के बाद आगामी दिनों में पश्चिमी एशिया में कई बड़े बदलाव भी देखने को मिलेंगे। सामान्य तौर पर देखा जाता है कि हमास और हिजबुल्लाह की आपस में भिड़ंत होने की वजह से वहां पर अफरातफरी का माहौल रहता है। उधर, फिलिस्तीनियों से इजरायल को कोई खास समस्या नहीं है। फिलिस्तीन के लोग भी नहीं चाहते हैं कि वहां पर हमास रहे, क्योंकि उसी की वजह से अशांति स्थापित हो रही है जिसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के युवाओं के साथ संवाद करेंगे और 62 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे। इस पर उदित राज ने कहा कि केंद्र सरकार के लिए बेहतर रहेगा कि वो बिहार में उद्योग लगाए, ताकि वहां के युवाओं को बेरोजगारी के जाल में नहीं फंसना पड़े। लेकिन, अफसोस आज की तारीख में अधिकांश उद्योग कल और कारखाने गुजरात में स्थापित हो रहे हैं। अन्य राज्यों की सूध नहीं ली जा रही है।
दिल्ली में शराब बिक्री से बढ़ी सरकार की आमदनी, 6 महीनों में 12% से ज्यादा की बढ़ोतरी
नई दिल्ली । दिल्ली सरकार के लिए शराब बिक्री से होने वाला राजस्व लगातार बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआती छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में एक्साइज रेवेन्यू कलेक्शन में सालाना आधार पर 12% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में जहां VAT सहित राजस्व 3,731.79 करोड़ था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 4,192.86 करोड़ हो गया।
आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही 6,000 करोड़ के सालाना लक्ष्य का आधा से ज्यादा हिस्सा प्राप्त हो चुका है। पहले यह लक्ष्य 7,000 करोड़ तय किया गया था, जिसे बाद में घटाकर 6,000 करोड़ किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, वैट को छोड़कर मासिक उत्पाद शुल्क प्राप्तियां वित्त वर्ष 2024-25 में औसतन 279.81 करोड़ थीं, जो इस साल बढ़कर 517.26 करोड़ (84.86% वृद्धि) हो गईं। वहीं, वैट को छोड़कर कुल राजस्व 2,598.04 करोड़ से बढ़कर 3,043.39 करोड़ (17% वृद्धि) पर पहुंच गया।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि त्योहारों के सीजन, खासकर दीपावली और नए साल के दौरान शराब की बिक्री में और इजाफा होगा, जिससे वार्षिक लक्ष्य पार होने की संभावना है। सरकार ने नई आबकारी नीति तैयार करने के लिए मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जिसका उद्देश्य राजस्व बढ़ाना, पारदर्शिता लाना और उपभोक्ता हितों की रक्षा करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ITI टॉपर्स को किया सम्मानित
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विज्ञान भवन में आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के टॉपर्स को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले केंद्र सरकार ने आईटीआई छात्रों के लिए दीक्षांत समारोह आयोजित करने की परंपरा शुरू की थी। आज, हम इस गौरवशाली परंपरा का एक और अध्याय देख रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं भारत के कोने-कोने से हमारे साथ जुड़ने वाले सभी युवा आईटीआई छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। यह समारोह इस बात का प्रतीक है कि भारत अब कौशल विकास को कितना महत्व देता है। आज देश भर के युवाओं के लिए दो और बड़ी शिक्षा एवं कौशल विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह के पीछे का विचार यही था कि जब तक हम श्रम को प्रतिष्ठा नहीं देंगे, हुनर के लिए जो लोग काम करते हैं, जिनमें सामर्थ्य है, उनका सार्वजनिक जीवन में सम्मान नहीं होगा तो शायद वो अपने आप को कम महसूस करेगा। उन्होंने कहा कि भारत ज्ञान और कौशल का देश है। यही बौद्धिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। आईटीआई न सिर्फ औद्योगिक शिक्षा के प्रमुख संस्थान हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत की कार्यशालाएं भी हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बिहार के युवाओं की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के युवा देशों में से एक है। बिहार उन राज्यों में से एक है, जहां आबादी के अनुपात में सबसे अधिक युवा हैं। इसलिए बिहार के युवाओं का सामर्थ बढ़ता है तो स्वभाविक रूप से देश की ताकत भी बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं का सामर्थ्य और बढ़ाने के लिए एनडीए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। आज बिहार के युवाओं के सशक्तिकरण को समर्पित एक विशाल आयोजन हो रहा है। यह दर्शाता है कि एनडीए सरकार बिहार के युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
ट्रंप के गाजा प्लान पर हमास की रजामंदी
वाशिंगटन। गाजा में संघर्ष रोकने को लेकर फिलिस्तीनी समूह हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20 सूत्रीय प्लान पर सहमति दे दी है। इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रयासों की सराहना की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, गाजा में शांति प्रयासों में निर्णायक प्रगति के लिए हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं। बंधकों की रिहाई के संकेत एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत स्थायी और न्यायसंगत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता रहेगा।
हमास की हामी के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बयान भी सामने आया है। पीएम नेतन्याहू ने कहा, हमास की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए इजरायल सभी बंधकों की शीघ्र रिहाई के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की योजना के पहले चरण के तत्काल कार्यान्वयन की तैयारी कर रहा है। हम इजरायल द्वारा निर्धारित सिद्धांतों, जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, के अनुसार युद्ध को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति और उनकी टीम के साथ पूर्ण सहयोग से काम करना जारी रखेंगे।
इससे पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के 20 सूत्रीय सीजफायर प्लान के समर्थन में कहा था कि हम गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक योजना का स्वागत करते हैं। यह फिलिस्तीनी और इजरायली लोगों के साथ-साथ व्यापक पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक और स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास का एक व्यवहार्य मार्ग प्रदान करता है। हमें उम्मीद है कि सभी संबंधित पक्ष राष्ट्रपति ट्रंप की पहल पर एकजुट होंगे और संघर्ष को समाप्त करने और शांति सुनिश्चित करने के इस प्रयास का समर्थन करेंगे।
दरअसल संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमास के इस फैसले का स्वागत किया। दुजारिक ने एक बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस हमास द्वारा जारी बयान का स्वागत करते हैं और इससे उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से गाजा पट्टी में संघर्ष को समाप्त करने के अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया और कतर तथा मिस्र को उनके अमूल्य मध्यस्थता कार्य के लिए धन्यवाद दिया।
अजीत डोवाल ने ब्राजील के राष्ट्रपति के विशेष सलाहकार से की मुलाकात
नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल ने नई दिल्ली में छठे भारत-ब्राजील रणनीतिक संवाद के लिए राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा के विशेष सलाहकार और राजदूत सेल्सो लुइस नून्स अमोरिम से मुलाकात की। दोनों देश अमेरिकी टैरिफ के प्रभावों को कम करने के लिए नए व्यापारिक रास्ते तलाश रहे हैं। शुक्रवार को हुई इस मुलाकात के दौरान राजदूत अमोरिम के साथ ब्राजील के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और सलाहकारों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से साझा जानकारी के अनुसार यह मुलाकात जुलाई 2025 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील की राजकीय यात्रा के दौरान सहयोग के पांच स्तंभों के अंतर्गत चिन्हित मुद्दों पर आगे की बातचीत का एक अवसर था।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और राजदूत अमोरिम ने रणनीतिक साझेदारी वाले मुद्दों पर चल रही प्रगति की समीक्षा की, जिसमें रक्षा और सुरक्षा; ऊर्जा, दुर्लभ मृदा और महत्वपूर्ण खनिज और स्वास्थ्य-औषधि जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने ब्रिक्स, आईबीएसए और नवंबर में ब्राजील की ओर से आयोजित होने वाले आगामी कॉप-30 जैसे बहुपक्षीय मंचों में सहयोग पर भी चर्चा की।
दोनों पक्षों ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा द्वारा निर्धारित दृष्टिकोण को क्रियान्वित करने के लिए कार्य को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। बता दें, भारत और ब्राजील के बीच घनिष्ठ और बहुआयामी संबंध हैं, जिन्हें 2006 में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया।
दोनों देश ब्रिक्स, आईबीएसए, जी-20, जी-4, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन और आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन जैसे बहुपक्षीय मंचों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन, यूनेस्को और डब्ल्यूआईपीओ जैसे बड़े बहुपक्षीय निकायों में भी आपसी सहयोग करते हैं।
भारत और ब्राजील के बीच राजनयिक संबंध 1948 में स्थापित हुए और उसी साल दोनों देशों ने अपने दूतावास खोले। भारत ने ब्राजील की पूर्व राजधानी रियो डी जेनेरियो में दूतावास खोला था। हालांकि, बाद में 1971 में इसे ब्रासीलिया स्थानांतरित कर दिया गया। भारत का साओ पाउलो में एक महावाणिज्य दूतावास है, जबकि ब्राजील का मुंबई में एक महावाणिज्य दूतावास है।
भारत और ब्राजील के बीच का संबंध बेहद खास है। इसकी एक वजह यह भी है कि वास्को डी गामा के भारत में आने के दो साल बाद 1500 में ब्राजील के पूर्वी तट पर उतरे। इसके बाद 16वीं और 18वीं शताब्दी के बीच पुर्तगाली साम्राज्यवादी साम्राज्य के दोनों गढ़, ब्राजील और गोवा के बीच द्विपक्षीय आदान-प्रदान हुआ, जो भोजन और पहनावे के साथ-साथ स्थानीय परंपराओं में भी जुड़ा है।
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 12.20 अरब डॉलर तक पहुंच गया। भारत ब्राजील को डीजल, आईटी उत्पाद और दवाएं निर्यात करता है, जबकि ब्राजील भारत को पेट्रोलियम उत्पाद, सोया और तांबा निर्यात करता है।
घरेलू कारकों के चलते तेजी से बढ़ रही भारत की अर्थव्यवस्था : वित्त मंत्री
नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक परिस्थितियां अस्थिर बनी हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार करने के नियमों को फिर से लिखा जा रहा है, लेकिन भारत मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था के चलते तेजी से वृद्धि कर रहा है। साथ ही, इससे देश के पास वैश्विक झटकों से निपटने की मजबूत क्षमता विकसित हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी में 'कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2025' में बोलते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, हम एक ऐसे परिवर्तनशील वैश्विक परिदृश्य में हैं जो जीरो-सम एप्रोच जैसा है। भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और निरंतर विकसित हो रही है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 2047 तक विकसित भारत बनने का मतलब यह नहीं है कि हम एक बंद अर्थव्यवस्था बन चाहते हैं। हमें विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर हासिल करनी होगी।
वित्त मंत्री ने कहा, आज के दौर में हम निष्क्रिय दर्शक बनकर नहीं रह सकते। हमें सक्रिय भागीदार बनना होगा। राष्ट्रों को नई मौद्रिक संरचना के बीच चुनाव करने होंगे। कोई भी राष्ट्र व्यवस्थागत बदलावों से खुद को अलग नहीं रख सकता, हमें उनसे जुड़ने के लिए तैयार रहना होगा। टैरिफ, प्रतिबंध और अलगाव की रणनीतियां आपूर्ति श्रृंखलाओं को नया रूप दे रही हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को आज की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने की आवश्यकता है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि हम जिस चुनौती का सामना कर रहे हैं, वह कोई अस्थायी व्यवधान नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक परिवर्तन है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था बदल रही है और वर्तमान में बहुपक्षीय संस्थाओं में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास कमजोर हो रहा है। उन्होंने हाल ही में हुई जी-20 बैठक का हवाला दिया, जहां विशेषज्ञों ने स्थिरता बहाल करने के लिए बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधारों की आवश्यकता पर विचार-विमर्श किया।
भारत के ट्विन -ट्रैक एप्रोच के बारे में बताते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि देश का लक्ष्य 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल करना और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता का अर्थ बंद अर्थव्यवस्था को अपनाना नहीं है।
राहुल गांधी ने कोलंबिया में की भारतीय ऑटो कंपनियों की सराहना
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी इन दिनों कोलंबिया के दौरे पर हैं। राहुल गांधी ने शुक्रवार को भारतीय दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों बजाज, हीरो और टीवीएस की कोलंबिया में सफलता पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि बजाज, हीरो और टीवीएस को कोलंबिया में इतना अच्छा प्रदर्शन करते देख गर्व हो रहा है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो शेयर किया। इस फोटो में राहुल गांधी एक बाइक के साथ नजर आ रहे हैं, जो बजाज कंपनी की है। उन्होंने इस फोटो को एक्स प्लेटफॉर्म पर शेयर करते हुए लिखा, बजाज, हीरो और टीवीएस को कोलंबिया में इतना अच्छा प्रदर्शन करते देख गर्व हो रहा है। यह दिखाता है कि भारतीय कंपनियां इनोवेशन से जीत सकती हैं, न कि क्रोनीजम से। शानदार काम, बधाई।
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोलंबिया में लोकतंत्र और भारत-चीन रिश्तों को लेकर बयान दिए थे, जिस पर भाजपा ने सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने कोलंबिया के ईआईए विश्वविद्यालय में एक संवाद कार्यक्रम में कहा था कि भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा 'लोकतंत्र पर हमला' है।
राहुल गांधी ने कहा, भारत में कई धर्म, परंपराएं और भाषाएं हैं। लोकतांत्रिक प्रणाली इन सभी को स्थान देती है, लेकिन अभी भारत में लोकतंत्र पर हर तरफ से हमला हो रहा है। राहुल के इस बयान पर भाजपा ने सवाल उठाए और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, राहुल गांधी विदेश में हैं। अच्छा होता विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को बधाई देते, लेकिन वे भारत के खिलाफ बोलते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के खिलाफ बोलने की आदत है। वह प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ झूठे आरोप लगाते हैं। राहुल गांधी सब कुछ बेबुनियाद बातें करते हैं। विदेश में आप कहते हैं कि लोकतंत्र नहीं है। आप चीन की तारीफ करते हैं, आपका चीन प्रेम दिखता है
अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा भारत: पुतिन
सोची । रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि भारत किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। वाल्दाई पॉलिसी फोरम में गुरुवार को संबोधन के दौरान पुतिन ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी भी ऐसा कदम नहीं उठाएंगे, जिससे भारत की संप्रभुता से समझौता हो।
पुतिन ने कहा कि अगर रूस से तेल खरीदने पर ऊंचे टैरिफ लगाए गए तो इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा कीमतों पर पड़ेगा। कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत अगर रूसी तेल की खरीद रोकता है, तो उसे 9 से 10 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है। रूसी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि भारत जैसे देश में जनता अपने नेतृत्व पर पैनी नजर रखती है और भारतीय लोग कभी यह स्वीकार नहीं करेंगे कि उनका देश किसी भी ताकत के सामने झुके।
पुतिन ने यह भी जोड़ा कि अगर रूसी तेल की आपूर्ति बंद होती है, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें प्रति बैरल 100 डॉलर से भी ऊपर जा सकती हैं, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारत के साथ रिश्तों को ‘दोस्ताना’ बताते हुए पुतिन ने कहा कि वे मोदी के साथ भरोसे के साथ बात कर सकते हैं। उन्होंने दिसंबर की शुरुआत में होने वाली अपनी भारत यात्रा को लेकर संतोष जताया और रूसी सरकार को निर्देश दिया कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
पुतिन ने सुझाव दिया कि भारत चाहे तो रूस से ज्यादा कृषि उत्पाद और दवाइयां आयात करके व्यापार संतुलन को साध सकता है। अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए पुतिन ने कहा कि वाशिंगटन भारत जैसे देशों पर रूसी ऊर्जा न खरीदने का दबाव डालता है, जबकि खुद यूरेनियम के लिए रूस पर निर्भर रहता है।
पीएम मोदी ने गाजा में सीजफायर को लेकर ट्रंप के प्लान पर लगाई मुहर
नई दिल्ली । गाजा में सीजफायर से जुड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप के इस प्रस्ताव को सभी पक्षों का समर्थन मिलेगा।
बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 20 प्वाइंट्स में गाजा में संघर्ष खत्म करने के लिए प्लान तैयार किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस प्लान को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मुस्लिम देशों का समर्थन मिल चुका है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति का यह प्रस्ताव मिस्र और कतर के मध्यस्थों ने हमास के सामने पेश किया है। हमास ने प्रस्ताव को लेकर कहा कि किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से पहले इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूएनजीए की बैठक से इतर अरब और मुस्लिम देशों के साथ बैठक की थी। इस दौरान ही गाजापट्टी में सीजफायर को लेकर ट्रंप ने अपना प्रस्ताव पेश किया। अमेरिका ने फिर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी अपनी योजना बताई। पीएम नेतन्याहू ने भी ट्रंप के प्लान का समर्थन किया।
इसके बाद नेतन्याहू ने ट्रंप से वाशिंगटन डीसी में 29 सितंबर की देर रात को मुलाकात की। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसके बाद से इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने इसे मिटाने की कसम खाई थी। बीते दो वर्षों से ये संघर्ष जारी है। हमले की दूसरी वर्षगांठ से पहले नेतन्याहू ने भी सीजफायर को लेकर अपनी इच्छा जताई है।
वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख
नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। एम्स ने एक बयान में कहा कि 93 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा को एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया था, जहां 30 सितंबर 2025 की सुबह उनका निधन हो गया।
उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा, जीवनपर्यंत जनसेवा में समर्पित रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा के निधन से गहरा दुख हुआ है। वे जमीन से जुड़े ऐसे नेता थे, जिन्हें जनता के मुद्दों की गहरी समझ थी। दिल्ली में पार्टी को सशक्त बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, संसद में अपनी सक्रियता और योगदान के लिए भी वे सदैव याद किए जाएंगे। शोक की इस घड़ी में उनके परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ॐ शांति! दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी शोक व्यक्त किया और कहा कि विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
सचदेवा ने एक बयान में कहा कि हमें दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष, प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का 30 सितंबर 2025 की सुबह अचानक निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे।
उन्होंने कहा, प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण की एक मिसाल था। जनसंघ के समय से ही उन्होंने दिल्ली में आरएसएस की विचारधारा के प्रसार के लिए लगातार काम किया। उनका जीवन हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणा रहा है और आगे भी रहेगा।
न्यूयॉर्क मेयर पद की रेस से हटे मौजूदा मेयर एरिक एडम्स
वाशिंगटन। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद का चुनाव दिलचस्प हो गया है। दरअसल न्यूयॉर्क के मौजूदा मेयर एरिक एडम्स चुनावी रेस से हट गए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर एरिक एडम्स ने अपना नाम वापस लेने का एलान किया। एरिक एडम्स ने जनवरी 2022 से न्यूयॉर्क मेयर पद की जिम्मेदारी संभाली थी। वीडियो में एरिक एडम्स ने न्यूयॉर्क वासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपका मेयर होना मेरे लिए गर्व की बात रही।
एरिक एडम्स के मेयर पद की रेस से हटने की चर्चाएं कई महीनों से चल रहीं थी। इसकी वजह एरिक एडम्स की लगातार गिरती लोकप्रियता थी। विभिन्न पोल्स में दिखाया गया कि एरिक एडम्स अन्य उम्मीदवारों से पिछड़े हुए थे और साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते भी उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। एरिक एडम्स को ट्रंप प्रशासन से नजदीकियों के चलते भी डेमोक्रेट समर्थकों की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा था।
हाइफा में भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि, मेयर बोले: 'शहर को ब्रिटिश नहीं, भारतीयों ने कराया था मुक्त'
हाइफा/नई दिल्ली। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों को सोमवार को इज़राइल के हाइफा शहर में श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर हाइफा के मेयर योना याहाव ने कहा कि शहर की स्कूल की इतिहास पुस्तकों में बदलाव किया जा रहा है, ताकि बच्चों को यह सही जानकारी मिल सके कि हाइफा को ओटोमन शासन से ब्रिटिश नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों ने आज़ाद कराया था।
मेयर याहाव ने समारोह में कहा, “मैं यहीं पैदा हुआ और यहीं से पढ़ाई की, लेकिन हमें हमेशा बताया गया कि शहर को ब्रिटिश ने मुक्त कराया। बाद में इतिहास के एक जानकार ने मुझे शोध के दस्तावेज दिखाए और सच्चाई सामने आई कि यह काम भारतीय सैनिकों ने किया था।”
यह कार्यक्रम हाइफा में स्थित बलिदानी भारतीय सैनिकों के कब्रिस्तान में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग उनकी वीरता को याद करने पहुंचे।
इतिहासकारों के अनुसार, 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय घुड़सवार रेजिमेंट ने तलवार और भाले लेकर माउंट कार्मेल की कठिन ढलानों से ओटोमन सेना को पीछे धकेलते हुए हाइफा को मुक्त कराया था। इसे युद्ध का आखिरी बड़ा घुड़सवार अभियान माना जाता है।
मेयर याहाव ने 2009 में भी इसी स्थल पर ऐलान किया था कि स्कूल की किताबों में यह इतिहास शामिल होगा। अब यह युवाओं के बीच एक स्थापित तथ्य के रूप में दर्ज हो रहा है।
भारतीय सेना हर साल 23 सितंबर को हाइफा दिवस मनाती है। इस दिन 1918 में हाइफा को मुक्त कराने वाली तीन भारतीय घुड़सवार रेजिमेंट – मैसूर, हैदराबाद और जोधपुर लांसर्स – को सम्मानित किया जाता है। हर साल भारतीय मिशन और हाइफा नगर निगम संयुक्त रूप से इन बहादुर सैनिकों की शहादत को नमन करते हैं।
चीन ने भारतीय दवा उत्पादों से पूरा 30% शुल्क हटाया
नई दिल्ली । चीन ने भारत के दवा उत्पादों पर 30 फीसदी आयात शुल्क को घटाकर शून्य कर दिया है। चीन ने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से फार्मा आयात पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के ठीक बाद उठाया है। इस फैसले के बाद भारत की दवा बनाने वाली कंपनियां बिना किसी सीमा शुल्क के चीन को दवाएं निर्यात कर सकेंगी। ट्रंप के टैरिफ से अमेरिकी बाजार में लागत बढ़ने के बीच चीन का यह फैसला भारतीय कंपनियों को सस्ती दवाओं की मजबूत मांग वाले वैकल्पिक बाजार के तौर पर उभर सकता है। इससे आने वाले समय में भारतीय दवा निर्यात में अरबों डॉलर की बढ़ोतरी हो सकती है।
दो दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फार्मा उत्पादों सहित कई चीजों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था। इनमें फार्मा उत्पादों पर 100 फीसदी का शुल्क प्रमुख था। यह बढ़ा हुआ शुल्क एक अक्तूबर से प्रभावी होगा। जिसके बाद दवाइयों से लेकर भारी ट्रकों तक आयातित सामान महंगे हो जाएंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिन उत्पादों पर टैरिफ की घोषणा की थी उनमें, किचन कैबिनेट, बाथरूम वैनिटी, गद्देदार फर्नीचर और भारी ट्रकों शामिल थे। उन्होंने कहा था कि दवाइयों पर 100 फीसदी, किचन कैबिनेट और बाथरूम वैनिटी पर 50 फीसदी, फर्नीचर पर 30 फीसदी और भारी ट्रकों पर 25 फीसदी आयात कर लगाया जाएगा।
पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया की किताब के लिए लिखी प्रस्तावना
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा 'आई एम जॉर्जिया- माई रूट्स, माई प्रिंसिपल्स' की प्रस्तावना लिखी है। उन्होंने लिखा है कि यह किताब उनके मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' से प्रेरित है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्तावना भारतीय संस्करण के लिए लिखी है, जिसका विमोचन जल्द ही होगा। रूपा पब्लिकेशंस की ओर से प्रकाशित मेलोनी की किताब की प्रस्तावना लिखने को प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े सम्मान की बात बताई है।
घुमन्तु समाज के नए जीवन का आधार बनेगा राष्ट्रीय स्तर का कॉमन आइडेंटिटी कार्ड
घुमन्तु समाज के नए जीवन का आधार बनेगा राष्ट्रीय स्तर का कॉमन आइडेंटिटी कार्ड - डॉ अतुल मलिकराम (रजनीतिक रणनीतिकार)