देश-विदेश
गजब! दिल्ली में तो एटीएम ही उखाड़ ले गए, 3.71 लाख रुपये था कैश
नई दिल्ली: साउथ-ईस्ट दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में आज सुबह एक सनसनीखेज वारदात हुई है। यहां एक प्राइवेट बैंक का एटीएम ही उखाड़ कर बदमाश ले गए। पुलिस को मामले की सूचना गुरुवार सुबह 6 बजे के आसपास मिली थी। जानकारी मिलते ही मौके पर पीसीआर, थाना और कई पुलिस अधिकारी भी जांच के लिए पहुंच गए और छानबीन शुरू की गई। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया। कोटक महिंद्रा बैंक के एटीएम में यह वारदात हुई, पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है।
मौके पर मौजूद स्थानीय आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी जगतार सिंह ने कहा कि इस तरह की वारदात होना आश्चर्य है। अभी तक तो एटीएम में छेड़छाड़, एटीएम काटकर कैश चोरी करने के मामले तो सुने थे। लेकिन पूरा एटीएम उखाड़ कर ले जाना, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। इस मामले को लेकर साउथ ईस्ट जिला पुलिस का कहना है कि सुबह 5:50 पर पीसीआर कॉल मिली थी।
म्यांमार में 7.2 तीव्रता का भूकंप, बैंकॉक में भी भारी तबाही, ढह गईं कई इमारतें
बैंकॉक। म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। म्यांमार में तीव्रता 7.2 मापी गई, जबकि बैंकॉक में 7.7 तीव्रता रही। बैंकॉक में भारी नुकसान हुआ है। यहांसे हैरान करने वाले वीडियो (नीचे देखिए) सामने आए हैं। चीन के शहरों में भी झटके महसूस हुए हैं।
बैंकॉक में भूकंप के झटके महसूस करने के बाद लोग सड़कों पर भागते दिख रहे हैं। एक बहुमंजिला इमारत के स्विमिंग पूल से पानी नीचे गिरते हुए भी देखा गया है। बैंकॉक में एक निर्माणाधीन इमारत के जमींदोज होने की वीडियो भी सामने आया है। म्यांमार में 43 लोग लापता बताए गए है।
पीएम मोदी करेंगे थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अप्रैल से 6 अप्रैल तक थाईलैंड और श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। थाई प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर, पीएम मोदी 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 03-04 अप्रैल को बैंकॉक का दौरा करेंगे। 04 अप्रैल को होने वाले इस शिखर सम्मेलन की मेज़बानी बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष थाईलैंड कर रहा है। यह पीएम मोदी की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी।
यह 2018 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद बिम्सटेक नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक भी होगी। 5वां बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, मार्च 2022 में कोलंबो, श्रीलंका में वर्चुअली आयोजित किया गया था। छठे शिखर सम्मेलन का विषय है बिम्सटेक - समृद्ध, लचीला और खुला।
यात्रा की घोषणा करते हुए, विदेश मंत्रालय ने कहा, नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान बिम्सटेक सहयोग को और अधिक गति देने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद है। बयान में कहा गया, भारत क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने के लिए बिम्सटेक में कई पहल कर रहा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाना, व्यापार, निवेश को सुविधाजनक बनाना, भौतिक, समुद्री, डिजिटल संपर्क स्थापित करना, खाद्य, ऊर्जा, जलवायु और मानव सुरक्षा में सहयोग करना, क्षमता निर्माण और कौशल विकास और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाना शामिल है।
द्विपक्षीय मोर्चे पर, प्रधानमंत्री मोदी 3 अप्रैल को प्रधानमंत्री शिनावात्रा के साथ बैठक करेंगे। मीटिंग में मौजूदा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और दोनों देशों के बीच भविष्य की साझेदारी के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी। भारत और थाईलैंड के बीच मजबूत सभ्यतागत संबंध हैं, जो दोनों देशों की समुद्री निकटता से और मजबूत होते हैं।
थाईलैंड की अपनी यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के निमंत्रण पर 04-06 अप्रैल तक राजकीय यात्रा पर श्रीलंका जाएंगे। यात्रा के दौरान, वे राष्ट्रपति दिसानायके के साथ चर्चा करेंगे । उच्च स्तरीय चर्चाओं के अलावा, पीएम मोदी वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक नेताओं से मिलेंगे। वह भारतीय वित्तीय सहायता वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए अनुराधापुरा का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2019 में श्रीलंका का दौरा किया था। इससे पहले, श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना था, जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है।
उन्नत प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सोच जरूरी: जनरल चौहान
नई दिल्ली। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी, रणनीतिक सोच और अनुकूलनशीलता को अपनाने के महत्व पर बल दिया है।
जनरल चौहान ने शुक्रवार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में एशिया के सबसे बड़े इंटरकॉलेजिएट तकनीकी और उद्यमशीलता महोत्सव ‘टेककृति 2025’ का उद्घाटन करते यह बात कही। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में प्रौद्योगिकी और आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर जानकारी दी और भविष्य के युद्धों की उभरती चुनौतियों, विशेष रूप से साइबर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम और संज्ञानात्मक क्षेत्रों में तैयारी पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी, रणनीतिक सोच और अनुकूलनशीलता को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अनुशासन और लचीलापन, साहस और बलिदान के मूल्यों पर प्रकाश डाला।
उद्घाटन समारोह में मध्य वायु कमान के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, निदेशक आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल सहित विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। इस वर्ष की थीम ‘सब कुछ बहता है’ प्रौद्योगिकी और नवाचार के निरंतर विकास पर प्रकाश डालती है। टेककृति 2025 प्रौद्योगिकी, उद्यमशीलता और सहयोग का एक उल्लेखनीय उत्सव है, जो खोज और नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाता है।
अमित शाह बोले, दो और हुर्रियत समूहों ने त्यागा अलगाववाद, मोदी के नए भारत पर जताया है विश्वास..!
नई दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज कहा कि हुर्रियत कांफ्रेंस के दो और घटकों ने अलगाववाद त्याग कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नये भारत के निर्माण में अपना विश्वास जताया है. यह घटनाक्रम अलगाववादी समूह हुर्रियत के दो अन्य घटकों द्वारा की गई इसी प्रकार की घोषणाओं के दो दिन बाद हुआ है.
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो घटकों जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) व जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट (जेकेडीपीएम) ने अलगाववाद त्यागने की घोषणा की थी. श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार के शासन में अलगाववाद अंतिम सांस ले रहा है और एकता की जीत पूरे कश्मीर में गूंज रही है. शाह ने एक्स पर पोस्ट किया. कश्मीर घाटी से एक और बड़ी खुशखबरी. हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों जम्मू कश्मीर तहरीकी इस्तेकलाल व जम्मू कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकामत ने अलगाववाद त्याग दिया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नये भारत के निर्माण में अपना विश्वास जताया है.
अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर जम्मू-काश्मीर में घुसे आतंकवादी, कठुआ मुठभेड़ में एक अधिकारी सहित 4 पुलिस कर्मी घायल
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के कठुआ आज आतंकवादियों के साथ हुई ताजा मुठभेड़ में एक पुलिस उपाधीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए. यहां पिछले चार दिनों से व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान चल रहा है. इस आशय की जानकारी अधिकारियों ने दी है.
एक खबर के अनुसार पुलिस व सेना की एक संयुक्त टीम ने आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली. इसके बाद आज सुबह कठुआ के जुथाना इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया. जम्मू-कश्मीर पुलिस व सुरक्षा बलों ने शाम को पहली बार देखे गए एक आतंकवादी समूह से संपर्क फिर से स्थापित किया. आज सुबह उस समय गोलीबारी शुरू हो गई जब सुरक्षा बलों ने राजबाग के घाटी जुथाना इलाके में जाखोले गांव के पास आतंकवादियों को देखा, जो हीरानगर सेक्टर में हुई मुठभेड़ के घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर है.
अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती गोलीबारी में एक अधिकारी सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. जबकि अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया. अधिकारियों ने बताया कि उस इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया है जहां सुरक्षा बलों और संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों के बीच गोलीबारी जारी है.
माना जा रहा है कि ये आतंकवादी वही समूह हैं जो 23 मार्च की शाम को जिले के हीरानगर सेक्टर में मुठभेड़ के बाद भाग निकले थे. लगभग आधा दर्जन आतंकवादियों के एक समूह को सबसे पहले एक स्थानीय दंपति गणेश व उनकी पत्नी ज्योति ने देखा जो जलाऊ लकड़ी इक_ा कर रहे थे. चूंकि यह गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित है, इसलिए माना जा रहा है कि आतंकवादी एक नया समूह है जो सीमा पार से आया है. पिछले पांच दिनों से जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात के नेतृत्व में सुरक्षा बल व पुलिस लगातार हीरानगर सेक्टर के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने बताया कि तलाशी दल जंगलों की तलाशी करते हुए सानियाल गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे. साथ ही वे जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर भी बढ़ रहे थे. आज की मुठभेड़ स्थल से ऐसा प्रतीत होता है कि आतंकवादी राजमार्ग पार करने के बाद कठुआ के घाटी क्षेत्र से उधमपुर या डोडा की ओर बढ़ रहे थे. हालांकि पुलिस ने पकड़े गए लोगों की पहचान उजागर नहीं की लेकिन सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराने में कथित तौर पर मदद करने का उनका रिकॉर्ड है.
आतिशी ने कहा, सीएम योगी के ऑफिस में कब होगी रेड, एक शराब की बोतल पर एक फ्री दे रही यूपी सरकार
नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों में 1 खरीदें, 1 मुफ़्त पाएं, ऑफर को लेकर भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वाले उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में.. सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहे हैं. शराब की दुकानों के सामने लंबी भीड़ है, भगदड़ जैसे हालात हैं क्योंकि योगी सरकार एक शराब की बोतल खरीदने पर एक बोतल मुफ्त दे रही है.
आतिशी ने आगे कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि क्या भाजपा उत्तर प्रदेश व आसपास के इलाकों के लोगों को शराबी बनाना चाहती है. क्या भाजपा सड़कों पर उतरेगी और इसका विरोध करेगी. आम आदमी पार्टी के नेता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर वायरल वीडियो को लेकर भी सवाल उठाया. जिसमें इस ऑफर के कारण शराब की दुकानों पर भारी भीड़ दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश के अलग-अलग राज्यों में, चाहे वो नोएडा हो या मेरठ या मुजफ्फरनगरए सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें शराब की दुकानों पर भारी भीड़ दिख रही है. अफरा-तफरी मची हुई है, भगदड़ मची हुई है.
उन्होंने दावा किया कि 1 खरीदें 1 मुफ़्त पाएं के तहत योगी की सरकार एक बोतल की खरीद पर एक बोतल शराब मुफ़्त दे रही है. हमने सोशल मीडिया पर वीडियो देखे कि लोग दुकानों में घुसने के लिए एक-दूसरे पर गिर रहे हैं. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या योगी आदित्यनाथ सरकार ने केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी से नीति लागू की है. उन्होंने कहा मैं भाजपा से पूछना चाहती हूं कि क्या वह उत्तर प्रदेश व आसपास के राज्यों के लोगों को शराबी बनाना चाहती है. मैं भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से पूछना चाहती हूं कि क्या योगी आपकी मंजूरी से एक खरीदो एक मुफ्त पाओ लागू कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि भाजपा कहती है कि शराब की एक बोतल के साथ एक फ्री देना बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है. तो फिर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आफिस पर कब रेड करेगी. कुछ साल पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की सरकार ने राज्य में अब बंद हो चुकी शराब नीति के तहत इसी तरह की पेशकश की थी. उस समय विपक्ष में बैठी भाजपा ने इस नीति का विरोध किया था और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर प्रदर्शन किया था. आतिशी जो अब दिल्ली में विपक्ष की नेता हैं. उन्होने सवाल उठाया कि क्या शहर की सत्ताधारी पार्टी उत्तर प्रदेश की स्थिति का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरेगी.
CJI संजीव खन्ना ने बार एसोसिएशनों को दिया आश्वासन, यशवंत वर्मा के तबादले को वापस लेने की उनकी मांग पर करेगे विचार
नई दिल्ली. भारत के मुख्य न्यायाधीश ;सीजेआई संजीव खन्ना ने बार एसोसिएशनों को आश्वासन दिया कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के तबादले को वापस लेने की उनकी मांग पर विचार किया जाएगा. जिनके आवास से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी. यह घटनाक्रम आज 6 बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों द्वारा सीजेआई से मुलाकात के बाद हुआ. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा कैश विवाद में हाल ही में दिल्ली पुलिस ने तुगलक रोड थाने के एसएचओ समेत अपने आठ अफसरों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं.
एसएचओ उमेश मलिक, जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल रूप चंद, सब इंस्पेक्टर (एसआई) रजनीश व मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचे दो पुलिसकर्मियों व तीन अन्य पीसीआर कर्मियों के फोन विभाग ने जब्त कर लिए हैं. सभी आठ पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं. जांच इस बात पर केंद्रित है कि आग लगने के समय घटनास्थल पर पहुंचने पर इन अफसरों ने कोई वीडियो रिकॉर्ड किया था या नहीं और इन वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ की गई थी या नहीं. साथ ही दिल्ली पुलिस ने इन सभी पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए हैं. आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस कमरे में आग लगी थी. उसकी दीवारों में अत्यधिक गर्मी के कारण दरारें पड़ गई हैं. पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) के नेतृत्व में एक टीम ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास का दौरा किया.
उनके आवास पर नकदी के ढेर की कथित खोज की जांच के तहत कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की. डीसीपी (नई दिल्ली) देवेश महलाए एक एसीपी व अन्य अधिकारियों सहित 6 सदस्यों वाली पुलिस टीम दोपहर करीब 1.50 बजे न्यायमूर्ति वर्मा के 30 तुगलक रोड स्थित आवास पर पहुंची. करीब दो घंटे बाद वापस लौटी. यह दौरा भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित तीन न्यायाधीशों के पैनल द्वारा आंतरिक जांच का हिस्सा था. जिसका उद्देश्य 14 मार्च को आग की घटना के बाद वर्मा के लुटियंस स्थित आवास में भारतीय मुद्रा नोटों की चार से पांच अधजली बोरियों की खोज की गहन जांच करना था. आंतरिक समिति वर्मा के आवास पर गई थी. कहा जाता है कि उसने घटनास्थल का निरीक्षण किया. सूत्रों ने बताया कि 26 मार्च को दौरे के दौरान पुलिस ने घटना की क्रमवार जानकारी हासिल करने के लिए आग की रात वहां मौजूद कर्मचारियोंए सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों से पूछताछ की.
कौन बनेगा राष्ट्रीय अध्यक्ष, संघ-भाजपा के बीच फंसा है पेच, संजय जोशी और वसुंधरा राजे सिंध्यिा के नाम पर चर्चा
नई दिल्ली/बेंगलुरु. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति को लेकर हिंदू नव वर्ष में रामनवमी तक नये नाम की घोषणा करने की तारीख राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने निर्धारित कर दी थी. लेकिन भाजपा हाई कमान अभी तक संघ द्वारा जिन दो नामों पर मंजूरी दी गई. उस पर सहमत होने की बजाय वर्तमान अध्यक्ष जे पी नड्डा का एक्सटेंशन करने के साथ नये नामों को देकर फेहरिस्त बढ़ाता रहा है. इस कारण अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है.
संघ के सूत्र बताते हैं कि बेंगलूरु में पिछले हफ़्ते संघ की हुई तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में भाजपा अध्यक्ष के साथ पीएम मोदी के सम्मानजनक रिटायरमेंट 75 साल की तारीख 17 सितंबर 2025 पर भी चर्चा हुई. भाजपा में राजनेताओं के अवकाश ग्रहण की ये उम्र पीएम नरेंद्र मोदी ने संघ से सहमति लेकर निर्धारित की थीए अब वही तिथि आने में महज छह महीने रह गए हैंए उनके सम्मानजनक रिटायरमेंट के लिए तैयारी पर भी चर्चा हुई. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सक्रिय राजनीति से 75 साल बाद अवकाश ग्रहण करने की निर्धारित अवधि के चलते ही लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा जैसे कद्दावर नेताओं को भाजपा के मार्गदर्शक मंडल में बैठना पड़ा.
इसी तरह 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सुमित्रा महाजन को भी पीछे हटना पड़ा. हालांकि श्रीमती महाजन ने खुद हटकर अपनी सीट से पार्टी के निर्धारित प्रत्याशी शंकर लालवानी को जीत दिलाने में भूमिका निभाईं थी. पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने चर्चा में साफ़ कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर अब जेपी नड्डा जैसा व्यक्ति नहीं होगा. जो बनेगा वह निश्चित तौर पर संघनिष्ठ होगा. भाजपा के जो भी नेता हों या कथित हाई कमान, कोई भी संघ को दरकिनार करके अध्यक्ष पद पर अपना फैसला नहीं थोप सकता है. संघ के दर्जनों अनुसांगिक संगठनों में भाजपा भी शुमार है. उन्होंने कहा कि जिस तरह विभिन्न अनुसांगिक संगठन अपने क्षेत्रों में काम करते हैं उसी तरह भाजपा भी राजनीतिक क्षेत्र में काम करती है लेकिन इस पार्टी समेत सभी संगठनों को संघ की सहमति से ही बड़े पदों पर बैठाया जाता है.
संघ की ही सहमति पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री बने गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ. उसी तरह भाजपा के अगले अध्यक्ष या पीएम पद पर भी जो बैठेगा उसमें संघ की भूमिका अहम होगी. भाजपा सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक पार्टी के कथित चाणक्य बीते एक साल से चंद्रगुप्त बनने की फिराक में हैंए यही कारण है कि 2014 से वह लगातार खुद को नम्बर दो की कुर्सी पर स्थापित किये हुए हैं.
इसी कारण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर वह अपना स्पोक्समैन चाहते हैं जैसे कि जेपी नड्डा ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कहा था कि भाजपा को अब किसी अन्य संगठन की जरूरत नहीं है हम खुद सक्षम हैं. इस दावे की हवा उसी चुनाव में तब निकल गई जब संघ ने किनारा कर लिया और सीटें कम हो गईं. बाद में संघ और भाजपा के बीच जारी गतिरोध दूर हुआ लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर पेच फंसा है. संघ आज भी दो नाम संजय जोशी और वसुंधरा राजे सिंधिया पर अडिग है. इनमें एक नाम मोदी को और दूसरा शाह को खटक रहा है. अब राम नवमी के बाद नये अध्यक्ष के नाम की घोषणा को लेकर भाजपा के राजनीतिक गलियारे में मौसम के बढ़ते तापमान की तरह पारा बढ़ा नजऱ आयेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा पेड़ काटना हत्या से भी जघन्य अपराध है, 454 पेड़ काटने पर 4.54 करोड़ रुपए जुर्माना, हर पेड़ के एक लाख रुपए देना होगे
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश स्थित ताज ट्रैपेजिय़म ज़ोन में अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई के मामले में सख्त रुख अख्तियार करते हुए एक बिजनेसमैन पर हर पेड़ के बदले एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया. इस व्यापारी पर कुल 454 करोड़ पेड़ काटने का आरोप है. इस हिसाब से उसे 4 करोड़ 54 लाख रुपये की कुल रकम बतौर जुर्माना देनी होगी. इस मामले में कोर्ट ने कहा कि यह अपराध तो किसी की हत्या से भी ज्यादा जघन्य है. ऐसे लोगों के साथ कोई दया भावना नहीं बरती जा सकती, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं.
जस्टिस अभय एस ओका व जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि बिना अनुमति के 454 पेड़ काटना निंदनीय है. इस हरित क्षेत्र को फिर से बनाने में कम से कम 100 साल लगेंगे. यह 2015 से लागू कोर्ट के प्रतिबंध का खुला उल्लंघन है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा. केंद्रीय सशक्त समिति (सीईसी) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 18 सितंबर की रात को वृंदावन चटीकारा रोड पर डालमिया फार्म नामक निजी जमीन पर 422 पेड़ और उससे सटी सड़क किनारे संरक्षित वन क्षेत्र में 32 पेड़ अवैध रूप से काटे गए. कोर्ट ने इस रिपोर्ट को चौंकाने वाला व न्यायालय के आदेश का खुला उल्लंघन करार दिया.
कंपनी के मालिक शिव शंकर अग्रवाल ने कोर्ट में दलील दी कि जुर्माने की राशि कम की जाए. कहा गया कि मैं गलती को स्वीकारता हूं और माफी मांगता हूं. उसी जमीन पर नहीं, बल्कि पास के क्षेत्र में पौधरोपण की अनुमति दी जाए. कोर्ट ने जुर्माना कम करने से इनकार कर दिया. हालांकि पास के क्षेत्र में पौधरोपण की अनुमति दे दी. पेश मामले में कोर्ट ने सीईसी की सिफारिशों को स्वीकार किया. जिसमें प्रत्येक पेड़ के लिए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही गई थी. समिति ने सुझाव दिया कि वन विभाग को यूपी प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज एक्ट 1976 के तहत जुर्माना वसूलना चाहिए. संरक्षित वन में काटे गए 32 पेड़ों के लिए इंडियन फॉरेस्ट एक्ट 1972 के तहत कार्रवाई करनी चाहिए.
पराली से बनेगा हरित ईंधन, छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी निवेश
बेंगलुरु, 26 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ में हरित ईंधन के क्षेत्र में निवेश को लेकर उद्योग जगत की दिलचस्पी बढ़ रही है। बेंगलुरु में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड के दीपक अग्रवाल ने मुलाकात कर बताया कि उनकी कंपनी राज्य में पराली से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में CBG प्लांट लगाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
कंपनी ने हाल ही में बेमेतरा जिले में इंडियन ऑयल के साथ मिलकर एक CBG प्लांट स्थापित किया है, जो अब पूरी तरह से कार्य करने की दिशा में है। दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना के सफल होने के बाद वे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को अपनाना चाहते हैं। इस पहल से जैविक ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत जैविक ईंधन और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस बैठक में उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुकता जताई।
टेक कंपनियों को भाया छत्तीसगढ़, 3700 करोड़ से अधिक के हुए करार
बेंगलुरु की टेक कंपनियों को भाया छत्तीसगढ़, 3700 करोड़ से अधिक के हुए करार
छत्तीसगढ़ सरकार ने नैसकॉम, आईईएसए एवं टाई बैंगलोर के साथ एमओयू पर किया साइन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में उद्योगपतियों और निवेशकों से किया संवाद
बेंगलुरू, 26 मार्च 2025- देश की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बेंगलुरु की कई बड़ी टेक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रूचि दिखाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से संवाद कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल जैसे क्षेत्रों के कई बड़ी कम्पनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपें हैं।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया है।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश के सबसे उभरते हुए राज्यों में से एक है। देश के सबसे समृद्ध खनिज संसाधन, सेंट्रल इंडिया की शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ ही छत्तीसगढ़ में भरपूर बिजली-पानी, मानव संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ सुशासन का मॉडल स्टेट बन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब निवेश के लिए कागजी झंझट खत्म कर दिया गया है। बस एक क्लिक में एनओसी मिलेगी और फैसला भी डिजिटल तरीके से होगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।
उन्होंने बताया नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में हमने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रायपुर को हम मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहाँ 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। नवा रायपुर ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं।
इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सैन, सचिव एस भारतीदासन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव सौरभ कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बस्तर में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन, आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे।
देश की अग्रणी कंपनियां करेंगी छत्तीसगढ़ में निवेश
सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों व औद्योगिक समूहों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत वातावरण और मजबूत आधारभूत ढांचे की सराहना की।
छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों की झलक
- GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर) – ₹1350 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी।
- क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर) – ₹500 करोड़ के निवेश से यह कंपनी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी।
- ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) – ₹200 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करेगी, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा।
- कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) – ₹1000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा।
- गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड – दोनों कंपनियां ₹200 करोड़ का निवेश कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देंगी, जिससे राज्य के कपड़ा उद्योग को नई पहचान मिलेगी।
- BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश राज्य में इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल एवं वूल रिसर्च एसोसिशन ने भी छत्तीसगढ़ में रूचि दिखाते हुए निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं।
Gokaldas Exports का छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव, टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार
बेंगलुरु, 26 मार्च 2025 – देश की जानी-मानी टेक्सटाइल कंपनी Gokaldas Exports के प्रमुख मदन लाल हिंदुजा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में अपने उद्योग स्थापित करने की इच्छा जताई। Gokaldas Exports टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी कंपनी है, जो देश-विदेश में अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए जानी जाती है। कंपनी ने छत्तीसगढ़ में वस्त्र निर्माण इकाई (Garment Manufacturing Unit) लगाने का प्रस्ताव दिया, जिससे हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कंपनी के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए बताया कि सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत टेक्सटाइल उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दे रही है। इस निवेश से राज्य में निर्यात बढ़ेगा, कपड़ा उद्योग मजबूत होगा और छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
रूस-यूक्रेन, काला सागर और ऊर्जा ढांचे पर नहीं करेंगे हमला
वाशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका ने यूक्रेन और रूस के साथ समुद्र में और ऊर्जा लक्ष्यों पर हमले रोकने के लिए अलग-अलग समझौते किए। वाशिंगटन ने मॉस्को के खिलाफ कुछ प्रतिबंधों को हटाने के लिए दबाव बनाने पर सहमति व्यक्त की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वाशिंगटन ने कहा समझौतों की घोषणा करते हुए कहा कि सभी पक्ष, 'स्थायी शांति' की दिशा में काम करना जारी रखेंगे। व्हाइट हाउस ने कहा कि उन्होंने एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने पर पहले से सहमत प्रतिबंध को लागू करने के 'तरीके विकसित करने' की भी प्रतिबद्धता जताई है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि काला सागर समुद्री सुरक्षा समझौते कब और कैसे शुरू होंगे, लेकिन ये डील राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद से दोनों युद्धरत पक्षों की ओर से पहली औपचारिक प्रतिबद्धताएं हैं। ट्रंप यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने और मॉस्को के साथ तेजी से मेल-मिलाप करने पर जोर दे रहे हैं। उनके इस रुख ने कीव और यूरोपीय देशों को चिंतित कर दिया है।
रूस के साथ अमेरिका की डील यूक्रेन के साथ हुए समझौते से एक कदम आगे है। इसके तहत वाशिंगटन ने रूसी कृषि और उर्वरक निर्यात पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध जताई है, जो लंबे समय से रूस की मांग रही है। अमेरिकी घोषणाओं के तुरंत बाद, क्रेमलिन ने कहा कि जब तक कुछ रूसी बैंकों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली के बीच संबंध बहाल नहीं हो जाते, तब तक काला सागर समझौते प्रभावी नहीं होंगे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उनकी समझ यह है कि युद्धविराम समझौतों को लागू होने के लिए प्रतिबंधों में राहत की जरूरत नहीं है और यह तुरंत प्रभावी होंगे। उन्होंने क्रेमलिन के बयान को समझौतों में 'हेरफेर' करने का प्रयास बताया। जेलेंस्की ने अपने रात के वीडियो संबोधन में कहा, वे पहले से ही समझौतों को विकृत करने की कोशिश कर रहे हैं। वे वास्तव में, हमारे मध्यस्थों और पूरे विश्व को धोखा दे रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कीव और मास्को दोनों ने कहा कि वे समझौतों को लागू करने के लिए वाशिंगटन पर निर्भर रहेंगे। हालांकि दोनों ने दूसरे पक्ष के समझौते के पालन करने पर संदेह जताया।
पत्नी ने सुपारी किलर से कराई पति की हत्या
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया में मेरठ के सौरभ हत्याकांड जैसी घटना देखने को मिली है। यहां पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करने की योजना बनाई। इसके लिए पत्नी ने दो लाख रुपये खर्च कर सुपारी किलर को हायर किया और पति की हत्या करा दी। इस घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली तो पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस ने सुपारी लेने वाले सुपारी किलर को भी गिरफ्तार कर लिया है। पत्नी की पहचान प्रगति और उसके प्रेमी की पहचान अनुराग के रूप में हुई है। वहीं मृतक की पहचान दिलीप यादव के रूप में हुई है।
एयरपोर्ट के टॉयलेट में मिला नवजात का शव
मुंबई। मुंबई एयरपोर्ट पर मंगलवार रात टॉयलेट के डस्टबिन में एक नवजात बच्चे की लाश मिलने की सूचना आई। एयरपोर्ट के टॉयलेट में यह शव बीती रात करीब 10:30 बजे देखा गया, जिसके बाद एयरपोर्ट के सुरक्षाकर्मी के साथ नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने चेक करते ही नवजात को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुट गई है। ये बच्चा किसने फेंका, इसकी तलाश की जा रही है।
बेकाबू डंपर ने कई लोगों को कुचला, 2 की मौत
प्रतापगढ़ । यूपी के प्रतापगढ़ जिले में लखनऊ- वाराणसी हाइवे पर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। बेकाबू डंपर की टक्कर से दुकान पर समान ले रहे दो राहगीर की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए। हादसे से बाजार में अफरा तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, रानीगंज कोतवाली के दरियापुर पावर हाउस के पास बेकाबू डंपर की टक्कर से दो लोगों की मौत हो गई जबकि ई रिक्शा में टक्कर के बाद पांच लोग घायल हो गए। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को रानीगंज ट्रामा सेंटर भेजा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।