देश-विदेश
ट्रक की चपेट में आने से सेना के एक जवान की मौत
नई दिल्ली। बेकाबू हुए ट्रक की चपेट में आकर सेना के जवान मोहम्मद इरफान अली (31) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अली सेना के बम निरोधक दस्ते में तैनात थे और घटना के वक्त वह छावनी के गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। बाराबंकी शहर में रेलवे स्टेशन के पास एक ट्रक का ब्रेक फेल हो जाने से उसकी चपेट में आकर सेना के एक जवान की मौत हो गई।
शहर कोतवाली प्रभारी आलोक मणि त्रिपाठी ने शुक्रवार को बताया कि बाराबंकी जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास स्थित बीडीसी छावनी कैंप्स गेट के निकट बृहस्पतिवार शाम सेना के एक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया। इससे बेकाबू हुए ट्रक की चपेट में आकर सेना के जवान मोहम्मद इरफान अली (31) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अली सेना के बम निरोधक दस्ते में तैनात थे और घटना के वक्त वह छावनी के गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। त्रिपाठी ने बताया कि अली सहारनपुर से थे, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
पांच वर्षाें के बाद नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने लगभग पाँच वर्षों में पहली बार रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करने और मौद्रिक रुख को ‘तटस्थ’ रखने का शुक्रवार को निर्णय लिया जिससे होम लोन, कार लोन और अन्य लोन के सस्ते होने की उम्मीद जगी है।
लगातार ग्यारहवीं बैठक में बेंचमार्क रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने के बाद केंद्रीय बैंक ने आर्थिक विकास की गति कम होने और मुद्रास्फीति के अपने 4 प्रतिशत लक्ष्य के करीब पहुँचने के संकेतों के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच दरों में कटौती की। रिजर्व बैंक ने लगभग पाँच वर्षों में पहली बार बेंचमार्क दरों में कटौती की। इससे पहले कोरोना के दौरान मई 2020 में रेपो दर में 40 आधार अंकों की कटौती करके इसे 4 प्रतिशत किया गया था।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष की मौद्रिक नीति की छठी और अंतिम तीन दिवसीय द्विमासिक बैठक में लिए गये निर्णयों की जानकारी देते हुये कहा कि मुद्रास्फीति लक्ष्य के अनुरूप है। समिति ने सर्वसम्मति से दरों में कटौती करने और रुख को बनाए रखने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहीा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच समिति ने सर्वसम्मति से बेंचमार्क नीति दरों में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे 6.50 प्रतिशत से 6.25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि 6.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है जिसमें पहली तिमाही 6.7 प्रतिशत, दूसरी तिमाही 7 प्रतिशत, तथा तीसरी और चौथी तिमाही 6.5 प्रतिशत रहेगी।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के 4.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है जिसमें चौथी तिमाही में इसके 4.4 प्रतिशत रहने की संभावना है। अगले वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के 4.2 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताते हुये उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई पहली तिमाही में 4.5 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 4.0 प्रतिशत, तीसरी तिमाही 3.8 प्रतिशत और चाैथी तिमाही में 4.2 प्रतिशत रह सकती है।
मुडा केस में सिद्धारमैया को राहत, CBI जांच की मांग वाली याचिका खारिज
कर्नाटक। मुडा मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी (सीबीआई) से कराए जाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। याचिका स्नेहमयी कृष्णा की ओर से लगाई गई थी।
कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में लाए गए दस्तावेजों से ऐसी बिल्कुल भी प्रतीत नहीं होता है कि लोकायुक्त की ओर से की जा रही जांच में कोई लापरवाही बरती जा रही है। जांच में पक्षपात, एकतरफा या गलत दिशा में जाने के भी कोई सबूत नहीं हैं। ऐसे में मामले को सीबीआई को सौंपने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए याचिका खारिज की जाती है। मामले की जांच लोकायुक्त जारी रखेगा।
मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण या मुडा कर्नाटक की एक राज्य स्तरीय विकास एजेंसी है, जिसका गठन मई 1988 में किया गया था। मुडा का काम शहरी विकास को बढ़ावा देना, गुणवत्तापूर्ण शहरी बुनियादी ढांचे को उपलब्ध कराना, किफायती आवास उपलब्ध कराना, आवास आदि का निर्माण करना है।
कथित मुडा भूमि घोटाला क्या है?
मुडा शहरी विकास के दौरान अपनी जमीन खोने वाले लोगों के लिए एक योजना लेकर आई थी। 50:50 नाम की इस योजना में जमीन खोने वाले लोग विकसित भूमि के 50% के हकदार होते थे। यह योजना 2009 में पहली बार लागू की गई थी। जिसे 2020 में उस वक्त की भाजपा सरकार ने बंद कर दिया।
सरकार द्वारा योजना को बंद करने के बाद भी मुडा ने 50:50 योजना के तहत जमीनों का अधिग्रहण और आवंटन जारी रखा। सारा विवाद इसी से जुड़ा है। आरोप है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को इसी के तहत लाभ पहुंचाया गया।
प्रयागराज पहुंचे गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल
प्रयागराज। महाकुंभ 2025 में अब तक लगभग 40 करोड़ के करीब श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान से महाकुंभ का आगाज हुआ था।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल प्रयागराज पहुंचे हैं। आज सीएम महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करेंगे।
10 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के संगठनात्मक कार्य के लिए 10 दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। यह 5 फरवरी को आरएसएस पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा सूचित किया गया था। आरएसएस बंगाल के महासचिव जिष्णु बसु द्वारा आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा गया कि मोहन भागवत संघ कार्यकर्ताओं और प्रचारकों के साथ कई दौर की चर्चा करने वाले हैं। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, भागवत 6 फरवरी को कोलकाता पहुंचें। इसके बाद 7 फरवरी से 10 फरवरी तक वह कोलकाता में केशव भवन में रहेंगे और संघ कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ संघ सदस्यों से मुलाकात करेंगे।
11 और 12 फरवरी को वह कोलकाता के अखिल भारतीय टोली बैठक में संघ के केंद्रीय नेतृत्व के साथ अहम बैठक करेंगे। फिर 13 फरवरी को वह मध्य बंगाल, बर्दवान के लिए रवाना होंगे। 14 फरवरी को भागवत एक नए संघ कार्यालय का उद्घाटन करेंगे और 1 फरवरी को बर्दवान के तलित में साई कॉम्प्लेक्स में सभी संघ कार्यकर्ताओं के लिए एक बैठक करेंगे।
बसु ने कहा कि हमारे आरएसएस परिवार के पसंदीदा व्यक्ति, मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक मोहन भागवत सभी क्षेत्रीय सदस्यों से मिलने के लिए यहां आएंगे। भागवत की बैठक परिचालन सफलता और आरएसएस की सदस्यता बढ़ाने पर केंद्रित होगी। यह सवाल करते हुए कि क्या संगठन के 100वें वर्ष में और 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भागवत की पश्चिम बंगाल यात्रा का कोई राजनीतिक मकसद था, आरएसएस के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह से संगठनात्मक उद्देश्यों के लिए थी।
महाकुंभ में भारी भीड़ को देखते हुए सभी स्कूलों की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित होंगी
महाकुंभ नगर। आदेश के मुताबिक, सभी छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी और सभी अध्यापक समय के अनुसार विद्यालय पहुंचकर वर्तमान में जारी प्रयोगात्मक परीक्षा और गृह परीक्षा निर्धारित समय के अनुसार संपादित कराएंगे। महाकुंभ में माघ पूर्णिमा से पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, प्रयागराज में समस्त बोर्ड के सभी माध्यमिक स्कूलों की कक्षाएं शुक्रवार (सात फरवरी) से 12 फरवरी (माघ पूर्णिमा) तक ऑनलाइन तरीके से संचालित होंगी।
अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रयागराज जिलाधिकारी की ओर जिला विद्यालय निरीक्षक को जारी आदेश के मुताबिक, विद्यार्थियों के आवागमन में असुविधा और छात्र हित में सात फरवरी से 12 फरवरी तक समस्त बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों की कक्षाएं ऑनलाइन तरीके से संचालित होंगी।
आदेश के मुताबिक, सभी छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी और सभी अध्यापक समय के अनुसार विद्यालय पहुंचकर वर्तमान में जारी प्रयोगात्मक परीक्षा और गृह परीक्षा निर्धारित समय के अनुसार संपादित कराएंगे। बृहस्पतिवार को शाम आठ बजे तक 77.20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया और 13 जनवरी से अब तक महाकुंभ में करीब 40 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परीक्षण पूरा
नई दिल्ली। सोलह डिब्बे वाली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट को अब वाणिज्यिक परिचालन के लिए रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) के प्रमाणीकरण और आयुक्त, रेलवे सुरक्षा की मंजूरी की आवश्यकता है। रेलवे बोर्ड ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इसने बताया कि ट्रेन ने 15 जनवरी को लंबी दूरी का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था। बोर्ड ने एक बयान में कहा, “भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के परिचालन से पहले आरडीएसओ परीक्षण के विश्लेषण के बाद अंतिम प्रमाण पत्र जारी करेगा।” इसमें कहा गया है, रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन का उसकी अधिकतम गति पर मूल्यांकन करेंगे।
बोर्ड के अनुसार, विश्वस्तरीय, हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन का सपना अब वास्तविकता बन गया है, क्योंकि 16-डिब्बे वाली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट ने 15 जनवरी को मुंबई-अहमदाबाद खंड में 540 किलोमीटर की दूरी के लिए आरडीएसओ द्वारा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। बयान में कहा गया, “एकीकृत कोच फैक्ट्री (चेन्नई) ने 17 दिसंबर 2024 को भारत के पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का निर्माण पूरा कर लिया।
अमेरिका के बाद इजरायल का संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से अलग होने का ऐलान
यरूशलम। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से अमेरिका के हटने की घोषणा के बाद इजरायल ने कहा कि वह इस फैसले में वाशिंगटन के साथ है।
इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सा'आर ने बुधवार को ट्रंप के फैसले के प्रति यहूदी राष्ट्र का समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "इजरायल राष्ट्रपति ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भाग नहीं लेने के फैसले का स्वागत करता है। इजरायल इस मुद्दे पर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ है और यूएनएचआरसी में शामिल नहीं होगा।
इजरायली मंत्री ने यूएनएचआरसी पर मध्य पूर्व में 'एकमात्र लोकतंत्र [इजरायल],' को जुनूनी रूप से बदनाम करने वाला बताया। उन्होंने कहा, "इस निकाय ने मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के बजाय एक लोकतांत्रिक देश पर हमला करने और यहूदी-विरोधी भावना को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया।
गिदोन सा'आर ने कहा, इजरायल के खिलाफ 100 से अधिक निंदा प्रस्ताव पारित किए गए हैं, जो परिषद में अब तक पारित सभी प्रस्तावों का 20 प्रतिशत से अधिक है। यह संख्या ईरान, क्यूबा, उत्तर कोरिया और वेनेजुएला के खिलाफ पारित प्रस्तावों से भी अधिक है। इजरायल अब इस भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगा!
इजरायल के विदेश मंत्री की यह घोषणा इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा के दौरान आई है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूएनएचआरसी और संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) से अमेरिका के अलग होने की घोषणा की, जिसकी हमास के साथ कथित संबंधों के आरोपों को लेकर काफी आलोचना हुई थी।
ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समय) को वाशिंगटन डीसी में इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा की।
ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटे सहित 3 की मौत
मुंगेर जिले में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया. जिले के भागलपुर-जमालपुर रेलखंड के ऋषिकुंड हॉल्ट पर गया-हावड़ा एक्सप्रेस की चपेट में आने से मां-बेटे सहित 3 लोगों की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ, जब सभी लोग देवघर-जमालपुर ट्रेन पकड़ने के लिए ऋषिकुंड जा रहे थे.
मृतकों की हुई पहचान
सूचना मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी गई. मृतकों की पहचान राम रुचि देवी, उनका बेटा अमित और ऊषा देवी के रूप में हुई है. तीनों बरियारपुर थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
परिवार में छाया मातम
सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. घटना के बाद घर में मातम पसरा है. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
उपमुखिया पर अपराधियों ने की अंधाधुंध फायरिंग, हुई दर्दनाक मौत
गया जिले में अपराधियों ने उपमुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी. यह घटना बेलागंज थाना क्षेत्र के चिरैला पंचायत की है. उपमुखिया महेश मिश्रा, जिन्हें अपराधियों ने चुड़ीहारा बिगहा के पास गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया.
घटना बुधवार की रात करीब 11 बजे की है. बेलागंज थानाध्यक्ष अरविंद किशोर ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है. पुलिस इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.
मौके पर हुई मौत
मिली जानकारी के अनुसार उपमुखिया किसी निमंत्रण से अपने गांव चुड़ीहारा बिगहा लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
‘कंपनी चला रही है जन सुराज पार्टी’, JDU ने खोला प्रशांत किशोर का पोल, खुद के फाउंडेशन को चंदा देने के अलावा PK पर लगाया ये गंभीर आरोप
पटना. जदयू प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर जमकर निशाना साधा है. नीरज कुमार ने आज गुरुवार (6 फरवरी) को पटना में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि, सच छुपेगा कब तक? पोस्टर जारी करते हुए कहा कि लोकतंत्र की आड़ में कंपनी राज स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने सवाल किया कि, जन सुराज दिख रहा है, सिर्फ धन का राज, गांधी के नाम पर धोखा बिहार नहीं देगा यह मौका, जन स्वराज या निजी स्वार्थ.
जदयू का प्रशांत किशोर पर बड़ा खुलासा
नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर पर हमला बोलते हुए कहा कि, प्रशांत किशोर के खुलासा का यह पहला पार्ट है. 8 अगस्त 2022 को पार्टी का रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई किया. 28 अगस्त 2023 को जन स्वराज की स्थापना हुई है. अजीत सिंह, पिता स्वर्गीय रमेश सिंह यह कोषाध्यक्ष थे. प्रशांत किशोर की पार्टी अजीत सिंह के नाम का उपयोग कर पार्टी का रजिस्ट्रेशन किया है. प्रशांत किशोर यह बताएं कि अजीत सिंह आखिर अभी कहां है?
नीरज कुमार ने पीके पर लगाया गंभीर आरोप
नीरज कुमार ने कहा कि, पीके ने 2 अक्टूबर 2024 को पार्टी की घोषणा करने की बात कहते हुए कहा था कि जनता जन सुराज पार्टी का फंडिंग करने वाला कंपनी है. जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट जन सुराज को फंड देता है. उन्होंने कहा कि, इस कंपनी का ऑफिस बेंगलुरु में है. जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट को फंड कौन दे रहा है? इसका कोई हिसाब नहीं है. जॉय ऑफ़ गिविंग ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट दे रहा है, उसका पूरा डिटेल जारी जल्द करेंगे.
‘पीके ने अपने ही फाउंडेशन को दिया डोनेशन’
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि, साल 2023 से 2024 में जॉय ऑफ़ लिविंग फाउंडेशन ट्रस्ट को 48 करोड़ रुपए डोनेशन मिला. सबसे ज्यादा फंड राम सेतु इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने दिया है. प्रशांत किशोर की पार्टी और जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फाउंडेशन का क्या संबंध है. प्रशांत किशोर ने अपने ही फाउंडेशन को 50 लाख डोनेशन क्यों दिया?
नीरज कुमार ने कहा कि, 72 घंटे के लिए समय दिया जा रहा है, सवालों का जवाब देने के लिए. चैरिटी टेबल ट्रस्ट के माध्यम से राजनीतिक पार्टी का सहयोग करना कंपनी एक्ट 1 का उल्लंघन हैं. 9 फरवरी तक प्रशांत किशोर अगर नहीं बोलते हैं तो मैं खुलासा करूंगा.
पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, CISF जवान ने कराया सबको शांत
पटना: राजधानी पटना से असम के गुवाहाटी जाने वाली स्पाइस जेट की विमान संख्या sg 3453 को आज रद्द कर दिया गया. एयरपोर्ट में प्रवेश पाए यात्रियों को जब यह पता चला, तो यात्रियों ने जमकर हंगामा किया और विमान कंपनी से वैकल्पिक व्यवस्था कर उन्हें गुवाहाटी पहुंचाने की मांग करते नजर आए.
हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन BJP छोड़ थामेंगी JMM का दामन? जानें ‘घर वापसी’ पर सीता सोरेन ने क्या कहा?
बीजेपी नेत्री और पूर्व विधायक सीता सोरेन(Sita Soren) ने ‘घर वापसी’ की आशंका को खारिज कर दिया है. बीजेपी ने उन्हें सम्मान दिया है और उन्हें छोड़ने का कोई प्रश्न नहीं है. उन्होंने परिवार को पार्टी और परिवार के बीच महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कर्मक्षेत्र में परिवार से हमेशा आशीर्वाद मिलता है. उन्होंने अपने पुराने कर्मचारी को निराश होने से बचाने के लिए कहा कि जरूरत के समय आप मिल सकते हैं और मैं हमेशा कर्मचारियों के सुख-दुख में खड़ी हूं. उन्होंने कहा कि संगठन को पांच साल में मजबूत धार देकर सशक्त बनाएंगे.
दुमका सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंची सीता सोरेन ने कहा कि बीजेपी ने उन्हें सम्मान दिया है और खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें सम्मान दिया है, इसलिए वह बीजेपी छोड़ नहीं सकती और अब इसी पार्टी से जुड़कर काम करेंगी. सीता सोरेन ने घर वापसी पर सभी अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि आखिर यह अफवाह कैसे फैली?
सीता ने बताई क्यों उड़ी ‘घर वापसी’ की अफवाह
सीता सोरेन ने कहा, “दुमका में JMM का 46 वां स्थापना दिवस था उसके एक दिन पहले रांची से दुमका पहुंची हुई थी. तो लोगों ने सोचा कि मैं जेएमएम के स्थापना दिवस पर सदस्यता लेकर घर वापसी कर सकती हूँ जबकि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है.” उनका दावा था कि मैं कुंभ मेला जाना चाहता था, लेकिन दुर्घटना होने के बाद सभी वीआईपी प्रोटोकॉल समाप्त हो गए, इसलिए मैं रांची से अपनी बेटियों के साथ दुमका चला गया.
परिवार से कोई अलग नहीं हो सकता
सीता ने राजनीति में पार्टी और परिवार के बीच काम के बारे में कहा कि दोनों अलग-अलग विषय हैं. मैं दोनों को अलग-अलग रूप से देखती हूँ. कोई भी परिवार से अलग नहीं हो सकता. सभी कार्यक्रमों में परिवार के साथ इकठ्ठे रहकर सेलिब्रेट करते हैं. परिवार के बीच कामक्षेत्र को आड़े नहीं आने देती हूं और न ही परिवार के बीच कामक्षेत्र की चर्चा होती है.
सीता सोरेन ने कहा, “मैं BJP से हूँ तो मुझे मेरे पिता समान ससुर दिशोम गुरूजी शिबू सोरेन और मां समान सास ने आशीर्वाद दिया है. दुमका लोकसभा सीट हारने के बाद भी BJP ने जामताड़ा विधानसभा चुनाव लड़ने का फिर से टिकट दिया. एक नए सिरे से खुद को BJP के लिए मैदान तैयार करूंगी.“
महाकुंभ में 61 विदेशी श्रद्धालुओं ने अपनाया सनातन धर्म
प्रयागराज। महाकुंभ में आने वाला हर व्यक्ति सनातन के रंग में रंगा नजर आ रहा है। शक्तिधाम के शिविर में बुधवार को 61 विदेशी श्रद्धालुओं ने गुरु दीक्षा लेकर सनातन धर्म को मन से अपनाया। शांति की कामना से वास्तुविद, डॉक्टर, आईटी डेवलपर के अलावा कई प्रोफेशनल्स ने गुरु मंत्र लिया।
बुधवार को सेक्टर 17 में स्थित शक्तिधाम आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से 61 विदेशी श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी से दीक्षा ली और सनातन को अंगीकार किया।
विदेशी श्रद्धालु ऊं नमः शिवाय की धुन पर नाचते-गाते दिखे। सांई मां लक्ष्मी देवी ने कहा कि हजारों साल पुराना सनातन धर्म अपने हाथ में अद्भुत है। नशे और तनाव में डूबे हुए आज के युवाओं को सही राह सनातन ही दिखा सकता है।
गुरु दीक्षा लेने वाली बेल्जियम में अस्थि रोग चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वाली कैथरीन गिल्डेमिन कहती हैं कि रोजमर्रा के जीवन की भाग-दौड़ ने उनके जीवन में काफी तनाव बढ़ा दिया था। व्यक्तिगत जीवन भी ठीक नहीं चल रहा था, इसी दौरान वह जगद्गुरु सांई मां के सानिध्य में आईं, जिसके चलते वह सनातन से रूबरू हुई और उनके जीवन को एक नई दिशा मिली।
सनातन की सरलता उन्हें सात समुंदर पार भारत की तरफ खींच लाई
आयरलैंड के डेविड हैरिंगटन का कहना है सनातन की सरलता उन्हें सात समुंदर पार भारत की तरफ खींच लाई। सनातन एक ऐसी अकेली जीवन पद्धति है, जो आप पर कुछ थोपती नहीं है।
फ्रांस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर ओलिवियर गिउलिरी कहती हैं कि जीवन में सब कुछ होने के बाद भी एक अधूरापन था, मैं अपने आप को तलाश रही था और वह तलाश सनातन में आकर समाप्त हुई। मैं गुरु दीक्षा लेकर अभिभूत हूं।
200 से अधिक विदेशियों ने प्राप्त की सनातन की दीक्षा
दीक्षा लेनेवालों में संयुक्त राज्य अमेरिका में वास्तुकार मैथ्यू लॉरेंस, कनाडा में चिकित्सक आंद्रे अनात, संयुक्त राज्य अमेरिका में ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाले जेनी मिलर, कनाडा में आईटी डेवलपर मैथ्यू सावोई ,बेल्जियम में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सलाहकार क्रिस्टेल डी कैट भी शामिल रहे। सांई मां लक्ष्मी देवी के सानिध्य में अभी तक शक्ति धाम के शिविर में 200 से अधिक विदेशियों ने सनातन की दीक्षा प्राप्त की है।
झारखंड सरकार का बड़ा फैसला; टीबी के बाद अब इन मरीजों को भी हर महीने पैसा देगी सरकार
झारखंड में टीबी मरीजों की तरह कुष्ठ मरीजों को भी हर महीने 500 रुपये का पौष्टिक भोजन दिया जाएगा. राज्य स्वास्थ्य विभाग की पहल पर केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद देश का पहला राज्य बन गया है, जो अब घर-घर जाकर कुष्ठ मरीजों की खोज कर रहा है. इसकी शुरुआत राज्य के 4000 कुष्ठरोगियों से हुई है, लेकिन इस वर्ष 8000 लोगों को सुविधा मिलनी चाहिए. इसके तहत, पुराने मरीजों को 12 महीने और नए मरीजों को छह महीने की उपचार अवधि तक प्रति माह 500 रुपये देने का प्रावधान किया गया है.
राज्य में कुष्ठ रोग का बोझ कम करने, विकलांगता को कम करने और जनता को जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) संचालित है. केंद्र द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम के तहत, कुष्ठ रोगियों के इलाज के लिए मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) भी मुफ्त में दी जाती है.
13,000 गांवों में घर-घर खोजे जा रहे मरीज
राज्य से कुष्ठ के उन्मूलन को लक्ष्य रखते हुए, स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान और कुष्ठ खोज अभियान शुरू किए गए हैं, जो 30 जनवरी को शुरू हुए और 14 फरवरी तक चलेंगे. स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी जिलों में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है और लगभग 13,500 गांवों में कुष्ठ खोज अभियान चलाया जा रहा है, जहां बीते 5 से 7 वर्षों में कुष्ठ रोगी मिले हैं.
जबकि, मुख्य सचिव के निर्देशानुसार, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग कुष्ठ रोग खोज अभियान में सहिया एवं एक पुरुष स्वैच्छिक कार्यकर्ता का खोजी दल बनाया गया है. हर पांच खोजी दल पर एक पर्यवेक्षक लगाया गया है, जो घर घर जाकर त्वचा की जांच करेंगे और संदेहास्पद रोगी की सूची बनाएंगे.
मुख्य सचिव के अनुसार, खोजी दल द्वारा तैयार किए गए संदेहास्पद मरीजों को पर्यवेक्षक चिकित्सक के पास भेजा जाएगा, जो रोग की संपुष्टि सुनिश्चित करेगा, जो एचएससी, पीएचसी और सीएचसी में व्यवस्था की गई है. रोग की संपुष्टि होने पर मरीज का निबंधन करते हुए उपचार शुरू किया जाएगा. मुख्य बात यह है कि मरीज सरकार में निबंधित होने के बाद पोषण राशि का हकदार होगा. इसके लिए, निबंधन के समय ही एक बैंक खाता बनाया जाता है, जिसमें पोषण राशि का भुगतान किया जाएगा. अगर किसी कारण से भुगतान नहीं हो सका, तो भुगतान अगले दो माह में किया जाएगा.
हिंदू समाज विश्व का गुरु बनेगा, इसमें कोई दो राय नहीं : मोहन भागवत
केरल। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने दो दिवसीय केरल दौरे पर पथानामथिट्टा हिंदू धर्म सम्मेलन को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि हिंदू समाज विश्व का गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपना जीवन चलने के लिए हिंदू एकता की आवश्यकता है, उसमें से शक्ति उत्पन्न होगी, यह बताने के लिए और कोई तर्क देने की आवश्यकता नहीं है।
विश्व में एक नियम है ,जो समाज संगठित है उस समाज का उत्कर्ष होता है, जो समाज विभक्त है, संगठित नहीं है, उस समाज का पतन होता है, इतिहास और वर्तमान दोनों इसके साक्षी है।
मोहन भागवत ने कहा कि शक्तिमान होने से बाकी विश्व को भी खतरा भी हो सकता है, क्योंकि शक्ति तो शक्ति है ,उसको दिशा देने वाला मनुष्य होता है, उस शक्ति का उपयोग करने वाला होता है ,उसकी बुद्धि कैसी है, उस पर निर्भर है, दुष्ट लोग विद्या का उपयोग विवाद बढ़ने के लिए करते हैं, हम अपने चारों ओर देखते हैं तो ध्यान में आता है धन का उपयोग अपना मत बढ़ाने के लिए करते हैं, शक्ति का उपयोग दूसरों को पीड़ा देने के लिए करते हैं, लेकिन साधु लोगों का इससे उल्टा होता है।
अच्छे लोग विद्या का उपयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए करते हैं, धन का उपयोग दान करने के लिए करते हैं, शक्ति का उपयोग दूर्बल की रक्षा के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू एकता विश्व के लिए उपकारी होगी,यह कैसे होगा, इसमें कोई शंका करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हिंदू एक स्वभाव का नाम है, हिंदू में एक अनेक मत, पंथ, संप्रदाय है अनेक भाषाएं हो गई, विशाल देश अपना है जिसमें हिंदू रहता है।
हिंदू शक्ति का उपयोग विश्व कल्याण के लिए होगा
उन्होंने आगे कहा, 'भूगोल अलग-अलग है, वातावरण अलग-अलग है, खान पान ,रहने की जगह भी अलग-अलग प्रकार की है, रेगिस्तान में रहने वाले लोग हैं, पर्वत की चोटी पर रहने वाले लोग हैं, समुद्र के किनारे रहने वाले लोग हैं, मैदान में रहने वाले लोग हैं, शहरों में रहने वाले लोग हैं, जंगलों में रहने वाले हैं, गांव में रहने वाले हैं सब प्रकार है, परंतु यह होने के बाद भी सबका एक स्वभाव है, उस स्वभाव का नाम हिंदू है, यदि स्वभाव का वर्णन करना है तो हम कह सकते हैं, हिंदू समाज धर्म प्राण है, इसलिए शक्ति का उपयोग विश्व कल्याण के लिये ही होगा।
एकता अंदर का सत्य है
उन्होंने कहा कि दुनिया के सारे कलह दो बातों के कारण है, एक है स्वार्थ, दूसरा है भेद, मनुष्य एक दूसरे को एकता की भाव से, समदृष्टि से देखा नहीं है, वह दिखता अलग है, इसलिए जो अपने से अलग दिखता है ,उसे अपने से अलग मानता है, वास्तव में यह जो विविधताएं हैं, मनुष्य की भौतिक जीवन की विविधता हो, अथवा अनेक मत संप्रदायों का दिखने वाला अलग-अलग स्वरूप हो, अलग-अलग तत्व ज्ञान हो ,अलग-अलग ग्रंथ हो ,अलग-अलग गुरु हो, ये देश,काल, स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो जाते हैं। हमको यह समझना चाहिए हम कौन हैं, हम हिंदू हैं, यानी हिंदू स्वभाव वाले हैं, अलग-अलग दिखते हैं, लेकिन एक ही धर्म को मानने वाले हैं, क्योंकि धर्म तो एक ही है, वही मानव धर्म है, वही सनातन धर्म है, वही हिंदू धर्म कहलाता है, उसको मानने वाले हम लोग हैं, हमारे पास सत्य है, विविधता ऊपर की बात है, एकता अंदर का सत्य है, हमारे पास करुणा की दृष्टि है।
तिरुपति टेंपल बोर्ड ने की 18 गैर हिंदू कर्मचारियों की छुट्टी
नई दिल्ली। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने टीटीडी त्योहारों और अनुष्ठानों के दौरान हिंदू धार्मिक प्रथाओं का पालन नहीं करने के लिए 18 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। टीटीडी के एक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू के निर्देश पर की गई।
बयान में कहा गया है, "टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू के निर्देशों का पालन करते हुए, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने संस्थान में काम करते समय गैर-हिंदू धार्मिक प्रथाओं का पालन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
बयान में कहा गया है, "अधिकारियों ने 18 कर्मचारियों की पहचान की है, जो टीटीडी द्वारा नियोजित होने के बावजूद गैर-हिंदू धार्मिक परंपराओं का पालन कर रहे हैं। 18 पहचाने गए कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं, जो टीटीडी त्योहारों और अनुष्ठानों में भाग लेने के साथ-साथ गैर-हिंदू धार्मिक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।"
इसके अलावा, टीटीडी के संचालन की आध्यात्मिक अखंडता को बनाए रखने के प्रयासों के तहत, बोर्ड ने इन कर्मचारियों को अन्य सरकारी विभागों में स्थानांतरित करने या उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने का प्रस्ताव दिया है।
टीटीडी के बयान में कहा गया है, "टीटीडी बोर्ड ने हाल ही में ऐसे कर्मचारियों को सरकारी विभागों में स्थानांतरित करने या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के माध्यम से उनके बाहर निकलने की सुविधा प्रदान करने का संकल्प लिया है।
यह निर्णय टीटीडी की अपने मंदिरों और धार्मिक गतिविधियों की आध्यात्मिक पवित्रता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।" इससे पहले नवंबर 2024 में टीटीडी बोर्ड ने एक और प्रस्ताव भी पारित किया था, जिसके अनुसार बोर्ड द्वारा नियोजित गैर-हिंदुओं को या तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेनी होगी या आंध्र प्रदेश में अन्य सरकारी विभागों में स्थानांतरण का विकल्प चुनना होगा।