देश-विदेश
सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तेजी से क्षमता बढ़ाने की जरूरत
नई दिल्ली। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने बदलते भू-रणनीतिक परिदृश्य में उभरती सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तेजी से क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। वायु सेना ने एक बयान में बुधवार को कहा कि एयर चीफ मार्शल रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज वेलिंगटन में स्थायी संकाय के साथ 80वें स्टाफ कोर्स में भाग ले रहे भारतीय सशस्त्र बलों के छात्र अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह कोर्स अधिकारियों से बदलाव को अपनाने, उभरते खतरों का गंभीरता से आकलन करने और भविष्य के संघर्षों के लिए अनुकूल रणनीति तैयार करने का आग्रह किया। संयुक्त कौशल के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने युद्ध प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए तीनो सेनाओं के बीच एकीकृत प्रशिक्षण और परिचालन तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने ने भारतीय वायु सेना की क्षमता विकास पहलों और आधुनिक युद्ध में एकीकृत संचालन के महत्व पर एक रणनीतिक दृष्टिकोण प्रदान किया। उन्होंने भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा में वायुसेना कर्मियों की उपलब्धियों, लचीलेपन और अटूट प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
अपनी यात्रा के दौरान वायु सेना प्रमुख को प्रशिक्षण गतिविधियों और सशस्त्र बलों के बीच संयुक्त कौशल को बढ़ावा देने पर इसके महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई, जो आधुनिक सैन्य तैयारियों का एक प्रमुख पहलू है। उन्होंने कठोर शैक्षणिक और पेशेवर प्रशिक्षण के माध्यम से भविष्य के सैन्य नेतृत्व को आकार देने में संस्थान की भूमिका की सराहना की।
वायु सेना प्रमुख की इस यात्रा ने संयुक्त परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने और अंतर-सेवा सहयोग को मजबूत करने के लिए वायुसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिससे भविष्य की चुनौतियों के लिए एक अच्छी तरह से तैयार नेतृत्व सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रपति और प्रथम महिला को सौंपे ओसीआई कार्ड
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मॉरीशस की अपनी यात्रा के पहले दिन विशेष सम्मान दिखाते हुए राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल और प्रथम महिला वृंदा गोखूल को ओसीआई (विदेशी भारतीय नागरिक) कार्ड सौंपे। प्रधानमंत्री मोदी ने स्टेट हाउस में राष्ट्रपति गोखूल से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और मॉरीशस के बीच विशेष और घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात है। प्रधानमंत्री ने भारत सरकार के सहयोग से स्थापित स्टेट हाउस में आयुर्वेद गार्डन का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद सहित पारंपरिक चिकित्सा के लाभों को आगे बढ़ाने में मॉरीशस भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
वार्ता के बाद राष्ट्रपति गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति धरम गोखूल को महाकुंभ का पवित्र गंगा जल भेंट किया। यह कुंभ 26 फरवरी को संपन्न हुआ और इसमें 660 मिलियन से अधिक तीर्थयात्री त्रिवेणी संगम प्रयागराज में एकत्र हुए, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा मानव समागम बन गया।
इससे पहले, पीएम मोदी ने पोर्ट लुइस में सर शिवसागर रामगुलाम बॉटनिकल गार्डन में मॉरीशस के पहले प्रधानमंत्री और संस्थापक पिता सर शिवसागर रामगुलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री सर अनिरुद्ध जगन्नाथ को भी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स पर लिखा, मैंने मॉरीशस की प्रगति में अमिट योगदान देने वाले दो महान नेताओं सर शिवसागर रामगुलाम और सर अनिरुद्ध जगन्नाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ मिलकर एक पौधा भी लगाया। उन्होंने कहा, प्रकृति, मातृत्व और स्थिरता को समर्पित 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मेरे मित्र प्रधानमंत्री डॉ. नवीन रामगुलाम के हार्दिक भाव से अभिभूत हूं। उनका समर्थन हरियाली और बेहतर भविष्य के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
पीएम मोदी दो दिवसीय मॉरीशस यात्रा पर मंगलवार को पोर्ट लुईस पहुंचे। सर शिवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी का माला पहनाकर स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी।
यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 के बाद पहली मॉरीशस यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिहार में एएसआई राजीव रंजन मल्ल को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला
अररिया। बिहार के अररिया में बुधवार देर रात एएसआई राजीव रंजन मल्ल की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। वे पुलिस टीम के साथ कई मामलों में वांछित अपराधी अनमोल यादव को पकड़ने गए थे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुलिस को खबर मिली थी कि अपराधी अनमोल यादव शादी समारोह में आया हुआ है। इसके बाद एएसआई राजीव रंजन मल्ल के नेतृत्व में पुलिस की टीम अपराधी को पकड़कर थाने ले जाने लगी, तो यादव के गुर्गों ने पहले तो पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। इसके बाद एएसआई राजीव रंजन के साथ बदसलूकी पर उतर आए और उनके साथ धक्कामुक्की की, जिससे एएसआई जमीन पर गिर गए। इसके बाद भीड़ उन पर टूट पड़ी।
मल्ल की हालत काफी खराब हो गई। किसी तरह उन्हें बचाकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।इस घटना की जानकारी मिलने के बाद अररिया के एसपी अंजनी कुमार गुरुवार सुबह अस्पताल पहुंचे और उन्होंने इस घटना की जानकारी पुलिस से ली।
एसपी अंजनी कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अपराधियों की पहचान कर ली गई है। इनमें से कुछ को पकड़ लिया गया है और बाकी की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। पुलिस इस मामले में पूरी सक्रियता से काम कर रही है।
अनमोल यादव कई मामलों में वांछित है। वह नरपतगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव का रहने वाला है। इससे पहले वह गांजा तस्करी के दौरान भी पुलिस पर हमला कर चुका है। वह एनडीपीएस सहित आर्म्स मामलों में भी आरोपी रह चुका है।
भारत को 2030 तक 600 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य की आवश्यकता: सीईईडब्ल्यू
नई दिल्ली। भारत को बिजली की बढ़ती मांग को विश्वसनीय और किफायती ढंग से पूरा करने के लिए 2030 तक 600 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित करनी होगी। यह निष्कर्ष काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) की नई रिपोर्ट ‘हाउ कैन इंडिया मीट इट्स राइजिंग पॉवर डिमांड? पाथवेज टू 2030’ में सामने आया है। इस रिपोर्ट को नई दिल्ली में आयोजित 'नेशनल डायलॉग ऑन पॉवरिंग इंडियाज फ्यूचर' कार्यक्रम में जारी किया गया।
सीईईडब्ल्यू के अध्ययन के अनुसार, यदि बिजली की मांग केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के पूर्वानुमानों के अनुरूप बढ़ती है, तो मौजूदा और नियोजित ऊर्जा क्षमता 2030 में पर्याप्त होगी। हालांकि, अगर आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन के कारण मांग अनुमान से अधिक तेज़ी से बढ़ी, तो 600 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य सबसे किफायती विकल्प होगा। इस लक्ष्य में 377 गीगावाट सौर, 148 गीगावाट पवन, 62 गीगावाट जलविद्युत और 20 गीगावाट परमाणु ऊर्जा शामिल होगी।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए निवेश और नीतिगत कदम जरूरी
कार्यक्रम में केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा, “हम 2070 तक नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रहे हैं और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। 2014 में 76 गीगावाट से 2025 में 220 गीगावाट तक की वृद्धि इसका प्रमाण है।”
सीईईडब्ल्यू के ट्रस्टी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुरेश प्रभु ने कहा कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन को उसकी आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। “2030 तक 600 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता के लिए सुदृढ़ नीतियां और औद्योगिक भागीदारी आवश्यक होगी।”
कोयला प्लांट की आवश्यकता समाप्त हो सकती है
सीईईडब्ल्यू रिपोर्ट के अनुसार, 600 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने से उत्पादन लागत प्रति यूनिट 6-18 पैसे तक कम हो सकती है। इससे नए कोयला संयंत्र लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी और बिजली खरीद लागत में 13,000 करोड़ से 42,400 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है। साथ ही, इससे 53,000 से 1,00,000 तक नई नौकरियां भी सृजित हो सकती हैं।
बैटरी स्टोरेज और ग्रिड सुधार की जरूरत
स्वच्छ ऊर्जा की उच्च हिस्सेदारी को कारगर बनाने के लिए लचीले संसाधनों में निवेश जरूरी होगा। 70 गीगावाट बैटरी स्टोरेज, 13 गीगावाट पंप स्टोरेज हाइड्रो और 140 गीगावाट कोयला क्षमता के आधुनिकीकरण की आवश्यकता होगी। पिछले दो वर्षों में बैटरी स्टोरेज की लागत में 65 प्रतिशत गिरावट आई है, जिससे यह एक व्यवहार्य विकल्प बन गया है।
नीतिगत सिफारिशें
सीईईडब्ल्यू ने कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत उपाय सुझाए हैं:
2030 तक 600 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और इसे राष्ट्रीय विद्युत नीति में शामिल करना।
भूमि और ट्रांसमिशन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु नए मॉडल अपनाना।
स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में जोखिम-मुक्त निवेश को बढ़ावा देना।
एक समान अक्षय ऊर्जा टैरिफ (यूआरईटी) लागू करना।
सीईईडब्ल्यू के सीईओ डॉ. अरुणाभा घोष ने कहा, “भारत ने पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है। अब चुनौती यह है कि हम स्वच्छ, किफायती और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करें। इसके लिए नीति नवाचार, डिजिटल ट्रांसमिशन ग्रिड और केंद्र-राज्य समन्वय को प्राथमिकता देनी होगी।”
रिपोर्ट के निष्कर्ष भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट दिशा प्रदान करते हैं। केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों से 2030 तक 600 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य हासिल करना संभव है।
भारत-मॉरीशस के बीच महत्वपूर्ण करार, पीएम मोदी ने मित्र देश को दी बड़ी सौगात, कही यह बात
मॉरीशस. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत और मॉरीशस का संबंध सिर्फ हिंद महासागर ही नहीं, बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा है. हम आर्थिक और सामाजिक प्रकृति की राह पर एक दूसरे के साथी हैं. प्राकृतिक आपदा हो या कोविड विपदा, हमने हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने बुधवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की. इसके बाद दोनों की मौजूदगी में भारत और मॉरीशस के बीच अहम समझौते भी किए गए. दोनों देशों ने आज 8 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान दोनों नोताओं ने संयुक्त बयान भी जारी किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 140 करोड़ भारतीयों की ओर से मैं मॉरीशस के सभी नागरिकों को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं देता हूं. यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस पर फिर से आने का अवसर मिला है. मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और मॉरीशस सरकार का आभार व्यक्त करता हूं.
उन्होंने कहा, भारत और मॉरीशस का संबंध सिर्फ हिंद महासागर ही नहीं, बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा है. हम आर्थिक और सामाजिक प्रकृति की राह पर एक दूसरे के साथी हैं. प्राकृतिक आपदा हो या कोविड विपदा, हमने हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मॉरीशस में गति के लिए मेट्रो एक्सप्रेस, न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट भवन, सुखद प्रवास के लिए सोशल हाउसिंग, अच्छे स्वास्थ्य के लिए ईएनटी अस्पताल, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई और रूपे कार्ड, सस्ती और बेहतर गुणवत्ता वाली दवाओं के लिए जन औषधि केंद्र, ऐसी अनेक जन केंद्रित पहल हैं, जिन्हें हमने समयबद्ध तरीके से पूरा किया है.
लोकतंत्र की जननी की ओर से मॉरीशस को बड़ी भेंट
उन्होंने कहा, आज, प्रधानमंत्री नवीन चंद्र रामगुलाम और मैंने भारत-मॉरीशस साझेदारी को बढ़ी हुई रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है. हमने निर्णय लिया है कि भारत मॉरीशस में नए संसद भवन के निर्माण में सहयोग करेगा. यह लोकतंत्र की जननी की ओर से मॉरीशस को एक भेंट होगी.
अद्वितीय और विशेष संबंधों का प्रमाण: पीएम रामगुलाम
इस दौरान मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी स्वतंत्रता की 57वीं वर्षगांठ के राष्ट्रीय दिवस समारोह में अपनी उपस्थिति से हमें सम्मानित किया है. उनकी विशिष्ट उपस्थिति हमारे दोनों देशों के बीच अद्वितीय और विशेष संबंधों का प्रमाण है.
बिहार में दुखद घटना, पिता ने 4 बच्चों को दूध में दिया जहर, 3 की तड़प-तड़प कर मौत
आरा. बिहार के आरा जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने चार बच्चों को जहर देकर मारने के बाद खुद भी जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया. इस हृदयविदारक घटना में तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि पिता और एक अन्य बच्चे का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है. यह घटना आरा जिले में मंगलवार रात को घटी. मृतक बच्चों की पहचान और उम्र अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है. पुलिस के अनुसार, अरविंद कुमार नामक व्यक्ति ने अपने बच्चों को दूध में जहर मिलाकर पिला दिया, और फिर स्वयं भी जहर का सेवन कर लिया.
घटना में जीवित बचे बच्चे, आदर्श, ने बताया कि उनकी मां का देहांत आठ महीने पहले बीमारी के कारण हो गया था, जिसके बाद से उनके पिता गहरे अवसाद में थे. अरविंद कुमार बेनवलिया बाजार में एक छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाते थे, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे.
आदर्श ने आगे बताया कि मंगलवार की रात उनके पिता ने उन्हें पसंदीदा भोजन पूरी खिलाया और फिर सभी को दूध दिया, जिसे पीने के बाद उन्हें उल्टी और पेट दर्द शुरू हो गया. घर में कोई और मौजूद नहीं था और वे असहाय होकर कमरे में ही तड़पते रहे. काफी देर बाद दरवाजा खुलने पर उन्हें और उनके पिता को इलाज के लिए आरा के सदर अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में इलाज के दौरान दो बेटियों और एक बेटे ने दम तोड़ दिया. ग्रामीण गुप्तेश्वर प्रसाद ने बताया कि गांव के कई लोग पड़ोस में एक बारात में शामिल होने गए थे, और उसी दौरान अरविंद के भतीजे ने फोन पर घटना की जानकारी दी.
डॉक्टर शिव नारायण सिंह, जो सदर अस्पताल में ऑन ड्यूटी थे, ने बताया कि मरीजों को अस्पताल लाए जाने पर उनकी आंख की पुतलियाँ सूजी हुई थीं, और उनमें उल्टी, पेट दर्द और शरीर में दर्द के लक्षण थे. उन्होंने बताया कि मरीजों के मुंह और नाक से झाग निकल रहा था, और अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने किस प्रकार के जहर का सेवन किया था. डॉक्टर सिंह ने बताया कि मरीजों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में चल रहा है.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है. प्रारंभिक जांच में पत्नी की मृत्यु के बाद अरविंद कुमार के अवसाद में होने की बात सामने आ रही है.
'आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए जा रहे नए उपाय', लोकसभा में बोले नित्यानंद राय
नई दिल्ली। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने पूरे भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और शासन को मजबूत करने के लिए रणनीति बनाई है।
सीमा सुरक्षा को बढ़ाया जा रहा
चालू वित्त वर्ष में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बजट में प्रस्तावित नए उपायों में अन्य बातों के साथ-साथ, आतंकी नेटवर्क को खत्म करके जम्मू और कश्मीर को आतंक मुक्त बनाने, घुसपैठ को रोकने और आतंकी वित्तपोषण को खत्म करने के उपाय शामिल हैं। ड्रोन, निगरानी प्रणाली और कमजोर सीमाओं पर बाड़ लगाने जैसे तकनीकी उन्नयन के माध्यम से सीमा सुरक्षा को बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए एक योजना को दी गई मंजूरी
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2021-22 से 2025-26 तक की अवधि के दौरान पांच वर्षों के लिए 4846 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता (एएसयूएमपी) की एक योजना को मंजूरी दी है।
इस योजना का फोकस सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस स्टेशनों के निर्माण के साथ-साथ पुलिस स्टेशनों को आवश्यक आधुनिक तकनीक, हथियार, संचार उपकरण आदि से लैस करके अत्याधुनिक स्तर पर पुलिस बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी पर कही ये बात
एक अन्य प्रश्न के जवाब में नित्यानंद राय ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल ने 2024 में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी के प्रयासों को विफल करते हुए 461.07 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित सामग्री जब्त की है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक है।
वहीं, एक अन्य प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (पीएमएसएस) के तहत 2006-07 में इसकी स्थापना के बाद से 2023-24 तक सीएपीएफ और राज्य पुलिस कर्मियों के बच्चों और विधवाओं के लिए कुल 49,189 छात्रवृत्तियां वितरित की गई हैं।
6,046 साइबर अपराधी गिरफ्तार
केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आइ4सी) द्वारा शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत 6,046 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है। 17,185 लिंकेज और 36,296 साइबर जांच सहायता अनुरोध प्राप्त हुए हैं। यह जानकारी लोकसभा में एक सवाल के जवाब में गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने दी।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध डेटा साझा करने और विश्लेषण के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए समन्वय नामक एक प्लेटफार्म शुरू किया गया है। एक अन्य प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर कार्रवाई को पहली बार प्राथमिकता दी गई है। इसे भारतीय न्याय संहिता में एक अध्याय के अंतर्गत रखा गया है।
पॉलीथीन, शॉल, तौलिए से लेकर डायपर तक... विमान के शौचालय में मिल चुकी हैं ये चीजें, एयर इंडिया में चल क्या रहा है?
नई दिल्ली। अमेरिका से भारत आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट का टॉयलेट ब्लॉक हो जाने के कारण विमान को वापस लौटना पड़ा था। प्लेन में कुल 12 टॉयलेट थे, जिनमें से 11 ब्लॉक हो गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, टॉयलेट ब्लॉक होने के कारण फ्लाइट नंबर AI126 को चार घंटे उड़ने के बाद यू-टर्न लेना पड़ा था।
एयरलाइन ने बताई हैरान करने वाली बात
मामले को लेकर एयर इंडिया की तरफ से सफाई पेश की गई थी। पहले तो एयरलाइन ने इसे तकनीकी कारणों का हवाला देकर विमान लौटने की जानकारी दी थी। लेकिन जब टॉयलेट ब्लॉक होने पर एयरलाइन की फजीहत होने लगी तो कंपनी ने ऐसी बातें बताई जिसने सभी को हैरान कर दिया।
एयर इंडिया ने बताया कि विमान के शौचालय में पॉलीथीन और कपड़े बहा दिए गए थे, जिस वजह से पाइपलाइन जाम हो गई थी और टॉयलेट इस्तेमाल करने लायक नहीं रह गया था। एयर इंडिया के मुताबिक, विमान में कुल 12 शौचालय थे, जिनमें से 8 बंद हो गए थे।
'कंबल, इनरवियर और डायपर'
कंपनी ने यात्रियों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के मुद्दे को भी उजागर करते हुए बताया था, हमारी टीमों को शौचालय से पहले भी अन्य कचरे के अलावा कंबल, इनरवियर और डायपर जैसी वस्तुएं मिली थीं, जिन्हें उड़ानों के दौरान शौचालयों में बहा दिया गया था।"
फ्लाइट को वापस शिकागो क्यों ले जाना पड़ा
जिस वक्त विमान के शौचालय ब्लॉक हुए उस वक्त वो अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान भर रहा था। हालांकि, यूरोप के कुछ शहरों की तरफ विमान को मोड़ने का विकल्प था, लेकिन रात के समय यूरोपीय हवाई अड्डों पर परिचालन प्रतिबंधों के कारण फ्लाइट को वापस शिकागो ले जाना पड़ा।
ये पहला मौके नहीं है, जब एयर इंडिया की फ्लाइट में शौचालय जाम की स्थिति उत्पन्न हुई है। इससे पहले भी ऐसा हुआ था, जिसके बाद एयरलाइन ने बकायदा नोटिस जारी कर लोगों से अपील की थी कि शौचालय में ऐसा कुछ न फेंके जिससे वो जाम हो जाए।
क्यों ब्लॉक हो रहे हैं एयर इंडिया विमान के शौचालय?
विमानों के रखरखाव करने वाले एक इंजीनियर ने बताया कि, एयर इंडिया के कुछ विमान काफी पुराने हो गए हैं, जिस वजह से शौचालय की पाइपों में दिक्कत आने लगी है। अगर शौचालय में शॉल, बेडशीट और तौलिए फ्लश किए जाएंगे तो ये आसानी से ब्लॉक हो सकते हैं।
एयर इंडिया के पूर्व एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जितेंद्र भार्गव ने बताया, 2007 से लेकर 2010 के बीच एयरलाइन को 23 में से 21 एयरक्राफ्ट मिल चुके थे। बाकी के दो इंडियन एयरफोर्स द्वारा वीवीआईपी लोगों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल किया जाता है।
आंध्र प्रदेश में भीषण सड़क हादसा, दो बसों की टक्कर में 2 लोगों की मौत; 40 घायल
आंध्र प्रदेश। अन्नामय्या जिले में दो बसों की टक्कर में 2 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
राज्य के परिवहन मंत्री मंडीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने यात्रियों की मौत पर शोक व्यक्त किया है और चिकित्सा अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम संभव उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया है।
अन्नामय्या जिले के मंडल पीआरओ ने बताया, परिवहन मंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त उपाय लागू करने का भी आग्रह किया है, खासकर निजी बसों से जुड़ी दुर्घटनाओं को रोकने पर जोर दिया है।
सोने-चांदी की सजावट, इटालियन मार्बल और 500 करोड़ में बना 'साउथ का शीशमहल', क्यों जांच के घेरे में आया रुशिकोंडा पैलेस?
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू से पहले वाईएसआरसीपी पार्टी के मुखिया जगन मोहन रेड्डी की सरकार थी। उस दौरान रुशिकोंडा पहाड़ी पर एक भव्य इमारत बनाया गया था, जिसे जगन रेड्डी का कार्यालय सह निवास स्थान बताया जाता था। अब ये जगह जांच के घेरे में हैं।
यह आलीशान संपत्ति, जिसकी अनुमानित कीमत 500 करोड़ रुपये है, अब पर्यावरण उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रही है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, परिसर के अंदर सोने की सजावट, इटालियन मार्बल के फर्श और आलीशान साज-सज्जा सहित कई भव्य चीजें हैं।
यह महल सुरम्य रुशिकोंडा क्षेत्र में 10 एकड़ में फैले चार विशाल ब्लॉकों से बना हुआ है, जो एक प्रमुख तटीय पर्यटन केंद्र है। इस परिसर में व्यापक बुनियादी ढांचा जैसे की पक्की सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, थोक जल आपूर्ति और 100 केवी बिजली सब-स्टेशन शामिल हैं।
पर्यावरण उल्लंघन का आरोप
इस भव्य इमारत का निर्माण विवादों में घिरा हुआ है, जिसमें तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) मानदंडों के घोर उल्लंघन के आरोप हैं। आलोचकों का दावा है कि एस्टेट के निर्माण के लिए सुंदर रुशिकोंडा पहाड़ी के लगभग आधे हिस्से की खुदाई की गई थी, जिससे पर्यावरण संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय (एमओईएफ) ने 19 मई, 2021 को पर्यटन विकास परियोजना के रूप में मंजूरी दी थी। हालांकि, टीडीपी का आरोप है कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने कानूनी दिशा-निर्देशों को दरकिनार करते हुए महल को जगन मोहन रेड्डी के निजी इस्तेमाल के लिए बनाया था।
टीडीपी सरकार ने फिर से इस्तेमाल के विकल्प तलाशे
वर्तमान तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अब इस आलीशान संपत्ति को फिर से इस्तेमाल करने की चुनौती से जूझ रही है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के प्रशासन ने जगन मोहन रेड्डी पर सार्वजनिक धन के घोर दुरुपयोग का आरोप लगाया है, कुछ अनुमानों के अनुसार कुल खर्च 600 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
हालांकि, वाईएसआरसीपी के पूर्व मंत्री गुडीवाड़ा अमरनाथ ने पिछली सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह परियोजना कानूनी मापदंडों के भीतर है।
इस बीच, भारत सरकार के पूर्व सचिव ईएएस सरमा ने अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने का आह्वान किया है और अधिकारियों से रुशिकोंडा के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने का आग्रह किया है।
AI और महिला सशक्तिकरण: डिजिटल युग में समानता की ओर बढ़ते कदम
सावित्री ठाकुर (महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार)
आज के इस तेज गति वाली 21वीं सदी में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में नित नई संभावनाएँ उभर रही हैं, विशेष रूप से आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकों के माध्यम से। एआई न केवल महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर प्रदान कर सकता है, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी समान भागीदार बनाने में मदद कर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने G20 समिट से लेकर वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम तक, हर मंच पर ‘वूमेन-लेड डेवलपमेंट’ को बढ़ावा देने की बात कही है। इसके तहत महिलाओं को केवल विकास का लाभार्थी ही नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता भी माना जा रहा है। एआई इस दृष्टि से कई प्रकार से देश की विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा सकता है। चाहे रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना हो या शिक्षा एवं कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुगम बनाना, एआई हर क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकता है।
डेटा एनालिटिक्स की मदद से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। एआई संचालित डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए फ़र्जी लाभार्थियों की पहचान कर जरूरतमन्द लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है।
एआई के उपयोग को लेकर 2018 में, भारत सरकार ने ‘नेशनल स्ट्रैटेजी फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की शुरुआत की, जिसका मकसद कुछ खास क्षेत्रों में एआई के विकास को बढ़ावा देना था। वर्ष 2021 में, ‘रिस्पॉन्सिबल एआई’ पर एक ड्राफ्ट पेश किया गया, जिसमें नैतिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दिया गया। इस नेशनल स्ट्रैटेजी को ‘एआइ फॉर ऑल’ की थीम पर तैयार किया गया है।
विगत वर्ष, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने ‘मेकिंग एआई इन इंडिया’ और ‘मेकिंग एआई वर्क इन इंडिया’ के विज़न पर चलते हुए 10,371.92 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ राष्ट्रीय स्तर के इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। ये मिशन, सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में रणनीतिक कार्यक्रमों और साझेदारियों के माध्यम से एआई नवाचार को बढ़ावा देने वाला एक वृहद इकोसिस्टम स्थापित करेगा।
हाल ही में, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और फ़्रांस की सह-अध्यक्षता में आयोजित पेरिस एआई शिखर सम्मेलन 2025 में एआई को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया था, ताकि यह सभी वर्गों के लिए उपयोगी साबित हो सके। इसी संदर्भ में, एआई महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक हिंसा की रोकथाम में भी अहम भूमिका निभा सकता है। एआई-आधारित निगरानी प्रणाली सार्वजनिक स्थलों पर लड़कियों के साथ होने वाले छेड़छाड़ की घटनाओं की पहचान कर अपराधी को चिन्हित करने में मदद कर सकती है। साइबर सुरक्षा में एआई का उपयोग ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर बुलिंग जैसी समस्याओं से निपटने में किया जा सकता है। इसके अलावा, एआई-आधारित आपातकालीन अलर्ट सिस्टम महिलाओं को तुरंत सहायता प्रदान करने में मदद कर सकता हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और भी सुदृढ़ होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग भी महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकता है। हाल ही में स्वीडन में हुई एक क्लीनिकल स्टडी में पाया गया कि एआई आधारित मैमोग्राफी सिस्टम 29% अधिक स्तन कैंसर के मामलों की पहचान कर सकता है। इसके अलावा, एआई-आधारित प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स डॉक्टरों को जटिल बीमारियों की पहचान करने और उनके उपचार में मदद कर सकता है। खासकर, यह तकनीक हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान कर सकती है और संभावित जटिलताओं को रोकने में सहायक हो सकती है।
‘विकसित भारत 2047’ के विजन के तहत, भारत को एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। एआई न केवल महिलाओं के लिए नए अवसरों का सृजन कर सकता है, बल्कि उन्हें समाज में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए सक्षम भी बना सकता है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एआई केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है। यह तकनीक एक समावेशी और प्रगतिशील समाज की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसका उपयोग केवल आर्थिक या तकनीकी उन्नति तक सीमित न रहें, बल्कि इसे महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय तक सुगमता से पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भी उपयोग किया जाए।
संसद में आज भी हंगामे के आसार
नई दिल्ली । संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा काफी हंगामेदार रहा है। अलग-अलग मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है, जिसकी वजह से संसद की कार्रवाई सुचारू रूप से नहीं हो रही है। बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों के कारण चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठ रहे संदेहों को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की थी और राहुल गांधी ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया था। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें
भारत सरकार 266 और नागरिकों लाई वापस, विदेश में नौकरी करने के चक्कर बुरे फंसे
नई दिल्ली। विदेश में नौकरी करने की लालच में फंसे 266 भारतीय नागरिकों को मंगलवार को सरकार वापस लाई है, जिन्हें दक्षिण पूर्व एशिया के साइबर अपराध केंद्रों से रिहा कराया गया था। सोमवार को इसी तरह 283 भारतीयों को वापस लाया गया। भारतीय दूतावासों ने म्यांमार और थाईलैंड सरकारों के साथ मिलकर उनकी रिहाई सुनिश्चित करने और उनके स्वदेश वापसी में मदद की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने लगातार प्रयास किए हैं कि उन भारतीयों को रिहा किया जा सके, जो म्यांमार सहित दक्षित-पूर्व एशियाई देशों में फर्जी नौकरी के वादों से ठगे गए थे। इन नागरिकों को साइबर अपराध और अन्य धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल किया गया था, जो म्यामांर-थाईलैंड सीमा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे थे।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि कि वे विदेश में स्थित मिशनों के जरिए विदेशी नियोक्ताओं की साख की पुष्टि करें और नौकरी की पेशकश मंजूर करने से पहले भर्ती एजेंटों और कंपनियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच करें। इससे पहले दिसंबर में भी भारतीय दूतावास ने म्यांमार के म्यावाडी में नौकरी घोटाले के परिसर में फंसे छह भारतीय नागरिकों को रिहा करने का ऐलान किया था।
दक्षिण-पूर्व एशिया का गोल्डन ट्राइंगल क्षेत्र साइबर अपराध का केंद्र है, जहां थाईलैंड, लाओस और म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं मिलती हैं। यहां से साइबर फ्रॉड के लिए फर्जी कॉल सेंटर संचालित होते हैं। पीड़ितों में देश के अलग-अलग राज्यों के लोग शामिल हैं। म्यांमार सरकार ने बंधकों को छुड़ाने और उन्हें थाईलैंड शिफ्ट करने के लिए अपनी सेना को तैनात किया, जहां से उन्हें अब भारत वापस लाया गया।
पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक, BLA ने 100 से ज्यादा यात्रियों को बनाया बंधक...
इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया है। संगठन ने दावा किया है कि उसने बोलन में जाफर एक्सप्रेस को अपने कब्जे में लेकर 120 यात्रियों को बंधक बना लिया है।
सैन्यकर्मियों को बनाया गया निशाना
बीएलए ने चेतावनी दी है कि अगर उनके खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 6 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं। ट्रेन में सवार यात्रियों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, आतंकवाद निरोधक बल (ATF) और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के अधिकारी शामिल हैं, जो छुट्टी पर पंजाब जा रहे थे।
महिलाओं और बच्चों को छोड़ा
ऑपरेशन के दौरान बीएलए आतंकियों ने महिलाओं, बच्चों और बलूच यात्रियों को रिहा कर दिया। बताया जा रहा है कि बीएलए की फिदायीन यूनिट, मजीद ब्रिगेड इस मिशन का नेतृत्व कर रही है। इसमें फतेह स्क्वाड, एसटीओएस और खुफिया शाखा जिराब शामिल हैं।
पाकिस्तानी सेना और प्रशासन इस संकट से निपटने के लिए आपातकालीन कदम उठा रहे हैं। अभी तक हाईजैक की इस घटना पर पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
हंपी दुष्कर्म-हत्या मामले में पुलिस की छापेमारी, कई इलाकों के होमस्टे-रिसॉर्ट में दबिश
कर्नाटक। हंपी दुष्कर्म-हत्याकांड के मद्देनजर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की जांच के लिए कोप्पल पुलिस ने कई इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान कई अहम दस्तावेजों की भी जांच की गई। जानकारी के मुताबिक, एसपी डॉ. राम एल. अरसिद्दी के नेतृत्व में पुलिस ने यह कार्रवाई की। छापेमारी बासपुरा, अनेगुंडी और सनापुर इलाकों में की गई। इस दौरान होमस्टे और रिसॉर्ट पर छापेमारी की गई और दस्तावेजों की जांच की गई।
क्या है मामला?
दरअसल, कोप्पल जिले में एक विदेशी नागरिक समेत दो महिलाओं के साथ कथित तौर पर तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। आरोपियों ने महिला के पुरुष मित्र को नहर में धकेलकर उसकी हत्या कर दी थी।
इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विदेशी नागरिक समेत दो महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म मामले की निंदा की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि सरकार राज्य में आने वाले पर्यटकों समेत सभी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कोप्पल जिले के सनापुर में इस्राइली नागरिक और ‘होमस्टे’ मालकिन पर हमले और दुष्कर्म को सबसे जघन्य कृत्य करार दिया। सिद्धरमैया ने कहा, 'जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, मैंने संबंधित पुलिस से जानकारी प्राप्त की, गहन जांच की और उन्हें अपराधियों की शीघ्र पहचान करने के निर्देश दिए।'
क्या है मामला?
पुलिस के मुताबिक, 6 मार्च यानी गुरुवार की रात हंपी के पास 27 साल की इस्राइली पर्यटक समेत दो महिलाओं के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उन पर हमला किया गया। महिलाओं के साथ मौजूद तीन पुरुष पर्यटकों पर भी हमला किया गया और उन्हें नहर में धकेल दिया गया, जिनमें से एक की मौत हो गई। पुलिस ने तीन आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। एक संदिग्ध को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
पिता की दूसरी शादी की बात सुन बच्चों ने कर ली खुदकुशी
ओडिशा। जिले के धनचंगड़ा गांव में सोमवार को दो बच्चों की कथित रूप से सुसाइड की घटना से सनसनी फैल गई है। कहा जा रहा है कि दो नाबालिग भाइयों ने तब जान दे दी जब उन्होंने अपने पिता की दूसरी शादी की बात सुनी। दोनों बच्चों का शव संदिग्ध हालत में बरामद किया गया है। यह घटना तब हुई जब उनके पिता को दूसरी शादी का प्रस्ताव मिला और प्रस्ताव मिलने के ठीक एक दिन बाद दोनों बच्चे मृत पाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों ने सुसाइड नही ंकिया है उनकी हत्या की गई है।
मृतक बच्चों के पिता का नाम प्रकाश मोहंती है, बच्चों की मां यानी मोहंती की पत्नी की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे थे, जिनकी उम्र 14 और 11 साल थी। रविवार को प्रकाश को दूसरी शादी का प्रस्ताव मिला था लेकिन आज उनके दोनों बच्चे मृत पाए गए हैं। प्रकाश के पिता, अच्युत मोहंती ने पुलिस को बताया कि उनके पोते पिता की दूसरी शादी की खबर से आहत थे और उन्होंने खुदकुशी कर ली। लेकिन गांव के कुछ लोग इस पर संदेह जता रहे हैं और उनका मानना है कि बच्चों की हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही फतेगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लिया और प्रकाश मोहंती को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। नयागढ़ की पुलिस अधीक्षक ने कहा,"हमें सूचना मिली कि दो नाबालिग लड़कों के शव धनचंगड़ा गांव में बरामद हुए हैं। हमारी पुलिस टीम और वैज्ञानिक टीम मौके पर मौजूद हैं।
पुलिस ने कहा कि स्थानीय लोगों को प्रकाश मोहंती पर शक है, इसलिए हमने उन्हें हिरासत में लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या थी या फिर किसी ने इन मासूमों की हत्या कर दी है।
संसद के बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच नोकझोंक जारी
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग सोमवार 10 मार्च से शुरू हो चुका है। सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में विपक्ष की ओर से काफी हंगामा देखने को मिला।
लोकसभा में विपक्षी दलों और सरकार के बीच NEP और त्रिभाषा नीति को लेकर नोकझोंक देखने को मिली थी।
इसके अलावा लोकसभा सीटों के परिसीमन, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटर टर्न आउट के मुद्दे पर भी बहस हुई। माना जा रहा है कि मंगलवार को भी सरकार और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिल सकती है।