देश-विदेश
प्रयागराज से जितनी जरूरत हो उतनी ट्रेन चलाएं : मंत्री अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में हुई भगदड़ के बाद, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को ट्रेन सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रयागराज में यात्रियों की बढ़ती जरूरतों के हिसाब से ट्रेनें चलाई जाएं। रेल मंत्रालय के प्रेस नोट के अनुसार, महाकुंभ में भगदड़ के बाद रेल मंत्री वैष्णव ने यात्रियों की सुविधाओं औऱ ट्रेन संचालन की निगरानी के लिए रेल भवन में स्थापित 24x7 वॉर रूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेन सेवाओं की समीक्षा की।
जरूरतों के हिसाब से ट्रेन संचालन का निर्देश
रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने कहा कि रेल मंत्री वैष्णव ने अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और योजना के साथ-साथ बढ़ती जरूरतों के हिसाब से ट्रेनों का संचालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि रेलवे मौजूदा परिदृश्य से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पूरे दिन वॉर रूम में उपस्थित रहे रेलवे बोर्ड अध्यक्ष
प्रेस नोट में यह भी बताया गया कि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने ट्रेन संचालन की निगरानी के लिए पूरे दिन वॉर रूम में मौजूद रहकर सुनिश्चित किया कि प्रयागराज से ट्रेन सेवाओं को उच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रेस नोट में बताया गया कि मौनी अमावस्या के अवसर पर बुधवार को महाकुंभ के संगम क्षेत्र में हुई भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 60 घायल हो गए।
रेलवे बोर्ड ने कवच के कार्यान्वयन और कार्यप्रणाली के लिए नियम बनाए
रेलवे के दक्षिण मध्य जोन में 1465 किलोमीटर लंबे मार्ग पर स्वचालित सुरक्षा प्रणाली (एटीपी) कवच को तैनात करने के दो साल बाद रेलवे बोर्ड ने इसे 1989 के रेलवे अधिनियम में शामिल कर लिया है। साथ ही इसकी कार्यप्रणाली के लिए नियम बनाए हैं। कवच को जुलाई, 2020 में राष्ट्रीय एटीपी प्रणाली के रूप में अपनाया गया था। इसे पहली बार 2023 में दक्षिण मध्य रेलवे में 1465 किमी मार्ग पर तैनात किया गया था।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि इस तैनाती से इसकी कार्यप्रणाली और अनुकूलन के बारे में समझ विकसित करने में मदद मिली। इससे इसके कार्यान्वयन के लिए नियम बनाने में सहायता मिली है। सरकार ने 2 जनवरी को एक गजट अधिसूचना के माध्यम से, रेलवे अधिनियम 1989 में संशोधन करके कवच को परिभाषित किया गया। बोर्ड ने कवच परिचालन क्षेत्र में इसकी कार्यप्रणाली और सुरक्षा विभाग की भूमिका के बारे में अलग से नए नियम बनाए।
महाकुंभ से लौट रहे तीन श्रद्धालुओं की मौत, तीन घायल
प्रयागराज। महाकुंभ में मौनी अमावस्या का स्नान करके लौट रहे श्रद्धालुओं की कार और बस में आमने- सामने की टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। जबकि कार सवार तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। छह लोग कार में सवार होकर निकले थे महाकुंभ एक सप्ताह पूर्व वैगनआर कार से छह लोग प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या का स्नान करने निकले थे। स्नान के बाद श्रद्धालु अपनी कार में सवार होकर अपने घर जा रहे थे। कार को संजय सिंह चला रहा थे। उसमें उनका परिवार व उनके करीबी दोस्त का परिवार भी था। रात करीब 11 बजे कार सवार श्रद्धालु प्रयागराज से अपने घर के लिए निकले। करीब तीन बजे सतहरिया पुलिस चौकी के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही खाली रोडवेज बस से आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार सभी लोग बुरी तरह से फंस गए।
तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर सतहरिया चौकी प्रभारी गंगा सागर मिश्रा मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कार में फंसे लोगों को कटर की मदद से किसी तरह बाहर निकाला। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतहरिया में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने कार ड्राइवर संजय सिंह (55) निवासी महाराजगंज, बिंदु सिंह (45) निवासी गोरखपुर, विमला देवी (58) निवासी गोरखपुर को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में कार सवार विधावती (60) निवासी महाराजगंज, किरन देवी तिवारी (40) निवासी महाराजगंज, महेश तिवारी (50) गंभीर रूप घायल हो गए। जिन्हें डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। हादसे के बाद करीब घंटों जाम लगा रहा।
पुलिस ने परिजनों को सूचना देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र के मुताबिक रोडवेज व श्रद्धालुओं से भरी कार की आमने- सामने की टक्कर हुई। जिसमें तीन की मौत व तीन लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ओलंपिक में भ्रष्टाचार की दौड़ हो तो केजरीवाल गोल्ड मेडल जीतेंगे: फडणवीस
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर बुधवार को बिना सोचे समझे बोलने और राष्ट्रीय राजधानी के लोगों से विकास के झूठे वादे करने का आरोप लगाया।
फडणवीस ने यहां रोहिणी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर ओलंपिक में भ्रष्टाचार की दौड़ होगी तो केजरीवाल स्वर्ण पदक जीतेंगे।
उन्होंने मतदाताओं से दिल्ली में भाजपा की सरकार बनाने का आग्रह किया ताकि दिल्ली का तेज विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली को ‘‘आप सरकार के कुशासन’’ के कारण सीवर, गंदे पानी और प्रदूषित हवा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा उम्मीदवार विजेंद्र गुप्ता के लिए प्रचार करते हुए फडणवीस ने कहा, ‘‘केजरीवाल को अन्ना हजारे से बेहतर कौन जान सकता है? मैं यहां आने से पहले अन्ना हजारे से मिल चुका हूं।
उन्होंने मुझसे कहा कि केजरीवाल इस दुनिया के सबसे बेईमान व्यक्ति हैं।’’ केजरीवाल ने 2011 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के साथ भ्रष्टाचार रोधी आंदोलन किया था और देखते ही देखते वह प्रसिद्ध हो गए थे। बाद में केजरीवाल और अन्ना हजारे के रास्ते अलग हो गए थे।
'आप में बेदाग मंत्री मिलना मुश्किल'
रैली में फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश में बिना भ्रष्टाचार के विकास लाने का श्रेय दिया। फडणवीस ने कहा, "लेकिन ‘आप’ में बेदाग मंत्री मिलना मुश्किल है। अगर ओलंपिक में भ्रष्टाचार की दौड़ हो तो केजरीवाल निश्चित रूप से स्वर्ण पदक जीतेंगे।
मध्य प्रदेश में 34 हजार स्कूल आज बंद
भोपाल। बोर्ड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने बड़ा कदम उठाया है। एसोसिएशन ने मान्यता के नियम में रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट की शर्त के विरोध में बंद का आह्वान किया है। गुरुवार (30 जनवरी) को एमपी बोर्ड के पहली से आठवीं कक्षा तक के 34 हजार प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित सभी जिलों में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी। प्रदेश भर के 34 हजार स्कूलों के संचालक गुरुवार को गांधी प्रतिमाओं पर जाकर ज्ञापन सौंपेंगे।
एसोसिएशन का कहना है कि नए नियमों से छोटे और मध्यम स्तर के स्कूलों के संचालन में कठिनाई होगी, इसलिए एसोसिएशन इन शर्तों को हटाने की मांग कर रहे हैं।
एसोसिएशन की मांग है कि 8वीं कक्षा तक के स्कूलों की मान्यता के लिए रजिस्टर्ड किरायानामे की शर्त निरस्त की जाए। पहले की तरह नोटरी किरायानामा लागू किया जाए।
मान्यता के लिए 40 हजार रुपए की सुरक्षा निधि लेने पर रोक लगे। शिक्षा का अधिकार (RTE) की राशि समय पर दी जाए। मान्यता शुल्क में की गई वृद्धि को समाप्त किया जाए।
मध्य प्रदेश सरकार ने पहली से 8वीं कक्षा तक की मान्यता के नियमों में बदलाव किए हैं। सरकार ने रजिस्टर्ड किरायानामा अनिवार्य किया है। 40,000 रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट जमा करने का नियम बनाया है।
मान्यता शुल्क में वृद्धि की है। सरकार के नए नियमों का एमपी बोर्ड प्राइवेट ने विरोध किया है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि जो स्कूल पहले से चल रहे हैं, उन्हें इस नियम से बाहर रखा जाए।
रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट करने में दिक्कत
एसोसिएशन का कहना है कि वे किसी लॉ या सरकार का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन रजिस्टर्ड किराया नामा प्रैक्टिकल नहीं है। कई स्कूल किराए की बिल्डिंग में चलते हैं।
तीन साल या पांच साल का रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट करने में दिक्कतें आ रही हैं। पहली से आठवीं क्लास तक की मान्यता के नियम में जो रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट की बात की गई है, उस पर दोबारा विचार किया जाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘‘पूज्य बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। मैं हमारे राष्ट्र के लिए शहीद हुए सभी लोगों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और उनकी सेवा एवं बलिदान को याद करता हूं।’’ राष्ट्रपिता गांधी की 1948 में आज ही के दिन नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, नमो भारत ट्रेन में सफर करना हुआ सस्ता
नई दिल्ली। नमो भारत ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए गुड न्यूज है। नमो भारत ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री अब एनसीएमसी कार्ड का उपयोग कर यात्रा में 10 प्रतिशत तक की छूट का लाभ ले सकते हैं।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTVC) की ओर से लॉन्च किए गए लॉयल्टी पॉइंट प्रोग्राम का विस्तार किया गया है, जिसके अंतर्गत ‘नमो भारत’ मोबाइल ऐप के जरिए खरीदे गए टिकटों पर यह छूट दी की जा रही है।
इस छूट के अंतर्गत यात्री जितनी ज्यादा यात्रा करेंगे उतनी ही ज्यादा बचत कर सकेंगे।
लॉयल्टी प्रोग्राम के तहत नमो भारत से यात्रा करने वाले यात्री खर्च किए गए हर रुपये पर एक प्वाइंट अर्जित कर सकेंगे। हर लॉयल्टी प्वाइंट का मूल्य 10 पैसे होगा। ये सभी प्वाइंट्स यात्री के एनसीएमसी खाते में जमा किए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर अगर कोई यात्री नमो भारत में यात्रा के लिए 100 रुपये खर्च करता है तो उसके एनसीएमसी खाते में 100 अंक (10 रुपये के बराबर) जमा किए जाएंगे। यह ऑफर किसी भी कार्ड पर उपलब्ध होगा। स्टेशन के काउंटर पर इन प्लवाइंट्स को रीडीम कराकर छूट प्राप्त की जा सकती है।
रेग्यूलर यात्रियों को लाभ पहुंचाने की कवायद
दरअसल, लॉयल्ल्टी प्रोग्राम नमो भारत के रेग्यूलर यात्रियों को लाभ पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। जिससे उन्हें हर यात्रा के साथ बचत का लाभ मिल सके। इतना ही नहीं कागज रहित टिकटिंग के माध्यम से यात्रा सरल हो जाएगी। इसमें कहा गया, ‘‘ऐप डाउनलोड करने पर हर नए उपयोगकर्ता को 50 रुपये मिलेंगे, जो 500 लॉयल्टी पॉइंट के बराबर है। यदि वे एक नए उपयोगकर्ता से ‘आरआरटीएस कनेक्ट’ ऐप का इस्तेमाल करने के लिए कहते हैं तो उसे अतिरिक्त 500 लॉयल्टी पॉइंट मिल सकते हैं।’’ बयान में कहा गया कि लॉयल्टी पॉइंट प्राप्त होने की तारीख से एक वर्ष तक वैध रहेंगे, जिससे लगातार यात्रा और निरंतर ऐप का इस्तेमाल करने को बढ़ावा मिलेगा।
महाकुंभ में अब तक 27 करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई पवित्र डुबकी
प्रयागराज। सीएम योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को प्रयागराज आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद बुधवार को ही मुख्यमंत्री के आने की उम्मीद थी। हालांकि, अब उनके बृहस्पतिवार के आने की संभावना है।
संगम में पावन स्नान जारी, अब तक 27 करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई पवित्र डुबकी मौनी अमावस्या पर हुए हादसे से उबरकर श्रद्धालु संगम में पावन स्नान कर रहे हैं।
मेले में व्यवस्थाएं पटरी पर हैं और अधिकारी अलर्ट हैं। तीन फरवरी को अगले अमृत स्नान के मद्देनजर प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। श्रद्धालुओं से भी मेला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
उपराष्ट्रपति 31 को चेन्नई का करेंगे दौरा
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 31 जनवरी, 2025 को चेन्नई, तमिलनाडु के दौरे पर रहेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति शिक्षा, सुगम्यता और कल्याण के लिए वकालत पर बधिर और दृष्टिहीन लोगों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्षता करेंगे, जिसका आयोजन राष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, चेन्नई द्वारा किया जा रहा है, जो सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तहत एक संगठन है।
मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा इथेनॉल की खरीद व्योवस्थाम को मंजूरी दी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल की समिति (सीसीईए) ने केन्द्रस सरकार के इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के तहत 1 नवंबर, 2024 से 31 अक्टूबर 2025 तक इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ईएसवाई) 2024-25 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के लिए इथेनॉल खरीद मूल्य में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2024-25 (1 नवंबर 2024 से 31 अक्टूबर 2025) के लिए सी-हैवी मोलासेस (सीएचएम) से प्राप्त ईबीपी कार्यक्रम के लिए इथेनॉल की एक्स-मिल कीमत 56.58 रुपए प्रति लीटर से 57.97 रुपए प्रति लीटर तय की गई है।
इस मंजूरी से न केवल सरकार को इथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं के लिए मूल्य स्थिरता और लाभकारी मूल्य प्रदान करने की नीति जारी रखने में सुविधा होगी, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, विदेशी मुद्रा की बचत करने और पर्यावरण को लाभ पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। गन्ना किसानों के हित में जीएसटी और परिवहन शुल्क पहले की तरह अलग से देय होंगे। सीएचएम इथेनॉल की कीमतों में 3 प्रतिशत की वृद्धि से बढ़े हुए मिश्रण लक्ष्य को पूरा करने के लिए इथेनॉल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
सरकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम लागू कर रही है जिसके तहत तेल विपणन कंपनियां 20 प्रतिशत तक इथेनॉल के साथ मिश्रित पेट्रोल बेचती हैं। वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यह कार्यक्रम पूरे देश में लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऊर्जा आयात पर निर्भरता को कम करना और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना भी है। पिछले दस वर्षों (31.12.2024 तक) के दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के परिणामस्वरूप लगभग 1,13,007 करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और लगभग 193 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की जगह इथेनॉल मिश्रित तेल का उपयोग हुआ है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा इथेनॉल मिश्रण, इथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2013-14 (ईएसवाई-वर्तमान में वर्ष की 1 नवंबर से अगले वर्ष की 31 अक्टूबर तक इथेनॉल आपूर्ति अवधि के रूप में परिभाषित) में 38 करोड़ लीटर से बढ़कर ईएसवाई 2023-24 में 707 करोड़ लीटर हो गया है जिससे 14.60 प्रतिशत का औसत मिश्रण प्राप्त हुआ है।
सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य पहले के 2030 की जगह 2025-26 कर दिया है। “भारत में इथेनॉल मिश्रण के लिए रोडमैप 2020-25” को सार्वजनिक रूप से जारी कर दिया गया है। इस दिशा में तेल विपणन कंपनियों ने चालू ईएसवाई 2024-25 के दौरान 18 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने की योजना बनाई है। इथेनॉल आसवन क्षमता को बढ़ाकर प्रति वर्ष 1713 करोड़ लीटर करना, इथेनॉल की कमी वाले राज्यों में समर्पित इथेनॉल संयंत्र (डीईपी) स्थापित करने के लिए दीर्घकालिक ऑफ-टेक समझौते (एलटीओए), सिंगल फीड डिस्टिलरी को मल्टी फीड में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना, ई-100 और ई-20 ईंधन की उपलब्धता, फ्लेक्सी ईंधन वाहनों की शुरूआत जैसी पहल की गई हैं। ये सभी कदम व्यापार करने में आसानी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी योगदान देते हैं।
ईबीपी कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा किए गए उपायों के कारण देश भर में ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड डिस्टिलरीज के नेटवर्क, भंडारण और लॉजिस्टिक सुविधाओं के अलावा रोजगार के अवसरों और विभिन्न हितधारकों के बीच देश के भीतर मूल्य के बंटवारे के रूप में निवेश हुआ है। सभी डिस्टिलरी इस योजना का लाभ उठा सकेंगी और उनमें से बड़ी संख्या में ईबीपी कार्यक्रम के लिए इथेनॉल की आपूर्ति किए जाने की उम्मीद है। इससे विदेशी मुद्रा बचत, कच्चे तेल के विकल्पए के रूप में, पर्यावरणीय लाभ और गन्ना किसानों को जल्दी भुगतान में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार ने लेबलिंग प्रावधानों में संशोधन के लिए संरचित समय-सीमा की घोषणा की
नई दिल्ली। भारत सरकार ने विधिक मापविज्ञान (पैकेज में रखी गई वस्तुएं) नियम, 2011 में संशोधनों को लागू करने के लिए एक संशोधित समय-सीमा पेश की है। सुचारू कार्यान्वयन की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है कि लेबलिंग प्रावधानों में कोई भी संशोधन अधिसूचना की तारीख से 180 दिनों की न्यूनतम परिवर्तन अवधि के अधीन 1 जनवरी या 1 जुलाई को लागू होगा। यह दृष्टिकोण व्यवसायों को परिवर्तनों के अनुकूल होने के लिए पर्याप्त समय प्रदान करता है।
यह निर्णय व्यापार में आसानी सुनिश्चित करने और व्यवसायों के लिए अनुपालन बोझ को कम करने के साथ-साथ उपभोक्ता कल्याण के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
असाधारण या अपवाद की स्थितियों में, संशोधनों के कार्यान्वयन के संबंध में निर्णय मामला-दर-मामला आधार पर लिए जा सकते हैं, जिससे जनहित से समझौता किए बिना समयबद्ध और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित हो सके।
विधिक मापविज्ञान (पैकेज में रखी गई वस्तुएं) (संशोधन) नियम, 2011 व्यापार और वाणिज्य में निष्पक्षता, पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियम पैकेज्ड वस्तुओं पर स्पष्ट, सुपाठ्य और मानकीकृत लेबलिंग को अनिवार्य बनाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को शुद्ध मात्रा, एमआरपी, निर्माण की तारीख, मूल देश और निर्माता विवरण आदि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंच सुनिश्चित होती है। नियम उपभोक्ताओं को सूचित खरीद निर्णय लेने के लिए सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं और इस प्रकार व्यापार और वाणिज्य में विश्वास की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
ये नियम उपभोक्ता हितों को व्यावसायिक आवश्यकताओं के साथ संतुलित करते हैं तथा विवादों और कानूनी अनिश्चितताओं को कम करने के लिए अनुपालन के लिए स्पष्टता प्रदान करते हैं। विधिक मापविज्ञान (पैकेज मंं रखी गई वस्तुएं) नियम, 2011 निष्पक्ष बाजार को बढ़ावा देने, उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने और नैतिक व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं।
ये निर्णय उपभोक्ता संरक्षण और कारोबार में आसानी के बीच संतुलन बनाने तथा उद्योग हितधारकों पर अनुपालन बोझ कम करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
शहीद दिवस पर राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय राजघाट में विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन
नई दिल्ली। शहीद दिवस के अवसर पर, भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआई) और राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय (एनजीएम) भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार और प्रसार भारती अभिलेखागार के सहयोग से “महात्मा की यात्रा: उनके अपने दस्तावेजों के माध्यम से” शीर्षक से एक विशेष प्रदर्शनी की घोषणा कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन महात्मा गांधी की पोती सुश्री तारा गांधी भट्टाचार्य, राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय की अध्यक्ष द्वारा 30 जनवरी 2025 को दोपहर 3:00 बजे राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, राजघाट, नई दिल्ली के प्रदर्शनी हॉल में किया जाएगा।
यह ध्यानपूर्वक तैयार की गई प्रदर्शनी महात्मा गांधी की परिवर्तनकारी यात्रा को दर्शाती है, जो अतिथियों को राष्ट्रपिता के जीवन और विरासत को जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। दुर्लभ तस्वीरों, आधिकारिक दस्तावेजों, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो क्लिपिंग और व्यक्तिगत पत्राचार के संयोजन के माध्यम से यह प्रदर्शनी पोरबंदर में गांधी के शुरुआती जीवन से लेकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका तक के उनके मार्ग का एक खूबसूरत चित्रण प्रस्तुत करती है।
प्रदर्शनी में महात्मा गांधी की जीवन यात्रा और कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं जैसे इंग्लैंड में उनकी शिक्षा, दक्षिण अफ्रीका में उनके प्रारंभिक वर्ष और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में चंपारण सत्याग्रह, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन सहित प्रमुख मील के पत्थरों के दौरान उनके नेतृत्व को प्रदर्शित करने वाले 30 पैनल शामिल हैं। इसमें सामाजिक न्याय, सांप्रदायिक सद्भाव और अस्पृश्यता उन्मूलन के लिए उनके काम के साथ-साथ विभाजन के दौरान शांति बनाए रखने के उनके अंतिम प्रयासों और स्वतंत्रता के बाद उनकी स्थायी विरासत पर भी प्रकाश डाला गया है।
यह प्रदर्शनी गांधी के अहिंसा, न्याय और शांति के दर्शन को दर्शाती अभिलेखीय सामग्री का एक समृद्ध संग्रह प्रस्तुत करती है। यह प्रदर्शनी सीमित समय के लिए जनता के लिए खोली जाएगी। सभी नागरिकों, छात्रों, इतिहासकारों और गांधी के प्रति उत्साही लोगों को महात्मा गांधी को दी गई इस श्रद्धांजलि का अनुभव करने और उनके जीवन और विरासत की गहरी समझ हासिल करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
सौर फोटोवोल्टिक उत्पादों के लिए संशोधित गुणवत्ता नियंत्रण आदेश अधिसूचित
नई दिल्ली। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने सौर प्रणाली, उपकरण और घटक सामान आदेश, 2025 को अधिसूचित किया है। यह मौजूदा सौर फोटोवोल्टिक्स, सिस्टम, उपकरण और घटक सामान (अनिवार्य पंजीकरण के लिए आवश्यकताएं) आदेश, 2017 की जगह लेगा। इस संशोधित आदेश को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अधिनियम, 2016 के तहत 27.01.2025 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से भारत के राजपत्र मंआ अधिसूचित किया गया है और यह प्रकाशन की तारीख से 180 दिनों के बाद लागू होगा। यह आदेश सौर पीवी मॉड्यूल, सौर पीवी अनुप्रयोगों और स्टोरेज बैटरियों में उपयोग किए जाने वाले इनवर्टर को कवर करता है।
यह संशोधित गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (अर्थात, क्यूोसीओ, 2025) को सभी संबंधित हितधारकों अर्थात सोलर पीवी मॉड्यूल निर्माताओं, इन्वर्टर निर्माताओं, स्टोरेज बैटरी निर्माताओं, उत्पादों के लिए परीक्षण प्रयोगशालाओं, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के साथ 24 महीने से अधिक समय तक उचित परामर्श के बाद मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया है। भारत के राजपत्र में प्रकाशन से 60 दिन पहले डब्यूाम टीओ-टीबीटी (व्यापार में तकनीकी बाधा) वेबसाइट (https://www.epingalert.org/) पर मसौदा अधिसूचना अपलोड करके विश्व व्यापार संगठन (डब्यू्या टीओ) के सदस्य देशों से भी टिप्पणियाँ मांगी गई थीं।
संशोधित गुणवत्ता नियंत्रण आदेश टिकाऊ ऊर्जा विकास के लिए उच्च गुणवत्ता वाले और कुशल सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) उत्पादों को बढ़ावा देने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। संशोधन का उद्देश्य उत्पाद की विश्वसनीयता बढ़ाना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और भारत के महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों का समर्थन करना है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वाईपीओ वैश्विक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की
नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 28 जनवरी को अपने कार्यालय में वाईपीओ वैश्विक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी हीरो मोटर्स कंपनी ने की थी और इसमें इजरायल, अमेरिका, ब्रिटेन, कोस्टा रिका और भारत के सदस्य शामिल थे।
श्री रिजिजू ने कहा कि चर्चाएं नवाचार, सहयोग तथा प्रगति के लिए साझा दृष्टिकोण पर केंद्रित रहीं।
'एक्स' पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने वाईपीओ वैश्विक प्रतिनिधिमंडल को भारत की सार्थक और यादगार यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भारत के नए भव्य संसद भवन से बहुत प्रभावित हुए।
एच.डी. कुमारस्वामी ने बोकारो स्टील प्लांट के लिए मेगा विस्तार योजना का अनावरण किया
झारखंड। केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोमवार और मंगलवार को बोकारो स्टील प्लांट का दौरा किया, जहां उन्होंने उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी विस्तार योजना का अनावरण किया। 20,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ, ब्राउनफील्ड विस्तार का लक्ष्य हॉट मेटल उत्पादन को मौजूदा 5.25 से बढ़ाकर 7.55 MTPA करना है, जिससे स्टील सेक्टर में भारत के आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने की गति को मजबूती मिलेगी।
बोकारो स्टील प्लांट, जिसने 1965 में अपनी नींव रखी और 1972 में अपना पहला ब्लास्ट फर्नेस संचालन शुरू किया, की शुरुआत में क्षमता 1.7 MTPA थी। इन वर्षों में, यह बढ़कर 5.25 MTPA हो गई है और मंत्री ने कहा कि "प्लांट अब एक नए 4500 क्यूबिक मीटर ब्लास्ट फर्नेस, एक थिन स्लैब कास्टिंग और डायरेक्ट रोलिंग सुविधा, एक कैल्सिनिंग प्लांट, एक स्टैम्प-चार्ज कोक ओवन बैटरी और एक सिंटर प्लांट विस्तार के साथ बड़े पैमाने पर ओवरहाल के लिए तैयार है"।
परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, कुमारस्वामी ने कहा, "यह विस्तार इस्पात उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण है और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2030 तक 300 MTPA इस्पात उद्योग के दृष्टिकोण के अनुरूप है। पूंजी और तकनीकी प्रगति के निवेश से इस्पात क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।"
विस्तार के मूल में रोजगार सृजन और डीकार्बोनाइजेशन
उत्पादन बढ़ाने के अलावा, विस्तार योजना से 2,500 स्थायी नौकरियां और 10,000 अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी, जिससे क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
कुमारस्वामी ने डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों पर भी जोर दिया और कहा कि "बोकारो स्टील प्लांट 2030 तक अपने कार्बन उत्सर्जन को 2.67 टन प्रति टन कच्चे इस्पात से घटाकर 2.2 टन से कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।" संयंत्र अपनी नवीकरणीय ऊर्जा पहलों को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें शामिल हैं:
- 30 मेगावाट फ्लोटिंग सौर ऊर्जा उत्पादन
- 20 मेगावाट भूमि-आधारित सौर ऊर्जा
- पीपीए के माध्यम से SECI से प्राप्त 100 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा
कुमारस्वामी ने कहा, "ये कदम ऊर्जा खपत को अनुकूलित करते हुए क्षमता उपयोग को अधिकतम करने पर हमारे फोकस को दर्शाते हैं, जिससे भारत के इस्पात उद्योग के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित होता है।"
घरेलू कोयला आपूर्ति को मजबूत करना: तसरा कोयला खदान और चासनल्ला वाशरी का दौरा
अपनी यात्रा के हिस्से के रूप में, एच.डी. कुमारस्वामी ने तसरा कोयला खदान का निरीक्षण किया, जो एक प्रमुख परियोजना है जिसका उद्देश्य आयातित कोकिंग कोयले पर भारत की निर्भरता को कम करना है। सितंबर 2025 में चालू होने के बाद, खदान 3.5 MTPA घरेलू कोकिंग कोयले का उत्पादन करेगी, जिससे इस्पात उत्पादन के लिए कच्चे माल की सुरक्षा मजबूत होगी।
उन्होंने चासनल्ला वाशरी का भी दौरा किया, जिसकी स्थापित क्षमता 2 एमटीपीए है, जिसे कोयले में राख की मात्रा को 28% से घटाकर 17% करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे इस्पात उत्पादन में बेहतर दक्षता सुनिश्चित होगी।
कुमारस्वामी ने कहा, “तासरा और चासनाला का विकास भारत को कोयला आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है।”
इस यात्रा के दौरान उनके साथ इस्पात और भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा और सेल अध्यक्ष अमरेंदु प्रकाश भी थे, जिन्होंने उन्हें संयंत्र में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने हथकरघा सम्मेलन-मंथन का उद्घाटन किया
नई दिल्ली। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि उभरते ई-कॉमर्स बाजार को लक्षित करने के लिए हथकरघा उत्पादों की टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल प्रकृति, प्राकृतिक रंगाई, जैविक फाइबर के लाभ और हथकरघा उत्पादों के डिजाइन की विशिष्टता के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। वर्ष 2030 तक ई-कॉमर्स के 325 बिलियन डॉलर का बाजार बनने की उम्मीद है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने संगठित/कॉरपोरेट क्षेत्र में कार्यरत कपड़ा उद्योग से हथकरघा बुनकरों के लिए सामाजिक सुरक्षा और उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करते हुए स्थायी आजीविका प्रदान करने के लिए एक मॉडल विकसित करने का भी आग्रह किया। कपड़ा मंत्रालय द्वारा कॉरपोरेट्स/उत्पादक कंपनियों/स्टार्ट-अप्स के लिए पुरस्कार शुरू किया जाएगा जो हथकरघा उद्योग के लिए ऐसा मॉडल तैयार करेगा और हथकरघा बुनकरों को साल में न्यूनतम 300 दिन का स्थायी रोजगार प्रदान करेगा।
केंद्रीय विदेश एवं कपड़ा राज्य मंत्री श्री पबित्र मार्गेरिटा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हथकरघा उत्पाद हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रमाण हैं। उन्होंने हथकरघा उद्योग को एक जीवंत क्षेत्र के रूप में पुनर्जीवित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला जो युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए उचित आय प्रदान करता है।
कपड़ा मंत्रालय के सचिव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 'कॉन्क्लेव-मंथन' एक 'चिंतन शिविर' है जो विपणन अवसरों की उपलब्धता और हथकरघा बुनाई से युवाओं के पलायन के बारे में चिंताओं को दूर करने के लिए हितधारकों के साथ "संवाद" स्थापित करने का मंत्रालय का एक प्रयास है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा और पारंपरिक ज्ञान के बीच तालमेल बनाने पर भी बल दिया।
सीएम योगी का बड़ा ऐलान, महाकुंभ यात्रियों पर लगी रोक, रायबरेली, लखनऊ-प्रयागराज की सभी सीमाएं सील
लखनऊ. मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में होने वाली महाकुंभ स्नान के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के कारण रायबरेली में लखनऊ-प्रयागराज नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया गया है. प्रशासन ने यह कदम श्रद्धालुओं के सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए उठाया है.
हाईवे पर जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं और सभी वाहनों को रोक दिया गया है. अब प्रयागराज जाने के लिए कोई भी वाहन आगे नहीं बढ़ पा रहा है. श्रद्धालुओं को होल्डिंग एरिया में रोका जा रहा है, जहां उन्हें कुछ समय के लिए इंतजार करने के लिए कहा गया है.
प्रशासन ने 12 होल्डिंग एरिया बनाए हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. ये होल्डिंग एरिया रायबरेली सीमा से लेकर प्रयागराज के बॉर्डर तक फैले हुए हैं. इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं को आराम करने के लिए बैठने की जगह, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं.
इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण यह है कि प्रयागराज में पार्किंग और सड़क पर भीषण जाम की स्थिति बन चुकी है. कई वाहनों को पार्किंग के लिए जगह नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी. प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे.
रायबरेली से प्रयागराज जाने वाली बसों को भी फिलहाल रोका गया है. रायबरेली और बछरावां में सैकड़ों बसें खड़ी की गई हैं, जिनका संचालन फिलहाल बंद कर दिया गया है. प्रशासन ने स्थिति के सामान्य होने तक बसों का संचालन न करने का निर्णय लिया है.
रेलवे ने भी कुछ ट्रेनों का संचालन रोक दिया है और कुंभ स्पेशल ट्रेनों को प्रयागराज नहीं भेजने का फैसला लिया है. हालांकि, उत्तर रेलवे के अन्य जोन में ट्रेनों का आवागमन जारी है. प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें. सभी श्रद्धालुओं से यह भी कहा गया है कि वे जहां हैं, वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर न बढ़ें.
सीएम योगी आदित्यनाथ नेे हादसे की बताई वजह
महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने हर संभव उपाय किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित हो.
मृत बच्चे की आत्मा लेने अस्पताल पहुंचे 2 दर्जन लोग, महिला के शरीर में आ गए देवी-देवता
जयपुर. राजस्थान के कोटा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एमबीएस अस्पताल में 4 साल पहले मर चुके बच्चे की आत्मा को लेने उसके परिजन व कई लोग पहुंचे.
दरअसल, अस्पताल में 4 साल पहले इलाज के दौरान जिस बच्चे की मौत हो गई थी, जिसके बाद आज सुबह उसकी आत्मा लेने के लिए परिजन बूंदी से आ पहुंचे.
उसकी आत्मा को लेने के लिए 24 से भी ज्यादा लोग पहुंचे. इनमें कई सारी महिलाएं भी शामिल थीं. एमबीएस अस्पताल के गेट पर पूजा करने के बाद एक महिला अजीबो-गरीब हरकत करने लगी. तब उसके साथ आए लोगों ने कहा कि महिला के शरीर में देवी-देवता प्रवेश कर गए हैं.
उन्होंने दावा किया कि बच्चे की आत्मा इसी अस्पताल में है. वो तंत्र साधना कर उसे लेकर चले जाएंगे. इसके बाद सभी लोग एमबीएस अस्पताल में भीतर प्रवेश करने लगे. लेकिन अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों व पुलिस चौकी के जवान ने उन्हें रोक दिया. लेकिन कुछ लोग जबरन अंदर घुसने की कोशिश करने लगे. उन्होंने जमकर हंगामा भी किया. पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया.
बता दें कि इस अस्पताल में ये कोई पहला ऐसा मामला नहीं है.
यहां आये दिन ऐसी घटनाएं होती हैं. दो साल पहले भी कुछ लोग सालों पहले मृत बच्चे की आत्मा लेने पहुंच गए थे. बच्चे का जन्म इसी अस्पताल में हुआ था. लेकिन बीमारी के कारण उसकी मौत हो गई थी. तब बच्चे को अस्पताल के पास ही दफना दिया गया था. लेकिन 15 साल बाद परिजन अस्पताल पहुंच गए. कहने लगे कि हम बच्चे की आत्मा लेने आए हैं. बता दें कि सिर्फ ये ही नहीं इससे पहले भी अस्पताल में कई ऐसे मामले सामने आ चुके है.