छत्तीसगढ़ / जशपुर
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया द्वारा दिव्यांग श्री रोहित को प्रदान किया गया ट्राई सायकल
रोहित ने मुख्यमंत्री श्री साय को दिया धन्यवाद
रायपुर : जब कोई व्यक्ति कहीं पर इस भरोसे के साथ जाता है कि उसकी सुनवाई होगी और उनकी समस्याओं का निराकरण हो पाएगा। यह भरोसा कायम होता है उस संस्थान की प्रतिबद्धता से। लोगों में यही भरोसा जगा है मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय द्वारा लोगों की मांगों और समस्याओं का पूरी तत्परता के साथ सतत रूप से निराकरण से। अपनी समस्याओं से परेशान लोग यहां आने के बाद चेहरे पर एक मीठी मुस्कान लेकर जाते हैं और मुख्यमंत्री श्री साय को उनकी इस सकारात्मक पहल के लिए धन्यवाद देते हैं।
इसी क्रम में जशपुर जिले के कोतबा निवासी 44 वर्षीय रोहित कुमार साहू का पिछले वर्ष राजमिस्त्री का काम करने के दौरान पैर में किल लगने से संक्रमण हो गया था। संक्रमण बढ़ जाने की वजह से इलाज के दौरान रायपुर के अस्पताल में उनका पैर काटना पड़ा। उन्होंने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में ट्राई सायकल की मांग की। कैंप कार्यालय बगिया द्वारा श्री साहू को तत्काल ट्राई सायकल प्रदान किया गया। ट्राई सायकल मिलने से उत्साहित श्री रोहित ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
विष्णु के सुशासन में तेजी से बदल रही गांव की तस्वीर
ग्राम घुघरी में बड़ी संख्या में लोग हो रहे योजनाओं से लाभान्वित
रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य के गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। विभिन्न विभागों की योजनाओं से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं और 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं।
जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित है। इस गांव में पंचायत की बैठकों में गांव की समस्याओं का समाधान नियमित रूप से किया जा रहा है। गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं।
आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण आहार का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पूरक पोषण आहार की व्यवस्था की गई है। सामाजिक सुरक्षा के लिए 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है। महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व-सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। विनोद राम ने बताया कि मनरेगा में गांव के लोग काम करने जाते हैं। गांव के लोगों का जॉब कार्ड बना है। मनरेगा में कार्य करके उनके परिवार के लोग मिलकर 28 हजार रूपए तक कमा लेते हैं, इससे घर परिवार अच्छी तरह से चल रहा है।
विशेष पिछड़ी जनजाति की लखपति दीदी लीलावती बाई समुदाय के लिए बनी प्ररेणा
रायपुर : लखपति दीदी के नाम से अपनी पहचान बनाने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय की लीलावती बाई आज क्षेत्र में अपने समुदाय के लिए एक प्रेरणा बन गई है। अब लीलावती बाई दोना-पत्तल निर्माण के व्यवसाय से 65 हजार रुपये से अधिक की वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। इसके अलावा, वे कृषि कार्य और लघु वनोपज के संग्रह एवं विक्रय से भी लगभग 40 हजार रुपये कमाती हैं। आज वह अपनी कमाई से प्रसन्न है और बताती है कि बिहान योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी। लीलाबाई को देखकर क्षेत्र के अन्य महिलाएं भी जागरूक होकर बिहान योजना से आर्थिक रूप से संबल हो रहे है।
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत कुटमा जहाँ मुख्य रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग निवासरत हैं। यहां की निवासी लीलावती बाई का प्रमुख आजीविका का स्रोत कृषि और मजदूरी था। उनकी आय इतनी नहीं थी कि वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को ठीक से पूरा कर सकें। उनकी स्थिति में बदलाव आना तब शुरू हुआ जब वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) के अंतर्गत उन्हें मीनू लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह से जोड़ा गया। इस मिशन के माध्यम से उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। लीलावती बाई ने अपने समूह के साथ मिलकर दोना-पत्तल निर्माण का कार्य शुरू किया। उन्हें शुरुआत में योजना के अंतर्गत 15 हजार रुपये की रिवॉल्विंग फंड राशि और 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश कोष राशि मिली। इसके बाद मार्च 2022 में उन्हें बैंक लिंकेज के माध्यम से 2 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई। जिससे उन्होंने दोना-पत्तल निर्माण के लिए मशीन खरीदी और इसका प्रशिक्षण लिया।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ने से पहले लीलावती की आय सीमित थी, इससे बमुश्किल ही उनका गुजारा हो पाता था। बिहान से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आना शुरू हो गया। आज वह खुश होकर बताती है कि अब वह अपनी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही है।
पहाड़ी कोरवा जगतपाल बना पक्का मकान मालिक
रायपुर : रोटी, कपड़ा और मकान जीवन की तीन सबसे मूल आवश्यकता है, जिनकी पूर्ति के लिए हर व्यक्ति लगातार प्रयास करता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आजीविका के सीमित संसाधन होते हैं, वहां लोग अपने परिवार की बुनियादी जरूरत को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, ऐसे में यदि इनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शासकीय सहायता मिल जाए तो जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है।
श्री जगतपाल राम के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम आवास योजना वरदान साबित हुआ। जिसके तहत पहाड़ के नीचे बस्ती छतौरी में पीएम जनमन आवास योजना के तहत उनका पक्का आवास के साथ शौचालय बनकर तैयार है। जगतपाल अपने पक्के मकान का मालिक बन गया है और अब वे खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को ऐसे जनकल्याणकारी योजना के लिए आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में निवासरत दूरस्थ अंचल के लोगों तक बुनियादी सुविधाएं के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। इन योजनाओं में से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण बेसहरा और जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जशपुर जिले के विकासखंड मनोरा के ग्राम पंचायत करदना में इस योजना के तहत मिले आर्थिक सहयोग से कई परिवारों के जीवन में रोशनी आई है।
जिले के सुदूर क्षेत्र में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के जगतपाल झोपड़ी बनाकर निवास करते थे। जिन्हें बरसात के मौसम में प्रतिवर्ष छत से बारिस का पानी टपकता था, सांप बिच्छू जैसे जहरीलें जीव-जंतुओं का डर बना रहता था। हर साल छत की मरम्मत करने में जमा पूंजी खर्च हो जाती थी, समुचित रोशनी की भी व्यवस्था नहीं थी।
विष्णु के सुशासन में तेजी से बदल रही गांव की तस्वीर
विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ग्राम पंचायत घुघरी विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा
महिला सशक्तिकरण के तहत् स्व सहायता समूहों की 412 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया
जशपुरनगर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में तेजी से बदल रही है राज्य के गांवों की तस्वीर। शासन के प्रयासों और पंचायती राज योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बदौलत प्रदेश के गांव अब विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई कहानियां लिख रहे हैं।
ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी की। जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा है। यहां पंचायत की बैठकों में जनभागीदारी के माध्यम से गांव के हर चुनौति का समाधान किया जाता है।
गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं। आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पोषण की व्यवस्था की गई है। समाजिक सुरक्षा के लिए 2 लाख 10 हजार खर्च किए गए हैं। साथ ही 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है।
घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं। पीछे दो वर्षाे में मनरेगा के 20 व्यक्तिगत तालाबों का निर्माण कराया गया है। ग्राम पंचायत घुघरी के विनोद राम ने बताया कि उनके गांव में अक्टूबर और नवम्बर में मनरेगा का कार्य चालू होता है।
उसमें गांव के लोग काम करने जाते हैं। गाव के लोगों का जॉब कार्ड है। मनरेगा में कार्य करके सभी परिवार मिलकर 28 हजार रूपए कमा लेते हैं। इसे घर परिवार अच्छा से चल रहा है। महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ग्राम पंचायत घुघरी की यह कहानी संवरते छत्तीसगढ़ के सुरक्षित होते भविष्य की कहानी है।
दंतैल का कहर: एक ही परिवार के 3 सदस्यों सहित 4 लोगों की दर्दनाक मौत
जशपुरनगर। जशपुर जिले के बगीचा नगर पंचायत के वार्ड 9 में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक घटना घटी, जब एक दंतैल हाथी ने एक कच्चे मकान को निशाना बनाकर वहां सो रहे परिवार के तीन सदस्यों और एक पड़ोसी को कुचल कर मार डाला।
शुक्रवार रात करीब 9 बजे, रामकेश्वर सोनी अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में सो रहे थे। अचानक, एक दंतैल हाथी ने मकान की दीवार को गिरा दिया। घर के भीतर सो रहे रामकेश्वर, उनकी बेटी रविता (9 वर्ष) और छोटे भाई अजय (25 वर्ष) ने जैसे ही भागने की कोशिश की, हाथी ने उन पर हमला कर दिया और तीनों को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया।
घटना की चीख-पुकार सुनकर मदद के लिए पहुंचे पड़ोसी अश्वनी कुजूर (40 वर्ष) भी हाथी के आक्रमण का शिकार हो गए। हाथी ने अश्वनी को सूंड से खींच लिया और पैरों से कुचल कर मार डाला।
हाथी का कहर जारी:
इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले 25 दिनों में हाथी के हमले से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। बगीचा से पहले, जिले के तपकरा रेंज के रांपाडांड में भी इसी हाथी ने दो सगे भाइयों की जान ले ली थी। दो दिन पहले, कोरबा जिले के कोल माइंस एरिया में मॉर्निंग वॉक के लिए निकली एक महिला भी हाथी के हमले का शिकार हो गई थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
क्षेत्र में बढ़ी दहशत:
लगातार हो रहे हाथी के हमलों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, लेकिन हाथी के आतंक से बचने के लिए लोगों में भय व्याप्त है।
मुख्यंमत्री ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाए महत्वपूर्ण कदम
महतारी वंदन योजना : जशपुर जिले की 2 लाख से अधिक महिलाओं को मिला लाभ
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तहत् महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि दी जा रही है। योजना से महिलाओं को आर्थिक सम्बल और हाथों में एक निश्चित राशि मिल रही है, जिसका उपयोग महिलाएं परिवार की छोटी-मोटी जरूरतों के उपयोग में कर रही हैं। यह योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुश्किल समय का सहारा बन गई है। साथ ही निर्भय होकर अपने जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर पा रही हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की अब तक सातवीं किस्त जारी कर दी गई है। जशपुर जिले की 2 लाख 32 हजार 760 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है।
महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्रत्येक माह एक-एक हजार मिल रही है, जिससे वे बहुत खुश हैं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिए हैं। महिलाओं ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगाएंगें। प्रति माह 1000 राशि खाते में आने से राहत मिलने के साथ ही बच्चों के बेहतर भविष्य गढ़ने में मदद मिल पाएगी। कुछ महिलाओं ने बताया कि राशि का उपयोग अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करेंगे, जिससे आने वाले समय में उनके काम आ सके।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने के लिए महतारी वंदन योजना एक कारगर कदम है। जशपुर सहित प्रदेश भर की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इस योजना की शुरूआत की गई है। गांव से लेकर शहर तक महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महिलाओं को इस योजना से प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि दी जाएगी। साल में कुल 12 हजार की राशि भी मिलेगी।
मुख्यंमत्री ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाए महत्वपूर्ण कदम : महतारी वंदन योजना
महिला सशक्तिकरण की दिशा में आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने के लिए महतारी वंदन योजना एक कारगर कदम है। जशपुर सहित प्रदेश भर की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इस योजना की शुरूआत की गई है। गांव से लेकर शहर तक महिलाओ में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महिलाओं को इस योजना से प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि दी जाएगी। साल में कुल 12 हजार की राशि भी मिलेगी।
जन समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है कैम्प कार्यालय के माध्यम से
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय लगातार जनसमस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभा रहा है। उम्मीद के साथ यहां आवेदन देने पहुंच रहे लोगों के चेहरे पर मुस्कान दिखता है। कैंप कार्यालय बगिया त्वरित कार्यवाही करते हुए आवेदन के आधार पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा बाहुल्य बस्ती महुआपानी में पहली बार बिजली पहुंचाने की स्वीकृत दिलाने के साथ ही रायगढ़ जिले की ऐतिहासिक कुर्रा गुफा में विद्युतीकरण का कार्य भी इसी कैंप कार्यालय की पहल का ही परिणाम है। इसी तरह जरूरतमंदों के मदद का कार्य भी यहां पर लगातार किया जा रहा है। जनहित के अन्य कार्यों में श्रवण दोष से पीड़ित कई जरूरतमंद व्यक्तियों को श्रवणयंत्र प्रदान किए गए हैं, जैसे कि मंदाकिनी यादव, सुमित्रा यादव, लालजीत भगत और महिन्दर भगत। इसके साथ ही, पैरों से चलने में असमर्थ गुरुदेव, रातु राम, मानकुंवर नाग, रोहित साहू, अशोक दुबे और टेबुल राम जैसे कई जरूरतमंदों को ट्राई साइकिल और ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं।
बागीचा के मड़िया झड़िया में पीडीएस दुकान स्थापित कर वहां के लोगों को सुविधा देने, सुरेखा बाई व रामरीका बाई के राशन कार्ड बनाने सहित कई पीडीएस से संबंधित समस्याओं का निराकरण कैंप कार्यालय की पहल से किया गया है। इसी प्रकार से रामरिका बाई, अंकित राम जैसे कई जरूरतमंदों को जरूरत के समय तत्काल मेडिकल सहायता प्रदान करने की पहल कैंप कार्यालय द्वारा की गई है। बिजली से संबंधित समस्या जैसे ट्रांसफर लगाने और बिजली के संचालन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने की पहल लगातार कैंप कार्यालय द्वारा की जा रही है।
पक्के आवास मिलने से टपकती छत से मिली मुक्ति
पीएम जनमन योजना से बदली पहाड़ी कोरवा रामनिधि की जिंदगी
रायपुर : श्री रामनिधि ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश में टपकती छत से मुक्ति मिल गई है। उन्होंने बताया कि पक्के आवास निर्माण के लिए राशि के अलावा अन्य कार्यक्रमों शौचालय, मनरेगा की मजदूरी, उज्जवला गैस, शासकीय राशन, पेंशन अन्य शासकीय सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।
जशपुर जिले के ग्राम पंचायत मूढ़ी में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा श्री रामनिधि का आवास वर्ष 2023-24 में पीएम जनमन के तहत स्वीकृत हुआ। उन्होंने बताया कि जनमन योजना में उन्हें आवास निर्माण के लिए 2 लाख रूपए की सहायता राशि मिली और मनरेगा योजना के तहत 12 हजार रूपए का शौचालय बनवाया गया। साथ ही उन्हें मनरेगा से 95 दिवस रोजगार की राशि भी मिली है।
श्री रामनिधि ने बताया कि पहले उनका घर कच्चा था, जिसके कारण बरसात में बहुत परेशान होना पड़ता था। बरसात के समय छत से पानी टपकता था। पॉलीथीन बांध कर घर पर रहना पड़ता था। घर कच्चा होने के कारण कई बार सांप-बिच्छू घर में घुस जाते थे। उन्होंने बताया कि उन्हें हर साल बरसात के पहले घर की मरम्मत भी करनी पड़ती थी जिसमें राशि बहुत खर्च होता था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पक्का घर बनाने की कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही थी।
जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं को प्राथमिकता से प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा दी गई गारंटी के अनुरूप राज्य में विशेष पिछड़ी जनजाति सहित गरीब और जरूरतमंद परिवारों को तेजी से नए आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं।
नारी सशक्तिकरण में टसर धागाकरण निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका
प्रीति अतिरिक्त आय अर्जित कर अपने सपने को कर रही है साकार
रायपुर : नारी सशक्तिकरण के माध्यम से एक सशक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने में ग्रामोद्योग संचालनालय की टसर धागाकरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जशपुर जिले में इस योजना के अंतर्गत कुमारी प्रीति चौहान जैसी महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रीति ने टसर धागाकरण का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब वह इस कार्य में अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। गरीब परिवार से आने वाली प्रीति आज अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं और अपनी बचत से खेती में भी योगदान दे रही हैं। उनके खाते में अब तक 1 लाख 2 हजार रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जशपुर जिले में धागाकरण प्रशिक्षण देकर समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिससे उन्हें अपने गाँव में ही रोजगार मिल सके और उन्हें अन्य राज्यों की ओर रोजगार के लिए देखना न पड़े। टसर धागाकरण से जुड़ी अन्य महिलाएं भी अब गरीबी से उबरकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। इस योजना से उन्हें न केवल धागाकरण का कार्य मिला है, बल्कि वे अपनी कृषि भूमि पर खेती कर उन्नत किस्म का धान और अन्य फसलें भी उगा रही हैं। कई महिलाएं जो कभी साइकिल खरीदने का सपना देखती थीं, अब इस योजना से मिली आय से दोपहिया वाहन भी खरीद रही हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर रही हैं।
रेशम विभाग द्वारा महिलाओं को कोकून बैंक के माध्यम से कोसा उपलब्ध कराया जाता है और उनके द्वारा उत्पादित धागे को विपणन कर उनकी आय को सीधे उनके खाते में जमा किया जाता है। इस प्रकार टसर धागाकरण योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे न केवल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रही हैं, बल्कि उनका समाज में एक अलग पहचान भी बन रही है। नारी सशक्तिकरण के इस प्रयास से महिलाएं अब आत्मनिर्भर हो रही हैं और अपने परिवार और समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
नए सत्र से ”न्योता भोजन” योजना बनेगी और अधिक प्रभावी
स्कूलों के 11 लाख से अधिक बच्चे हुए लाभान्वित
रायपुर, छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बेहतर शिक्षा के साथ बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई “न्योता भोजन” योजना को आगामी शैक्षणिक सत्र से और अधिक प्रभावी बनाने के लिये सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को वार्षिक कैलेण्डर बनाने निर्देश दिए गए हैं, जिससे सभी शालाओं में बच्चों को माह में कम से कम 2 बार न्योता भोजन का लाभ मिल सके। इस योजना के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने के साथ-साथ स्थानीय समुदाय की योजना में सहभागिता भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 21 फरवरी 2024 को अपना जन्म दिवस जशपुर जिला स्थित अपने गृह ग्राम बगिया में बालक आश्रम में बच्चों के बीच मनाते हुये बच्चों के साथ भोजन कर ”न्योता भोजन” की शुरूआत की है। योजना के प्रारम्भ होने के पश्चात राज्य में अनेक जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के द्वारा राज्य की शालाओं में न्योता भोजन का आयोजन किया जा रहा है। अब तक राज्य में 17 हजार से अधिक न्योता भोजन का आयोजन किया जा चुका है जिसमें 11 लाख से अधिक बच्चे लाभांवित हुये है।
”न्योता भोजन” की अवधारणा भारत सरकार की प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के “तिथि भोजन” कार्यक्रम पर केन्द्रित है। यह योजना सामुदायिक भागीदारी, विभिन्न त्यौहारों या अवसरों जैसे वर्षगांठ, जन्मदिन, विवाह और राष्ट्रीय पर्व आदि पर बड़ी संख्या में लोगों को भोजन प्रदान करने की भारतीय परम्परा पर आधारित है। छत्तीसगढ़ में भोजन हेतु आमंत्रित करने को “न्योता” कहा जाता है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य में तिथि भोजन को ”न्योता भोजन” के नाम से लागू किया गया है।
यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है। समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन या तो पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज आदि के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकते हैं। न्योता भोजन शाला में दिये जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह केवल शाला में प्रदान किये जाने वाले भोजन का पूरक है। समुदाय के सदस्य किचन सामग्री जैसे भोजन पकाने के पात्र, बच्चों के खाने के प्लेट, थाली, गिलास तथा किचन के लिये गैस सिलेण्डर एवं चूल्हा भी उपलब्ध करा सकते हैं।
साइड देने के चक्कर में पलटी बस, कई यात्री घायल...
जशपुर । जिले में तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर रोड किनारे पलट गई। बस पलटने से बस में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। हादसे में कई यात्री घायल हुए है और कुछ को मामूली चोट आई है।
बताया जा रहा है यात्रियों से भरी बस छर्रा से पत्थलगांव की तरफ जा रही थी तभी बस ड्राइवर की लापरवाही पूर्वक ट्रक को साइड देने के चक्कर में यह दुर्घटना घटी। यह हादसा फरसाबहार विकासखंड के गंजियाडीह के पास हुआ है।
कैंप कार्यालय में श्री महिन्दर और सुश्री मंदाकिनी को दिया गया श्रवण यंत्र
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बना उम्मीदों का नया आशियाना
मुख्यमंत्री पहल पर आजादी के बाद विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा बाहुल्य महुआपनी गांव में पहली बार पहुंचेगी बिजली
जशपुरनगर आजादी के लंबे इंतजार के बाद विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा बाहुल्य बगीचा ब्लॉक ग्राम पंचायत सूलेसा के महुआपनी में आखिरकार वह दिन आने वाला है, जब अंधेरे को चीरते हुए बिजली की रोशनी पहुंचेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील पहल की वजह से पीएम जनमन योजना के तहत इस गांव में बिजली पहुंचाने कार्य की स्वीकृति मिल चुकी है। बिजली पहुंचने वाली है यह खबर मिलते ही गांव में उत्सव का माहौल है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय की पहल: मंदाकिनी को सुनने के लिए नई मशीन और गुरूदेव को मिली ट्राईसाइकिल
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
रायपुर : जशपुर अंचल में लोगों की उम्मीदों के अनुरूप उनकी समस्याओं का निराकरण अब प्राथमिकता से हो रहा है। बगिया स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय से जरूरतमंद लोगों को मौके पर ही ईलाज की सुविधा, दिव्यांग जनों को हियरिंग एड, ट्राईसाइकिल, जैसे पुनर्वास उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराएं जा रहे है।
मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आने वाली श्रीमती मंदाकिनी यादव, जो लंबे समय से सुनने की समस्या से जूझ रही थीं, कई अस्पतालों का चक्कर काटने के बाद भी इन्हें फायदा नहीं मिला, तब उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से सम्पर्क किया। जहां चिकित्सीय परीक्षण के बाद उन्हें तत्काल सुनने की मशीन उपलब्ध कराई गई। नई मशीन लगने पर वह स्पष्ट रूप से सुनने में सक्षम हो गई हैं। इसी प्रकार दिव्यांग श्री गुरुदेव, जो बचपन से ही अस्थि बाधित थे, उन्हें ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।
श्री मंदाकिनी यादव और श्री गुरूदेव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री कैम्प से उन्हें चिकित्सीय परीक्षण के बाद तत्काल निःशुल्क पुनर्वास उपकरण की व्यवस्था की गई। इससे उनका जीवन आसान हो गया है। कान में नई मशीन लगने के बाद अब बिल्कुल साफ सुनाई पड़ रहा है। वहीं श्री गुरूदेव ने बताया कि अस्थि बाधित होने के कारण इन्हें अपने दैनिक कार्यो के लिए कहीं भी आने जाने के लिए परिवार के सदस्यों पर आश्रित रहना पड़ता था। अब ट्राईसाइकिल मिलने के बाद उन्हें अपने जरूरत के काम के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम बगिया के मतदान केंद्र क्रमांक 49 में सपरिवार किया मतदान
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सवेरे जशपुर जिले में अपने गृहग्राम बगिया के मतदान केंद्र क्रमांक 49 में अपनी माताजी, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और अन्य परिवारजनों के साथ मतदान किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय दोपहर 11.45 बजे अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और अपने परिवारजनों के साथ मतदान क्रमांक 49 पहुंचे। उन्होंने मतदाताओं के साथ कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया और बारी आने पर मतदान किया। उन्होंने मतदान केंद्र के बाहर परिवारजनों के साथ सेल्फी भी ली।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र के इस महापर्व पर आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील भी की।