खेल

2010 और 2022 में भी लगातार चार मैच हारी थी चेन्नई सुपर किंग्स

सीएसके की हार की हैट्रिक
 
- एकान्त प्रिय चौहान
आईपीएल 2026 में जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ते जा रहे हैं वैसे-वैसे अंक तालिका में भी जबरदस्त उलटफेर देखने को मिल रहा है। 7 अप्रैल तक 13 मैच खेले जा चुके हैं और सभी टीमों ने 2 से 3 मैच भी खेल  लिए हैं। अंकतालिका में राजस्थान रॉयल्स अपने तीनों मैच जीतकर 6 अंकों के साथ नंबर वन पर है। टीम का नेट रन रेट भी अच्छा है।  
वहीं पंजाब किंग्स की टीम दूसरे नंबर पर पर है। टीम ने तीन मैच खेले हैं, इसमें से दो में उसे जीत मिली है, एक मैच में बारिश ने खलल डाला था, इसलिए उसमें एक ही अंक मिल पाया। इस बीच आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के बराबर चार-चार अंक हैं। टीम तीसरे और चौथे पायदान पर हैं। 
सनराइजर्स हैदराबाद, एलएसजी और मुंबई इंडियंस की टीमें दो दो अंक लेकर पांचवें, छठे और सातवें नंबर पर हैं। मुंबई के पास मौ​का था कि वो एक और मैच जीतकर टॉप 4 में अपनी जगह पक्की करें, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। टीम के साथ दिक्कत ये भी है कि उसका नेट रन रेट बहुत अच्छा नहीं है, इसलिए दो अंक हासिल करने वाली टीमों में मुंबई की टीम सबसे नीचे है। केकेआर की टीम कोई मैच जीती तो नहीं है, लेकिन एक मैच रद्द होने से उसके भी पास एक अंक आ गया है। इस बीच गुजरात टाइटंस और सीएसके दो ऐसी टीमें रह गई हैं, जिनका खाता खुलना बाकी है। 
सीएसके की हार की हैटि्रक 
पांच बार की चैंपियन टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की टीम आईपीएल 2026 में अपने शुरुआती तीनों मैच हार चुकी है। फिलहाल सीएसके पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे मौजूद है। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व में चेन्नई की टीम हार की हैट्रिक लगा चुकी है और उसे अभी भी अपनी पहली जीत का इंतजार है।  
2022 में भी शुरूआती चार मैच हारी थी सीएसके
इससे पहले आईपीएल 2022 में रविंद्र जडेजा की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने शुरुआती चारों मैच गंवाए थे। उस सीजन की शुरुआत बेहद खराब रही थी और टीम को लगातार केकेआर, एलएसजी, पीबीकेएस, और एसआरएच के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इस सीजन में सीएसके 14 में से सिर्फ 4 मैच ही जीत पाई  थी और प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई थी। 2022 के बाद अब 2026 में भी टीम का प्रदर्शन शुरू में काफी निराशाजनक रहा है।  
2010 में इन्हीं परिस्थितियों में चेन्नई बनी थी चैम्पियन 
2010 में भी सीएसके की हार का सिलसिला पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) के खिलाफ सुपर ओवर में हार से शुरू हुआ और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार के साथ जारी रहा। चेन्नई शुरुआती 8 मुकाबलों में से सिर्फ 3 मैच जीत पाई थी। उसके बाद अगले 6 मैचों में से 4 मैच जीतकर उसने प्ले-ऑफ के लिए क्वालीफाई किया था। सेमीफाइनल में उसने डेक्कन चार्जर्स को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं, फाइनल में मुंबई को 22 रन से हराकर चेन्नई ने पहली बार आईपीएल खिताब पर कब्जा किया था।
प्लेऑफ का समीकरण
अब भी प्लेऑफ में पहुंचने के लिए चेन्नई के सामने कोई बड़ी मुश्किल नहीं है। न ही ऐसा है कि उसे दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा. बस उसे जीत की पटरी पर लौटकर उसी लय को बरकरार रखना होगा।
कितने मैच जीतने होंगे?
आईपीएल के लीग स्टेज में हर टीम को कुल 14 मैच खेलने होते हैं। चूंकि, चेन्नई ने अपने शुरुआती तीन मैच गंवा दिए हैं, ऐसे में उसे अभी 11 मुकाबले और खेलने हैं। टॉप-4 में सीधे जगह बनाने के लिए किसी भी टीम को कम से कम 16 अंकों की जरूरत होती है और इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए सीएसके को बचे हुए 11 मैचों में से 8 मैच हर हाल में जीतने होंगे। लगातार तीन हार से चेन्नई का नेट रन रेट (-2.517) भी सबसे खराब हो गया है। इसलिए चेन्नई को जीत के साथ-साथ रन रेट भी सुधारना होगा। सीएसके का अगला मुकाबला 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ है। टीम को इस मुकाबले में जीत के साथ टूर्नामेंट में वापसी की उम्मीद होगी।

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