छत्तीसगढ़ / जशपुर
कलेक्टर व्यास ने महारानी लक्ष्मी बाई कन्या विद्यालय व स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल का किया निरीक्षण
जशपुरनगर । जिले के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारू शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। कलेक्टर रोहित व्यास स्वयं लगातार विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा ले रहे हैं, ताकि आवश्यक सुधार सुनिश्चित हो और विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
इसी कड़ी में आज कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत भी उपस्थित रहे।
महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्राचार्य विजय सिन्हा एवं विद्यालय प्रबंधन से विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मंच, सभागार, दरवाजे, खिड़कियों सहित जिन स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता है, उनका प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित एवं व्यवस्थित ढंग से शिक्षण कार्य संचालित करने को कहा, ताकि छात्राएं यहां पर पढ़कर एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।
कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने प्राचार्य आर. डुंगडुंग एवं विद्यालय प्रबंधन से शिक्षण व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के अलावा सभागार, शौचालयों सहित अन्य जगहों में जहां पर मरम्मत कार्यों की आवश्यकता है वहां का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों के लिए अध्ययन एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन हेतु बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कल्पना टोप्पो सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ें किसान, 31 जुलाई तक अवश्य कराएं फसलों का बीमा
जशपुरनगर । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026-27 में जिले के अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा का सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए कृषि विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से करा लें, ताकि प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से फसल को नुकसान होने की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके।
खरीफ वर्ष 2026-27 में पात्र किसानों, विशेषकर अऋणी कृषकों को अधिक से अधिक संख्या में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाने के लिए ग्राम एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों के साथ ही बीटीएम, एटीएम एवं कृषक मित्रों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के प्रत्येक मैदानी अधिकारी, बीटीएम, एटीएम एवं कृषक मित्र को 50-50 हेक्टेयर अऋणी किसानों को फसल बीमा से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाना है, जो ऋणी नहीं हैं, लेकिन अपनी अधिसूचित फसलों को प्राकृतिक एवं मौसमी जोखिमों से सुरक्षित करने के लिए बीमा कराना चाहते हैं।
जिले में 6050 हेक्टेयर क्षेत्र को बीमा से जोड़ने का लक्ष्य :
कृषि विभाग द्वारा अऋणी किसानों को फसल बीमा से जोड़ने के लिए विकासखंडवार कुल 6050 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मनोरा विकासखंड में 500 हेक्टेयर, जशपुर में 500 हेक्टेयर, दुलदुला में 550 हेक्टेयर, कुनकुरी में 600 हेक्टेयर, कांसाबेल में 900 हेक्टेयर, फरसाबहार में 900 हेक्टेयर, बगीचा में 1000 हेक्टेयर तथा पत्थलगांव विकासखंड में सर्वाधिक 1100 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग ने मैदानी अमले को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों से सतत संपर्क करने तथा उन्हें फसल बीमा के लाभ एवं प्रक्रिया की जानकारी देकर योजना से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
अऋणी किसान इन दस्तावेजों के साथ करा सकते हैं बीमा -
अधिसूचित फसल उगाने वाले ऐसे सभी अऋणी किसान, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होना चाहते हैं, वे अपना बुआई पुष्टि प्रमाण-पत्र संबंधित क्षेत्रीय पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित करा सकते हैं। इसके बाद भूमि विवरण, खाता संख्या, आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर फसल बीमा कराया जा सकता है। किसान अपने संबंधित सहकारी समिति, बैंक, बीमा प्रदाता कंपनी अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से फसल बीमा की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
प्राकृतिक आपदा के 5 प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी के तहत प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 5 प्रकरणों में कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
अपर कलेक्टर प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मनोरा के ग्राम अंधला निवासी स्व. जोसेफ पिता स्व. अंधेरियस मिंज की 31 जुलाई 2025 को नाले के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पुत्र सामृत मिंज को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील बागबहार के ग्राम मुड़ाबहला निवासी स्व. निखिल सिदार पिता फतेराम की 19 नवंबर 2025 को तालाब (डबरी) के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता फतेराम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। तहसील पत्थलगांव के ग्राम पत्थलगांव निवासी स्व. राजवंती देवी साहू पति बिंदेश्वरी साहू की 4 नवंबर 2025 को नदी के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पति बिन्देश्वरी साहू को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
तहसील कांसाबेल के ग्राम बटईकेला निवासी स्व. दुर्याेधन राम पिता तेजगर राम की 1 अक्टूबर 2025 को ढोढ़ी कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी दिलासो बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह तहसील कुनकुरी के ग्राम घटमुण्डा नवाटोली निवासी स्व. एल्ड्रिन एक्का पिता प्रबोध एक्का की 21 दिसंबर 2024 को आग में जलने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता प्रबोध एक्का को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिक जनहानि के प्रकरणों में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ पूर्ण की जा रही है।
जशपुर नगर पालिका CMO कार्यालय सील, एसडीएम की कार्रवाई से मचा हड़कंप
जशपुर । जशपुर नगर पालिका में शुक्रवार को उस समय प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई, जब एसडीएम के निर्देश पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) योगेश्वर उपाध्याय के कार्यालय को सील कर दिया गया। कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सील किए जाने की कार्रवाई के बाद नगर पालिका और जिला प्रशासन में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से सीएमओ के कार्यालय से अनुपस्थित रहने की बात सामने आ रही थी। साथ ही यह भी चर्चा है कि उच्च अधिकारियों द्वारा किए गए फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया जा रहा था। हालांकि, इन दावों की अब तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कार्यालय सील किए जाने के बाद वहां लगाए गए सीलिंग नोटिस की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। घटना के बाद पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
फिलहाल प्रशासन ने कार्यालय सील करने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। ऐसे में कार्रवाई के पीछे की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगी।
रायपुर : जशपुर वनमण्डल की गजरथ यात्रा-2026 शुरू, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान तेज
विद्यालयों, ग्राम सभाओं और वन सुरक्षा समितियों के माध्यम से मानव-हाथी सहअस्तित्व का दिया जा रहा संदेश
रायपुर, 23 जुलाई 2026
मानव-हाथी द्वंद की घटनाओं में कमी लाने और आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों में हाथियों के प्रति वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जशपुर वनमण्डल द्वारा गजरथ यात्रा-2026 का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान हाथी प्रभावित संवेदनशील (येलो ज़ोन) क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है, जहां वन विभाग की टीमें विद्यालयों और गांवों में पहुंचकर हाथियों के व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवास तथा सुरक्षित सहअस्तित्व के संबंध में जानकारी दे रही हैं। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में आयोजित गजरथ यात्रा के दौरान वन परिक्षेत्र तपकरा के 15 विद्यालयों के 1,542 विद्यार्थियों को हाथियों की जैविक एवं व्यवहारिक विशेषताओं, उनके प्राकृतिक आवास, भ्रमण मार्ग, भोजन एवं जल स्रोत, झुंड की संरचना तथा मानव-हाथी सहअस्तित्व से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी दी गई थी। विद्यार्थियों को हाथियों के विचरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित व्यवहार और वन विभाग की चेतावनियों का पालन करने का प्रशिक्षण भी दिया गया था।
इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए। स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों में हाथियों के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ी। हाथियों के विचरण की समय पर सूचना साझा करने, अफवाहों से बचने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसी आदतों का विकास हुआ, जिससे मानव-हाथी द्वंद की घटनाओं में कमी लाने में मदद मिली। इन्हीं सकारात्मक अनुभवों के आधार पर इस वर्ष गजरथ यात्रा-2026 का विस्तार किया गया है। यात्रा जशपुर वनमण्डल के विभिन्न हाथी प्रभावित वन परिक्षेत्रों एवं गांवों में पहुंचकर विद्यालयों, ग्राम सभाओं, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार तथा उनके संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही है।
अभियान के दौरान आधुनिक ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति, पोस्टर, फ्लेक्स, मॉडल और संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से बताया जा रहा है कि हाथियों के झुंड के निकट जाना, उन्हें उकसाना या उनके मार्ग में बाधा उत्पन्न करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। ग्रामीणों को हाथी विचरण की सूचना मिलने पर सुरक्षित स्थान पर रहने, रात में अनावश्यक आवागमन से बचने, खेतों और जंगलों में अकेले न जाने तथा वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। विद्यार्थियों को हाथियों की पारिस्थितिकी, वन एवं जैव विविधता संरक्षण में उनकी भूमिका तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति नागरिक दायित्वों की जानकारी भी दी जा रही है। प्रश्नोत्तरी, संवाद और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता का संदेश पहुंचा सकें।
वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि जशपुर वनमण्डल में मानव-हाथी सहअस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है। गजरथ यात्रा केवल एक प्रचार अभियान नहीं, बल्कि समुदाय आधारित संरक्षण का सशक्त प्रयास है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को हाथियों के व्यवहार को समझने, जोखिम कम करने और सुरक्षित सहअस्तित्व अपनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि जनहानि एवं संपत्ति की क्षति में कमी आए और हाथियों के प्राकृतिक संरक्षण को भी मजबूती मिले।
जिले में 2 लाख 72 हजार साजा-अर्जुना पौधों का पौधरोपण शुरू, कोसा उत्पादन से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय
जशपुरनगर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की है। इसके साथ ही स्व सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कहा है।
इसी कड़ी में जिला जशपुर के अंतर्गत विकासखण्ड फरसाबहार, दुलदुला, पत्थलगांव और कुनकुरी में वर्ष 2026-27 में मनरेगा की विकसित भारत जी राम जी योजना अंतर्गत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्य शुरू किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा 19 स्थलों पर 66.5 हेक्टेयर भूमि में साजा और अर्जुना के पौधों का पौधरोपण स्वीकृत किया गया है। प्रत्येक स्थल पर लगभग 14,350 पौधों के हिसाब से कुल ’2 लाख 72 हजार 650 पौधों’ की नर्सरी तैयार कर रोपण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
कोसा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा :
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाना है। साजा और अर्जुना के पौधे कोसा कीट पालन के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। इन पौधों के बड़े होने पर आदिवासी और किसान परिवार प्राकृतिक कोसा उत्पादन से स्थायी और अच्छी आय अर्जित कर सकेंगे।
मनरेगा जॉब कार्ड धारक परिवारों को इस कार्य से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। रेशम विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में पौधों की देखभाल और रखरखाव किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय मजदूरों को पौधों की चौकीदारी के लिए भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पहल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। अर्जुन के पौधे बड़े होकर कोसा उत्पादन का मुख्य केंद्र बनेंगे, जिससे ग्रामीणों का पलायन रुकेगा और वे कृषि आधारित उद्योगों से जुड़ सकेंगे।
जशपुर जिले में जन्म-मृत्यु पंजीयन के लिए अब आधार ऐप मान्य
फिजिकल आधार कार्ड देना अनिवार्य नहीं
जशपुरनगर।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआईडीएआई, नई दिल्ली द्वारा नागरिकों की सुविधा और डेटा गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए नए आधार ऐप को लॉन्च किया गया है। यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय, जशपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार यूआईडीएआई के परिपत्र 30 अप्रैल 2026 के अनुसार नए आधार ऐप में नागरिकों को अपने पहचान विवरण की गोपनीयता बनाए रखने की सुविधा मिलेगी। इस ऐप के माध्यम से अब नागरिक अपना 12 अंकों का आधार नंबर साझा किए बिना भी अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
नए आधार ऐप की सबसे बड़ी विशेषता वेरिफिएबल क्रेडेंशियल है। इसके तहत नागरिक अपनी पहचान संबंधी जानकारी को पूर्ण या आंशिक रूप से डिजिटल रूप में सुरक्षित तरीके से प्रदर्शित और साझा कर सकेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आधार अधिनियम 2016 के तहत इस ऐप से प्राप्त डिजिटल रिकॉर्ड की विधिक मान्यता भी सुनिश्चित की गई है।
जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि जन्म अथवा मृत्यु पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच, मिलान एवं ऑनलाइन प्रविष्टि के समय यदि कोई हितग्राही या आवेदक नए आधार ऐप के माध्यम से अपना पहचान विवरण डिजिटल रूप में प्रस्तुत करता है, तो उसे पहचान के पूर्णतः वैध और कानूनी साक्ष्य के रूप में अनिवार्य रूप से स्वीकार किया जाए।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हितग्राही द्वारा डिजिटल रूप में क्रेडेंशियल प्रस्तुत किए जाने की स्थिति में उनसे मूल 12 अंकों का भौतिक आधार कार्ड या उसकी छायाप्रति जमा करने के लिए अनावश्यक रूप से विवश न किया जाए। भौतिक आधार कार्ड, आधार पत्र, ई-आधार, मास्क्ड ई-आधार और एम-आधार पूर्व की भांति पहचान के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नागरिकों को असुविधा होने की स्थिति में संबंधित रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। सभी पंजीयन इकाइयों को इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। यह पहल नागरिकों को कागज रहित और सुरक्षित सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
धारा 138 एन.आई.एक्ट से संबंधित प्रकरणों के निराकरण हेतु स्पेशल लोक अदालत का हुआ आयोजन
आपसी समझौते से 31.60 लाख रुपये से अधिक राशि के मामलों का हुआ समाधा
जशपुरनगर।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार शनिवार को जिला एवं तालुका स्तर पर परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट) की धारा 138 के अंतर्गत चेक अनादरण (चेक बाउंस) से संबंधित प्रकरणों के निराकरण हेतु आज स्पेशल लोक अदालत का आयोजन किया गया। विशेष लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित चेक बाउंस के प्रकरणों का संबंधित पक्षकारों एवं उनके अधिवक्ताओं की उपस्थिति में आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निराकरण करने का प्रयास किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर कु. श्वेता बघेल ने बताया कि स्पेशल लोक अदालत में चेक अनादरण से संबंधित 110 लंबित प्रकरण तथा 139 प्री-लिटिगेशन प्रकरण सहित कुल 249 प्रकरण रखे गए। इनमें से 17 लंबित एवं 12 प्री-लिटिगेशन सहित कुल 29 प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इन प्रकरणों के निराकरण से कुल 31 लाख 60 हजार 559 रुपये की राशि से संबंधित विवादों का समाधान हुआ। विशेष लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई।
40 करोड़ की सड़क योजना अटकी, कोतबा-बागबहार मार्ग बना ‘मौत का रास्ता
कोतबा ।
जशपुर जिले में कोतबा से बागबहार को जोड़ने वाला 13 किलोमीटर लंबा मुख्य मार्ग इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। करीब 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के नौ महीने बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से पहली ही बारिश में सड़क जगह-जगह गड्ढों और दलदल में तब्दील हो गई है। हजारों ग्रामीण, स्कूली बच्चे और मरीज जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं।
यह सड़क कोतबा नगर को बागबहार, जिला मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है। इसी मार्ग से यात्री बसों, मालवाहक वाहनों और ओडिशा-झारखंड की ओर जाने वाले वाहनों का आवागमन होता है। लेकिन खराब सड़क के कारण आए दिन दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव के चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। सड़क पर डाली गई मिट्टी और घटिया गिट्टी पहली बारिश में बह गई, जिससे स्थिति और खराब हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले निर्माण में देरी के लिए ईंधन की कीमतों को कारण बताया गया, लेकिन अब भी काम शुरू नहीं किया जा रहा है। मामले में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ संतोष पैंकरा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।
पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज बिसेन ने सड़क की खराब स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि आगामी टीएल बैठक में इस मुद्दे को कलेक्टर रोहित व्यास के समक्ष रखा जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सड़क की बदहाली को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं जशपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुमित शर्मा ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर कोतबा से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया तक पदयात्रा सत्याग्रह करने की घोषणा की है।
करीब 40 करोड़ रुपये की इस परियोजना में देरी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो योजना सरकारी फाइलों तक सीमित रह जाएगी और आम जनता को बदहाल सड़क से जूझना पड़ेगा।
कुनकुरी में सहकारी सप्ताह पर लगा मुफ्त मेडिकल कैंप: लोगों को मिलीं बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं
जशपुरनगर
सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक सहकारी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कुनकुरी के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी स्थित जनऔषधि केंद्र में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से आवश्यक परामर्श प्राप्त किया।
शिविर के दौरान चिकित्सकों द्वारा नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के अनुसार आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। विशेषज्ञों ने लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने तथा किसी भी बीमारी के प्रारंभिक लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। चिकित्सकों ने शिविर में आए नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विभिन्न मौसमी बीमारियों से बचाव एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
सहकारिता और जनसेवा का प्रभावी समन्वय :
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक शिविर का लाभ उठाया। सहकारी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह शिविर सहकारिता संस्थाओं के माध्यम से आमजन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। सहकारी सप्ताह के दौरान जिले में किसानों एवं आम नागरिकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से विभिन्न जनजागरूकता एवं जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है, जिससे सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग तक शासन की सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
कस्तूरा शिविर में किसानों को किसान किताब का किया गया वितरण
सोनी,आशा देवी,कमला बाई को मिला जॉब कार्ड
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सुशासन तिहार का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव ने हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया।
इसी कड़ी में विगत दिवस दुलदुला विकास खंड के ग्राम कस्तूरा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। तीन हितग्राहियों को जॉब कार्ड, किसानों को किसान किताब, और पौधे का वितरण, मछली पालन के लिए स्व सहायता समूह की महिलाओं को आईस बाक्स और मछली जाल वितरण किया गया। इनमें कस्तूरा ग्राम की सोनी कुमारी, आशा देवी, कमला बाई को जॉब कार्ड दिया गया।
डीएपी के नाम पर हो रही थी ठगी, खारीबहार में 17.1 टन अवैध उर्वरक जब्त, 342 बोरी सील कर जांच शुरू
जशपुरनगर । किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर रोहित व्यास एवं उप संचालक कृषि एम.आर. भगत के मार्गदर्शन में कृषि विभाग पत्थलगांव एवं फरसाबहार की संयुक्त टीम ने विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पंचायत खारीबहार में बड़ी छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित उर्वरक का भंडाफोड़ किया है।
संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान एक मकान में भारी मात्रा में उर्वरक का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में कुल 342 बोरी लगभग 17.1 टन भूमि शक्ति (ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर) उर्वरक बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त उर्वरक को किसानों के बीच डीएपी खाद के नाम पर बेचा जा रहा था, जिससे किसानों को भ्रमित कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी पत्थलगांव राकेश पैंकरा द्वारा मौके पर पहुंचकर संपूर्ण उर्वरक भंडारण को सील कर दिया गया। साथ ही आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए जब्ती प्रकरण तैयार कर आगे की कार्रवाई हेतु कार्यालय उप संचालक कृषि, जशपुर को प्रेषित किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि विभाग ने बताया कि किसानों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक एवं कृषि आदान क्रय करना चाहिए तथा खरीद के समय पक्की रसीद अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल कृषि विभाग को देने की अपील भी की गई है। इस छापामार कार्रवाई में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नन्दे भगत, उर्वरक निरीक्षक देवकांत अजगल्ले, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी किशन कुशवाहा एवं मुकेश सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कस्तूरा शिविर में 6 हितग्राहियों को मिला मुख्यमंत्री पेंशन स्वीकृति आदेश, 8 हितग्राहियों को मिला श्रम कार्ड
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सुशासन तिहार अभियान का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में दुलदुला विकास खंड के ग्राम कस्तुरा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष शोर्य प्रताप सिंह जुदेव ने 6 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री पेंशन योजना की स्वीकृति आदेश दी गई है। इनमें ग्राम जामपानी के मोहन प्यारे, रामकृष्ण,लाल मोहन राम, रामेश्वर राम, सुखदेव राम, तेजू राम शामिल है और एक हितग्राही मनीष कुमार राम को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत किया गया।
इसी प्रकार 8 हितग्राहियों को श्रम कार्ड वितरण किया गया। इनमें दुलदुला विकास खंड के ग्राम रायडीह के लक्ष्मी बाई, विनीता खाखा,कमला बाई, देवनाथ यादव, ग्राम कोरना के मन्दिका , रायडीह के सुमन एक्का मुक्ति खाखा,मनपति बाई शामिल हैं।
जशपुर में मौसम का कहर: बिजली गिरने से टोल सिस्टम ठप, आंधी-ओलावृष्टि से तबाही
जशपुर । जशपुर जिले में मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया। लोदाम क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। वज्रपात की चपेट में आने से टोल प्लाजा के 7 कंप्यूटर सिस्टम जलकर खराब हो गए, जबकि 5 मवेशियों की मौत हो गई।
तेज गरज और बिजली गिरने का सबसे अधिक असर लोदाम टोल प्लाजा पर देखने को मिला। अचानक हुई वज्रपात की घटना से टोल प्लाजा के कई कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंधी के तेज झोंकों से कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। इसके चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और देर रात तक अंधेरे की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों ने बताया कि तेज हवाओं और बारिश के कारण लोगों को घरों में ही रहने को मजबूर होना पड़ा।
वहीं कृषि उपज मंडी जांच केंद्र में आम के पेड़ की भारी डाल गिरने से भवन और उपकरणों को नुकसान पहुंचा है। कर्मचारियों ने बताया कि तेज आंधी के कारण परिसर में काफी क्षति हुई है।
इसी दौरान वज्रपात की चपेट में आने से 5 मवेशियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में टीमों को भेजकर नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
सुशासन तिहार 2026: सरबकोम्बो और अमडीहा में 27 मई को लगेगी शिविर, समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 27 मई 2026 को बगीचा जनपद के ग्राम सरबकोम्बो और फरसाबहार जनपद के अमडीहा में शिविर लगाए जाएंगे। दोनों शिविरों में कुल 28 गांवों के ग्रामीण शामिल होंगे।
सरबकोम्बो शिविर में 12 गांवों सरबकोम्बो, बुटंगा, गायलुंगा, कलिया, बच्छरांव, रमसमा, साहीडांड, करमा, कुदमुरा, रनपुर, तम्बाकछार एवं पंडरीपानी के ग्रामीण अपनी समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसी प्रकार अमडीहा के शिविर में 16 गांवों अमडीहा, बाम्हनमारा, जबला, जामबहार, घुमरा, बांसाझाल, पुराईनबंध, समडमा, केरसई, कोहपानी, लठ बोरा, साजबहार, सिंगी बहार, सुण्डरु, तपकरा एवं उपर कछार के ग्रामीण अपनी मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके। कलेक्टर रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।
सहकारी समिति में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध
जशपुरनगर । कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में उर्वरक की कमी नहीं है।अद्यतन स्थिति में सहकारी समितियों में यूरिया 3762.840 मे.टन.एन.पी.के. 973.550 मे.टन डीएपी 1954.950 मे.टन.सु.फा. 245.950 मे.टन, व म्यूरेट आफ पोटाश 525.300 मे.टन. कुल 7462.590 मे.टन. रासायनिक खाद उपलब्ध है। इसी तरह डबल लाक केन्द्रों में यूरिया 1671.39 मे.टन.एन.पी. के. 225.5 मे.टन. डीएपी 872.650 मे.टन. सु.फा. 24.750 मे.टन. व म्यूरेट आफ पोटाश 68.25 मे.टन कुल 2862.54 मे.टन. रासायनिक खाद संग्रहण केन्द्रों में उपलब्ध है।
25 को प्लेसमेंट कैंप, 110 पदों पर होगी भर्ती
जशपुरनगर । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र जशपुर द्वारा 25 मई 2026 सोमवार को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप में चौतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्रा. लि. एवं बॉम्बे सिक्योरिटी गार्ड द्वारा कुल 110 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। कैंप 25 मई को प्रातः 11ः00 बजे से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, जशपुर में आयोजित होगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि चौतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्रा. लि. में सीआरई ग्राहक संबंध अधिकारी के महिला एवं पुरुष के 20 पदों पर रिक्तियां प्राप्त हुई हैं। इसी प्रकार बॉम्बे सिक्योरिटी गार्ड में पुरुषों के लिए सुरक्षा गार्ड के 60 और सुपरवाइजर के 30 पदों पर रिक्तियां प्राप्त हुई हैं।
इच्छुक आवेदक पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड के साथ निर्धारित दिनांक व समय पर कैंप में उपस्थित होकर रोजगार का लाभ ले सकते हैं।