छत्तीसगढ़ / जशपुर
जशपुर में जिला स्तरीय कौशल तिहार का आयोजन
इलेक्ट्रिशियन इंस्टॉलेशन प्रतियोगिता में युवाओं ने दिखाया हुनर
जशपुरनगर। जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज जशपुर में जिला स्तरीय कौशल तिहार का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर खास तौर पर इलेक्ट्रिशियन इंस्टॉलेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लाइवलीहुड कॉलेज के प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत प्रशिक्षित सात लाभार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
यह प्रतियोगिता दो श्रेणियों में आयोजित की गई थी। पहली श्रेणी 22 वर्ष से कम आयु के प्रतिभागियों के लिए थी, जबकि दूसरी श्रेणी में 22 से 45 वर्ष के बीच के लाभार्थियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में जिला परियोजना लाइवलीहुड के प्रशिक्षक, कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक और आईटीआई आरा के प्राचार्य शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों के कौशल का बारीकी से मूल्यांकन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रेरित करना और उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना था।
किसान भाईयों की खेती ने पकड़ी रफ्तार
हरेली तिहार उत्साह से मनाया अब अच्छी फसल उम्मीद
- श्रीमती नूतन सिदार, सहायक संचालक जनसंपर्क जशपुर
जशपुरनगर। बरसात का मौसम है और किसान भाई बंधुओं की खेती-किसानी का समय किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होताइहरेली का त्योहार भी बड़े उत्साह से मनाया गया जहां उन्होंने पारंम्परिक औजार और ईश्वर की पूजा अर्चना कर अच्छी फसल की कामना की।
जशपुर जिले के किसान भी अपने खेतो में थरा लगाकर अच्छी फसल की उम्मीद किए हैं।
किसान दीलिप का कहना है कि खेती बाड़ी अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए तो काफी लाभदाय होता है और किसानों को उपज का सही दाम भी मिलता है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी भी की जा रही है जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है। किसानों को अच्छी फसल लेने के लिए मौसम और फसल का चयन बेहद जरूरी है।
हर फसल का एक निर्धारित मौसम होता है जैसे धान वर्षा ऋतु में, गेहूं सर्दियों में। यदि किसान सही समय पर बुवाई और कटाई करते हैं, तो पैदावार अच्छी होती है।
भूमि की तैयारी
खेती का समय किसान को मिट्टी की उर्वरता बढ़ान और इसके लिए सही मौका देता है। इससे बीज अंकुरित होने की संभावना बेहतर होती है। किसानों को फसल लगाने से पहले अपने खेत की मिट्टी का परिक्षण और कृषि वैज्ञानिकों से सलाह जरूर लेनी चाहिए ताकि मिट्टी के अनुसार फसल लगाई जा सके।
किसान भाई बंधुओं को कीटनाशक और खाद का सही उपयोग करना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने सभी किसान भाई बंधुओं को सोसायटी के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में खाद बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि खेती बाड़ी करने में कोई समस्या न होने पाए।
यदि किसान सही समय पर जैविक या रासायनिक खाद और कीटनाशक डालते हैं, तो फसल की रक्षा होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है।
किसान भाई बंधुओं को बाजार और कीमतें अगर किसान फसल की बुवाई और कटाई समय पर करते हैं तो बाजार में उस फसल की मांग अधिक हो जाती है जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल सकते हैं।
अगर सब्जियां ऑफ-सीजन में तैयार होती हैं तो भाव ज्यादा मिलते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का भी लाभ किसानों को दिया जा रहा है।
खेती-किसानी के मौसम में सरकार बीज, खाद, सिंचाई उपकरण आदि पर सब्सिडी या सहायता देती है। सही समय पर खेती करने से किसान इन योजनाओं का पूरा लाभ ले सकते हैं।
खेती-किसानी का समय अगर वैज्ञानिक और व्यावसायिक समझ के साथ अपनाया जाए तो यह किसानों के लिए बेहद लाभदायक हो सकता है उत्पादन ज्यादा होगा, लागत कम, और बाज़ार में अच्छे दाम मिलेंगे।
जशपुर जिले की मिट्टी बहुत ही उपजाऊ है किसानों को फल फूल सब्जी से बढ़िया लाभ मिल रहा है। किसान अपनी भूमि पर सीजन अनुसार फसल लेते हैं। धान के साथ साग सब्जी, फल फूल की भी अच्छी खेती कर रहे हैं।
कार की डिक्की से निकला सवा क्विंटल गांजा, 2 तस्कर गिरफ्तार
जशपुर । जशपुर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 क्विंटल 21 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 36 लाख रुपए बताई जा रही है। तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था गांजा
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद स्विफ्ट डिजायर (CG04 DR 6000) में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा है। 21 जुलाई को थाना तपकरा पुलिस ने एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर नाकेबंदी कर दी और संदिग्ध वाहन को चेकिंग के दौरान पकड़ा।
डिक्की से मिला 100 पैकेट गांजा
वाहन की तलाशी में डिक्की से 100 पैकेट अवैध गांजा बरामद किया गया। कार में सवार आरोपियों ने अपनी पहचान अशोक कुमार यादव और निलेश कुमार यादव के रूप में दी। जब गांजे के दस्तावेज मांगे गए तो वे कुछ भी पेश नहीं कर पाए।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दोनों तस्कर ओडिशा के संबलपुर से गांजा लेकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जा रहे थे। कार सहित मादक पदार्थ जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के बैनर तले एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन
शासन की योजनाओं ने बदली सुमित्रा बाई की जिंदगी
जशपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम खटंगा के एक साधारण परिवार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ शासन की तीनों योजनाओं ने एक साथ उनकी जि़ंदगी को नई दिशा दी है। श्रीमती सुमित्रा बाई बताती हैं कि पहले हम कच्चे घर में रहते थे।
बरसात हो या गर्मी, हमेशा डर बना रहता था। पानी टपकता था, दीवारें गिरने का डर और रात-बिरात साँप, बिच्छू का डर अलग से। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर अब हमारे लिए एक नई दुनिया जैसा है। अब न डर है, न परेशानी, घर भी साफ-सुथरा है, और बच्चों को पढऩे-लिखने का भी अच्छा माहौल मिल गया है।
प्रधानमंत्री आवास
सुमित्रा बाई आगे बताती हैं कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर और चूल्हा मिलने से अब हम धुँआ से मुक्ति मिली और खाना बना पाते हैं। पहले जंगल से लकड़ी लाना पड़ता था और आग जलाना तब बहुत मुश्किल था। आँख में जलन होती थी एवं खाँसी और समय भी ज़्यादा लगता था। अब रसोई में आसानी से खाना बन जाता है। उन्होंने आगे बताया कि, मुझे मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रूपए मिलते हैं। उसी से हम तेल, नमक, साबुन जैसे ज़रूरी सामान खरीद लेते हैं।
कभी बेटी को स्कूल के लिए कॉपी-किताब भी लेना हो, तो उसी से काम चल जाता है। उनकी बेटी कुमारी संगीता बताती है, जब कच्चा घर था, तब हम पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पाते थे। बरसात के दिन बहुत दिक्कत होती थी। अब जब पक्का घर मिला है, तो मन लगता है। हम अब बहुत खुश हैं।” परिवार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया।
सर्पदंश के संबंध में सभी लोगों को जागरूक करने दिए निर्देश
जशपुरनगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा हेतु जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी एम्बुलेंसों की स्थिति एवं संचालन पर समीक्षा करते हुए सभी 15 वर्ष से पुरानी गाड़ियों को सेवा से हटाकर नीलाम करने एवं सभी एम्बुलेंस संचालकों की जानकारी सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने मनोरा एवं पंडरापाठ विकास खंडों में पहुँच विहीन क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस को क्रियाशील कर संचालित करने के निर्देश दिए।
वर्षा ऋतु के दौरान मौसमी बीमारियों के सम्भावित फैलाव को देखते हुए सभी मितानिनों के पास दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में आकस्मिक उपचार हेतु भण्डारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आईआईटी बॉम्बे द्वारा संचालित पोषण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए साप्ताहिक समीक्षा करते हुए मैदानी सर्वे के द्वारा योजना की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। जिले में स्वास्थ्य केंद्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थित विद्युत कनेक्शन एवं ऑपरेशन थिएटरों में वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों द्वारा जेनेरिक दवाइयां देने के निर्देश दिए एवं इसकी नियमित जांच के लिए अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण कर लिखी जा रही दवाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एनक्वास सर्टिफ़िकेशन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी केंद्रों को सर्टिफिकेशन के लिए मानकों के अनुसार तैयारी करने के निर्देश दिए।
सर्पदंश के मामलों पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में आपात स्थितियों के लिए सभी तैयारी रखने तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार हेतु उपलब्ध व्यवस्थाओं के संबंध में लोगों को जागरूक करने को कहा। राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा लोगों को प्रोत्साहित कर स्वास्थ्य केंद्रों तक लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने मातृ शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गर्भवती माताओं को गर्भाधान की शुरुआत से ही एएनसी पंजीकरण कराकर उनकी नियमित देखभाल करने को कहा। उन्होंने जिले में संस्थागत प्रसव की प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार समीक्षा करते हुए जिस भी केंद्रों में 03 महीने में एक भी डिलीवरी नहीं हुई है उन केंद्रों के आरएचओ एवं सीएचओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने रात्रिकालीन प्रसव सुविधाओं पर भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निजी अस्पतालों में हुए प्रसवों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव संबंधित सभी सुविधाएं सुनिश्चित करें ताकि ग्रामीणों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज के लिए घर से मीलों दूर का सफर ना तय करना पड़े।
पोस्टमार्टम एवं दुष्कर्म के मामलों में शासन के नियमानुसार 07 दिनों के अंदर चिकित्सकीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पत्थलगांव में भी सीटी स्कैन मशीन स्थापना के लिए शासन को मांग प्रेषित करने की कहा। स्वास्थ्य कार्यक्रम में धीमी प्रगति पर फरसाबहार बीएमओ में नोटिस जारी करने को कहा। जिले के समस्त एनआरसी में कुपोषित बच्चों को दाखिल कराकर उनके सम्पूर्ण स्वास्थ्य पर ध्यान रखने के लिए चिकित्सकों को माता पिता से काउंसलिंग कर के उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित एनीमिया मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, चिरायु कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बहरापन कार्यक्रम, टेलीकंसल्टेशन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, हाट बाजार क्लिनिक योजना, फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, जनऔषधि केंद्र संचालन आदि पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जी एस जात्रा, डीपीएम राजीव रंजन सहित सभी बीएमओ, बीपीएम सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ में रचा भारतीय एथलेटिक्स का इतिहास
नंगे पांव की शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय ट्रैक तक का सफर तय कर अनिमेष बने लोगों के लिए प्रेरणा
जशपुरनगर। बुलंद हौसले और मजबूत इरादों के साथ गढ़ी गई धावक अनिमेष कुजूर की सफलता लोगों के लिए प्रेरणादायी है। जिले के छोटे से गांव घुइटांगर की पगडंडियों पर कभी नंगे पांव दौड़ने वाला लड़का आज देश की सबसे तेज़ दौड़ का रिकॉर्ड बना चुका है। 5 जुलाई 2025 को ग्रीस के वारी शहर में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में 100 मीटर की दौड़ को 10.18 सेकंड में पूरा कर अनिमेष कुजूर ने इतिहास रच दिया। हालांकि वह तीसरे स्थान पर रहे।
पहला दक्षिण अफ्रीका, दूसरा ओमान, लेकिन उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स का नया कीर्तिमान रच दिया। अमृत कुजूर ने बताया कि जब उन्हें फोन पर बताया गया कि उन्होंने 10.18 सेकंड में दौड़ पूरी की है, तब उन्हें समझ नहीं आया की इसका क्या मतलब है। बाद में जब अखबारों और टीवी के माध्यम से पता चला की भारत की यह सबसे तेज़ दौड़ है तो यह उनके लिए एक अविश्मरणीय पल था।
सैनिक स्कूल में रहकर सीखा कड़ी मेहनत और लगन का पाठ :
अनिमेष को यूं ही पहचान नहीं मिली इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और संकल्प है। संसाधनों की कमी कभी उनके संकल्प के रास्ते में बाधा नहीं बनी। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखण्ड स्थित घुइटांगर जैसे छोटे से गांव में जन्मे अनिमेष, कोई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से नहीं निकले, उन्होंने अपने शुरुआती कदम खेतों के मेड़ों और कच्चे रास्तों पर दौड़ते हुए उठाए। माता-पिता की सरकारी नौकरी के कारण अनिमेष का बचपन छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बीता। प्रारंभिक शिक्षा महासमुंद जिले के वेडनर मिशन स्कूल में हुई। पाँचवीं के बाद वे कांकेर आ गए, जहाँ उन्होंने सेंट माइकल स्कूल में पढ़ाई की। जीवन में असली मोड़ तब आया जब छठवीं कक्षा में उनका चयन सैनिक स्कूल अंबिकापुर में हो गया। यहीं से उनके जीवन में अनुशासन और कड़ी मेहनत की जो नींव पड़ी वह उनके जीवन की दिशा बदल दी। उसके पिता अमृत कुजूर कहते हैं कि सैनिक स्कूल में एडमिशन हमारे लिए किसी सपने से कम नहीं था। वहाँ की कड़े अनशासन ने उनके दिनचर्या को निखारा।
अनिमेष के माता और पिता दोनो छत्तीसगढ़ पुलिस में बतौरा डीएसपी के पद पर पदस्थ है और वर्तमान में दोनो बलौदा बाजार में पदस्थ हैं। अनिमेष के पिता अमृत कुजूर ने बताया कि कोरोनाकाल में स्कूल, खेल, कोचिंग सब बंद थे। तब सैनिक स्कूल में रहकर अनिमेष ने खुद को एक नई दिशा दी और वह एथलेटिक्स बनकर लोगों के सामने उभरा। पिता ने बताया कि हमें उसने कभी नहीं बताया कि वो दौड़ना शुरू कर चुका है। जब पहली बार उसने बताया कि वो स्कूल में रनिंग कर रहा है, तो हमें अच्छा लगा, पर अंदाज़ा नहीं था कि यह एक जुनून में बदल जाएगा।
एक साथ पांच स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक पाकर चढ़ी सफलता की सीढ़ियां :
कांकेर जिले में जब युवा एवं खेल विभाग द्वारा एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में अनिमेष ने 100 मीटर दौड़ ,200 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, हाई जंप स्पर्धा में भाग लिया। उन्होंने पाँचों में स्वर्ण पदक जीता। इस असाधारण जीत ने अनिमेष को नई पहचान दी। इस प्रदर्शन के बाद अनिमेष को रायपुर वेस्ट ज़ोन एथलेटिक्स मीट में भेजा गया। वहाँ भी उन्होंने 100 और 200 मीटर में गोल्ड मेडल जीतकर गुवाहाटी में नेशनल अंडर-18 प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए। लेकिन वहाँ एक चुनौती सामने आई उन्होंने कभी स्पाइक शूज़ नहीं पहने थे। प्रतियोगिता से पहले उनके पिता ने उन्हें जीवन के पहले प्रोफेशनल स्पाइक शूज़ दिलाए। वो पहली बार उन जूतों को पहनकर नेशनल ट्रैक पर दौड़े और 100 व 200 मीटर दोनों में चौथा स्थान प्राप्त किया। अनिमेष की सफलता इस बात का प्रमाण है कि जशपुर जैसे सीमावर्ती और वन बहुल जिलों से भी निकलकर प्रतिभाएं अंतर्राष्ट्रीय फलक पर छाने लगी है।
सिंगीबहार से अबीरा सड़क मार्ग का सुढृढ़ीकरण का कार्य प्रगतिरत
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में अधोसंरचना विकास के लिए मिल रही कार्यों की स्वीकृति और निर्माण कार्य में तेजी से जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है। विकास की जीवनरेखा कही जाने सड़कों के निर्माण से अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। साथ ही सुदूर इलाके मुख्य मार्गों से जुड़ रहे है। इसका लाभ कृषक, विद्यार्थियों, व्यापारियों, ग्रामीणों सहित समाज के सभी वर्गों को मिल रहा है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री के पहल पर स्वीकृत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत फरसाबहार विकासखंड में 3 करोड़ 3 लाख 43 हजार रूपए की लागत के टी आर-01 सिंगीबहार से अबीरा सड़क मार्ग पर सुढृढ़ीकरण का कार्य प्रगतिरत है। 5.60 किमी लंबाई की यह सड़क के सुढृढ़ीकरण कार्य पूर्ण हो जाने से आसपास के गांवों को बड़ी राहत मिलेगी। यह सड़क छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा को भी जोड़ता है।
इसी तरह दुलदुला विकासखंड में पीएमजेएसवाई अंतर्गत 3 करोड़ 55 लाख 36 हजार रूपए लागत के 17.22 किमी लंबाई की जमनी से दुलदुला और फरसाबहार विकासखंड में 3 करोड़ 87 लाख 03 हजार रूपए की लागत के 14 किमी लंबाई की पालेपखना से पंडरीपानी सड़क मार्ग का भी सुढृढ़ीकरण कार्य प्रगतिरत है।
शासन की योजनाओं ने बदली ग्रामीण परिवार की ज़िंदगी : प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला और महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा
जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम खटंगा के एक साधारण परिवार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ शासन की तीन योजनाओं ने एक साथ उनकी ज़िंदगी को नई दिशा दी है।
सुरेश राम की पत्नी सुमित्रा बाई बताती हैं, “पहले हम कच्चे घर में रहते थे। बरसात हो या गर्मी, हमेशा डर बना रहता था। पानी टपकता था, दीवारें गिरने का डर और रात-बिरात सांप, बिच्छू का डर अलग से। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर अब हमारे लिए एक नई दुनिया जैसा है। अब न डर है, न परेशानी३ घर भी साफ-सुथरा है, और बच्चों को पढ़ने-लिखने का भी अच्छा माहौल मिल गया है।”
उनकी बेटी कुमारी संगीता बताती है, “जब कच्चा घर था, तब हम पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पाते थे। बरसात के दिन बहुत दिक्कत होती थी। अब जब पक्का घर मिला है, तो मन लगता है। हम अब बहुत खुश हैं।”
सुमित्रा बाई आगे बताती हैं, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर और चूल्हा मिलने से अब हम धुँआरहित खाना बना पाते हैं। पहले जंगल से लकड़ी लाना पड़ता था, आग जलाना कृ सब बहुत मुश्किल था। आँख में जलन, खाँसी और समय भी ज़्यादा लगता था। अब रसोई में आसानी से खाना बन जाता है।”
उन्होंने आगे बताया कि, “मुझे मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने ₹1000 मिलते हैं। उसी से हम तेल, नमक, साबुन जैसे ज़रूरी सामान खरीद लेते हैं। कभी बेटी को स्कूल के लिए कॉपी-किताब भी लेना हो, तो उसी से काम चल जाता है।”
परिवार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया।
शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर में मां के नाम पर लगाए गए पौधे
जशपुरनगर। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ जिला संघ जशपुर के तत्वाधान में शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर में विगत दिवस एक पेड़ मां के नाम के अभियान के तहत वृहद पौधरोपण का आयोजन किया गया। आयोजन का थीम था पौधे लगाओ,जीवन बचाओ, एक पेड, एक जिन्दगी। इस आयोजन का मकसद छात्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना था। आयोजन में प्रकृति में संतुलन कायम रखने और मानव सहित अन्य जीवों के लिए पेड़ों के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में छात्रों को पौधे लगाने और इसके लिए लोगों को प्रेरित करने की भी अपील भी की गई।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ,मुख्य नगर पालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कल्पना टोप्पो, शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर के प्राचार्य डॉ. जी. एस. बेदी, जिला सचिव स्काउट तुमनू गोसाई, डी.ओ.सी. स्काउट हेमंत पैकरा, डि.ओ.सी गाइड प्रीति सुधा एवं शा. उ. मा. वि. आरा, सेंट पॉल बघिमा, सेंट जेवियर्स शांति भवन, होली क्रॉस घोलेंग, शा. उ. मा. वि. पतराटोली के छात्र-छात्रा सहित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कलेक्टर व्यास ने कांवर यात्रा की तैयारी का किया अवलोकन
जशपुरनग । कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को कुनकुरी विकासखंड के मयाली नेचर कैंप के पास स्थित विश्व के सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास आगामी 14 जुलाई को सावन सोमवार को भव्य कांवर यात्रा की तैयारी का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी शशि कुमार, कुनकुरी एसडीएम नन्दजी पाण्डेय, राजीव नंदे जनपद सीईओ और लोक निर्माण विभाग, वन विभाग के अधिकारीगण और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
कलेक्टर ने भव्य कांवर यात्रा के लिए रूट चार्ट, मेला स्थल, बेरिकेडिंग, पानी, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवपुराण कथा के आयोजन को आप सब के सहयोग से सफल बनाया था वैसे ही कांवर यात्रा को सफल बनाना है। इस दौरान अधिकारियों को उन्होंने जल निकासी की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, कलेक्टर ने बताया कि मधेश्वर पहाड़ प्राकृतिक शिवलिंग के पास बड़ा सा नंदी महाराज और त्रिशुल बनाने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि सावन का पहला सावन सोमवार 14 जुलाई से शुरू होने वाला है सभी चारों सोमवार को मधेश्वर पहाड़ प्राकृतिक शिवलिंग में जलाभिषेक करेंगे और कांवर यात्रा निकाली जाएगी। छत्तीसगढ़ के जशपुर में विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग दर्जा प्राप्त है।
प्राकृतिक आपदा से जनहानि पर प्रभावित परिजनों हेतु 04 लाख की सहायता अनुदान राशि स्वीकृत
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदा में जनहानि के प्रकरण में प्रभावित परिजन हेतु आर.बी.सी. 6-4 के तहत एक प्रकरणों हेतु 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। जिसमें फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी, सिसरिंगा, निवासी स्व. मधुमंजूला एक्का का आग में जलने से 19 मार्च 2024 को मृत्यु हो जाने पर मृतिका के निकटतम मृतिका के पति विजय एक्का हेतु 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
किसान सुखसाय रबी और खरीफ की फसल का ले रहे लाभ
सौर सुजला योजना और शाकम्बरी योजना का भी मिल रहा है लाभ
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली सरकार किसानों को हर संभव मदद करने और शासन की योजनाओं को लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में जिले के कृषि विभाग द्वारा किसानों को विभागीय योजनाओं से निरंतर लाभान्वित किया जा रहा है। साथ ही नलकूूप खनन कराकर उसमें सौर सुजला योजना से पम्प भी लगाकर स्प्रिंकलर से सिंचाई की सुविधा दी गई है।
इसी कड़ी में कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम गिनाबहार निवासी कृषक सुखसाय को कृषि विभाग के माध्यम से शाकम्भरी योजना से विद्युत पम्प का लाभ दिया गया है। कृषक के पास 2.000 हेक्टेयर भूमि है। जिसमें एक जगह कुआ है। जिसमें कृषक के पास सिंचाई हेतु पम्प न होने के कारण सिंचाई नहीं कर पाता था। इस वर्ष कृषि विभाग के माध्यम से शाकम्भरी योजना से विद्युत पम्प लेकर गेहूं की खेती कर रहा है। कृषि विभाग के माध्यम से ही नलकूप खनन कराकर उसमें सौर सुजला योजना से पंप लगाकर स्प्रिंकलर से सिंचाई कर खेती की जा रही है। जिसमें कृषक को रबी और खरीफ मौसम में कृषि कार्य किया जा रहा है।
सीएमएचओ ने घर जाकर संतोषी बाई और उनके नवजात शिशु का किया गया स्वास्थ्य जांच
माता और शिशु दोनों स्वस्थ, मितानिन बीफनी बाई के कार्य की सराहना की
जशपुरनगर । ग्राम पंचायत सोनक्यारी सतालूटोली निवासी श्रीमती संतोषी बाई का स्वास्थ्य परीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा उनके निवास स्थान पर जाकर किया गया। जांच के दौरान संतोषी बाई एवं उनके नवजात शिशु दोनों को स्वस्थ पाया गया। उल्लेखनीय है कि संतोषी बाई जिनका प्रसव 01 जुलाई की रात को हुआ था। नाले में जलभराव जैसी विकट परिस्थिति में भी 02 जुलाई को मितानिन श्रीमती बीफनी बाई ने मानवीय सेवा और कर्तव्यपरायणता की मिसाल पेश करते हुए संतोषी बाई को पीठ पर बिठाकर नाला पार कर सोनक्यारी अस्पताल पहुँचाया। 04 जुलाई को दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जिसके बाद 05 जुलाई को स्वयं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने संतोषी बाई के घर पहुंचकर दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
इसके साथ ही उन्होंने मितानिन बिफनी बाई से भी मुलाक़ात कर उनके इस साहसिक कार्य की सराहना की। सीएमएचओ के बताया कि चुकि नाला का पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिस के समय अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती हैं । इसलिए मितानिन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है इसलिए उन्हें चौकान्ना रहकर किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर आवश्यक सहायता करते हुये उच्च अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया। साथ ही वहां के निवासियों को मौसमी बीमारी व जल जनित बीमारी से सतर्क रहने, सर्प दंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने, असुरक्षित जल स्त्रोत से पानी नहीं पिने, पानी उबालकर पिने, मच्छरदानी लगाकर सोने, अँधेरे में टोर्च लेकर चलने, जमीन पर न सोने, खाट अथवा पलंग पर सोने और ताज़ा भोजन खाने की सलाह दी गई।
लाखों की ठगी करने वाला आरोपी मिथलेश साहू झारखंड से गिरफ्तार
जशपुर । व्यापारियों से लाखों की ठगी कर फरार चल रहे आरोपी मिथलेश साहू को जशपुर पुलिस ने झारखंड के निरशा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पत्थलगांव और सन्ना थाना क्षेत्रों में अलग-अलग व्यापारियों से कुल मिलाकर 33 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की थी।
???? दो थाना क्षेत्रों में दर्ज थे ठगी के मामले:
थाना पत्थलगांव में प्रार्थी विकास अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी मिथलेश साहू ने अपने साथियों बैजनाथ साहू, अंशु अग्रवाल और फिरोज अंसारी के साथ मिलकर 160 टन मक्का 38.37 लाख रुपए में लिया, लेकिन भुगतान नहीं किया। थाना सन्ना में आरोपी ने अंशु अग्रवाल के साथ मिलकर संतकुमार यादव नामक दुकानदार से 80 हजार रुपए में चावल खरीदने का झांसा देकर ठगी की थी।
???? आरोपी की गिरफ्तारी ऐसे हुई:
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई थी। टीम ने टेक्निकल इनपुट और मुखबिरों की सहायता से झारखंड के निरशा गांव में छिपे मिथलेश साहू को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
???? आरोपी पर दर्ज धाराएं:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत ठगी के अपराध दर्ज
थाना पत्थलगांव और थाना सन्ना में FIR पंजीबद्ध
???? अन्य आरोपी अब भी फरार:
अभी बैजनाथ साहू, अंशु अग्रवाल और फिरोज अंसारी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
???? गिरफ्तारी में इनकी रही भूमिका:
निरीक्षक विनीत कुमार पांडे (थाना प्रभारी पत्थलगांव)
उप निरीक्षक अर्जुन यादव
प्रधान आरक्षक मिथलेश यादव
आरक्षक पदुम वर्मा
महिला आरक्षक तुलसी रात्रे
????️ एसपी जशपुर श्री शशि मोहन सिंह का बयान:
“पुलिस लगातार आर्थिक अपराधों और साइबर ठगी के मामलों पर सख्ती से काम कर रही है। इस ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शेष फरार आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तपकरा तहसील कार्यालय का किया शुभारंभ
जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने घोषणा को साकार करते हुए आज तपकरा में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी कार्यालय का शुभारंभ किया। विदित हो कि 14 जनवरी को जशपुर जिले के प्रवास पर मुख्यमंत्री ने तपकरा को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। तहसील बनने से इसका लाभ 33 ग्रामों के किसानों, छात्रों और नागरिकों को मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तपकरा को नगर पंचायत बनाने, तपकरा स्थित खेल स्टेडियम के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए देने और फरसाबहार में विश्राम गृह निर्माण करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आम जनता को अधिकांश कार्यों के लिए राजस्व विभाग की जरूरत पड़ती है। तहसील कार्यालय खुलने से इसका लाभ यहां की नागरिकों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है।
सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। आवास प्लस प्लस के तहत जिसके पास 5 एकड़ असिंचित भूमि, 2.50 एकड़ सिंचित भूमि, टू व्हीलर और 15 हजार की आमदनी है उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान 3 लाख हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया था। महिलाओं को सशक्त बनाने महतारी वंदन योजना ने माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी में इजाफा के लिए तेंदू पत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपए किया गया है।
गांव में ही बैंकिंग की सुविधा मिले इसके लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले जा रहे हैं। आगामी पंचायत दिवस को सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियां के तहत नवाचारों का बेहतर उपयोग कर पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाया गया है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज खोले जाएंगे। कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि यहां पर तहसील कार्यालय खुलने से किसानों, भूस्वामियों, छात्रों और नागरिकों को सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम फरसाबहार का लिंक कोर्ट भी आगामी सोमवार को प्रारंभ हो जाएगा।
विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य और जिले में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार पूरी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व विधायक भरत साय एवं रोहित साय, आईजी दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, तपकरा सरपंच श्रीमती सविता जायसवाल सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी- कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लाक कार्यक्रम का किया शुभारंभ
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांसाबेल विकास खंड के बगिया हाई स्कूल में सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लाक कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जशपुर के 50 प्राथमिक स्कूली बच्चों के लिए सम्पर्क स्मार्ट कीट और टीवी का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कांसाबेल जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, भरत सिंह, उपेन्द्र यादव, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एस एस पी शशि मोहन सिंह और सम्पर्क फाउंडेशन के नेशनल मैनेजर प्रदीप राणा, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे और शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज बहुत खुशी हो रही है कि हमारे गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए और इस बात की खुशी जाहिर की उनके गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म बगिया गांव में हुआ प्राथमिक शिक्षा पहली से पांचवीं तक बगिया प्राथमिक स्कूल में पढ़ाई पूरी की मुख्यमंत्री ने बताया कि 50 साल पहले बगिया स्कूल खपरैल का रहता था।
पानी टपकता था पानी टपकने के कारण जगह बदलना पड़ता था लेकिन आज 50 साल बाद बगिया स्कूल का कायाकल्प हो गया है वर्तमान में हाईस्कूल संचालित हो रहा है। 50 वर्षों में बगिया का कितना विकास हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले जमाने में प्राथमिक स्कूलों के बाद हाईस्कूल पढ़ने के लिए लम्बी दूरी करनी पड़ती थी लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा की सुविधा बच्चों को दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही एक मात्र मूल मंत्र है जिससे व्यक्ति का विकास संभव है। शिक्षक हमारे राष्ट्र के निर्माता होते हैं यही हमें अच्छा डाक्टर, इंजीनियर,वकील, वैज्ञानिक, प्रोसेसर बनाने अहम भूमिका निभा रहे हैं।
जैसी मुझे जानकारी मिली है कि संपर्क फाउन्डेशन के संस्थापक अध्यक्ष विनीत नायर जी HCL Technologies के CEO रहे हैं। उन्होंने उनकी मां जनक नायर जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी से प्रेरणा पाकर संपर्क कार्यकम का प्रारंभकिया गया है जो कि उतरप्रदेश, हरियाणा राज्यस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड जैसे राज्यों में बच्चों के सिखने सिखाने में बहुमूल्य योगदान दिया जा रहा है। सम्पर्क फाउडेशन खेल-खेल के माध्यम से बच्चों को सीखना सिखाना असान कर रहा है। इसके लिए संम्पर्क फाउडेशन के द्वारा संम्पर्क टी.वी. डिवाइस एवं गणित किट अंग्रेजी किट प्रदान किया जाता है जो आज हमारे जिले के 50 विद्यालयों को वितरण किया जा रहा है।
मुझे पूरी उम्मीद है कि विद्यालयों में इन किट का भरपूर उपयोग किया जाएगा जिससे हमारे बच्चों का न केवल झिझक दूर होगा बल्कि हमारे बच्चों को सीखना सिखाना भी असान हो जायेगा। अतः आप सभी प्रधान पाठक इन सब संसाधनों के उपयोग को सही क्रम और सही ढंग से समझें और बच्चों को आगे बढाएं। कलेक्टर ने अवगत कराया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जशपुर जिले के 15 विद्यार्थियों ने 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप 10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर संपूर्ण राज्य में अपना परचम लहराया । कक्षा 10वीं के 94 प्रतिशत विद्यार्थी एवं 12वीं के 94 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर राज्य में सर्वाधिक उत्तीर्णता प्रतिशत वाला जिला रहा है।
उच्च शिक्षा के साथ साथ प्राथमिक स्तर पर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 5वीं में 99.5 प्रतिशत एवं 8वीं में 97.3 प्रतिशत के साथ राज्य स्तर पर अपनी विशेष छाप छोडी है। जिले में शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु मुख्यमंत्री साय के निर्देशन में विभाग के द्वारा जिला स्तर पर समस्त प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों के उन्मुखीकरण का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए इसरो आईआईटी एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से टाईअप करते हुए कई कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है, प्रतिदिवस शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऐप के माध्यम से उपस्थिति ली जा रही है, दैनंदिनी की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है एवं वर्तमान में जिले के समस्त विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था सुधार हेतु युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही सम्पन्न की गई है।