छत्तीसगढ़ / कांकेर
महतारी वंदन योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला का हुआ आयोजन
उत्तर बस्तर कांकेर : राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन एवं इसके नियम-निर्देशों से मैदानी अमलों को अवगत कराने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर एडीएम श्री एस. अहिरवार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सुमित अग्रवाल ने योजना के संबंध में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में उपस्थित महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों, सेक्टर सुपरवाइजर, सभी जनपद पंचायत के सीईओ, नगरीय निकाय के सीएमओ, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को योजना की जानकारी देते हुए इसके नियम व शर्तों, पात्रता हेतु शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड एवं ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन लिए जाने के संबंध में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. चंद्राकर ने कार्यशाला में महतारी वंदन योजना के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार, परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका सुदृढ़ करने यह योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 01 हजार रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना 01 मार्च 2024 से लागू की जाएगी। आवेदन की प्रक्रिया 05 फरवरी से प्रारंभ हो जाएगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी है। इस संबंध में बताया गया कि 20 फरवरी तक प्राप्त होने वाले आवेदनों पर पात्र हितग्राहियों के खाते में 08 मार्च से राशि डीबीटी के जरिए अंतरित की जाएगी। जो पात्र हितग्राही उक्त अवधि में किसी कारणवश आवेदन करने से छूट जाते हैं वे उक्त तिथि के बाद भी आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि योजना के तहत आवेदन एक सतत् प्रक्रिया है।
पात्रता हेतु शर्तें
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के श्री राठौर ने पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत ऐसी श्रेणी की महिला पात्र होगी, जो छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी हो, आवेदन के कैलेण्डर वर्ष की 01 जनवरी को आवेदिका की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाएं भी योजना के लिए पात्र होंगी।
ऐसी महिलाएं जिन्हें सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत विभिन्न पेंशन योजनाओं से प्रतिमाह रू 01 हजार से कम की राशि प्राप्त हो रही है, उन्हें अतिरिक्त उतनी राशि की सहायता स्वीकृति की जाएगी, जिससे उन्हें कुल राशि रू. 01 हजार की मासिक राशि प्राप्त हो सके।
ये नहीं होंगे पात्र
ऐसी महिलाएं अपात्र होंगी, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग, उपक्रम, मंडल, स्थानीय निकाय में स्थायी/अस्थायी/संविदा पदों पर कार्यरत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ग के अधिकारी या कर्मचारी हो। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद या विधायक हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के बोर्ड, निगम, मण्डल के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष हो।
कैसे करें आवेदन
योजना के तहत आवेदन महतारी वंदन योजना के ऑनलाईन पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ूूूण्उंीजंतपअंदकंदण्बहेजंजमण्हवअण्पद तथा योजना के मोबाइल एप द्वारा भी भरे जा सकेंगे। आवेदन भरे जाने की प्रक्रिया ओ.टी.पी. पर आधारित होगी। आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया निःशुल्क होगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत, नगरीय निकायों में पहुंचकर भी फॉर्म भर सकते हैं।
ये दस्तावेज होना आवश्यक
आवेदन करने हेतु स्वसत्यापित स्वयं की पासपोर्ट फोटो, स्थानीय निवासी दस्तावेज जैसे निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र, स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड एवं पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा अथवा वार्ड और ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र के लिए 10 वीं एवं 12वीं की अंकसूची, स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस (इनमें से एक), पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति शपथ पत्र के साथ संलग्न करना होगा।
आपत्तियों के निराकरण के लिए बनंेगी समितियां
योजना के तहत प्रदर्शित अनंतिम सूची पर प्राप्त आपत्तियों का निराकरण आपत्ति निराकरण समिति द्वारा किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत तथा नगरीय निकाय स्तर पर संबंधित अधिकारियों की समिति बनाई जाएगी, जिनके द्वारा प्राप्त आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। साथ ही अंतिम सूची जारी होने के पश्चात अपात्र हितग्राहियों को यदि यह लगता है कि आपत्ति निराकरण समिति के द्वारा अपात्र किये जाने से संतुष्ट नहीं है, तो अपात्र हितग्राही समस्त दस्तावेजों के साथ जिला कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी के समक्ष अपील आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा। अंतिम सूची में पात्र हितग्राहियों को ग्राम सचिव या वार्ड प्रभारी द्वारा योजना में लाभान्वित होने संबंधी स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा।
बैंक खाता नहीं होने पर भी कर सकते हैं आवेदन
पात्र हितग्राही को राशि का भुगतान उनके आधार लिंक्ड डीबीटी आधारित बैंक खाते में किया जाएगा। आवेदक महिला के पास स्वयं के नाम से आधार लिंक बैंक खाता होना चाहिए। खाता नहीं होने की दशा में महिला हितग्राही को इस संबंध में पावती से सूचित किया जाएगा और आवेदिका फॉर्म भरने के बाद निर्धारित समय-सीमा में स्वयं का बैंक खाता खुलवाना होगा।
योजना के क्रियान्वयन हेतु समय-सीमा निर्धारित
कार्यशाला में बताया गया कि योजना के तहत 05 फरवरी से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी और आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी निर्धारित की गई है। इसके बाद 21 फरवरी को अनन्तिम सूची जारी की जाएगी। 25 फरवरी तक अनन्तिम सूची पर आपत्ति की जा सकेगी तथा प्राप्त आपत्तियों का निराकरण 29 फरवरी तक किया जाएगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 01 मार्च को किया जाएगा। आवेदनों की स्वीकृति उपरांत योजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि 08 मार्च से अंतरित की जाएगी।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रस्तावित प्रवास का कलेक्टर-एसपी ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लेकर तैयारियां शुरू कि दिए आवश्यक निर्देश...
कलेक्टर-एसपी ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
कांकेर|प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जिले में आगामी 06 अक्टूबर को जिला मुख्यालय में प्रवास प्रस्तावित कार्यक्रम में वे शिरकत करेंगे।
इसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्थानीय गोविंदपुर के खेल मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम 06 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान वृहत मंचीय कार्यक्रम का आयोजन होगा।
इसे लेकर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला, एसपी दिव्यांग पटेल ने आज सुबह 11 बजे गोविंदपुर स्थित समारोह स्थल का जायज़ा लिया, साथ ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान अधिकारी द्वय ने तैयार किए जा रहे मुख्य मंच, वीआईपी लाउंज, ग्रीन हाउस, दर्शक दीर्घा, पत्रकार दीर्घा, लोकार्पण-शिलान्यास स्थल, हितग्राहियों की बैठक व्यवस्था सहित विभिन्न स्थलों का सघन अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इस अवसर पर डीएफओ आलोक बाजपेई, अपर कलेक्टर एस. अहिरवार, जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल, एसडीएम मनीष साहू, अतिरिक्त सीईओ वीरेंद्र जायसवाल सहित जिला स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
फ्लोरोसिस की रोकथाम व प्रबंधन के लिए कलेक्टर ने ली बैठक
उत्तर बस्तर कांकेर। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आज फ्लोरोसिस की रोकथाम व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अंतर्विभागीय समन्वय बैठक ली गई, जिले के पेयजल में मौजूद फ्लोराइड की मात्रा पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से ऐसे ग्रामों और जल स्रोतों की जानकारी मांगी, जहां पानी में फ्लोराइड का स्तर अधिक व नुकसानदायक हो।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय सीमा मीटिंग के उपरांत आयोजित अंतर्विभागीय बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश शांडिया ने बताया कि फ्लोरोसिस एक सार्वजनिक लोक स्वास्थ्य समस्या है, जो लंबे समय तक पीने के पानी, खाद्य उत्पादों एवं औद्योगिक उत्सर्जन के माध्यम से फ्लोराइड के अत्यधिक सेवन के कारण होता है, जिसके चलते दंत फ्लोरोसिस, स्केलेटल फ्लोरोसिस एवं नान-स्केलेटल फ्लोरोसिस जैसी प्रमुख स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां होती हैं। उन्होंने बताया कि जब फ्लोराईड के स्तर में अत्यधिक वृद्धि होती है, तो यह दांतों और हड्डियों में विकृति, दर्द और हड्डियों के कमजोर होने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
जिला सलाहकार डॉ. विनोद वैद्य ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 07 जिलों में फ्लोराइड की अधिकता पाई जाती है जिनमें कांकेर जिला भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के पेयजल स्त्रोतों में फ्लोराईड की मात्रा 1.5 मिलीग्राम प्रति लीटर सीमा से अधिक मिलने पर उस क्षेत्र के समस्त पेयजल स्त्रोतों का परीक्षण प्रयोगशाला से पेयजल स्त्रोत के फ्लोराइड के स्तर की जांच कराई जानी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग के समन्वय से फ्लोरोसिस से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने, चयनित क्षेत्र में फ्लोरोसिस नियंत्रण के व्यापक प्रबंधन, फ्लोरोसिस के रोकथाम, निदान और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। इस पर कलेक्टर ने ऐसे गांवों और उनके पेयजल स्रोतों को चिन्हांकित कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी को दिए। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों के स्कूलों , बच्चों सहित समुदाय में फ्लोरोसिस की जांच करने हेतु सीएमएचओ को निर्देशित किया, जिससे मरीजों का चिन्हांकन कर समय पर उनका समुचित उपचार किया जा सके। साथ ही फ्लोरोसिस नियंत्रण के लिए फ्लोराइड की अधिकता से होने वाली बीमारियों की पहचान एवं जागरूकता लाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ आलोक वाजपेयी, अपर कलेक्टर एस अहिरवार, बीएस उईके, जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल, जितेंद्र कुर्रे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।