छत्तीसगढ़ / महासमुंद
सुशासन तिहार 2026 की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने ली बैठक, दिए आवश्यक निर्देश
01 मई से 10 जून तक ग्रामीण एवं नगरीय निकायों में होगा शिविर का आयोजन
महासमुंद । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से इस वर्ष भी “सुशासन तिहार 2026” के आयोजन व्यापक पैमाने पर किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर विनय लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर इस अभियान के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
इस संबंध में कलेक्टर विनय लंगेह ने विभागीय अधिकारी को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिले में लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सुशासन तिहार के अंतर्गत 01 मई से 10 जून 2026 तक जिले में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में शासन की विभिन्न योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ वितरण किया जाएगा। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से संवाद स्थापित करेंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान मुख्यमंत्री साय स्वयं विभिन्न जिलों में पहुंचकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे तथा हितग्राहियों से फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही जिला मुख्यालयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से भेंट कर सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सुशासन तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करें, जिससे जिले के आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।
सीईओ जिला पंचायत श्री नंदनवार ने किया आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण
महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं बाजार से जोड़ने के दिए निर्देश
महासमुंद 10 अप्रैल 2026
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार द्वारा गुरुवार को जिले के विभिन्न आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महासमुंद विकासखंड के बिरकोनी एवं कांपा स्थित केंद्रों तथा पिथौरा विकासखंड के बगारपाली आजीविका संवर्धन केंद्र में संचालित गतिविधियों का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सीईओ श्री नंदनवार ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने तथा उन्हें उचित बाजार उपलब्ध कराने कहा गया। उन्होंने लखपति दीदी पहल के अंतर्गत अधिक से अधिक महिलाओं को नवीन आय आधारित गतिविधियों से जोड़कर आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके पश्चात सीईओ श्री नंदनवार ने पिथौरा विकासखंड के बगारपाली आजीविका संवर्धन केंद्र का भी अवलोकन किया। जहां फ्लाई ऐश ब्रिक्स की नवीन यूनिट, सब्जी बड़ी निर्माण एवं अन्य पूर्व से संचालित गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस दौरान अन्य विभागीय योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महात्मा गांधी नरेगा के तहत तालाब गहरीकरण, शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने नरेगा अंतर्गत अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए जल संवर्धन के कार्य जैसे नए तालाब, डब्ल्यूएटी, एससीटी, सोखता गड्ढा, नाडेप एवं प्लांटेशन हेतु उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर स्वीकृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अप्रारंभ आवासों के हितग्राहियों को 7 दिवस के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी आवासों में स्व-प्रेरणा से अनिवार्य रूप से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने पर भी जोर दिया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक
बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा
34 संस्थानों का किया गया निरीक्षण, 04 संस्थानों को नोटिस जारी
महासमुंद 07 अप्रैल 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में श्रम विभाग के जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने बाल एवं किशोर श्रम के उन्मूलन के लिए संचालित अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर समिति सदस्य जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जटवार, श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे सहित सदस्य मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर ने जिले में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन हेतु बचाव एवं पुनर्वास अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति के नोडल अधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने बताया कि अभियान के दौरान जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स द्वारा संयुक्त रूप से 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक विभिन्न विकासखंडों में निरीक्षण किया गया। जिसमें महासमुंद विकासखण्ड में 13, बागबाहरा में 7, बसना में 5, पिथौरा में 5 तथा सरायपाली में 4 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस प्रकार जिले में कुल 34 संस्थानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान 04 संस्थानों में बाल श्रम निषेध संबंधी सूचना पटल प्रदर्शित नहीं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह कलेक्टर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को एक माह तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों की स्थिति की जानकारी श्रम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बालक एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) नियम 2017 की धारा 2बी(2) के तहत उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार ऐसे बच्चों की संख्या निरंक है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रम उन्मूलन हेतु नियमित निरीक्षण जारी रखें तथा सभी प्रतिष्ठानों में बाल श्रम निषेध सूचना पटल अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराना सुनिश्चित करें। साथ ही बच्चों की शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने के लिए सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री लंगेह ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं
110 आवेदन प्राप्त हुए
मौके पर ही पूर्णिमा सोनवानी का नाम जॉब कार्ड में जोड़ा गया
महासमुंद 7 अप्रैल 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। जनदर्शन में कुल 110 आवेदन प्राप्त हुए।
जनदर्शन में बिरकोनी महासमुंद निवासी पूर्णिमा सोनवानी ने मनरेगा जॉब कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। जिसका त्वरित निराकरण जनदर्शन में ही हुआ, इसके लिए उन्होंने कलेक्टर श्री लंगेह का धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके अलावा तुमगांव निवासी प्रदीप सिंह ठाकुर ने वन अधिकार पट्टा दिलाने हेतु, बागबाहरा निवासी कुलेश्वरी शुक्ला ने महतारी वंदन का लाभ दिलाने, खल्लारी निवासी परमानंद साहू ने श्रम कार्ड बनाने हेतु, ग्राम नवागढ़ सरायपाली निवासी प्रहलाद पटेल ने अपने किडनी रोग हेतु मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना अंतर्गत इलाज हेतु आवेदन किया। इसी तरह ग्राम केशवा निवासी संतोषी साहू ने राशन कार्ड संबंधी त्रुटि हेतु, ग्राम भोरिंग निवासी परमेश्वरी साहू ने दीनदयाल भूमिहीन मजदूर योजना की राशि दिलाने हेतु, खल्लारी निवासी दुर्गेश साहू ने नल जल मित्र कार्यक्रम में प्रशिक्षण करने हेतु, ग्राम जुनवानी निवासी दीपक साहू ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की राशि भुगतान हेतु आवेदन किए। इसके अलावा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना, पीएम आवास, अवैध अतिक्रमण, सीमांकन, लम्बित राशि भुगतान संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का 131 केन्द्रों में ई-केवाईसी जारी
महासमुंद 7 अप्रैल 2026
महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने जिले में 131 विभिन्न केन्द्रों में शिविर का आयोजन किया गया है। आयोजित शिविर के माध्यम से पात्र विवाहित महिलाओं का ई-केवाईसी किया जा रहा है। शिविरों में हितग्राहियों की पहचान बायोमेट्रिक सिस्टम और आधार कार्ड के माध्यम से की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंचे। बड़ी संख्या में महिलाएं इन शिविरों में पहुंचकर अपने दस्तावेजों का सत्यापन करा रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा मौके पर ही महिलाओं को ई-केवाईसी की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। जिले में 3 लाख 3 हजार 808 हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना है। इसके लिए 367 सीएससी सेंटरों को आईडी जारी किया गया है। विभिन्न चॉइस सेंटरों के माध्यम से ई-केवाईसी का कार्य जारी है।
गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है। शासन ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में जिन हितग्राहियों का सत्यापन लंबित रहेगा, उन्हें आगामी किस्त का लाभ मिलने में कठिनाई आ सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर अपना ई-केवाईसी पूर्ण कराएं। जिससे योजना का लाभ निरंतर और बिना किसी बाधा के मिलती रहे।
प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सानटेमरी पिथौरा में 77 करोड़ रुपए लागत के 44 सड़कों का भूमिपूजन
ग्रामीण सड़कों की स्वीकृति से आर्थिक उन्नति के द्वार खुलेंगे - सांसद श्रीमती चौधरी
महासमुंद 07 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत सानटेमरी में आज सड़क विकास कार्यां का भूमिपूजन किया गया। सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के मुख्य आतिथ्य एवं सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरीनंद के विशिष्ट आतिथ्य में कुल 44 सड़कों के निर्माण हेतु भूमिपूजन कार्य किया गया। इन सड़कों की कुल लंबाई 96.495 किलोमीटर है, जिसकी लागत 77 करोड़ 47 लाख 99 हजार रुपए है। भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत पिथौरा की अध्यक्ष श्रीमती उषा धृतलहरे, जनपद सदस्य श्री कंवलजीत सिंह छाबड़ा, श्री पुरुषोत्तम धृतलहरे, श्रीमती बिमला बेहरा, श्री सुमीत अग्रवाल, श्री हलधर साहू, श्री अभिमन्यु प्रधान, श्री रमेश अग्रवाल, श्री कैलाश चंद्र अग्रवाल, ग्राम पंचायत सानटेमरी के सरपंच श्री देवेन्द्र यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भूमिपूजन कर विकास कार्यों का शुभारंभ किया तथा सभी क्षेत्रवासियों को इस सौगात के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, कृषि उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य शासन का संकल्प है कि कोई भी गांव विकास से अछूता न रहे। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सरकार का उद्देश्य हर गांव को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक प्रगति सुनिश्चित हो सके। सांसद श्रीमती चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन कार्यां को गुणवत्ता और समय सीमा में पूरा करें, ताकि जनता को इसका शीघ्र लाभ मिल सके। सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरीनंद ने विकास के लिए सड़कों को जरूरी बताया और कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुलभ सुविधा आवश्यक है। इन सड़कों के निर्माण से निश्चित तौर पर आवागमन सुगम होगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष कुलदीप ने बताया कि जल्दी ही टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी और समय सीमा में सड़क निर्माण का कार्य पूरा किया जाएगा। उपस्थित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि बताया तथा इसके लिए केन्द्र एवं राज्य शासन का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस नेताओं में मारपीट, कार्यालय में तोड़फोड़
महासमुंद। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंतर्कलह एक बार फिर खुलकर सामने आई है। ताजा मामला महासमुंद जिला कांग्रेस कार्यालय का है, जहां प्रेसवार्ता के बाद पार्टी पदाधिकारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट और तोड़फोड़ तक की नौबत आ गई।
जानकारी के अनुसार, महंगाई के मुद्दे पर जिला अध्यक्ष द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपेक्षाकृत कम उपस्थिति रही। इसी बात को लेकर कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जिला उपाध्यक्ष, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष और एक पार्षद के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि नेताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई। हंगामे के दौरान कांग्रेस कार्यालय के अंदर कुर्सियों और कांच के सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के चलते कुछ समय के लिए कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस संगठन के भीतर गुटबाजी को उजागर कर दिया है, जिससे पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मामले की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जाएगी और जांच के बाद संगठन स्तर पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस कार्यालय में मारपीट-तोड़फोड़, दो पदाधिकारियों के खिलाफ FIR
महासमुंद । महासमुंद में जिला कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को जमकर मारपीट और तोड़फोड़ हुई, जिसके बाद पुलिस ने दो पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष निर्मल जैन और वर्तमान जिला उपाध्यक्ष व पार्षद विजय साव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
निर्मल जैन पर अश्लील गाली-गलौच और मारपीट के आरोप में धारा 296, 115(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं विजय साव पर गाली-गलौच, मारपीट, जान से मारने की धमकी और कार्यालय में तोड़फोड़ करने के आरोप में धारा 296, 115(2), 351(3) और 324(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है।
प्रेसवार्ता के बाद भड़का विवाद
जानकारी के मुताबिक, जिला कांग्रेस कार्यालय में महंगाई के मुद्दे पर प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी। इस दौरान अपेक्षाकृत कम उपस्थिति को लेकर पदाधिकारियों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।
कुर्सियां और कांच के सामान तोड़े
विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई और कार्यालय के अंदर कुर्सियों व कांच के बर्तनों को नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कार्रवाई के निर्देश
घटना के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मामले की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को दी जाएगी और दोषी पक्षों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
इस घटना ने एक बार फिर कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी को उजागर कर दिया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर बेलसोंडा रेलवे ओवरब्रिज निर्माण से आवागमन होगा सुगम
महासमुंद 31 मार्च 2026
जिले में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर बेलसोंडा में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम एवं सुरक्षित हो जाएगी।
इस ओवरब्रिज के निर्माण हेतु 52.29 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति 30 जुलाई 2024 को प्राप्त हुई है। श्रीमती कोकिला राव (ब्रिज NH)ने बताया कि 1.23 किलोमीटर लंबाई के इस टू-लेन ओवरब्रिज का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में तेजी से किया जा रहा है।
परियोजना के तहत रेलवे क्रॉसिंग पर 72 मीटर स्पान के बो स्ट्रिंग गर्डर का फेब्रिकेशन एवं लॉन्चिंग कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और अब तक लगभग 50 प्रतिशत भौतिक प्रगति पूर्ण कर ली गई है। फाउंडेशन एवं सब-स्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि आरई वॉल एवं सुपर-स्ट्रक्चर का कार्य वर्तमान में जारी है। इस परियोजना को नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि उक्त रेलवे क्रॉसिंग से प्रतिदिन लगभग 80 से 100 पैसेंजर एवं मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिससे फाटक पर अक्सर लंबे समय तक जाम की स्थिति बनती है। ओवरब्रिज के निर्माण से इस समस्या से स्थायी समाधान मिलेगा और आमजन के समय की बचत होगी।
इस ओवरब्रिज के पूर्ण होने से सीधी एवं सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी। साथ ही महासमुंद जिले के निवासियों को यातायात संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
महासमुंद जिला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। इस महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजना के पूर्ण होने से जिले के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी।
ग्राफ्टेड बैंगन की उन्नत खेती से अमृत बंजारे की आर्थिक स्थिति हुई सुदृढ़
महासमुंद 29 मार्च 2026
जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम बम्बुरडीह की कृषक श्रीमती अमृत बाई बंजारे, श्री शुद्धुराम बंजारे ने सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। अमृत बंजारे बताती है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता 5वीं कक्षा तक है। पूर्व में वे अपनी कुल 2.87 हेक्टेयर भूमि में परंपरागत रूप से धान की खेती किया करती थीं, जिसमें उत्पादन अपेक्षाकृत कम एवं लागत अधिक होने के कारण उन्हें पर्याप्त लाभ प्राप्त नहीं हो पाता था।
वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी 1.45 हेक्टेयर सिंचित भूमि में ग्राफ्टेड बैंगन (किस्म टछत् 212) की उन्नत खेती प्रारंभ की। इस दौरान उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग पेपर एवं अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खेती की। इन तकनीकों के उपयोग से जहां जल की बचत हुई, वहीं फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में भी वृद्धि हुई।
श्रीमती बंजारे बताती है कि अब तक लगभग 80 टन बैंगन का उत्पादन कर चुके है, जिससे उन्हें लगभग 9 लाख 60 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। यह आय उनकी पूर्व की पारंपरिक खेती की तुलना में कहीं अधिक है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ता आई है।
उल्लेखनीय है कि उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन उत्पादन हेतु 30,000 रुपये तथा राज्य पोषित योजना अंतर्गत समेकित उद्यानिकी विकास के लिए 54,485 रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया। इस सहयोग ने उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया और जोखिम को कम करने में मदद की।
रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के तहत
महासमुंद 28 मार्च 2026
शासन के निर्देशानुसार जिले के 183 हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु प्रशिक्षकों का चयन पूरी तरह निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है।
राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त निर्देशों के पालन में जिला स्तर पर समिति का गठन कर विभिन्न चरणों में बैठकें आयोजित की गईं। प्रथम बार 10 नवंबर 2025 एवं द्वितीय चरण में 18 नवंबर 2025 को आयोजित बैठकों में प्रशिक्षण की रूपरेखा तय की गई तथा प्रशिक्षकों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। इस संबंध में 12 एवं 17 दिसंबर को समाचार पत्रों , जिले के वेबसाइट आधिकारिक माध्यमों से व्यापक सूचना जारी की गई, ताकि योग्य आवेदकों को अवसर मिल सके। इस दौरान निर्धारित समय में आवेदन की पर्याप्त संख्या प्राप्त नहीं हुई।
प्राप्त आवेदनों के आधार पर पुनः 20 जनवरी एवं 2 फरवरी 2026 को समिति की बैठक आयोजित कर सभी आवेदनों पर विचार किया गया। इस दौरान पारदर्शिता बनाए रखते हुए पात्रता के आधार पर कराते संघों सहित विभिन्न संगठनों से प्राप्त आवेदनों का परीक्षण किया गया और आवश्यकतानुसार प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
प्रशिक्षकों का चयन पूर्णतः नियमानुसार, पारदर्शी एवं चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत किया गया है। वर्तमान में जिले के 183 विद्यालयों में से 105 विद्यालयों में प्रशिक्षक उपलब्ध करा दिए गए हैं, जबकि शेष विद्यालयों में भी शीघ्र प्रशिक्षक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
छात्राओं की सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने बताया कि एक प्रशिक्षक मात्र दो स्कूलों में प्रशिक्षण दे सकता है। इस संबंध में जहां शिकायत प्राप्त हुई है वहां विकासखंड शिक्षा अधिकारियो को जांच कर रिपोर्ट देने कहा गया है
जनगणना के लिए फील्ड ट्रेनर्स को मिला प्रशिक्षण
महासमुंद। जनगणना के प्रथम चरण में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण का कार्य 1 मई से शुरू होने वाला है। इस संबंध में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुन्द, बागबाहरा, कोमाखान और तुमगांव चार्ज के लिए नियुक्त फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वन प्रशिक्षण शाला महासमुन्द में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा ने कहा कि फील्ड ट्रेनर्स गंभीरता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करें क्योंकि उन्हें अपने अपने चार्ज में प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देना है इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी मनोज कुमार खांडे ने भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय रायपुर के उप संचालक मनोज कुमार महिलांगे तथा जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जनगणना संबंधी अधिनियम , आधारभूत शब्दों, नजरी नक्शा तैयार करने की विधि तथा प्रगणक द्वारा पूछे जाने वाले कुल 34 प्रश्नों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों तथा सुपरवाइजरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मोबाइल एप में जानकारी भरने के तरीके की जानकारी दी गई। इसके लिए मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रत्येक फील्ड ट्रेनर्स को उनके मोबाइल में एचएलओ एप इंस्टॉल और लाॅगिन करवा कर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। जहां फील्ड ट्रेनर्स ने अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में मोबाइल एप में जानकारी भर कर देखा।इस दौरान तहसीलदार भवानी शंकर साव, प्रभारी अधिकारी रणधीर सिंह बघेल, ओमनारायण शर्मा आदि उपस्थित रहे।
जनगणना के लिए फील्ड ट्रेनर्स को मिला प्रशिक्षण
महासमुंद 26 मार्च 2026
जनगणना के प्रथम चरण में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण का कार्य 1 मई से शुरू होने वाला है। इस संबंध में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुन्द, बागबाहरा, कोमाखान और तुमगांव चार्ज के लिए नियुक्त फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वन प्रशिक्षण शाला महासमुन्द में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा ने कहा कि फील्ड ट्रेनर्स गंभीरता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करें क्योंकि उन्हें अपने अपने चार्ज में प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देना है इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी मनोज कुमार खांडे ने भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय रायपुर के उप संचालक मनोज कुमार महिलांगे तथा जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जनगणना संबंधी अधिनियम , आधारभूत शब्दों, नजरी नक्शा तैयार करने की विधि तथा प्रगणक द्वारा पूछे जाने वाले कुल 34 प्रश्नों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों तथा सुपरवाइजरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मोबाइल एप में जानकारी भरने के तरीके की जानकारी दी गई। इसके लिए मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रत्येक फील्ड ट्रेनर्स को उनके मोबाइल में एचएलओ एप इंस्टॉल और लाॅगिन करवा कर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। जहां फील्ड ट्रेनर्स ने अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में मोबाइल एप में जानकारी भर कर देखा।
इस दौरान तहसीलदार भवानी शंकर साव, प्रभारी अधिकारी रणधीर सिंह बघेल, ओमनारायण शर्मा आदि उपस्थित रहे।
खल्लारी में रोप-वे दुर्घटना : 01 की महिला की मौत सहित 17 घायल
प्रथमिक उपचार हेतु समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा में भर्ती
4 गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर
जिला प्रशासन एवं पुलिस की टीम घटना स्थल पर मौजूद
घटना की जांच की जाएगी - कलेक्टर
महासमुंद 22 मार्च 2026
जिले के प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल खल्लारी मंदिर क्षेत्र में आज सुबह लगभग 11 बजे रोप-वे दुर्घटना की घटना सामने आई, जिसमें 17 लोग घायल हो गए। दुर्भाग्यवश एक 28 वर्षीय महिला आयुषी (राजा तालाब, रायपुर) की मृत्यु हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। प्रश्न एवं स्थानीय नागरिकों की सहायता से घायलों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को बेहतर इलाज हेतु जिला अस्पताल रेफर किया गया।
मौके पर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) श्रीमती नमिता मारकोले, तहसीलदार नितिन ठाकुर सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम तत्काल पहुंची और राहत कार्यों का समन्वय करते हुए घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि घायलों का उपचार हमारी प्राथमिकता है ,साथ ही घटना की बारीकी से जांच कराई जाएगी ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही, निर्देश दिया गया है कि वर्तमान में घायलों के उपचार, समुचित देखभाल एवं आवश्यक सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
अनुविभागीय अधिकारी नमिता मारकोले के अनुसार घायलों में गोविंद स्वामी, नमिता स्वामी, अंशुका स्वामी (महासमुंद), हेमलाल नागेश्वर, रतन नागेश्वर, हेमिन, हुलसी, पूर्वी, टिया, अमलेश (टिकरापारा, रायपुर), टोमेश्वरी साहू, कुमेश साहू, हर्ष साहू (दलदल सिवनी, रायपुर)
ऋषभ धावरे, छ्यांश, मनस्वी (राजा तालाब, रायपुर) है। राजा तालाब निवासी एक महिला आयुषी की मौत हो गई है।
जिला प्रशासन द्वारा लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है और सभी घायलों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
महासमुंद में केनाल लिंक सड़क एवं पुल निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
महासमुंद 22 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिले के महासमुंद अंतर्गत केनाल लिंक मार्ग के निर्माण एवं पुल-पुलिया सहित कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस परियोजना के तहत लगभग 3.125 किलोमीटर लंबाई के मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस कार्य के लिए 381.36 लाख रुपये (लगभग 3.81 करोड़ रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। कार्य का क्रियान्वयन लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित मानकों एवं प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। निर्देशों में निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी तथा कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा। पुल एवं पुलिया का निर्माण भी स्वीकृत डिजाइन एवं ड्रॉइंग के अनुरूप किया जाएगा। उक्त स्वीकृति से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री सी एस चंद्राकर ने बताया कि यह सड़क खल्लारी मंदिर भलेसर रोड से केंद्रीय विद्यालय की तरफ से जाकर बरोंडा रोड में मिलेगा।
स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत जिले में 27 मार्च तक स्वच्छता प्रतियोगिता आयोजित
महासमुंद 22 मार्च 2026
जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप देने हेतु 17 मार्च से 27 मार्च 2026 तक सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के तहत निर्धारित तिथिवार कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
प्रतियोगिता की शुरुआत 17 मार्च को प्रत्येक विकासखंड की ग्राम पंचायतों में कार्यशालाओं, वीडियो प्रदर्शन, IEC सामग्री एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से की गई, जिसमें सरपंचों एवं वार्ड सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। 18 मार्च को स्वच्छाग्राहियों द्वारा घर-घर जाकर शौचालय उपयोग, हाथ धोने की आदत एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया। 19 मार्च को विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छता सत्र आयोजित कर बच्चों को हाथ धोने का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया तथा निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वच्छता के प्रति रुचि विकसित की गई। 20 मार्च को सोशल मीडिया के माध्यम से स्वच्छता संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। वहीं 21 मार्च को स्थानीय भाषा में नुक्कड़ नाटक एवं रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। 22 मार्च को स्वच्छाग्राहियों, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों को शौचालय निर्माण एवं व्यवहार परिवर्तन की तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इसी तरह 23 मार्च को पंचायत स्तर पर दीवार लेखन एवं चित्रण के माध्यम से दृश्य जागरूकता बढ़ाई जाएगी तथा 24 मार्च को सामुदायिक चौपालों का आयोजन कर स्वच्छता एवं जल संरक्षण पर चर्चा की जाएगी, जिसमें लोकगीतों का भी उपयोग किया जाएगा। 25 मार्च को प्रत्येक पंचायत में सामुदायिक स्थलों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। 26 मार्च को जिला स्तर की समिति द्वारा मैदानी सर्वेक्षण कर शौचालय उपयोग एवं स्वच्छता प्रथाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। अभियान के अंतिम दिवस 27 मार्च को जिला स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विकासखंडों की प्रगति पर चर्चा की जाएगी तथा अंतिम स्कोरिंग एवं रैंकिंग सुनिश्चित की जाएगी, जिसके आधार पर विजेता एवं उपविजेता पंचायतों की घोषणा की जाएगी।
सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत नन्दनवार ने इस संपूर्ण गतिविधि के दौरान प्रत्येक विकासखंड से स्वच्छता आधारित रील्स तैयार कर व्हाट्सएप एवं फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जनसहभागिता को और अधिक बढ़ावा मिल सके। साथ ही पंचायतों में दीवार चित्रण, रैलियों, नुक्कड़ नाटकों एवं चौपालों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित की जा रही है। गतिविधियों के परिणामस्वरूप सभी पंचायतों में स्वच्छता के प्रति 100 प्रतिशत जागरूकता, कम से कम 80 प्रतिशत घरों तक स्वच्छता संदेशों की पहुंच, विद्यार्थियों में स्वच्छ आदतों का विकास, सामाजिक सहभागिता में वृद्धि तथा स्वच्छता प्रथाओं में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विकासखंड से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर व्यवहार परिवर्तन से संबंधित आंकड़ों का संकलन किया जाएगा, जिससे कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर आगे की रणनीति बनाई जा सके। सीईओ जिला पंचायत श्री नन्दनवार द्वारा निर्देशित किया गया है कि समस्त ग्राम पंचायतों में निर्धारित तिथिवार गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन समय-सीमा में इस कार्यालय को प्रेषित किया जाए, ताकि अभियान का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।
खल्लारी मंदिर में बड़ा हादसा: रोप-वे का केबल टूटा, 8 श्रद्धालु घायल
महासमुंद । जिले के खल्लारी मंदिर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब मंदिर परिसर में संचालित रोप-वे का केबल अचानक टूट गया। घटना के वक्त ट्रॉली में श्रद्धालु सवार थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। केबल टूटते ही ट्रॉली झटके के साथ नीचे की ओर आ गई, जिससे उसमें बैठे लोग घायल हो गए।
इस हादसे में कुल 8 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों, मंदिर प्रबंधन और पुलिस की मदद से तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर रोप-वे सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने रोप-वे की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि नवरात्र के चलते मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे इस हादसे ने चिंता और बढ़ा दी है।