छत्तीसगढ़ / महासमुंद
जिले में 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी, 399 प्रकरणों में 1.69 लाख क्विंटल जब्त
कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुंद जिला में धान उपार्जन एवं निगरानी कार्य सफलता पूर्वक संपन्न
खरीदी और जप्ती मामले में प्रदेश में पहले पायदान पर रहा महासमुंद जिला
महासमुंद, 01 फरवरी 2026
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिला महासमुंद में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिले में स्थापित 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 10,00,187.16 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक रही।
शासन द्वारा जिले के लिए 11,93,570.00 मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित किया गया था। गत खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिले में 11,04,273.24 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 9.43 प्रतिशत कम धान खरीदी दर्ज की गई।
इस वर्ष धान खरीदी हेतु जिले में 1,60,118 किसान पंजीकृत थे, जिनमें से 1,48,418 किसान (92.69 प्रतिशत) ने खरीदी अवधि के दौरान अपना धान विक्रय किया, जो राज्य के औसत 91.22 प्रतिशत से अधिक है। वहीं जिले में 1,09,676 पंजीकृत कृषकों द्वारा धान विक्रय के पश्चात 9,883.24 हेक्टेयर रकबा का समर्पण कराया गया।
अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशन में राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सतत निगरानी की गई। अंतर्राज्यीय सीमाओं पर 16 जांच चौकियां स्थापित की गईं तथा एसडीएम एवं तहसीलदार के नेतृत्व में संयुक्त दल गठित किए गए।
इस सतत निगरानी एवं सख्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप अवैध धान परिवहन एवं स्टॉकिंग के 399 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 1,69,862 क्विंटल धान जब्त किया गया। जबकि गत वर्ष केवल 184 प्रकरणों में 12,828.15 क्विंटल धान की जब्ती की गई थी। अवैध धान परिवहन के मामलों में जिला महासमुंद प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का यह संपूर्ण कार्य जिले में पारदर्शिता, अनुशासन और सुगमता के साथ संपन्न हुआ।
सिरपुर महोत्सव में विभागीय स्टॉल एवं प्रदर्शनी से दिखेगी विकास की झलक
महासमुंद, 31 जनवरी 2026
ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में 1 से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विभागीय स्टॉल एवं आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इन स्टॉलों के माध्यम से आमजन को शासन की योजनाओं, उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
महोत्सव स्थल पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जिला पंचायत (एनआरएलएम), कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, जल संसाधन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा सिरपुर क्षेत्र विकास प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए जाएंगे। इस अवसर पर सिरपुर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रदर्शनी के माध्यम से सिरपुर के ऐतिहासिक स्थलों की झलकियों का प्रदर्शन एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रदर्शन एलईडी एवं कला जत्था के माध्यम से किया जाएगा।
प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार, महिला सशक्तिकरण, पोषण अभियान, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा योजनाएं, जनजातीय विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जल प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों की जानकारी आकर्षक ढंग से प्रदर्शित की जाएगी। इसके साथ ही विभागों द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं की भी झलक देखने को मिलेगी।
सिरपुर महोत्सव में विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग प्रदर्शनी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी, जिसमें चित्रकला के माध्यम से सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर, संस्कृति, परंपरा एवं प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाया जाएगा। यह प्रदर्शनी पर्यटकों एवं आम नागरिकों को सिरपुर की गौरवशाली विरासत से रूबरू कराएगी।
जिले में पूर्ण पारदर्शिता के साथ धान खरीदी सम्पन्न
कुल एक लाख 48 हजार 418 किसानों से 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीदी की गई
प्रदेश में सर्वाधिक खरीदी महासमुंद जिले में
महासमुंद, 31 जनवरी 2026
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी के अंतिम दिन भी खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित ढंग से हुआ। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में सतत निगरानी, नियमित निरीक्षण, समन्वय एवं सक्रियता के साथ जिले में धान खरीदी किया गया।
31 जनवरी की स्थिति में महासमुंद जिले में 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से एक लाख 48 हजार 418 किसानों से कुल 10 लाख 187 मीट्रिक टन धान की खरीदी किया गया। जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। जिसमें मोटा धान 8 लाख 17 हजार 29 मीट्रिक टन, पतला 32.80 मीट्रिक टन एवं सरना एक लाख 83 हजार 125 मीट्रिक टन शामिल है। अब तक कुल 5 लाख 18 हजार 507 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी हो चुका है। हैं। जिसके विरूद्ध जिले में कुल 333 मिलों के माध्यम से 2 लाख 97 हजार 449 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा 01 फरवरी को
व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए दिशा निर्देश जारी
प्रथम पाली में 10 निर्धारित परीक्षा केंद्रों में कुल 2524 परीक्षार्थी एवं द्वितीय पाली में 17 परीक्षा केंद्रों में 4428 परीक्षार्थी होंगे शामिल
महासमुंद,31 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन रविवार 01 फरवरी 2026 को महासमुंद जिले में दो पालियों में किया जाएगा। प्रथम पाली प्रातः 09:30 बजे से 12:15 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें जिले के 10 निर्धारित परीक्षा केंद्रों में कुल 2524 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसी प्रकार द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:45 बजे तक संपन्न होगी, जिसमें 17 परीक्षा केंद्रों में 4428 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने परीक्षा के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा को जिला स्तर पर श्री नोडल अधिकारी तथा प्राचार्य शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद श्रीमती करूणा दुबे को समन्वयक नियुक्त किया गया है। प्रशासन द्वारा परीक्षा संचालन को प्रभावी बनाने के लिए 30 जनवरी को नोडल एवं समन्वय अधिकारी की उपस्थिति में केंद्राध्यक्षों एवं पर्यवेक्षकों की ब्रीफिंग आयोजित की गई। इसके पश्चात 31 जनवरी को सभी परीक्षा केंद्रों में केंद्राध्यक्षों द्वारा पर्यवेक्षकों हेतु प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए जारी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के सभी पृष्ठों का केवल एक तरफा प्रिंट निकालकर लाना अनिवार्य होगा, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा की एक प्रति परीक्षा केंद्र में जमा की जाएगी। परीक्षा दिवस पर प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा पैन कार्ड में से कोई एक मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र लाना आवश्यक होगा, जिसके अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो स्पष्ट नहीं है, तो परीक्षार्थी दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाकर आएं। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम दो घंटे पूर्व केंद्र पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा, ताकि सत्यापन एवं सुरक्षा जांच की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा में शामिल होना होगा। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी एवं गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित रहेगा। केवल बिना पॉकेट वाले साधारण स्वेटर की अनुमति दी गई है, जिसे सुरक्षा जांच के समय उतारकर जांच कराना होगा। पैरों में चप्पल पहनना अनिवार्य होगा तथा कानों में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना प्रतिबंधित रहेगा।
परीक्षा कक्ष में उत्तर लिखने के लिए केवल काले या नीले बॉल पेन का ही उपयोग किया जाएगा। किसी भी प्रकार के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, बेल्ट, टोपी एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधे घंटे एवं समाप्ति के अंतिम आधे घंटे में कक्ष से बाहर जाना निषिद्ध रहेगा। अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी। धार्मिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले परीक्षार्थियों को सामान्य समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा तथा अतिरिक्त सुरक्षा जांच के उपरांत ही उन्हें प्रवेश दिया जाएगा। प्रथम पाली में प्रातः 09:00 बजे के बाद तथा द्वितीय पाली में दोपहर 02:30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचकर सभी निर्देशों का पालन करें।
विशेष लेख : सिरपुर आस्था, कला और इतिहास का जीवंत संगम
छत्तीसगढ़ ही नहीं देश की पुरातत्विक धरोहर है सिरपुर महोत्सव
01 से 03 फरवरी तक भव्य रूप में आयोजित होगा तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव
महासमुंद 29 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में पर्व, मड़ई और मेलों की परंपरा सदियों से रची-बसी है। इन्हीं परंपराओं में सिरपुर महोत्सव का विशेष स्थान है, जो प्रतिवर्ष पवित्र महानदी के तट पर माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 01 फरवरी 03 फरवरी 2026 तक भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है।
माघी पूर्णिमा की भोर में आस-पास के ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं द्वारा महानदी में पुण्य स्नान कर गंधेश्वर नाथ महादेव के अलौकिक दर्शन-पूजन के साथ महोत्सव की शुरुआत होती है। वहीं तीन दिनों तक महानदी सांध्य आरती किया जाता है। यह परंपरा सिरपुर की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करती है। हर वर्ष आयोजित होने वाला सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। इसमें देश-विदेश के कलाकार शास्त्रीय नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ देते हैं। सिरपुर महोत्सव में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आवागमन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। महोत्सव अवधि के दौरान रायपुर से कुहरी मोड़ तक तथा जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों से सिरपुर तक बसों का प्रबंध किया गया है। निर्धारित रूटों पर बसें नियमित अंतराल में संचालित होंगी, जिससे अधिक से अधिक लोग महोत्सव के सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों में सहभागी बन सकें।
सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने हेतु शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विजन 2047 के तहत आधुनिक बुनियादी ढांचा, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और अंर्तराष्ट्रीय स्तर का पर्यटक कॉरिडोर विकसित करने प्रतिबद्ध है। सिरपुर की पुरातात्त्विक संरचनाओं को संरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीकें अपनाई जा रही हैं। यहाँ के मंदिर, विहार, मूर्तियाँ और जीवंत परंपराएँ हमें यह सिखाती हैं कि भारत की संस्कृति, सहिष्णुता, कला और ज्ञान का संगम है। यहाँ ईको-ट्रेल, हस्तशिल्प बिक्री केंद्र और स्थानीय भोजनालय चलाई जा रही हैं, ताकि स्थानीय समुदाय को रोजगार मिले और पर्यटन को बढ़ावा मिले।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर (श्रीपुर) केवल एक पुरातात्त्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत प्रतीक है। यह नगर दक्षिण कोसल के पांडुवश के सबसे महान सम्राट महाशिवगुप्त बालार्जुन की राजधानी रहा है और अपनी स्थापत्य कला, बौद्ध धरोहरों तथा प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।
सिरपुर का उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों और अभिलेखों में मिलता है। यहाँ भगवान शिव, विष्णु, बुद्ध और जैन धर्म के उपासना स्थलों के अवशेष मिले हैं। 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी सिरपुर का उल्लेख अपनी यात्राओं में किया है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय ख्याति सिद्ध होती है। यह नगर धार्मिक सहिष्णुता और कला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 3 जैन विहार और एक विशाल बौद्ध विहार के अवशेष प्राप्त हुए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सिरपुर में लगातार संरक्षण और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है जिससे इसकी ऐतिहासिक गरिमा बनी रहे। डिजिटल टूर, क्यूआर कोड आधारित जानकारी और थ्रीडी गाइडेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।
सिरपुर बौद्ध, जैन और हिन्दू स्थापत्य कला का त्रिवेणी संगम है। यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर भारत का पहला ईंटों से निर्मित मंदिर है जो वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है। आनंद प्रभु कुटीर विहार बौद्ध भिक्षुओं का प्रमुख केंद्र है, जहां चीन से आए भिक्षु रह चुके हैं। गंधेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है, जिसमें अनेक मूर्तियाँ और सांस्कृतिक प्रतीक हैं। 1872 में अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा सिरपुर के अवशेषों की खोज की गई थी। इसके बाद यहाँ अनेक उत्खनन कार्य हुए, जिनमें बुद्ध, विष्णु, शिव और जैन परंपराओं के असंख्य साक्ष्य मिले। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के विद्वान भी सिरपुर को एशिया की बौद्ध धरोहरों में महत्वपूर्ण स्थान मानते हैं।
लोकभवन रायपुर में 2 ब्रेल पुस्तकों एवं 3000 ऑडियो बुक्स का भव्य विमोचन
महासमुंद जिले के चार शिक्षक राज्यपाल के करकमलों से हुए सम्मानित
महासमुंद 28 जनवरी 2026
दिव्यांगजनों के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में 27 जनवरी को रायपुर स्थित लोक भवन, सिविल लाइन में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़, माननीय श्री रमेन डेका के करकमलों द्वारा दो महत्वपूर्ण ब्रेल पुस्तकों- दिव्यांग महिलाओं की सफलता की कहानी’ एवं “छत्तीसगढ़ के वीर” का विधिवत विमोचन किया गया। इसी मंच से दृष्टिबाधित बच्चों के लिए तैयार की गई 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स का भी लोकार्पण किया गया, जो शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी पहल का सशक्त उदाहरण है। इन ऑडियो बुक्स में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विषयों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष प्लेलिस्ट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सरगुजिया कहानियां, छत्तीसगढ़ी एवं हिंदी में सामान्य ज्ञान, हल्बी, पंजाबी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में अलग-अलग प्लेलिस्ट, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों हेतु सरकारी योजनाओं तथा सहायता संसाधनों से संबंधित उपयोगी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। यह समस्त सामग्री “वर्ल्ड ऑडियो बुक” यूट्यूब चैनल पर एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल रमेन डेका ने इस अभिनव और मानवीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘जिस प्रकार आप सभी शिक्षकों ने सामान्य पुस्तकों को ब्रेल में अनुवादित कर तथा ऑडियो बुक्स के माध्यम से दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ज्ञान के नए द्वार खोले हैं, वह वास्तव में शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह कार्य केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि संवेदनशील सामाजिक दायित्व का भी निर्वहन है। उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने गृह राज्य असम में भी शिक्षकों को इस प्रकार की पहल करने के लिए प्रेरित करूंगा, ताकि वहां के दृष्टिबाधित बच्चों को भी इसी तरह सुलभ अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके। राज्यपाल महोदय ने यह भी बताया कि तैयार की गई इन ऑडियो बुक्स को गवर्नर टीम के माध्यम से अन्य राज्यों तक प्रेषित किया जाएगा, जिससे यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सके और देशभर के दृष्टिबाधित विद्यार्थी इसका लाभ प्राप्त कर सकें। इस पुनीत और सेवा भाव से किए गए कार्य के लिए उन्होंने सभी शिक्षकों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस अभियान की प्रेरणा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा, दुर्ग को वर्ष 2024 में मिले सम्मान के पश्चात मिली। दृष्टिबाधित बच्चों के अध्ययन की वास्तविक आवश्यकता को समझते हुए उन्होंने 25 अक्टूबर 2024 से इस कार्य की शुरुआत की और स्वयं 800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कीं। बाद में विभिन्न जिलों के शिक्षकों के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 3100 तक पहुंच गई।
शिक्षिका के. शारदा एवं प्रीति शांडिल्य द्वारा पूर्व में संयुक्त रूप से ब्रेल पुस्तकें तैयार कर छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल विद्यालयों को 100-100 प्रतियां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इस पुनीत कार्य में योगदान देने वाले शिक्षकों को राज्यपाल महोदय द्वारा सम्मानित किया गया। इस ऑडियो बुक निर्माण अभियान में 30 शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। जिनमे महासमुंद विकासखंड से सहा. शिक्षक बलराम नेताम, बागबाहरा विकासखंड से सहा. शिक्षक अमित कुमार उइके, दीपा महार एवं रिंकल बग्गा शामिल हैं। माननीय राज्यपाल महोदय ने इस कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय पहल बताया।
तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 1 से 3 फरवरी तक
छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं के साथ-साथ देश की शास्त्रीय, सूफी और आधुनिक संगीत विधाओं की होंगी मनमोहक प्रस्तुतियाँ
महासमुंद 28 जनवरी 2026
प्रदेश के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर स्थल सिरपुर में 1, 2 और 3 फरवरी को आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं के साथ-साथ देश की शास्त्रीय, सूफी और आधुनिक संगीत विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ होंगी।
शुभारंभ अवसर पर प्रसिद्ध लोक-भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी एवं उनकी बैंड टीम की विशेष प्रस्तुति
प्रथम दिवस 1 फरवरी 2026 को महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर दोपहर 12 बजे से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। जिसमें फुलझरिया कर्मा पार्टी, बिलासपुर द्वारा कर्मा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच राजनांदगांव की लोक कला की झलक दिखेगी। दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक सिरपुर महोत्सव 2026 का उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। तत्पश्चात दोपहर 3:30 बजे से 4:10 बजे तक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकारों द्वारा कत्थक एवं लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसी प्रकार शाम 4:10 बजे से 4:20 बजे तक सुश्री सुरेखा कामले एंड ग्रुप द्वारा ध्रुपत की प्रस्तुति, शाम 4:20 बजे से 4:30 बजे तक प्रो. डॉ. लवली शर्मा द्वारा सितार वादन की शास्त्रीय प्रस्तुतिँ होंगी। शाम 4:30 बजे से 4:40 बजे तक निदेशक, संरक्षण एवं विकास बौद्ध कला एवं सांस्कृतिक समाज मध्य भारत, नागपुर द्वारा तथागत नाटक, शाम 4:40 बजे से 4:50 बजे तक इंदिरा कला संगीत विद्यालय खैरागढ़ द्वारा ओडिसी नृत्य, शाम 4:50 से 5:00 बजे तक हिमानी वासनिक राजनांदगांव द्वारा भरथरी की प्रस्तुति होगी। वहीं शाम 5 बजे से रात्रि 7 बजे तक सुनील तिवारी लोक कला मंच, रायपुर का रंग-झांझर कार्यक्रम दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक प्रसिद्ध लोक-भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी एवं उनकी बैंड टीम, दिल्ली की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।
दूसरे दिन इंडियन आइडल फेम नितिन कुमार, नचिकेत लेले एवं वैशाली रायकवार की होगी शानदार प्रस्तुति
द्वितीय दिवस 2 फरवरी को सायं 4 बजे से 4:40 बजे तक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ द्वारा क्लासिकल वोकल, क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट, तबला वादन एवं सुगम संगीत की प्रस्तुतियाँ होंगी। इसके पश्चात शाम 4:40 बजे से 4:50 तक सूफी स्पिरिचुअल म्यूजिक, शाम 4:50 बजे से 5:00 बजे तक कबीर संगीत संध्या की प्रस्तुति होगी। शाम 5:00 बजे 5:15 बजे तक संरक्षण एवं विकास बौद्ध कला एवं सांस्कृतिक समाज मध्य भारत, नागपुर द्वारा थेरीगाथा नाट्य प्रस्तुति एवं शाम 5:15 बजे से 5:30 बजे तक भरतनाट्यम नृत्य का आयोजन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक पुष्पा साहू, भिलाई द्वारा नवा किस्मत लोक कला मंच की प्रस्तुति होगी। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक इंडियन आइडल फेम 10 के नितिन कुमार, इंडियन आइडल फेम 12 के नचिकेत लेले एवं वैशाली रायकवार अपनी गायन प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
अंतिम दिन प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर एवं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स, मुंबई की विशेष प्रस्तुति
तृतीय दिवस 3 फरवरी समापन दिवस पर दोपहर 2 बजे से बजे तक इशिका गिरी रायपुर द्वारा कत्थक की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी प्रकार 2:10 बजे से भूमिसुता मिश्रा रायपुर द्वारा ओडिसी नृत्य, 2:20 बजे से कुमारी आसना दिल्लीवार दुर्ग द्वारा कत्थक नृत्य, दोपहर 2:30 बजे से राजनंदिनी पटनायक पिथौरा द्वारा ओडिसी नृत्य, 2:35 बजे से गीतिका चक्रधर रायपुर द्वारा कत्थक नृत्य, दोपहर 2:45 बजे से आंचल पाण्डेय बिलासपुर द्वारा ओडिसी एकल, दोपहर 3:00 बजे से नवा बिहान लोक कला मंच पिलवापाली बसना द्वारा पंथी नृत्य, दोपहर 3:15 बजे से एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग के छात्रों द्वारा बस्तरिहा नाच, दोपहर 3:30 बजे से नानगांव बोहधन एवं साध्वी सेवा मगरपाली द्वारा डंडा नृत्य, दोपहर 3:45 बजे से छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच कन्हारपुरी द्वारा सोला सिंगार लोक प्रस्तुतियाँ एवं शाम 4:15 बजे से 4:30 बजे तक श्री किशोर हम्पीहोली, स्वर संगम सांस्कृतिक मंच नागपुर द्वारा अम्रपाली नृत्य नाटक की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक सिरपुर महोत्सव का समापन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके पश्चात सावित्री कहार लोक कला मंच रायपुर द्वारा लोक साधना की प्रस्तुति होगी। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर एवं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स, मुंबई की विशेष प्रस्तुति के साथ सिरपुर महोत्सव 2026 का भव्य समापन होगा।
कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक
धान विक्रय के बाद शेष रकबा का समर्पण करने पर जोर दें - कलेक्टर श्री लंगेह
महासमुंद 27 जनवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं आगामी आयोजनों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने धान खरीदी की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि धान खरीदी निरंतर जारी है और कुछ ही दिन शेष हैं। उन्होनें नोडल अधिकारियों को लगातार उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी के लिए अब केवल 3 दिन ही शेष रह गए हैं, जिन किसानों ने धान विक्रय कर लिया है और यदि रकबा शेष है तो उसे समर्पित कराएं। अंतर्राज्यीय एवं सभी जांच चौकियों में सतर्कता बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी से संबंधित कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधित पर सीधे एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। कोचियों और राईस मिलर्स के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करते रहें। किसी भी तरह अवैध धान की खरीद बिक्री न हो। शिकायत पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करें।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा गढ़पुलझर, झलप, खल्लारी, सलखण्ड एवं दुर्गापाली में की गई घोषणाओं के समय-सीमा में तथा गुणवत्ता पूर्ण क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों को नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया। बैठक में आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित रहें। उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी फाइलों का मूवमेंट ई-फाइल के माध्यम से ही किया जाए, यह अनिवार्य है। इससे कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
जिले में अवैध खनिज उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन के मामलों पर कड़ी कार्रवाई करें। जब्त वाहनों को किसी के दबाव में न छोड़े और थाना में सुपुर्दगी दें। उन्होंने आवास प्लस की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन आवासों को सर्वेक्षण के दौरान निरस्त किया गया है, उनका जल्द से जल्द सत्यापन करें तथा स्वीकृत आवासों का निर्माण प्रारम्भ करें।
इसके अतिरिक्त बैठक में अन्य शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, तथा समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बिहान की महिलाएं कुशल ग्रहणी से सफल उद्यमी बनने की ओर
अब तक जिले में 70 से अधिक दुकानों एवं उद्यमों की शुरुआत
महासमुंद 27 जनवरी 2026
जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल सामने आ रही है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार के मार्गदर्शन में संचालित मिशन 150 नवाचार के अंतर्गत बिहान समूह से जुड़ी महिलाएं अब कुशल गृहिणी होने के साथ आत्मनिर्भर और सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।
गत 23 जनवरी 2026 को इस अभिनव पहल का दूसरा चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस नवाचार की शुरुआत 02 जनवरी 2026 को की गई थी। योजना के प्रत्येक चरण में जिले के सभी विकासखंडों में बिहान समूह की दीदियों द्वारा प्रति ब्लॉक 6 दुकानों/उद्यमों का शुभारंभ किया जा रहा है। अब तक जिले में 70 दुकानों एवं उद्यमों की स्थापना की जा चुकी है, जिनमें ढाबा, फैंसी स्टोर, किराना दुकान, फैशन जोन, हाईवे चाय दुकान, होटल एवं पोल्ट्री फार्म जैसे विविध व्यवसाय शामिल हैं। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान भी दिला रही है।
मिशन 150 नवाचार के आगामी चरणों में जिले की महिलाओं को उत्पादन, सेवा एवं अन्य विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमी के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। आज महासमुंद जिले की महिलाएं एक नई सोच, नई ऊर्जा और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ रही हैं तथा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।
गणतंत्र दिवस पर पशुपालन विभाग की झांकी को मिला तृतीय स्थान
महासमुंद 27 जनवरी 2026
एकीकृत पशुपालन को अपनाकर लघु एवं सीमांत कृषक अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में निरंतर सुधार कर रहे हैं। इसी थीम को केंद्र में रखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर आकर्षक एवं जीवंत झांकी का प्रदर्शन किया गया।
मैदानी अमलों के सुनियोजित एवं रणनीतिक प्रयासों तथा उप संचालक के कुशल मार्गदर्शन में विभागीय योजनाओं का लाभ जिले के पशुपालकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा रहा है। झांकी के माध्यम से एकीकृत पशुपालन की वैज्ञानिक पद्धतियों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें कम स्थान में वर्षभर दूध, अंडा एवं मांस उत्पादन कर कृषकों द्वारा कृषि के साथ-साथ आय के पूरक स्रोत विकसित करने का संदेश दिया गया।
झांकी में गिर एवं साहीवाल नस्ल की गायों के साथ असील, कड़कनाथ, सोनाली मुर्गी, जापानी बटेर, जमुनापारी बकरा एवं खाखी कैम्पवेल बत्तख का प्रदर्शन किया गया। साथ ही पशुओं के लिए उपयोगी हरे चारे जैसे सुपर नेपीयर, जई एवं बरसीम को भी दर्शाया गया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
निर्णायक समिति द्वारा पशुपालन विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। इस अवसर पर विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए डॉ. उपासना साहू, डॉ. अर्चना एवलिन केरकेट्टा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, श्री एल.एल. साहू, श्री प्रकाश पण्डा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, श्रीमती लता टण्डन एवं श्रीमती चित्रलेखा पटेल परिचारक को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जिले में अवैध धान पर सख्त कार्रवाई, 2250 कट्टा धान एवं धान से भरा एक ट्रक जब्त
राजडेरा समिति में 2088 कट्टा धान अधिक एवं
तेंदूकोना समिति में 17069 कट्टा धान कम पाया गया
महासमुंद 27 जनवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गत दिवस बागबाहरा एवं सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर की गई कार्रवाई में 2250 कट्टा अवैध धान एवं धान से भरा एक ट्रक जप्त किया गया तथा समिति सत्यापन के दौरान राजडेरा समिति में 2088 कट्टा धान अधिक एवं तेंदूकोना समिति में 17069 कट्टा धान कम पाया गया।
बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत धान उपार्जन कार्य में अनियमितताओं की जांच के तहत संयुक्त टीम द्वारा समितियों में भौतिक सत्यापन की कार्रवाई की गई। इस दौरान राजडेरा समिति में 2088 कट्टा धान अधिक पाया गया, वहीं तेंदूकोना समिति में 17069 कट्टा धान कम पाया जाना सामने आया है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार तेंदुकोना से भुरकोनी मार्ग पर लगभग 200 कट्टा धान का अवैध परिवहन करते हुए एक मिनी ट्रक पकड़ा गया। वाहन को नजदीकी बुंदेली चौकी के सुपुर्द किया गया। एक अन्य कार्रवाई में उड़ीसा से लाकर खेतों में छुपाकर रखे गए तथा समीप की बाड़ी में डंप किए गए लगभग 1000 कट्टा धान को मंडी अधिनियम के तहत जब्त कर थाना कोमाखान के सुपुर्द किया गया। इसके अलावा टूहलू चेकपोस्ट के पास धान से भरा एक ट्रक पकड़ा गया, जिसे आगे की कार्यवाही हेतु टूहलू थाना को सुपुर्द किया गया।
सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम गिधामुंडा में बरतराम के गोदाम में निरीक्षण के दौरान 1400 कट्टा धान मौके पर पाया गया। जांच में 600 कट्टा धान का वारिसान पंजीयन प्रक्रियाधीन पाया गया, जबकि शेष 800 कट्टा धान अधिया का बताया गया, परंतु अधिया-रेघा से संबंधित कोई वैध दस्तावेज अथवा पंजीयन प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त 800 कट्टा धान को राजस्व एवं मंडी टीम द्वारा मौके पर ही जब्त किया गया। साथ ही सारंगढ़ घठौरा से नवागढ़ महासमुंद समिति की ओर अवैध रूप से धान परिवहन करते पाए जाने पर तीन ट्रैक्टरों में लदे 250 कट्टा धान जप्त किया गया। जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है कि अवैध धान भंडारण एवं परिवहन के मामलों में कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
गणतंत्र दिवस के पूर्व मिनी स्टेडियम में की गई फुल ड्रेस रिहर्सल
छत्तीसगढ़ी संस्कृति के साथ विविध संस्कृति की दिखेगी झलक
1000 बच्चों का होगा संगीतमय व्यायाम प्रदर्शन
पुलिस विभाग की विशेष प्रस्तुति कहो नशे को अलविदा की होगी विशेष प्रस्तुति
महासमुंद, 24 जनवरी 2026
गणतंत्र दिवस के लिए आज कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार की मौजूदगी में गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल की गई। पूर्वाभ्यास में रक्षित निरीक्षक दीप्ति कश्यप के नेतृत्व में पुलिस, नगर सैनिक, एनसीसी एनएसएस की कुल 10 टुकड़ियों ने परेड की सलामी दी। रिहर्सल सुबह 9 बजे स्थानीय मिनी स्टेडियम में आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे।
मिनी स्टेडियम में रिहर्सल सुबह 9.00 बजे शुरू हुई। आज फुल ड्रेस रिहर्सल में 6 स्कूलों द्वारा राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत गीत संगीत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दिया गया। आज उनकी भी अंतिम रिहर्सल की गई। समारोह में 16 स्कूलों के लगभग 1000 बच्चों द्वारा एरोबिक्स जुंबा पीटी प्रदर्शन होगा। साथ ही पुलिस विभाग द्वारा नाटिका कहो नशे को अलविदा की प्रस्तुति विशेष आकर्षण होगा।इसके अलावा 13 विभागों की जीवंत झांकी निकाली जाएगी। शहीद के परिजनों का सम्मान व उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर ने तैयारी का जायजा भी लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
इन विभागों की निकलेगी जीवंत झांकी
वन विभाग,शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग,महिला बाल विकास ,उद्यानिकी विभाग, जल संसाधन मछली पालन, आदिवासी विभाग, पशुपालन,पीएचई, क्रेडा/ विद्युत,कृषि विभाग और खाद्य विभाग की झांकी निकलेगी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अक्षा गुप्ता, तहसीलदार एवं जिला अधिकारी - कर्मचारी मौजूद थे।
ज़िला मुख्यालय के मुख्य समारोह में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी फहराएंगे राष्ट्रीय ध्वज
जिले में 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस) पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर ज़िला मुख्यालय महासमुंद के मुख्य समारोह में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे तथा मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। जिला स्तरीय मुख्य समारोह जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में प्रातः 9:00 बजे शुरू होगा। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार ने यहां सभी तैयारियों का जायजा लिया एवं आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने धान खरीदी केंद्र कुरचुंडी एवं तेन्दूकोना का किया औचक निरीक्षण
जिले में कुल 8 लाख 53 हजार 913 मीट्रिक टन धान की खरीदी पूर्ण
महासमुंद, 23 जनवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा जिले में धान खरीदी कार्य को पारदर्शिता एवं सुचारू रूप से जारी रखने के लिए लगातार सघन दौरा किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने धान खरीदी केंद्र तेन्दूकोना बागबाहरा एवं कुरचुंडी बसना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र पर उठाव की स्थिति, दैनिक खरीदी लक्ष्य एवं लंबित पंजीकृत किसानों की जानकारी ली। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, बागबाहरा एसडीएम श्रीमती नमिता मारकोले, समित प्रबंधक, सहकारी समिति के कमर्चारी एवं कृषक गण मौजूद थे।
कलेक्टर श्री लंगेह ने समिति प्रबंधको एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति करते हुए धान खरीदी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शेष दिनों में धान विक्रय के लिए बचे हुए किसानों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी का कार्य सुचारू और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न किए जाए। साथ ही नोडल अधिकारी अपने-अपने केन्द्रों में भौतिक सत्यापन कर किसानों से शेष रकबा समर्पण के लिए प्रोत्साहित करें। केंद्रों पर समिति प्रबंधन सतत निगरानी बनाए रखे तथा अवैध धान विक्रय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही धान की गुणवत्ता संबंधी आपत्तियों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाए।
कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को निर्देश दिए कि धान खरीदी से संबंधित ऑनलाइन एंट्री उसी दिन पूर्ण की जाए, किसी भी स्थिति में लंबित न रखी जाए। खरीदी समाप्ति के साथ ही तत्काल समापन रिपोर्ट, भौतिक सत्यापन एवं अभिलेख मिलान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर कमीशन, अवैध वसूली या अनधिकृत रोक-टोक की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र पर उपस्थित किसानों से सीधे चर्चा करते हुए कहा कि किसानों को अंतिम दिनों में आने वाली समस्याओं का तत्काल सुनवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य शासन के मंशानुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। महासमुंद जिले में 23 जनवरी की स्थिति में 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 8 लाख 53 हजार 913 मीट्रिक टन धान की खरीदी किया जा चुका है। अब तक कुल 5 लाख 18 हजार 507 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी हो चुका है। जिसके विरूद्ध 2 लाख 97 हजार 457 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। अब तक एक लाख 33 हजार 942 किसानों द्वारा धान का विक्रय कर लिया गया है, जो पंजीकृत किसानों की संख्या का 84 प्रतिशत हैं।
रायपुर संभागायुक्त ने बिरकोनी में पैरा आर्ट प्रशिक्षण का किया समापन
महिला समूहों को मार्केटिंग और आत्मनिर्भरता के दिए मंत्र
संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने महिलाओं को प्रतिमाह 6 से 7 हजार रुपये आय अर्जित करने हेतु किया प्रोत्साहित
महासमुंद, 22 जनवरी 2026
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महासमुंद जिले के बिरकोनी में आयोजित महिला समूहों के पैरा आर्ट प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हुआ। इस अवसर पर रायपुर संभाग के संभागायुक्त श्री महादेव कावरे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने महिला समूहों द्वारा धान के पैरा से बनाई गई कलाकृतियों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार और बिरकोनी के सरपंच उपस्थित थे।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 महिलाओं ने भाग लिया। सहेली हस्तशिल्प नवागढ़ की टीम द्वारा महिलाओं को धान के पैरा से विभिन्न आकर्षक कलाकृतियाँ और सजावटी सामान बनाने का गहन प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण “वेस्ट टू वेल्थ“ (कचरे से कंचन) की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक कदम है।
समापन अवसर पर संबोधित करते हुए संभागायुक्त श्री कावरे ने कहा कि केवल प्रशिक्षण लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर अभ्यास और कड़ी मेहनत से इसे आजीविका का साधन बनाना मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत के साथ प्राप्त किए गए इस हुनर को भूलना नहीं है। आप सभी को यह लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए कि इस कला के माध्यम से आप प्रति माह कम से कम 6 से 7 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर सकें।
उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के संबंध में संभागायुक्त ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि इन कलाकृतियों की बिक्री के लिए आधुनिक तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इन उत्पादों के स्टॉल लगाने और उन्हें प्रदर्शित करने का सुझाव दिया, ताकि स्थानीय कला को व्यापक पहचान मिल सके और महिलाओं की आय में वृद्धि हो। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई, तहसीलदार की जांच के बाद व्यापारी सोनू अग्रवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
महासमुंद 22 जनवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश एवं तहसीलदार सरायपाली द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर उड़ीसा राज्य से अवैध धान खपाने से संबंधित मामले में सरायपाली के धान व्यापारी सोनू अग्रवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। तहसीलदार सरायपाली द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन एवं अनियमितता की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान दस्तावेजों का परीक्षण एवं संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें तथ्यों की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार सरायपाली विकासखंड अंतर्गत व्यापारी श्री सोनू अग्रवाल द्वारा अवैध रूप से धान का परिवहन एवं खपाने की गतिविधियां पाई गईं। जांच के दौरान कुल 04 माजदा वाहनों से 864 पैकेट (कुल 345 क्विंटल) धान बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करते हुए पकड़ा गया। यह धान ओडिशा से लाकर समितियों एवं किसानों को अवैध रूप से खपाने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। उक्त प्रकरण में संबंधित सोनू अग्रवाल के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी (रा.) सरायपाली के न्यायालय में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया गया है। जांच से यह भी ज्ञात हुआ कि अवैध धान परिवहन व खपत के कारण शासन को 8 लाख 17 हजार 305 रुपए की आर्थिक क्षति हुई है।
आबकारी विभाग द्वारा अवैध महुआ मदिरा निर्माण तथा विक्रय पर बड़ी कार्रवाई
कुल 140 लीटर महुआ शराब तथा 3590 कि.ग्रा. महुआ लाहन बरामद
महासमुंद 22 जनवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जिला आबकारी अधिकारी सुनील कुमार सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में मंगलवार को आबकारी विभाग द्वारा अवैध महुआ मदिरा निर्माण तथा विक्रय पर बड़ी कार्रवाई की गई।
गश्त के दौरान आबकारी जिला स्तरीय टीम द्वारा ग्राम पलसापाली, थाना बलौदा एवं ग्राम सुखापाली, थाना सरायपाली तथा ग्राम पैकिन, थाना सिंघोड़ा क्षेत्र में संघन जांच करते हुए गैर जमानती के 08 प्रकरण तथा 01 जमानती प्रकरण कायम कर कुल 140 लीटर महुआ शराब तथा 3590 कि.ग्रा. महुआ लाहन बरामद किया गया। जिसका अनुमानित कुल बाजार मूल्य 2 लाख 7 हजार 500 रुपए है। उपरोक्त प्रकरणों में 03 व्यक्तियों क्रमशः अनिल निराला, विजय रत्नाकर एवं खगेश्वर रत्नाकर को गिरफ्तार किया गया है। उपरोक्त आरोपियों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) तथा 34(2), 59(क) के तहत न्यायालय से रिमांड लेकर जेल भेजा गया।
उक्त कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक मिर्ज़ा जफ़र बेग, श्री हृदय कुमार तिरपुडे, नीरज कुमार साहू, शिवशंकर नेताम व अनिल कुमार झरिया तथा आबकारी आरक्षक-देवेश मांझी, प्रधान आरक्षक संजय मरकाम एवं वृत्त सरायपाली, बसना, सांकरा, महासमुन्द शहर/ग्रामीण के स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सख्ती से महासमुंद में बाल क्रूरता मामले के आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद 22 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की त्वरित एवं सख्त कार्रवाई के चलते महासमुंद जिले में एक बच्चे के साथ क्रूरता के गंभीर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई है। यह प्रकरण बाल अधिकारों के संरक्षण की दिशा में आयोग की सक्रिय भूमिका का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिले के एक गांव में समाज के एक रसूखदार परिवार द्वारा एक बच्चे को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने की सूचना आयोग को मिली थी। बच्चे पर 600 रुपये की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था, जो जांच में पूरी तरह असत्य पाया गया। सूचना मिलते ही आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा स्वयं देर रात गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से भेंट कर पूरे मामले की विस्तृत जांच की। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे के साथ मारपीट के बाद उसके पिता को भी गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे आहत होकर पिता ने आत्महत्या कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. शर्मा ने तत्काल पुलिस महानिदेशक से समन्वय कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके फलस्वरूप आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आयोग ने प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी की गंभीर लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। पुलिस अधीक्षक महासमुंद द्वारा थानेदार को निंदा की शास्ति दी गई, जिसे आयोग ने अपर्याप्त मानते हुए पुलिस मुख्यालय से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ करवाई है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में तीनों आरोपियों के विरुद्ध चालान प्रस्तुत कर दिया गया है तथा प्रमुख आरोपी को जनवरी माह के मध्य तक जेल में रखा गया है। आयोग की अनुशंसा पर आरोपियों के खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 108, 127(2), 115(2), 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इसके साथ ही आयोग ने बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण दल को निर्देशित किया है कि पीड़ित बच्चे की संपूर्ण देखभाल, शिक्षा एवं पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाए। आयोग ने न्यायालयीन प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 तथा यदि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत निषेधित श्रम पाया जाता है, तो उससे संबंधित सुसंगत धाराओं को अभियोग पत्र में शामिल करने के भी निर्देश पुलिस प्रशासन को दिए हैं।
आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।