छत्तीसगढ़ / रायपुर
डिजिटल और पेपरलेस विधानसभा की ओर छत्तीसगढ़ का बड़ा कदम
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिजिटल विधायी प्रक्रियाओं और विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
रायपुर, नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा को आधुनिक तकनीक से लैस करने तथा इसकी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम, सुव्यवस्थित और पेपरलेस बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। इसी उद्देश्य के तहत राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA – National e-Vidhan Application) के प्रभावी क्रियान्वयन और सुचारू उपयोग को लेकर आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को NeVA'k एप्लीकेशन की तकनीकी एवं व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराना था, ताकि विधायी कार्यों में डिजिटल संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके। इस पहल से विधानसभा के कामकाज में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय (MoPA) के NeVA समन्वयक श्री अमन गौतम और श्री श्रीधर स्वामी ने एप्लीकेशन के विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल के उपयोग एवं संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपस्थित प्रतिभागियों को प्रदान किया।
डिजिटल माध्यम से संचालित होंगी संसदीय प्रक्रियाएं
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को निम्नडिजिटल कार्यप्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। डिजिटल माध्यम से विधानसभा के प्रश्न और सूचनाएं प्रस्तुत करना, विधायी दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन एवं सुरक्षित रख-रखाव, सदन की कार्यवाही से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान, विभिन्न संसदीय और विधायी प्रक्रियाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित करना शामिल है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस एप्लीकेशन के माध्यम से कामकाज न केवल बेहद सरल और त्वरित होगा, बल्कि इससे कार्य निष्पादन में भी उच्च स्तर की प्रभावशीलता आएगी।
सहभागिता और भविष्य के लाभ
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य देश की सभी विधानसभाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से जोड़कर उन्हें पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और कागज रहित (पेपरलेस) स्वरूप देना है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में (NeVA) के इस प्रभावी क्रियान्वयन से विधायी दस्तावेजों के प्रबंधन और सूचनाओं के आदान-प्रदान में क्रांति आएगी। यह कदम न केवल विधानसभा की कार्यक्षमता में वृद्धि करेगा, बल्कि बहुमूल्य समय और कागजी संसाधनों की बचत में भी अत्यंत मददगार साबित होगा।
विष्णु भैया की पाती मुंगेली के ग्राम लिम्हा की सुनीता बहन को मिली, मुख्यमंत्री ने दी राज्य स्थापना दिवस की बधाई
महतारी वंदन की राशि से सुनीता के बच्चों के सपनों को मिल रहे पंख
रायपुर, नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ में शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं किस तरह आम महिलाओं और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, इसकी एक और सुंदर मिसाल सामने आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम लिम्हा की निवासी श्रीमती सुनीता को एक स्नेहिल पाती लिखकर उन्हें और उनके पूरे परिवार को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की आत्मीय शुभकामनाएं दी हैं।
*बच्चों की शिक्षा को समर्पित सुनीता के प्रयासों की सराहना*
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में सुनीता की पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बच्चों की पढ़ाई और उनके बेहतर भविष्य के प्रति समर्पण की जमकर प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि घर-गृहस्थी की तमाम जरूरतों को संभालते हुए बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना बेहद प्रशंसनीय है।
मुख्यमंत्री को जब यह जानकारी मिली कि शासन की महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' से हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग सुनीता अपने बच्चों के स्कूल वैन का किराया और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों को पूरा करने में कर रही हैं, तो उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता जताई।
*महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है 'महतारी वंदन योजना'*
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना और मंशा के अनुरूप प्रदेश की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए ही 'महतारी वंदन योजना' संचालित की जा रही है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार अपने परिवार के हित में आर्थिक निर्णय ले सकें।
मुख्यमंत्री ने सुनीता के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें खूब पढ़ने, अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही, 'विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ 2047' के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार बच्चों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
*मुख्यमंत्री की पाती पाकर छलकी खुशी*
शासन की योजनाओं और सीधे मुख्यमंत्री से मिले इस आत्मीय पत्र से श्रीमती सुनीता और उनका पूरा परिवार अत्यंत हर्षित है। सुनीता ने कहा कि एक मां के लिए उसके बच्चों की बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य से बड़ा कोई सपना नहीं होता। इस सपने को पूरा करने में महतारी वंदन योजना और मुख्यमंत्री का यह स्नेहिल आशीर्वाद हमारे लिए बहुत बड़ा संबल बन गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पत्र में बेटियों की शिक्षा और खेलकूद में मिली शानदार सफलताओं का जिक्र
छोटी बेटी के स्वर्ण पदक जीतने पर मुख्यमंत्री ने दी विशेष बधाई
रायपुर, नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशियों का नया अध्याय जुड़ा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) से जुड़कर स्व-सहायता समूह के माध्यम से अपनी आजीविका को सशक्त बना रहीं रायपुर अंचल की श्रीमती जयंती तिर्की को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘विष्णु के पाती’ के माध्यम से राज्योत्सव और पर्वों की आत्मीय शुभकामनाएं भेजी हैं।
पत्र में बेटियों की उपलब्धियों का विशेष उल्लेख
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने पत्र में न केवल श्रीमती जयंती तिर्की के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है, बल्कि उनके पूरे परिवार और विशेषकर उनकी दोनों बेटियों की शिक्षा व खेल के क्षेत्र में मिल रही शानदार सफलताओं का भी खुले दिल से जिक्र किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख किया कि कैसे जयंती तिर्की की छोटी बेटी ने हाल ही में एक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक (ळवसक डमकंस) हासिल कर पूरे जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले परिवार की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से बधाई देना पूरे परिवार के लिए अप्रत्याशित और अत्यंत हर्ष का विषय बन गया।
परिवार में छाई खुशी, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
मुख्यमंत्री की पाती पाकर श्रीमती जयंती तिर्की और उनका पूरा परिवार खुशी से गदगद हो उठा। अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती तिर्की ने कहा, मुख्यमंत्री जी ने जिस आत्मीयता और अपनापन के साथ हमारे परिवार और हमारी बेटियों की छोटी-बड़ी उपलब्धियों को पत्र में याद किया है, उससे हमें शब्दों में बयां न कर पाने वाली खुशी मिली है। यह हम सभी के लिए बहुत ही गौरवशाली क्षण है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबन बनाने के साथ-साथ उनके बच्चों के भविष्य को लेकर भी बेहद संवेदनशील है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे इसी प्रकार प्रदेश की महिलाओं और परिवारों को आगे बढ़ाते रहें, पूरा प्रदेश उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को दी दीपावली की आत्मीय शुभकामनाएं
पांच दिवसीय महापर्व जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना
रायपुर,नवंबर 2026
प्रकाश के पावन पर्व दीपावली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई और आत्मीय शुभकामनाएं दी हैं। दीपावली के साथ-साथ धनतेरस, नरक चतुर्दशी, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के इस पांच दिवसीय महापर्व पर उन्होंने सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नए उत्साह के संचार की कामना की है।
सत्य, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश
अपने शुभकामना संदेश में राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि दीपावली हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और महान परंपराओं से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह पावन त्योहार हमें हमेशा सत्य, सद्भाव और सद्कर्मों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दीपों का यह पर्व हमारे जीवन में ज्ञान, आशा और सकारात्मकता का संचार करता है। साथ ही, यह अवसर परिवार, समाज और राष्ट्र के बीच प्रेम, आपसी विश्वास तथा भाईचारे की भावना को और अधिक प्रगाढ़ बनाने का सशक्त संदेश देता है।
सबको साथ लेकर खुशियां बांटने का आह्वान
राज्यपाल ने अपने संदेश में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि त्योहारों की वास्तविक सार्थकता तभी है जब इनकी खुशियां समाज के अंतिम व्यक्ति और सभी वर्गों तक पहुंचें। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस पावन अवसर पर समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ अपनी खुशियां साझा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण की स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए दीपोत्सव मनाने का आग्रह किया।
राज्यपाल श्री डेका ने अंत में कामना की कि दीपावली का यह प्रकाश पर्व सभी के जीवन को रोशन करे तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश में आपसी सद्भाव, भाईचारा और सामाजिक एकता की भावना निरंतर और मजबूत हो।
दंतेवाड़ा की माटी से अमेरिका तक बनाई पहचान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रवासी छत्तीसगढि़या गणेश कुमार कर को लिखी स्नेह भरी पाती
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और विरासत को विदेशों में सहेजने के प्रयासों की सराहना की
प्रवासी छत्तीसगढि़यों की सहभागिता विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प को करेगी मजबूत : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर,नवंबर 2026


छत्तीसगढ़ की माटी से निकलकर सात समंदर पार अमेरिका में अपनी पहचान बनाने वाले छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा जिले के श्री गणेश कुमार कर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर स्नेह भरा पत्र लिखकर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने विदेश में रहते हुए भी छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और परंपराओं से जुड़े रहने तथा प्रवासी छत्तीसगढि़यों को एकजुट करने के उनके प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत पत्र प्राप्त होने पर श्री गणेश कुमार कर ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
सात समंदर पार भी अपनी माटी से अटूट लगाव
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने पत्र में कहा कि दंतेवाड़ा से अमेरिका तक की श्री गणेश कुमार कर की यात्रा प्रेरणादायक है। विदेश में व्यस्त जीवन के बावजूद अपनी जन्मभूमि, भाषा, संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनका लगाव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरे अपनत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
नाचा और स्वदेशी मेला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को मिल रही वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने नॉर्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (NACHA) के माध्यम से विदेशों में बसे छत्तीसगढि़यों को एकजुट करने के श्री कर के प्रयासों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि विदेश में अपनी बोली सुनने, तीज-त्योहारों को सामूहिक रूप से मनाने और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने से प्रवासी छत्तीसगढि़यों को अपनी मातृभूमि से जुड़े रहने का अवसर मिलता है।मुख्यमंत्री ने श्री कर द्वारा आयोजित ‘स्वदेशी मेला’ की पहल को भी सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों, कला, संस्कृति और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का यह प्रयास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गणेश कुमार कर की ‘उड़ान’ पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति के लिए किए जा रहे प्रयास सामाजिक संवेदनशीलता और अपनी मातृभूमि के प्रति जिम्मेदारी का परिचय देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सफलता प्राप्त करने के साथ ही जरूरतमंद विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करना समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल है।मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में विकसित भारत 2047 और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशों में बसे छत्तीसगढि़यों का अनुभव, ज्ञान और अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने श्री कर से सभी प्रवासी छत्तीसगढि़यों तक राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं पहुंचाने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री का पत्र पाकर गणेश कुमार कर ने जताया आभार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का पत्र प्राप्त होने पर श्री गणेश कुमार कर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो संदेश साझा कर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वीडियो में मुख्यमंत्री का पत्र भी प्रदर्शित किया। उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल वनांचल जिले से निकलकर अमेरिका में अपनी पहचान बनाने वाले श्री गणेश कुमार कर आज भी अपनी जन्मभूमि और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। प्रवासी छत्तीसगढि़यों को संगठित करने, भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग के उनके प्रयास जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल विदेशों में निवासरत छत्तीसगढि़यों के प्रति राज्य सरकार के आत्मीय जुड़ाव को दर्शाती है। साथ ही यह संदेश भी देती है कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाला छत्तीसगढि़या प्रदेश की अस्मिता, गौरव और विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी है।
कवर्धा के किसान को मुख्यमंत्री ने भेजा दीपावली का संदेश, सौर ऊर्जा की पहल को सराहा
मुख्यमंत्री ने किसान ओंकार साहू को भेजी ‘विष्णु के पाती’
सूर्य घर योजना से बिजली बिल शून्य, घर की जरूरत से अधिक बिजली का हो रहा उत्पादन
रायपुर नवंबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की ओर से दीपावली पर मिला आत्मीय संदेश छत्तीसगढ़ के कवर्धा निवासी किसान ओंकार साहू के परिवार के लिए खास बन गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा अपनाने वाले कवर्धा के रामनगर निवासी ओंकार साहू को मुख्यमंत्री ने ‘विष्णु का पाती’ भेजकर शुभकामनाएं दी हैं। पत्र में मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी के साथ सौर ऊर्जा अपनाने की उनकी पहल की सराहना करते हुए इसे आर्थिक आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पीएम सूर्य घर योजना से सौर ऊर्जा का लाभ परिवारों तक पहुंच रहा है। स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग न केवल आर्थिक बचत करता है, बल्कि आसपास के वातावरण को बेहतर बनाने में भी सहायक है। उन्होंने ओंकार साहू के परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की है।
’सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल किया शून्य’
खेती-किसानी से जुड़े छत्तीसगढ़ के कवर्धा निवासी ओंकार साहू ने 28 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया। इसके लिए उन्होंने कुल 1 लाख 90 हजार रुपये खर्च किए, जिसमें उन्हें 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल लगवाने से पहले उनके घर का हर महीने लगभग 1 हजार से 1500 रुपये तक बिजली बिल आता था, लेकिन अब सोलर ऊर्जा से घर की बिजली जरूरतें पूरी हो रही हैं और उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।
’खपत से ज्यादा बिजली बन रही, ग्रिड में भेजकर मिले 9 हजार रुपए’
ओंकार साहू ने बताया कि सोलर पैनल से घर की जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। उपयोग के बाद बची बिजली विद्युत ग्रिड में भेजी जा रही है। इस अतिरिक्त बिजली के बदले अब तक करीब 9 हजार रुपए का आर्थिक लाभ मिल चुका है। यानी अब वे केवल बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ता नहीं, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर ग्रिड को देने वाले उत्पादक भी बन गए हैं।
’आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान’
ओंकार साहू का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उनके परिवार के लिए काफी लाभकारी साबित हुई है। पहले जहां हर महीने बिजली बिल के रूप में राशि खर्च करनी पड़ती थी, वहीं अब बिजली बिल शून्य हो गया है। इसके साथ ही अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने से आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाना आर्थिक रूप से फायदेमंद होने के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ‘विष्णु का पाती’ मिलना उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है।
छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति के संरक्षण में प्रांजल सिंह का योगदान सराहनीय—मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
Gen Z युवा प्रांजल जैसे कलाकार राज्य की लोकसंस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की मजबूत कड़ी—मुख्यमंत्री
रायपुर, नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति और पारंपरिक विधाओं को सहेजने तथा उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए समर्पित रायपुर के युवा लोककलाकार श्री प्रांजल सिंह राजपूत के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का एक स्नेहिल पत्र असीम प्रेरणा और खुशियों की सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रांजल की कला साधना, शिक्षा और भरथरी लोकगायन के संरक्षण-संवर्धन के प्रयासों की सराहना किए जाने के बाद से युवा कलाकार बेहद गदगद और भावुक हैं।
मुख्यमंत्री की पाती पाकर भावुक हुए प्रांजल
मुख्यमंत्री का पत्र प्राप्त होने पर अपनी खुशी साझा करते हुए प्रांजल सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री जी की पाती मिलना मेरे और मेरे परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरव का क्षण है। उन्होंने न केवल मेरी कला को बल्कि मेरी शिक्षा को भी सराहा है। आज उनका पत्र पाकर मेरा मन गदगद हो गया है और यह मेरे जीवन का एक अविस्मरणीय पल है। मुख्यमंत्री जी का यह स्नेह और प्रोत्साहन मुझे छत्तीसगढ़ी लोककला को और अधिक समर्पित भाव से आगे बढ़ाने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा।"
मुख्यमंत्री के पत्र में लोककला साधना की सराहना
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने पत्र में प्रांजल सिंह की बहुमुखी प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए उल्लेख किया है कि उन्होंने भौतिकी (Physics) में स्नातकोत्तर (Post Graduation) शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद लोकसंगीत की विभिन्न विधाओं को जीवंत रखा है। श्रीमती रेखा जलक्षत्री के मार्गदर्शन में भरथरी सीखने की उनकी यह कला यात्रा अब अन्य नवोदित साधकों तक भी पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि प्रांजल अपनी भरथरी प्रस्तुतियों में गायन के साथ-साथ अभिनय और नृत्य को भी बखूबी स्थान देते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने 'अहिल्या गाथा' की शानदार प्रस्तुति के जरिए लोकविधाओं में कई नए और रचनात्मक प्रयोग किए हैं।
नई पीढ़ी को निःशुल्क दे रहे हैं प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवा कलाकार द्वारा किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रांजल 'लोकगाथा भरथरी' के माध्यम से नए कलाकारों को पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके अलावा, 'आकार' शिविर के जरिए बच्चों से लेकर वरिष्ठजनों तक को अपनी कला का ज्ञान बांट रहे हैं। उनके द्वारा प्रशिक्षित कलाकार आज विभिन्न मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां देकर इस सांस्कृतिक थाती को आगे बढ़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के आह्वान और Gen Z पीढ़ी की भूमिका
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की प्राचीन लोकपरंपराओं और कथावाचन की विविध शैलियों को आने वाली पीढ़ियों तक संरक्षित करने के आह्वान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भरथरी सीखने और सिखाने का प्रांजल का यह सत्प्रयास इसी राष्ट्रीय भावना से मजबूती से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रांजल सिंह को Gen Z पीढ़ी के उन होनहार युवाओं में शुमार किया, जिनके कंधों पर छत्तीसगढ़ की लोककलाओं की आगे की गौरवशाली यात्रा टिकी हुई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रांजल सिंह के माता-पिता—पिता श्री कमलेश सिंह एवं माता श्रीमती ममता राजपूत को सादर अभिवादन प्रेषित करते हुए प्रांजल की कला साधना और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
मुनि पुनीत सागर के प्रवचनों से गूंजा दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर
रायपुर । मालवीय रोड स्थित दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में मुनि आगम सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में चल रहे समयोपदेश वर्षायोग 2026 के अंतर्गत 6 नवंबर को दैनिक धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुए। प्रातः 8 बजे मूलनायक भगवान की बेदी के समक्ष श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजमान कर भव्य अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य कोटा (राजस्थान) निवासी जयप्रकाश जैन एवं रजत जैन सभद्रा परिवार को प्राप्त हुआ।
‘इष्टोपदेश’ के माध्यम से बताया आत्मकल्याण का मार्ग
धर्मसभा में मुनि पुनीत सागर महाराज ने ग्रंथराज ‘इष्टोपदेश’ का मर्मस्पर्शी अध्ययन कराते हुए श्रद्धालुओं को आत्मकल्याण का मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि शरीर नश्वर है और आत्मा अमर, इसलिए शरीर को ही अपनी आत्मा मानकर उससे मोह करना उचित नहीं है। मनुष्य को भौतिक पदार्थों के मोह से दूर रहकर ज्ञान रूपी वास्तविक धन अर्जित करने का प्रयास करना चाहिए।
मुनिश्री ने समझाया कि संसार में प्रत्येक जीव को अपने कर्म स्वयं करने पड़ते हैं और उनके फल भी स्वयं ही भोगने होते हैं। जिस प्रकार एक व्यक्ति के भोजन करने से दूसरे की भूख नहीं मिटती, उसी प्रकार कोई दूसरा व्यक्ति हमारे स्थान पर धर्म और आत्मकल्याण नहीं कर सकता। उन्होंने पक्षियों के उदाहरण से जीवन की क्षणभंगुरता समझाते हुए कहा कि संसार में मनुष्य का जीवन भी कुछ समय के पड़ाव जैसा है। इसलिए मोह कम कर उचित समय, बुद्धि और साहस का उपयोग आत्मकल्याण में करना चाहिए। उन्होंने सहनशीलता को आध्यात्मिक उन्नति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि जो जितना अधिक सहन करता है, वह उतना ही आध्यात्मिक रूप से आगे बढ़ता है।
चार परिवारों को मिला आहारदान का सौभाग्य
6 नवंबर को नवधा भक्ति के साथ संतों को आहारदान देने का सौभाग्य रायपुर के चार धर्मप्रेमी परिवारों को प्राप्त हुआ। मुनि आगम सागर महाराज को टैगोर नगर निवासी जीवनलाल जैन, चंद्रवती जैन एवं परिवार, मुनि पुनीत सागर महाराज को मालवीय रोड निवासी शालिनी प्रभात जैन, एलक धैर्य सागर को जैन बाड़ा निवासी सरिता जैन, सपना जैन एवं रेखा जैन तथा एलक स्वागत सागर को मंदिर कार्यालय के सामने निवासी पुष्पादेवी बंशीलाल जैन ने आहारदान दिया।
9 नवंबर को समर्पित होगा निर्वाण लाडू, होंगे कलशों का निष्ठापन
समयोपदेश वर्षायोग समिति एवं सकल दिगम्बर जैन समाज, रायपुर द्वारा 9 नवंबर 2026, सोमवार को भगवान महावीर स्वामी के मोक्ष कल्याणक महापर्व पर बड़ा मंदिर में भव्य धार्मिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे जिनेंद्र देव के अभिषेक एवं शांतिधारा से होगी। इसके बाद भगवान महावीर स्वामी का विशेष अष्टद्रव्य पूजन और संगीतमय अर्घ्य समर्पण किया जाएगा। भगवान के मोक्ष गमन के पावन प्रसंग पर निर्वाण लाडू समर्पित किया जाएगा।
इस अवसर पर ‘समयोपदेश वर्षायोग 2026’ के पावन कलशों का विधि-विधान से निष्ठापन भी होगा। कार्यक्रम में फूलमाला, आरती सहित विभिन्न मांगलिक क्रियाओं की बोलियां मुनि आगम सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में संपन्न कराई जाएंगी।
वर्षायोग समिति एवं मंदिर प्रबंधकारिणी ने रायपुर के समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से 9 नवंबर को सुबह 7 बजे बड़ा मंदिर पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने और धर्मलाभ लेने की अपील की है।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मंजूरी पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने जताया आभार
कैशलेस चिकित्सा सुविधा से लाखों शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
रायपुर,नवंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंत्रिपरिषद की मंजूरी दिए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर फेडरेशन ने मुख्यमंत्री श्री साय को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की ओर से आयोजित किए जाने वाले अभिनंदन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदेश के अधिकारियों व कर्मचारियों की लंबे समय से प्रमुख मांग रही है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा से विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आकस्मिक उपचार की स्थिति में कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी। उपचार के लिए पहले बड़ी राशि की व्यवस्था करने और बाद में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया से गुजरने जैसी कठिनाइयां कम होंगी। इससे लाखों शासकीय सेवकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर श्री पंकज पाण्डेय, श्री सत्येंद्र देवांगन, श्री अश्वनी चेलक, श्री जय कुमार साहू, श्री पीताम्बर पटेल, श्री आलोक मिश्रा एवं श्री संतोष कुमार वर्मा सहित फेडरेशन के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
सड़क पर लगाया जाम! भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष समेत 11 पर FIR
रायपुर । पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदर्शन करना भीम आर्मी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए कानूनी मुश्किल बन गया। ओसीएम चौक पर मुख्य सड़क जाम कर नारेबाजी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद, जिला अध्यक्ष देवेंद्र मैरिसा और युवराज ढीढी समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
बताया गया कि पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर भीम आर्मी के बैनर तले करीब 100 से 150 कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने निकले थे। ओसीएम चौक पहुंचते ही प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ भी नारे लगाए जाने की बात सामने आई है।
एंबुलेंस और स्कूल बसें भी फंसीं
प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात बाधित होने से आम नागरिकों को परेशानी हुई। मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को घर छोड़ने वाली बसें भी जाम में फंस गईं।
तूता धरना स्थल जाने की अपील ठुकराई
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी और नवा रायपुर के तूता स्थित निर्धारित धरना स्थल पर जाने का आग्रह किया। लेकिन प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
दीपवाली से पहले छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
रायपुर । छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने समूह-2, तृतीय श्रेणी (स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर), उपसमूह-02 के अंतर्गत विभिन्न विभागों के 1,703 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। मंडल द्वारा इन पदों के लिए पहली बार लिखित भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी।
भर्ती में सहायक ग्रेड-3 के 1,206 पद, सहायक उप निरीक्षक (जिला इकाई संवर्ग) के 279 पद, शीघ्रलेखक (हिंदी) के 30, उप निरीक्षक-अ (शीघ्रलेखक, सामान्य शाखा) के 34, स्टेनो टाइपिस्ट के 23, डाटा एंट्री ऑपरेटर के 25, शीघ्रलेखक (द्विभाषी) के 13, पंजीयक लिपिक के 50, सहायक उप निरीक्षक-अ (सामान्य शाखा) के 40 और शीघ्रलेखक (अंग्रेजी) के 3 पद शामिल हैं।
ऑनलाइन आवेदन 5 नवम्बर से शुरू हो गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 27 नवम्बर, शाम 5 बजे तक है। आवेदन में त्रुटि सुधार 28 से 30 नवम्बर तक शाम 5 बजे तक किया जा सकेगा।
लिखित परीक्षा 10 जनवरी 2027 को सुबह 10 से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। प्रवेश पत्र 4 जनवरी 2027 से मंडल की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। परीक्षा पांच संभागीय मुख्यालयों में होगी।
छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों, जो परीक्षा में उपस्थित होंगे, को परीक्षा शुल्क नियमानुसार उसी बैंक खाते में वापस किया जाएगा, जिससे शुल्क का भुगतान किया गया है। भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन के लिए अभ्यर्थी मंडल की वेबसाइट https://cgssb.cgstate.gov.in पर जा सकते हैं।
राज्यपाल ने दी दीपावली पर्व की शुभकामनाएं
रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के अवसर पर सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हमें सत्य, सद्भाव और सद्कर्मों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। दीपावली का प्रकाश जीवन में ज्ञान, आशा और सकारात्मकता का संचार करता है। यह अवसर परिवार और समाज के बीच प्रेम, आपसी विश्वास तथा भाईचारे की भावना को और मजबूत करने का संदेश भी देता है।
राज्यपाल ने कहा कि त्योहारों की खुशियां समाज के सभी वर्गों तक पहुंचनी चाहिए। हमें इस अवसर पर जरूरतमंदों के साथ खुशियां साझा करने तथा पर्यावरण की स्वच्छता और सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कामना की कि दीपावली का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए तथा प्रदेश में आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता की भावना निरंतर मजबूत हो।
’कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026- अनुदान वितरण प्रक्रिया होगी पूरी तरह पारदर्शी और सरल- मुख्य सचिव श्री विकासशील’
’धान खरीदी पोर्टल, एग्रीस्टैक और डिजिटल क्रॉप सर्वे को किया जाएगा एकीकृत, किसानों को नहीं देनी होगी बार-बार जानकारी’
’एग्रीस्टैक में पंजीयन और डिजिटल सर्वे में फसल का अंकन अनिवार्य, भौतिक सत्यापन के भी निर्देश’
रायपुर, 06 नवंबर 2026

छत्तीसगढ़ में किसानों को कृषि के क्षेत्र में और अधिक संबल प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मंत्रालय महानदी भवन में आज मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत किसानों को आदान सहायता (अनुदान) राशि प्रदान करने की प्रक्रिया, पात्रता के दिशा-निर्देशों और डेटाबेस एकीकरण पर विस्तार से मंथन किया गया।
’डेटाबेस का एकीकरण और डिजिटल व्यवस्था’
बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का क्रियान्वयन पूरी तरह पारदर्शी, सरल और त्रुटिरहित होना चाहिए। उन्होंने कृषि विभाग के विभिन्न पोर्टलों और धान खरीदी डेटाबेस को आपस में एकीकृत करने पर जोर दिया, जिससे किसानों से बार-बार दस्तावेज या जानकारी मांगने की आवश्यकता न पड़े। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसान आईडी, फार्म आईडी और गिरदावरी के आंकड़ों को आपस में जोड़कर किसानों की कुल भूमि और फसल के रकबे की जानकारी का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि किसानों को अपनी विशिष्ट फार्म आईडी की पुष्टि करने तथा योजना के तहत अनुदान हेतु आवेदन करने की सहज सुविधा दी जाए। योजना के सुचारू संचालन हेतु योजना का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य होगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे में संबंधित भूमि पर धान की फसल दर्ज होना आवश्यक है। धान खरीदी प्रक्रिया के अंतर्गत कम से कम एक सफल खरीदी का लेन-देन होना जरूरी है, जिसके लिए खाद्य विभाग के धान खरीदी पोर्टल की जानकारी का उपयोग किया जाएगा।
’सत्यापन और अन्य फसल प्रोत्साहन पर जोर’
कसानों के हितों की रक्षा और वास्तविक पात्रता सुनिश्चित करने के लिए धान खरीदी के दौरान टोकन जारी करते समय अनुदानित रकबे का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष तौर पर, पिछले वर्ष धान न बेचने वाले किसानों के मामलों में भौतिक सत्यापन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, बैठक में दलहन, तिलहन और मिलेट्स (कोदो-कुटकी-रागी) की खरीदी व्यवस्था तथा इन फसलों के उत्पादक किसानों को मिलने वाले प्रोत्साहन के संबंध में भी स्पष्ट जानकारी प्रसारित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने ग्रामीण अंचलों में योजना की शर्तों और आवेदन प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया ताकि किसी भी किसान को असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदवार और प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री जितेन्द्र शुक्ला सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
चार विपत्तिग्रस्त परिवार को 16 लाख रूपए की आर्थिक सहायता मंजूर
रायपुर । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने राजस्व पुस्तक परिपत्र छह-चार के तहत कवर्धा जिले के चार विपत्तिग्रस्त परिवार को 16 लाख रूपए की आर्थिक अनुदान सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। इस प्रकरण के तहत विपत्तिग्रस्त परिवार को चार लाख रूपए दी जाएगी। इसके तहत ग्राम माठपुर निवासी अंतुराम की तलाब में से मृत्यु हो जाने पर विपत्तिग्रस्त उनके पुत्र श्री आशीष को, ग्राम कुकदूर निवासी श्री शंकर सिंह की नदी में डूबने से मृत्यु हो जाने पर विपत्तिग्रस्त उनके मां श्रीमती अंजोरा बाई को, ग्राम छपरापारा माठपुर निवासी तिजिया बाई की सर्प काटने से मृत्यु हो जाने पर विपत्तिग्रस्त उनके पति गुहिरा बैगा को और पवन कुमार बैगा की सर्प काटने से मृत्यु हो जाने पर विपत्तिग्रस्त उनके पत्नि मधु को राजस्व पुस्तक परिपत्र छह-चार के तहत चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
राज्य अलंकरण से सम्मानित किसान पुन्नी भट्ट ने कलेक्टर से की मुलाकात, जिले का बढ़ाया मान
रायपुर । कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य अलंकरण से सम्मानित कबीरधाम जिले के ग्राम बरबसपुर निवासी प्रगतिशील किसान श्री पुन्नी भट्ट ने गुरुवार को कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर कलेक्टर ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि श्री पुन्नी भट्ट ने अपनी मेहनत, लगन और कृषि के प्रति समर्पण से जिले का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील किसानों के नवाचार और सफलता से दूसरे किसान भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 3 नवंबर को नवा रायपुर में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री पुन्नी भट्ट को कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान उनकी वर्षों की मेहनत और कृषि के प्रति समर्पण का प्रतिफल है। उनकी इस उपलब्धि से कबीरधाम जिले का मान प्रदेश स्तर पर बढ़ा है।
देवभोग के दुग्ध संकलन नेटवर्क का विस्तार, धनौली और मुरमुर बीएमसी के अंतर्गत खुली 10 सहकारीसमितियां
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड द्वारा अपने ब्रांड ‘देवभोग’ के अंतर्गत जिले में दुग्ध संकलन नेटवर्क एवं पशुपालक किसानों के लिए सहायता सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत गौरेला विकासखंड के धनौली एवं पेंड्रा विकासखंड के मुरमुर में दो नए बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक की क्षमता दो हजार लीटर प्रतिदिन है। दोनों केंद्रों के अंतर्गत 10 ग्राम स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियां खोली गई हैं। इस पहल से 100 से अधिक किसान जुड़े हैं।
फेडरेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौरेला विकासखंड के धनौली बीएमसी केंद्र के अंतर्गत धनौली, कोरजा, नेवसा, पिपरखुटी, गोरखपुर एवं पड़वनिया में छह दुग्ध सहकारी समितियां खोली गई हैं। इसी प्रकार पेंड्रा विकासखंड के मुरमुर बीएमसी केंद्र के अंतर्गत मुरमुर, अमारू, दमदम एवं कुड़कई में चार दुग्ध सहकारी समितियां खोली गई हैं। इन समितियों के माध्यम से स्थानीय दुग्ध उत्पादक किसानों से 26 अक्टूबर 2026 से संगठित दुग्ध संकलन किया जा रहा है। दोनों बीएमसी केंद्रों में दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वचालित परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। विद्युत ग्रिड पर निर्भरता कम करने एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दो किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा प्रणाली की व्यवस्था भी की गई है। इन सुविधाओं से दूध के संकलन, गुणवत्ता परीक्षण एवं शीतलन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
दुग्ध उत्पादक किसानों को प्रत्येक भुगतान चक्र में दूध की राशि सीधे उनके संबंधित बैंक खातों में उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी होगी। फेडरेशन द्वारा आगामी समय में किसानों को पशु आहार एवं खनिज मिश्रण उपलब्ध कराने की योजना है। साथ ही पारंपरिक पशु चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहन, पशुपालकों के द्वार पर कृत्रिम गर्भाधान सेवा, चारा उत्पादन एवं बीज वितरण जैसी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। किसानों को दुग्ध व्यवसाय एवं उन्नत पशुपालन के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी संचालित किए जाएंगे।
परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक में प्रमुख विकास कार्यों को गति देने के निर्देश
रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में प्रस्तावित विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर रूपरेखा तैयार की गई।
लागत के स्पष्ट आकलन और समयबद्ध तैयारी पर जोर
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लागत तुलनात्मक विश्लेषण में पूरी स्पष्टता रखी जाए, जिससे प्रत्येक परियोजना की लागत का उचित और यथार्थवादी आकलन संभव हो सके। उन्होंने आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की समय रहते पहचान करने और उनकी आवश्यक प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियां पहले से ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सड़क एवं बुनियादी परियोजनाओं पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। मुख्य रूप से इन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कांकेर जिला में भानुप्रतापपुर-कांकेर-पंखाजूर मार्ग पर पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य। बिलासपुर क्षेत्र में बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण तथा बिलासपुर जिले में फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण का कार्य शामिल है। दुर्ग एवं अन्य परिक्षेत्र में नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर-राजनांदगांव-कवर्धा-फास्टरपुर कुंडा मार्गों तथा कुम्हारी, अहिवारा-धमधा-गंडई-साल्हेवारा मार्गों का उन्नयन एवं चौड़ीकरण कार्य।
बैठक में शासन के कई वरिष्ठ विभागों के प्रमुख सचिव और सचिव मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार टोप्पो, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर सहित विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।