छत्तीसगढ़ / सुकमा
अधिकारीरास के ग्रामीणों का 10 वर्षों का इंतजार खत्म
सुश्री दीपिका सोरी ने किया उप-स्वास्थ्य केंद्र का भव्य शुभारंभ
सुकमा - जिले के ग्राम पंचायत अधिकारीरास के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। पिछले एक दशक (10 वर्षों) से अधूरा पड़ा उप-स्वास्थ्य केंद्र भवन आखिरकार जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी के मुख्य आतिथ्य में केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को अब घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
ग्रामीणों की मांग पर त्वरित संज्ञान
अधिकारीरास पंचायत के ग्रामीणों के लिए गादीरास या सुकमा मुख्यालय जाना काफी चुनौतीपूर्ण था। दूरी अधिक होने के कारण मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सालों से इलाज के लिए भटकना पड़ रहा था। ग्रामीणों की इस पीड़ा को समझते हुए सुश्री दीपिका सोरी ने विशेष रुचि ली और भवन को पूर्ण करवाकर उसे चालू करवाया।
भावुक हुए ग्रामीण, जनप्रतिनिधि का जताया आभार
उद्घाटन के दौरान जब सुश्री सोरी ने फीता काटा, तो ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बनता था। वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर ग्रामीणों ने सुश्री सोरी और प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। सुश्री दीपिका सोरी ने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी यह मांग वर्षों से लंबित थी। हमारा लक्ष्य है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी त्वरित इलाज मिले। आज इस केंद्र के शुरू होने से अधिकारीरास के लोगों को अब कोसों दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
स्वास्थ्य विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आर.के. सिंह, स्थानीय सरपंच सुंदर नाग, मोती राम, मोहन राम सहित क्षेत्र के पटेल, पेरमा और पुजारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और सुपरवाइजरों ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
बस्तर में अब डर नहीं, बल्कि भरोसे की आवाज़ गूंज रही है : मुख्यमंत्री साय
रायपुर - बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 7 महिलाएँ भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल सुरक्षा मोर्चे पर उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवीय विश्वास और संवाद की जीत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री शाह के स्पष्ट संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लागू संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष परिणाम अब दिखाई दे रहा है। “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान ने उन युवाओं के जीवन में नई आशा जगाई है, जो कभी नक्सलवाद के भ्रम जाल में भटक गए थे।
लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदूर अंचलों तक शासन की सीधी पहुँच ने बस्तर की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज बस्तर में डर नहीं, बल्कि विश्वास की आवाज़ गूंज रही है।
मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग त्यागने वालों के लिए सरकार के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि नक्सल समस्या का स्थायी समाधान सुरक्षा, विकास और विश्वास की त्रयी में निहित है। मुख्यमंत्री ने शेष माओवादी साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि वे शांति, परिवार और प्रगति का रास्ता चुनें। राज्य सरकार उनकी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में पूरा सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति की दिशा में निर्णायक क़दम बढ़ा चुका है और हर आत्मसमर्पण के साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और अधिक मज़बूत हो रहा है।
5 वर्षों के बाद पुनः प्रारंभ हुआ आयुष केंद्र
आमजनों के साथ माओवाद प्रभावित लोग भी ले रहे स्वास्थ्य लाभ
सुकमा - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के नागरिकों को पारंपरिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर अमित कुमार के विशेष निर्देश और व्यक्तिगत रुचि के चलते, सुकमा स्थित आयुष स्पेशलिटी क्लिनिक में पंचकर्म चिकित्सा का पुनः संचालन सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।
लगभग 5 वर्षों से बंद पड़ी इस स्वास्थ्य सुविधा केंद्र को पुनः बहाल करने के लिए कलेक्टर अमित कुमार और जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने हाल ही में दौरा किया था और 1 जनवरी से इसे पुनः प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
समय सीमा में कायाकल्प, मरीजों को मिला लाभ
प्रशासनिक तत्परता का आलम यह रहा कि निर्धारित समय के भीतर संस्था की मरम्मत और आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं। संचालन शुरू होते ही अब तक 15 मरीजों ने पंचकर्म का लाभ उठाया है, जिसमें
05 मरीज नाड़ी स्वेदन
05 मरीज नस्य क्रिया
02 मरीज सर्वांग स्वेदन
03 मरीज स्नेहन चिकित्सा
विशेषज्ञ सेवाओं और विस्तार पर जोर
कलेक्टर अमित कुमार ने पुनर्वास केंद्र में आने वाले लोगों को सर्वाेत्तम स्वास्थ्य लाभ मिले, इसके लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु सहायक आयुक्त (आदिम जाति कल्याण विभाग) हेमंत सिन्हा, आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. के.आर. गौतम एवं संस्था प्रभारी डॉ. मनोरंजन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि हमारा उद्देश्य है कि जिले के प्रत्येक नागरिक को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ हमारी प्राचीन आयुष पद्धतियों का भी लाभ मिले। पंचकर्म केंद्र का पुनरारंभ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महिला एवं पुरुष मरीजों के लिए पृथक व्यवस्था
सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला अस्पताल में पदस्थ पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. श्वेता की सेवाएं अब इस केंद्र में भी उपलब्ध रहेंगी। साथ ही, महिला एवं पुरुष मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त स्टाफ और अंशकालीन स्वैच्छिक कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग पर कलेक्टर ने तत्काल आश्वासन दिया है, ताकि भविष्य में और अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री निवास में 8 जनवरी गुरुवार को होगा जनदर्शन
सुकमा - मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 8 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा
गणतंत्र दिवस और बस्तर पंडुम का होगा गरिमामय आयोजन, विभागों को सौपें दायित्व
सुकमा - कलेक्टर अमित कुमार ने मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिले के समस्त विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, पंचायत, आधार, निर्वाचन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए कलेक्टर ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और शत-प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत मुकुन्द ठाकुर, एसडीएम सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
शनिवार से जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन शुरू
कलेक्टर कुमार ने बताया कि शनिवार से जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन प्रारंभ किए जाएंगे। प्रतिदिन लगभग 40 मरीजों का ऑपरेशन किया जाएगा। उन्होंने नियद नेल्ला नार ग्रामों को प्राथमिकता देते हुए मरीजों की शत-प्रतिशत मोबिलाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ऑपरेशन के बाद मरीजों को मुख्यालय में रहकर उपचार एवं देखरेख की व्यवस्था रहेगी।
आंगनवाड़ी, पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर
आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए नवीन दरी उपलब्ध कराने तथा गैस कनेक्शन व नियमित रिफिलिंग की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सुपोषण अभियान के अंतर्गत टेक होम राशन एवं फर्स्ट ट्राइमेस्टर रजिस्ट्रेशन की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर कुमार ने सभी संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, समय पर एएनसी रजिस्ट्रेशन, दस्तावेजों का संधारण तथा गर्भवती महिलाओं को शासन की योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता एवं पौष्टिक आहार प्रदाय करने के निर्देश दिए। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती माताओं को गर्म भोजन के साथ प्रतिदिन नाश्ता तथा दोपहर के भोजन में अंडा उपलब्ध कराने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा बेडशीट पर दिनवार नाम अंकित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दिन एनआरसी रिक्त न रहे और शत-प्रतिशत उपस्थिति बनी रहे।
सेवा एक्सप्रेस, आधार और ई-केवाईसी पर सख्ती
कलेक्टर ने सेवा एक्सप्रेस की प्रगति की समीक्षा करते हुए नए समूह जोड़ने तथा शत-प्रतिशत लोकस में एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गोगुंडा सहित नियद क्षेत्रों में शत-प्रतिशत आधार सेवाएं उपलब्ध कराने, ई-केवाईसी की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए राशन कार्ड सदस्यों की ई-केवाईसी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। नियद नेल्ला नार क्षेत्र में सप्ताह के अंत तक नवीन आधार केंद्र स्थापित कर आधार निर्माण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
खेल, अधोसंरचना और निर्माण कार्यों की समीक्षा
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की प्रगति की समीक्षा करते हुए हड़मा स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट एवं शेड कवर के मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने जगरगुंडा में निर्माण कार्यों एवं सीसी रोड निर्माण को तय समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया गया।नियद नेल्ला नार क्षेत्र में प्रशासनिक परिसर निर्माण हेतु कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने दोरनापाल में एक्स-रे सुविधा शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
पूवर्ती क्षेत्र में हर घर जल योजना के प्रस्ताव को एक सप्ताह के भीतर पारित कराने और नियद क्षेत्रों में बंद पड़ी सोलर लाइटों की चिन्हांकन कर उन्हें पुनः चालू कराने के निर्देश भी दिए गए।
धान खरीदी और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई
धान खरीदी की समीक्षा करते हुए बारदाना की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अवैध धान खरीदी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सभी चेकपोस्ट पर ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।
नियद क्षेत्रों में 17 वर्ष से अधिक आयु के पात्र युवाओं के वोटर आईडी निर्माण हेतु फॉर्म-06 जमा कराने की शत-प्रतिशत प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बस्तर पंडुम और गणतंत्र दिवस की तैयारी
जिले में गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह एवं बस्तर पंडुम के गरिमामय आयोजन को लेकर कलेक्टर अमित कुमार ने संबंधित विभागों को आवश्यक दायित्व सौंपे हैं। उन्होंने कार्यक्रमों की सुव्यवस्थित तैयारी, समन्वय एवं समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग आपसी सहयोग से कार्य करते हुए आयोजन को सफल, गरिमापूर्ण एवं जनसहभागिता से सम्पन्न कराएं।
सुकमा में 26 माओवादियों का आत्मसमर्पण, 64 लाख का इनाम था घोषित
सुकमा - सुकमा जिले से एक बड़ी और निर्णायक खबर सामने आई है। राज्य सरकार के ‘पूना मार्गेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। इस अभियान से प्रभावित होकर 7 महिलाओं सहित कुल 26 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। इनमें CYPCM-01, DVCM-01, PPCM-03, ACM-03 और पार्टी सदस्य स्तर के 18 माओवादी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी सुकमा जिला, माड़ क्षेत्र और सीमावर्ती ओडिशा में हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।
सरकारी नीति से माओवादी संगठन कमजोर
बताया गया है कि छत्तीसगढ़ शासन की ‘नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ और ‘पूना मार्गेम’ अभियान ने माओवादियों को मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना और लगातार चल रहे प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों से सुरक्षा बलों को अहम सफलताएं मिली हैं।
इन प्रयासों के चलते माओवादी संगठन अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर बस्तर संभाग में दिख रहा है, जहां विकास कार्यों के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं और क्षेत्र में शांति की दिशा में ठोस कदम बढ़ रहे हैं।
नक्सल पुनर्वास नीति से संवर रहा भविष्य
नक्सल पीड़ित परिवार के रमेश को मिली शासकीय नौकरी
सुकमा - राज्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति-2025 सुकमा जिले में सकारात्मक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। शासन की मंशा के अनुरूप, जिला प्रशासन नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त बना रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर अमित कुमार ने एक और संवदेनशील पहल करते हुए नक्सल पीड़ित परिवार के पात्र अभ्यर्थी मड़काम रमेश को शासकीय सेवा का नियुक्ति पत्र सौंपा।
रमेश के जीवन में नई सुबहरू बने पशु परिचारक
शासन की गाइडलाइंस के तहत पुनर्वास नीति के अंतर्गत रमेश को पशु चिकित्सा विभाग, सुकमा में चतुर्थ श्रेणी के पशु परिचारक के पद पर नियुक्त किया गया है। कलेक्टर कक्ष में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में कलेक्टर अमित कुमार ने रमेश को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शासकीय नौकरी मिलने की खबर से रमेश के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।
पुनर्वास नीति 2025 सुरक्षा और सम्मान का संगम
राज्य शासन द्वारा जारी नई पुनर्वास नीति के तहत प्रभावित परिवारों को न केवल आर्थिक सहायता (नकद राशि) प्रदान की जा रही है, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका देने के लिए पात्रता अनुसार अनुकंपा नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।
प्रशासन का संकल्परू कोई न रहे पीछे
कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन इस नीति का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉ. संदीप इंदुरकर ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता की जांच के बाद त्वरित रूप से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की गई। यह नियुक्ति न केवल एक परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अन्य युवाओं के मन में भी प्रशासन के प्रति विश्वास को और गहरा करेगी।
कोई भी पात्र मतदाता न छूटे, मतदाता सूची का शुद्धिकरण तेज
सुकमा - भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिले में निर्वाचक नामावली विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इसी कड़ी में आज जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर कैटिगरी श्ब्श् (नो मैपिंग) वाले मतदाताओं के दस्तावेज़ सत्यापन के लिए विशेष सुनवाई आयोजित की गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 तक की स्थिति में कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
दस्तावेजों की बारीकी से जांच
सुनवाई के दौरान सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) द्वारा मतदाताओं के स्वयं के दस्तावेजों अथवा नियमानुसार उनके माता-पिता या दादा-दादी की जन्मतिथि से संबंधित अभिलेखों की सूक्ष्मता से समीक्षा की गई। सत्यापन की प्रक्रिया के बाद पात्र पाए गए नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
मतदाता सूची पुनरीक्षणरू मुख्य तिथियां
प्रारंभिक प्रकाशनरू 23 दिसंबर 2025 को किया जा चुका है।
सुनवाई की अंतिम तिथिरू 22 जनवरी 2026 तक।
प्रक्रियारू संबंधित ।म्त्व् कार्यालयों और सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर ही सुनवाई की जा रही है।
दावा-आपत्तिरू इस दौरान मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां भी स्वीकार की जा रही हैं।
कलेक्टर की अपील
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अमित कुमार ने सभी अनमैप्ड मतदाताओं से अपील की है कि वे आयोग द्वारा निर्धारित तिथि पर अपने और अपने परिवार के आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुदृढ़ लोकतंत्र के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना अनिवार्य है।
राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष ने विकास कार्यों की समीक्षा की
योजनाओं का लाभ आम नागरिक तक पहुँचे : मंडावी
सुकमा - राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले में संचालित विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने, बच्चों को कौशल एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण देने तथा शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुकुन्द ठाकुर ने जिले में चल रहे विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और एनआरएलएम के अंतर्गत हो रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन, प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
योजनाओं का लाभ आम नागरिक तक पहुँचे
आयोग अध्यक्ष मंडावी ने कहा कि शासन की योजनाएँ आम नागरिकों के कल्याण के लिए हैं। इसके लिए आवश्यक है कि शिविर लगाने से पूर्व ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारी की जाए। जनप्रतिनिधियों को भी समय पर अवगत कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग शिविरों में पहुँचकर योजनाओं का लाभ ले सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिले प्राथमिकता
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं जैसे संवेदनशील मामलों में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मंडावी ने नक्सल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर वहाँ की दिनचर्या, उपलब्ध सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्रों में संचालित योजनाओं का लाभ सभी पात्रों तक पूर्ण रूप से पहुँचाया जाए तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागीय कार्यों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। आयोग अध्यक्ष ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति करने के निर्देश दिए। मंडावी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और आजीविका क्षेत्रों में समन्वित प्रयासों से ही जनजातीय अंचलों का समग्र विकास संभव है।इस अवसर पर राज्य महिला आयोग के सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, नगर पालिका परिषद् सुकमा अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम, जनपद पंचायत सुकमा अध्यक्ष संतोष ईडो, जनपद पंचायत कोंटा, अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी, जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सुकमा और कोंटा के उपाध्यक्ष सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
सुकमा में निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण को लेकर बैठकों का दौर जारी
शुद्ध मतदाता सूची बनाने पर जोर
सुकमा - भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में जिले में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 कार्यक्रम पूरी सक्रियता से चल रहा है। मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अपडेट बनाने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी शबाब ख़ान की अध्यक्षता में द्वितीय साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
बैठक में राजनीतिक दलों को पुनरीक्षण कार्यक्रम की महत्वपूर्ण तिथियों और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशासन ने सभी दलों से आग्रह किया कि वे प्रत्येक केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति सुनिश्चित करें, ताकि फॉर्म-6 (नाम जोड़ना), फॉर्म-7 (नाम हटाना) और फॉर्म-8 (संशोधन) जमा करने की प्रक्रिया में तेजी आए और पारदर्शिता बनी रहे।
तहसील स्तर पर भी सक्रियता
कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील स्तर पर भी अनुविभागीय अधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) द्वारा राजनीतिक दलों के साथ बैठकें की जा रही हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु और दस्तावेज वितरण
दस्तावेज उपलब्ध कराए गए- बैठक में राजनीतिक दलों को प्रारूप 9, 10, 11 और 11A की प्रतियां सौंपी गईं। संख्यात्मक डेटा: मतदान केंद्रवार प्राप्त हुए फॉर्मों (6, 7 और 8) की वर्तमान स्थिति से प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। दावा-आपत्ति की अवधि: राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक की अवधि में मतदाताओं को दावा-आपत्ति दर्ज कराने में सहयोग प्रदान करें।
सुकमा के तीन स्वास्थ्य केंद्रों को मिला राष्ट्रीय 'NQAS' सर्टिफिकेट
बुड़दी, गगपल्ली और किस्टाराम के अस्पतालों को केंद्र सरकार से मिली मान्यता
रायपुर - सुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों ने एक नया इतिहास रच दिया है। सुकमा ज़िले के घोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़दी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गगपल्ली और आयुष्मान आरोग्य मंदिर किस्टाराम को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स(NQAS) प्रमाण पत्र से नवाजा गया है। यह उपलब्धि केवल एक सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रशासन 'अंतिम व्यक्ति' तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को सिद्ध कर रहा है।
कठिन चुनौतियों के बीच 'क्वालिटी' का कीर्तिमान
सुकमा जैसे संवेदनशील ज़िले में, जहाँ भौगोलिक परिस्थितियाँ और सुरक्षा की चुनौतियाँ अक्सर बाधा बनती हैं, वहां के स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इन केंद्रों ने सेवा प्रावधान, मरीज के अधिकार और संक्रमण नियंत्रण जैसे 8 कड़े मानकों पर 70% से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी उत्कृष्टता साबित की है।
प्रशासन की रणनीति और सफलता के सूत्र
ज़िला प्रशासन ने इन केंद्रों में बुनियादी ढाँचे और नैदानिक देखभाल को बेहतर बनाने के लिए नियद नेल्लानार के अंतर्गत विशेष कार्ययोजना तैयार की गई थी जिसमें
सतत मॉनिटरिंग- दुर्गम क्षेत्रों में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।संक्रमण नियंत्रण- अस्पतालों में स्वच्छता और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी गई।रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण- मरीजों को न केवल उपचार मिले, बल्कि उनके अधिकारों और सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा गया।
कलेक्टर ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि सुकमा जिले के 3 स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS सर्टिफिकेट मिलना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना यह दर्शाता है कि प्रशासन की प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य के जरिए विकास को गति देना है।
क्या है NQAS और इससे क्या बदलेगा
NQAS सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बनाया गया एक सख्त फ्रेमवर्क है। इस प्रमाणन के बाद अब इन केंद्रों को भारत सरकार की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन भी मिलेगा। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के और अधिक विस्तार और रखरखाव के लिए किया जाएगा, जिससे भविष्य में स्थानीय ग्रामीणों को और भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
सुकमा में विकास का नया सवेरा 4.50 रू करोड़ के 43 कार्यों की सौगात
कोंटा में अटल बिहारी वाजपेयी चौक का लोकार्पण, अखिल भारतीय क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन
सुकमा - सुकमा जिले में विकास की रफ्तार को नई ऊंचाई देते हुए प्रदेश के वन, जलवायु परिवर्तन एवं परिवहन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने आज नगर पालिका परिषद क्षेत्र सुकमा के लिए 4.50रू करोड़ की लागत वाले 43 अधोसंरचना विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। यह आयोजन सुकमा के बदलते स्वरूप और वहां की जनता तक मूलभूत सुविधाएं पहुँचाने की शासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंहदेव और राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी सहित जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कोंटा में “अटल परिसर“ का लोकार्पण और खेल प्रतिभाओं का सम्मान अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान प्रभारी मंत्री ने कोंटा नगर में श्अटल बिहारी वाजपेयी परिसरश् (वार्ड क्रमांक 07) का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया। इसके उपरांत, उन्होंने मिनी स्टेडियम कोंटा में आयोजित स्व. कुमार लक्ष्मी नारायण देव अखिल भारतीय क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शिरकत की। विजेता टीमों को पुरस्कृत करते हुए कश्यप ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और क्षेत्र के धार्मिक एवं सामाजिक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कींर
कोंटा में जिम का विस्तार और आधुनिक उपकरण।
मणिकेश्वर मंदिर में सराय भवन का निर्माण।
कालीमुड़ी मंदिर विकास हेतु आर्थिक सहायता।
स्थानीय महाविद्यालय के लिए आवश्यक सामग्री हेतु सहयोग राशि।
“विकास और विश्वास का नया दौर- केदार कश्यप“
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा, “सुकमा अब केवल संघर्ष नहीं, बल्कि परिवर्तन, विकास और विश्वास के नए दौर के लिए पहचाना जा रहा है। शासन का संकल्प है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की मुख्यधारा पहुंचे।ष् उन्होंने पोलावरम बांध प्रभावितों को शासन की ओर से हरसंभव सहायता दिलाने का भी भरोसा दिलाया।
सांसद महेश कश्यप ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आगामी श्सांसद खेल प्रतियोगिताश् के आयोजन की घोषणा की, वहीं विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से सुकमा आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रहा है। भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम में कलेक्टर अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष सुकमा हुंगाराम मरकाम, कार्यक्रम में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, जनपद पंचायत सुकमा अध्यक्ष संतोष ईडो, जनपद पंचायत कोंटा अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी, नगर पंचायत दोरनापाल अध्यक्ष श्रीमती राधा नायक, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम, नगर पालिका परिषद् की उपाध्यक्ष श्रीमती भुवनेश्वरी यादव, सीएमओ सुकमा पी.आर. कोर्राम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्षद और भारी संख्या में ग्रामीण व नागरिक उपस्थित थे। 4.50 करोड़ रुपये के इन विकास कार्यों से सुकमा नगर की सूरत बदलने और अधोसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जनपद पंचायत सुकमा की सामान्य सभा की बैठक संपन्न
अपूर्ण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
सुकमा, 02 जनवरी 2026/कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में शुक्रवार को जनपद पंचायत सुकमा में सामान्य सभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष संतोष इंडो ने की, जबकि उपाध्यक्ष श्रीमती रीना पेद्दी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में सर्वप्रथम विभागवार कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान विशेष रूप से अपूर्ण निर्माण कार्यों, प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही जनकल्याण का मूल उद्देश्य है। बैठक के दौरान आश्रम शालाओं की व्यवस्थाओं पर सुधार लाने ध्यानाकर्षित किया गया।
इस अवसर पर जनपद सीईओ सुश्री निधि प्रधान, जनपद सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 16 संविदा पदों पर भर्ती
ऑफलाइन मोड में आवेदन
सुकमा, 02 जनवरी 2026/स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कुल 16 रिक्त पदों के विरूध्द संविदा भर्ती हेतु इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी का 02 जनवरी से 16 जनवरी 2026 तक कार्यालयीन दिवस सांय 05.30 बजे तक पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट के माध्यम से कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला सुकमा पिन 494111 पते पर पदवार पृथक-पृथक आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिले के वेबसाईट www.sukma.gov.in में क्लिक कर अवलोकन कर सकते हैं।
कोंटा विकासखण्ड क्षेत्र में कलेक्टर अमित कुमार का व्यापक निरीक्षण दौरा
शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और राजस्व व्यवस्था की गहन समीक्षा
सुकमा, 02 जनवरी 2026/कलेक्टर अमित कुमार ने विकासखण्ड कोंटा क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण करते हुए शिक्षा, महिला-बाल विकास, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभागों के कार्यों की जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न संस्थानों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण लिया और गुणवत्ता सुधार को लेकर निर्देश दिए।
कलेक्टर अमित कुमार ने प्राथमिक शाला फंदीगुड़ा का निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता परखी। उन्होंने बच्चों से रूबरू होकर अध्ययन स्तर जाना तथा स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठकों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मध्यान्ह भोजन विद्यालय परिसर में ही बच्चों को उपलब्ध कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा घर से थाली या बर्तन लेकर न आए। इसके साथ ही विद्यालय के रसोई कक्ष का निरीक्षण कर स्वच्छता और व्यवस्थाओं की जांच की।
इस निरीक्षण दौरे के दौरान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकुंद ठाकुर, एसडीएम कोंटा सुभाष शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण, पोषण पर विशेष फोकस
कलेक्टर अमित कुमार ने आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को दी जा रही शिक्षा एवं पोषण आहार की जानकारी ली। उन्होंने कुपोषित एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को युद्धस्तर पर एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) भेजने के निर्देश दिए।
साथ ही एनआरसी में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, आंगनवाड़ी केंद्रों में गैस की उपलब्धता, तथा पोषण ट्रैकर में नियमित एंट्री करने के निर्देश दिए।
आश्रम छात्रावासों में शिक्षा की गुणवत्ता का लिया जायजा
कलेक्टर कुमार ने कोंटा में पुराना बालक आश्रम छात्रावास, भेज्जी परिसर का निरीक्षण कर उसके मरम्मत कार्य कर कॉलेज विद्यार्थियों के ठहराव हेतु उपयोग में लाने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात बालक आश्रम मेहता एवं बालिका आश्रम ढोंड्रा का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बच्चों की दिनचर्या, अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता जानी। कलेक्टर ने प्रश्न कर शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। कलेक्टर ने एनआरसी भवन का भी निरीक्षण किया।
एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का निरीक्षण
कलेक्टर अमित कुमार ने एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों की जानकारी ली और प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
कोर्ट रूम का निरीक्षण कर लंबित बकाया राशि प्रकरणों की जानकारी ली तथा धान विक्रय से संबंधित मामलों में किसानों से चर्चा की। उन्होंने जाति-निवास प्रमाण पत्र के प्रकरणों में तेजी लाने एवं एसआईआर से संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए। साथ ही बीईओ कार्यालय में नियमित अपडेट सुनिश्चित करने को कहा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा का निरीक्षण
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुमार ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में पेसेंट से कुशलक्षेम जाना।
कोंटा में ऑपरेशन कक्ष का निरीक्षण कर संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए । साथ ही आश्रम छात्रवासो में मलेरिया रोकथाम हेतु मच्छरदानी वितरण एवं नियमित फॉगिंग करने और क्लस्टरवार सभी आश्रम-छात्रावासों को फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में ग्राउंड फ्लोर की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत, सभी कक्षों पर नाम लिखने के निर्देश भी दिए।
सेवा एक्सप्रेस सुकमा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
नियद नेल्ला नार क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति
सुकमा, 02 जनवरी 2026/जिला प्रशासन द्वारा बिहान योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह (एसएचजी) गठन एवं शत-प्रतिशत सेचुरेशन के उद्देश्य से एक अभिनव पहल करते हुए “सेवा एक्सप्रेस सुकमा” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, अन्य जनप्रतिनिधि और कलेक्टर अमित कुमार ने एसएचजी गठन हेतु समर्पित चार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन दूरस्थ एवं संवेदनशील नियद नेल्ला नार क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को समूहों से जोड़ने का कार्य करेंगे।
कलेक्टर ने बिहान की दीदियों एवं जनपद पंचायत की टीम को बधाई देते हुए कहा कि एसएचजी गठन, बैंक खाता खोलने और आधार से जुड़ाव में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपके समर्पित प्रयासों से कोंटा जनपद में शत-प्रतिशत बैंक खाता और आधार सेचुरेशन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की कोई भी योजना पात्र हितग्राहियों से वंचित न रहे और कोंटा क्षेत्र के सभी ग्रामों को शत-प्रतिशत एनआरएलएम से जोड़ा जाए।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि कोंटा जनपद के अंतर्गत नियद क्षेत्र में 37 ग्राम पंचायतें तथा 159 ग्राम आते हैं, जहां की महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत बिहान योजना से जोड़ना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को ऋण, प्रशिक्षण और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का विकास होता है। नई सोच के साथ आगे बढ़ने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुकुंद ठाकुर ने कहा कि नियद नेल्ला नार क्षेत्र के गांव-गांव जाकर महिलाओं को बिहान योजना से जोड़ना है। एनआरएलएम के अंतर्गत एसएचजी गठन, बैंक खाता खोलने एवं आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश उन्होंने दिए।
जनपद पंचायत कोंटा की अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कार्यकर्ता सक्रियता के साथ कार्य करें और शासन की योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने के लिए कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ें। उन्होंने नारी शक्ति का परिचय देते हुए सभी से प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने कहा।
जिला प्रशासन की इस पहल के तहत नियद नेल्ला नार क्षेत्र में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने हेतु जल्द से जल्द शत-प्रतिशत सेचुरेशन के निर्देश कलेक्टर अमित कुमार द्वारा दिए गए हैं। सेवा एक्सप्रेस के तहत रवाना किए गए चार वाहन चिंतलनार, मरईगुड़ा (वन), दुब्बाटोटा और ढोंड्रा कलस्टरों में नियमित रूप से भ्रमण कर समूह गठन का कार्य करेंगे। कार्यक्रम के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जनपद पंचायत कोंटा अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकुंद ठाकुर, एसडीएम कोंटा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
नियद क्षेत्र में सुशासन परिसर का करें निर्माण : कलेक्टर
नियद क्षेत्र में सेवाएँ होंगी एक ही परिसर में उपलब्ध
सुकमा, 02 जनवरी 2026/कलेक्टर अमित कुमार ने नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा के सभाकक्ष में आयोजित की। बैठक में नियद क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित आधारभूत संरचनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत मुकुन्द ठाकुर, एसडीएम सुभाष शुक्ला, तहसीलदार गिरीश निम्बलकर सहित पटवारी और टीए उपस्थित थे।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि नियद क्षेत्रों में पंचायत भवन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, स्कूल एवं स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन सभी निर्माण कार्यों के लिए स्थल चिन्हांकन कर, अब युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ कर मई 2026 तक गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी संस्थानों को एक ही स्थान पर विकसित कर सुशासन परिसर के रूप में स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रयास किया जाए कि सभी आवश्यक शासकीय भवन एक ही परिसर में निर्मित हों, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना न पड़े और एक ही स्थान पर सभी सुविधाएँ सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन परिसर की अवधारणा से प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच सरल, प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
कलेक्टर अमित कुमार ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और स्थल निरीक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जहां निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, वहां तत्काल कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय में पूर्ण करना अनिवार्य है, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन-प्रशासन की पहुंच अब जिले के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक हो चुकी है। ऐसे में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित करें।