छत्तीसगढ़ / सुकमा

5 वर्षों के बाद पुनः प्रारंभ हुआ आयुष केंद्र

आमजनों के साथ माओवाद प्रभावित लोग भी ले रहे स्वास्थ्य लाभ

सुकमा - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के नागरिकों को पारंपरिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर  अमित कुमार के विशेष निर्देश और व्यक्तिगत रुचि के चलते, सुकमा स्थित आयुष स्पेशलिटी क्लिनिक में पंचकर्म चिकित्सा का पुनः संचालन सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।

लगभग 5 वर्षों से बंद पड़ी इस स्वास्थ्य सुविधा केंद्र को पुनः बहाल करने के लिए कलेक्टर  अमित कुमार और जिला सीईओ  मुकुन्द ठाकुर ने हाल ही में दौरा किया था और 1 जनवरी से इसे पुनः प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।

समय सीमा में कायाकल्प, मरीजों को मिला लाभ

प्रशासनिक तत्परता का आलम यह रहा कि निर्धारित समय के भीतर संस्था की मरम्मत और आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं। संचालन शुरू होते ही अब तक 15 मरीजों ने पंचकर्म का लाभ उठाया है, जिसमें

 05 मरीज नाड़ी स्वेदन

  05 मरीज नस्य क्रिया

  02 मरीज सर्वांग स्वेदन

  03 मरीज स्नेहन चिकित्सा

विशेषज्ञ सेवाओं और विस्तार पर जोर

कलेक्टर  अमित कुमार ने पुनर्वास केंद्र में आने वाले लोगों को सर्वाेत्तम स्वास्थ्य लाभ मिले, इसके लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु सहायक आयुक्त (आदिम जाति कल्याण विभाग)  हेमंत सिन्हा, आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. के.आर. गौतम एवं संस्था प्रभारी डॉ. मनोरंजन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कलेक्टर  अमित कुमार ने बताया कि हमारा उद्देश्य है कि जिले के प्रत्येक नागरिक को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ हमारी प्राचीन आयुष पद्धतियों का भी लाभ मिले। पंचकर्म केंद्र का पुनरारंभ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

महिला एवं पुरुष मरीजों के लिए पृथक व्यवस्था

सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला अस्पताल में पदस्थ पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. श्वेता की सेवाएं अब इस केंद्र में भी उपलब्ध रहेंगी। साथ ही, महिला एवं पुरुष मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त स्टाफ और अंशकालीन स्वैच्छिक कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग पर कलेक्टर ने तत्काल आश्वासन दिया है, ताकि भविष्य में और अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें।

 

 

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