छत्तीसगढ़ / सूरजपुर
निर्माण श्रमिकों को मिलेगी क्यूआर कोड युक्त डिजिटल पहचान
सूरजपुर । छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा निर्माण श्रमिकों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड युक्त नवीन पंजीयन कार्ड (स्मार्ट आईडी कार्ड) जारी किया गया है। नवीन व्यवस्था का शुभारंभ श्रमिक महासम्मेलन में किया गया।
नई व्यवस्था के तहत पूर्व में जारी सामान्य पंजीयन कार्ड के स्थान पर अब निर्माण श्रमिकों का आधुनिक एवं सुरक्षित क्यूआर कोड युक्त पंजीयन कार्ड जनरेट होगा। कार्ड पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन करने पर श्रमिक की पात्रता के अनुसार संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तत्काल प्राप्त की जा सकेगी।
पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपनी सुविधा के अनुसार डिजिटल पहचान पत्र को टिकाऊ पीवीसी कार्ड के रूप में भी प्रिंट करा सकेंगे। नवीन प्रारूप के कार्ड से संबंधित जानकारी एवं प्रिंट की सुविधा नजदीकी लोक सेवा केंद्र तथा अधीनस्थ श्रम संसाधन केंद्रों में उपलब्ध होगी।
श्रम विभाग ने जिले के समस्त पंजीकृत निर्माण श्रमिकों से अपने नवीन क्यूआर कोड युक्त पंजीयन कार्ड की जानकारी प्राप्त करने तथा मंडल द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है।
सेवा सेतु पोर्टल बना सुशीला की सुविधा का सेतु, घर बैठे मिली राजस्व सेवा,समय और धन दोनों की बचत
सूरजपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा की कहानी जहां सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
पोर्टल के माध्यम से राजस्व संबंधी प्रकरणों का सुगमता से निराकरण होने लगा है। नगर पंचायत प्रतापपुर निवासी सुशीला सिन्हा को मिली त्वरित सेवा इसका उदाहरण है। सुशीला सिन्हा ने अपनी भूमि के डायवर्सन के लिए सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया था। राजस्व विभाग ने आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए डायवर्सन की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय से लंबित कार्य सहजता से पूर्ण होने पर सुशीला ने प्रसन्नता व्यक्त की।
सिन्हा बताती हैं कि पहले भूमि संबंधी कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल रही है और निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।
भूमि डायवर्सन का कार्य आसानी से पूर्ण होने पर सिन्हा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल ने शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों के लिए सहज और सुलभ बनाया है। सुशासन और तकनीक के समन्वय से सेवाएं पारदर्शिता के साथ लोगों तक पहुंच रही हैं।
महदई के जीवन को मिला नया आधार : प्रधानमंत्री आवास योजना ने परिवार को दिया सुरक्षित भविष्य का भरोसा
सूरजपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा की कहानी के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव को सामने लाया जा रहा है। ऐसी ही सेवा की कहानी ओड़गी विकासखंड के दूरस्थ ग्राम मयूरधक्की निवासी महदई गुर्जर की है जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके पक्के घर के सपने को हकीकत में बदल दिया है।
महदई गुर्जर अपने परिवार के साथ पहले कच्चे मकान में रहती थीं। कमजोर दीवारों और असुरक्षित घर के कारण परिवार हमेशा चिंता में रहता था। विशेषकर बरसात शुरू होते ही परेशानी बढ़ जाती थी। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण महदई के लिए अपनी आय से पक्का मकान बनाना एक सपने जैसा था।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत महदई गुर्जर को आवास निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत हुई। योजना की राशि जारी होने के बाद उनका आवास आकार लेने लगा। अब कच्ची दीवारों की असुरक्षा और टपकते छज्जे की चिंता पीछे छूट चुकी है। नए घर ने परिवार को सुरक्षित परिवेश, व्यवस्थित जीवन और भविष्य के प्रति नया भरोसा दिया है।
पक्का आवास मिलने से परिवार की दिनचर्या में भी बदलाव आया है। अब मौसम को लेकर चिंता नहीं रहती। पूरा परिवार अपने पक्के आवास में सुकून के साथ जीवन बिता रहा है। अपनी खुशी साझा करते हुए महदई गुर्जर कहती हैं कि कच्चे घर में रहते हुए हर बारिश हमारे लिए चिंता लेकर आती थी। लेकिन अब सुरक्षित छत है और मन में सुकून। पक्का घर हमारे लिए केवल एक सपने जैसा था, जो आज प्रधानमंत्री आवास योजना से सच हो गया है और खुशियों से भरा अपना आशियाना है।
सेवा संकल्प अभियान : ग्राम पंचायत नमना में जनभागीदारी से किया गया पौधरोपण
सूरजपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में सेवा, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में माई भारत के नेतृत्व में विकासखंड प्रेमनगर के ग्राम पंचायत नमना में पौधरोपण किया गया।
माई भारत के स्वयंसेवकों ने ग्रामवासियों के सहयोग से गांव के सार्वजनिक स्थल पर पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं, ग्रामीणों और माई भारत के स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से पौधरोपण करते हुए गांव को हरा-भरा बनाने में अपनी सहभागिता निभाई। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई तथा पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा का संकल्प लिया गया।
माई भारत के स्वयंसेवकों ने कहा कि पौधरोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी निरंतर देखभाल भी आवश्यक है। बढ़ते प्रदूषण और बदलती जलवायु के बीच अधिक से अधिक पौधे लगाना तथा उनका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वयंसेवकों ने ग्रामवासियों को अपने घरों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास उपलब्ध स्थानों पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सामूहिक प्रयासों से ही पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी और छोटी-छोटी पहल आगे चलकर गांव की हरियाली और पर्यावरण की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
सत्र न्यायाधीश थॉमस एक्का ने बंदियों से संवाद कर जानी समस्याएं, स्वास्थ्य सेवाओं व विधिक सहायता का लिया जायजा
सूरजपुर । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर थॉमस एक्का द्वारा जिला जेल सूरजपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जेल की वर्तमान व्यवस्थाओं, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं तथा विधिक सहायता की स्थिति परखी गई।
निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश थॉमस एक्का ने जेल अधीक्षक से बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने खाद्य सामग्री, भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए जेल मैनुअल के अनुरूप बंदियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा जेल के भोजनालय का निरीक्षण कर बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही जेल में संचालित चिकित्सा केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं बंदियों को प्रदान की जा रही चिकित्सा सेवाओं के संबंध में जानकारी ली गई।
निरीक्षण दल द्वारा जेल की विभिन्न बैरकों में जाकर बंदियों से सीधे संवाद किया गया। इस दौरान बंदियों के स्वास्थ्य, विधिक सहायता एवं अन्य समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई। बंदियों द्वारा बताई गई समस्याओं को सुनकर उन्हें उपलब्ध विधिक उपचार एवं सहायता के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, जमानत, पैरोल तथा उपलब्ध विधिक सहायता की प्रक्रिया के संबंध में भी सामान्य जानकारी दी गई। साथ ही पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के संबंध में अवगत कराया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधितों को सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया कि जेल में निरुद्ध प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी प्राप्त हो तथा आवश्यकतानुसार उसे उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराएं। निरीक्षण के माध्यम से जेल प्रशासन को बंदियों की मूलभूत आवश्यकताओं एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर पायल टोपनो, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, जिला जेल अधीक्षक विक्रम गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रशांत सिंह, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल हृदयनारायण श्रीवास्तव, अन्य डिफेंस काउंसिल, अधिवक्ता मनोज सिंह, सहित जेल स्टाफ एवं पी.एल.व्ही. उपस्थित रहे।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पहुंचीं ग्राम कुंजनगर, महिलाओं से किया संवाद
सूरजपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहीं महिलाओं से सीधे संवाद की पहल को आगे बढ़ाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े ग्राम कुंजनगर पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं और अन्य हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ, उनके अनुभवों और परिवार के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।
मंत्री राजवाड़े ने विशेष रूप से महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने जाना कि योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं, परिवार के खर्च और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किस प्रकार सहयोगी बन रही है। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासकीय योजनाओं से उन्हें आर्थिक संबल और आत्मविश्वास मिला है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएं महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ मातृत्व और परिवार के बेहतर पोषण में भी सहयोग प्रदान कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इन योजनाओं के वास्तविक लाभ और हितग्राहियों के अनुभवों को सामने लाने के साथ शासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत किया जा रहा है।
मंत्री राजवाड़े ने ग्रामीण महिलाओं की बातों को गंभीरता से सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े उनके अनुभव जाने। ग्राम कुंजनगर में महिलाओं से हुआ यह संवाद महिला सशक्तिकरण, जनभागीदारी और सेवा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से भटगांव विधानसभा के 07 धान उपार्जन केंद्र होंगे सुविधा-संपन्न
सूरजपुर । किसानों को धान उपार्जन के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भटगांव विधायक एवं कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र के 7 धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण कार्य के लिए 69.58 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इससे इन केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और किसानों को धान बेचने के दौरान अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
स्वीकृत कार्यों में सूरजपुर विकासखंड के टमकी, सिरसी, करोटी बी, खोपो, बतरा, सांवारांवां एवं कुर्रीडीह स्थित धान उपार्जन केंद्र शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र में 9.94 लाख रुपए की लागत से पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण का कार्य किया जाएगा।
धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ और समतलीकरण होने से उपार्जन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। इससे धान की आवक, खरीदी और रखरखाव के दौरान होने वाली व्यावहारिक परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों को उपार्जन केंद्रों पर बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को गति देने के क्रम में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा भटगांव विधानसभा क्षेत्र में किसानों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के प्रयासों का यह एक और परिणाम है। इससे धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसानों को सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
मोटरयान अधिनियम और सड़क सुरक्षा पर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित
अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों एवं लिपिकों की लर्निंग लाइसेंस प्रक्रिया हुई पूरी
सूरजपुर/19 सितम्बर 2026
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर, जिला अधिवक्ता संघ सूरजपुर एवं परिवहन विभाग सूरजपुर के संयुक्त तत्वावधान में मोटर वाहन अधिनियम एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन जिला न्यायालय परिसर सूरजपुर में किया गया।
शिविर में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों, यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण एवं अधिवक्ता लिपिकगण को जागरूक किया गया। इस अवसर पर पात्र प्रतिभागियों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने की कार्यवाही भी परिवहन विभाग के सहयोग से पूरी की गई। शिविर के दौरान कुल 83 लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस बनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन एवं सचिव सुश्री पायल टोपनो के निर्देशन में किया गया। शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन कर स्वयं के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री थॉमस एक्का, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री पायल टोपनो तथा जिला अधिवक्ता संघ सूरजपुर के अध्यक्ष सहित अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण एवं अधिवक्ता लिपिकगण उपस्थित रहे।
शिविर में परिवहन विभाग द्वारा लाइसेंस संबंधी आवश्यक प्रक्रिया एवं यातायात नियमों के संबंध में जानकारी दी गई। इस पहल से न्यायालय परिसर से जुड़े लोगों को सुविधाजनक रूप से लाइसेंस प्राप्त करने के साथ ही सड़क सुरक्षा एवं जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।
नन्हे हाथों ने रंगों से उकेरी स्वच्छ, हरित, शिक्षित और सशक्त राष्ट्र की संकल्पना
सेवा संकल्प अभियान में रंगों से सजा बच्चों के सपनों का भारत
सूरजपुर/19 सितम्बर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विद्यालयों में चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता के माध्यम से स्वच्छ, हरित, सशक्त एवं विकसित भारत की तस्वीर उकेरी। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रंगों और संदेशों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को अभिव्यक्त किया।
विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों में स्वच्छ भारत, पर्यावरण संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, सभी के लिए शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल इंडिया, आर्थिक विकास और विकसित भारत-2047 जैसे विषय को प्रमुखता से दर्शाया गया। बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से बताया कि स्वच्छता, शिक्षा, समानता, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, कूड़े का उचित निपटान करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया। पोस्टर में धरती को स्वच्छ रखने तथा प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।विद्यार्थियों ने कलाकृतियों के माध्यम से पेड़ लगाने, जल बचाने, प्रदूषण रोकने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया। प्रदूषित और हरित पर्यावरण के अंतर को दर्शाते चित्रों ने पर्यावरण के प्रति विद्यार्थियों की संवेदनशीलता को सामने रखा।
शिक्षा और बाल अधिकारों के प्रति किया जागरूक
विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक चित्रों से बाल श्रम रोकने और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने का संदेश भी दिया। पोस्टर के माध्यम से बताया गया कि बच्चों के हाथों में मजदूरी के औजार नहीं, बल्कि किताब और कलम होनी चाहिए। शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और शिक्षित पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला बनती है। कला रचनाओं के माध्यम से बच्चों ने समाज को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूक होने और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने चित्रित की विकसित भारत-2047 की तस्वीर
विकसित भारत-2047 की परिकल्पना पर केंद्रित चित्रों में विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, डिजिटल सेवाओं, अक्षय ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण, आधुनिक परिवहन, आर्थिक प्रगति और सबके लिए शिक्षा जैसे विषयों को स्थान दिया। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, अंतरिक्ष अभियान, इलेक्ट्रिक वाहन और आधुनिक रेल जैसे चित्रों के जरिए बच्चों ने प्रगतिशील एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही स्वच्छता, पर्यावरण, शिक्षा, समानता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर विचार व्यक्त करने का अवसर दिया जहां बच्चों की कलाकृतियों में सेवा, संकल्प और सामाजिक चेतना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
’वीबी जी राम जी के तहत शासकीय भूमि पर आकार लेगी आम की बगिया
सेवा संकल्प अभियान में हरियाली और भावी पीढ़ी के लिए किया गया पौधारोपण
ग्रामीणों ने लिया समृद्ध भविष्य के निर्माण का संकल्प
सूरजपुर/19 सितम्बर 2026
गोरखनाथपुर की शासकीय भूमि अब आम की हरियाली से संवरेगी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वीबीजी-राम-जी के तहत आम के पौधों का रोपण किया गया। अनुपयोगी भूमि को फलदार बगिया के रूप में विकसित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पौधरोपण के दौरान ग्रामीणों ने पौधा लगाने के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
आज रोपे गए ये पौधे आने वाले वर्षों में हरियाली, छाया और फल के माध्यम से गांव की पहचान बनेंगे। आम के वृक्ष शासकीय भूमि को नया स्वरूप देने के साथ पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को भी मजबूती प्रदान करेंगे। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ग्रामीणों में जनसेवा का भाव प्रकृति और आने वाली पीढि़यों के प्रति जिम्मेदारी निभाने में भी निहित है। गोरखनाथपुर में यह पहल हर पौधे को सुरक्षित रखकर हरे-भरे और समृद्ध भविष्य के निर्माण का संकल्प है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत छात्राओं ने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक सहभागिता का दिया संदेश
नुक्कड़ नाटक में छात्राओं ने अभिनय से समझाया संविधान का पाठ और योजनाओं के प्रति किया जागरूक
सूरजपुर/19 सितम्बर 2026
सेवा, जागरूकता और जनभागीदारी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय सूरजपुर में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा सरल संवादों, रोचक अभिनय और सामाजिक सरोकारों से जुड़े संदेशों के माध्यम से छात्राओं ने बताया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। संविधान केवल अधिकारों की जानकारी देने वाला दस्तावेज नहीं, बल्कि नागरिकों को राष्ट्र और समाज के प्रति उनके कर्तव्यों का बोध कराने वाला मार्गदर्शक भी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ संवैधानिक कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करना चाहिए।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संविधान की प्रस्तावना में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को सहज भाषा में समझाया गया। प्रस्तुति में सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव, राष्ट्र की एकता और अखंडता तथा सभी नागरिकों के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। छात्राओं ने बताया कि संविधान में निहित आदर्श प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देते हैं। इन मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाकर ही एक जागरूक, संवेदनशील और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम में नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ उनके मौलिक कर्तव्यों की जानकारी भी दी गई। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति से संविधान का सम्मान करने, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।
जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से शासन द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी साझा की गई। छात्राओं ने अभिनय के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि जानकारी के अभाव में कई बार पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास के लोगों को योजनाओं की जानकारी दे और पात्र हितग्राहियों को संबंधित विभाग अथवा कार्यालय तक पहुंचने के लिए प्रेरित करे।
प्रस्तुति में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़े सरकारी प्रयासों की उपयोगिता को रेखांकित किया गया। छात्राओं ने बताया कि लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने शासन और नागरिकों के बीच जागरूकता की मजबूत कड़ी विकसित होने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव है। युवा वर्ग इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शिक्षित युवा योजनाओं की सही जानकारी समाज तक पहुंचाकर भ्रम और गलत सूचनाओं को दूर कर सकते हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद व्यक्तियों को आवेदन प्रक्रिया तथा संबंधित विभाग से संपर्क करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। छात्राओं ने प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के सहभागी के रूप में आगे आने का संदेश दिया।
धान, मक्का, दलहन एवं तिलहन फसलों के कीट-रोग से बचाने कृषि विभाग की सलाह
आगामी पांच दिनों तक बारिश की संभावना, किसान बरतें विशेष सावधानी
सूरजपुर/19 सितम्बर 2026
कृषि विभाग ने जानकारी दी है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अल्पकालिक मौसम पूर्वानुमान अनुसार जिले में आगामी 05 दिनों तक आकाश में बादल छाये रहने तथा हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वर्तमान में खरीफ मौसम में खेतों में पर्याप्त नमी एवं बादल छाये रहने के कारण कीट एवं रोगों के लिए अनुकूल वातावरण बना हुआ है जिसके कारण फसलों में कीट एवं रोग के प्रकोप की संभावना बढ़ी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग जिला सूरजपुर द्वारा जिले के किसानों को सलाह है कि वे अपनी फसल का नियमित निगरानी करें और देखें की कहीं कीट-व्याधि का प्रकोप अधिक तो नहीं हो रहा है।
किसान खेत में कीट, रोग के दिखाई देते ही अंधाधुंध तरीके से रासायनिक दवाइयों का उपयोग शुरु कर देते है जिसका खर्च कीट रोग से होने नुकसान से अधिक होता है इसलिए किसानों से आग्रह है कि वे रासायनिक दवाइयों का छिड़काव कीट-रोग के अर्थिक क्षति स्तर से अधिक होने पर ही करें। आर्थिक क्षति स्तर का निर्धारण एक वर्ग मीटर क्षेत्र/प्रति पौधे में कीटो से पहुंचाई गई नुकसान एवं कीट संख्या के आधार पर किया जाता है।
इस प्रकार समय पर निगरानी एवं समन्वित प्रबंधन उपाय अपनाने से फसल क्षति को कम किया जा सकता है और उत्पादन लागत एवं पर्यावरण प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है।
विभिन्न फसलों में कीट-व्याधि प्रबंधन के लिए दिए गए सुझाव
धान में संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पोटाश एवं जिंक सल्फेट का छिड़काव करें। गंगई कीट के प्रकोप से धान का कल्ले परिवर्तित होकर प्याज की पत्ती की तरह पोंगा बनता है जिसे सिलवरशूट कहते है इन कल्लों में बालियां नहीं आती है। इसकी निगरानी करें तथा लाईट ट्रेप खेत में लगायें। 1 वर्गमीटर में 5 प्रतिशत सिलवरशूट दिखाई पड़ने पर अनुशंसित दवा का उपयोग करें।
धान की फसल में भूरा माहू, हरा माहू, और सफेद माहू लगता है जिसमें भूरा माहू का ज्यादा प्रकोप होता है। यह कीट पौधे के तने से रसचूश लेती है जिससे पौधा पीला फिर लाल होकर झुलस जाता है। इस कीट का प्रकोप फसल में अधिक मात्रा में नाइट्रोजन का उपयोग करने एवं सघन पौधे में पहले होता है।
इसके नियंत्रण के लिए लाइट ट्रेप का उपयोग करें यदि 10 माहू प्रति पौधे दिखाई पड़ने पर अनुशंसित कीटनाशक ब्युपरोफेजीन 25 प्रतिशत एस.सीस. 800 मि.ली./हेक्टेयर अथवा ट्राईफ्लूमिथोपाइरम 10 प्रतिशत एस.सी. 235 मि.ली. / हेक्टेयर का छिड़काव करें। रोग में फफूंद जनित एवं जीवाणु जनित झुलसा रोग का प्रकोप अधिक होता है इसमें पत्तियों/तनों में बैंगनी, भूरा तथा मटमैला धब्बा बना जो फैलकर पूरे पौधे को खराब कर देता है। रोग लक्षण की पहचान हेतु कृषि विभाग के स्थानीय अमलों से संपर्क कर सकते हैं। अधिक प्रकोप दिखाई देने पर अनुशंसित दवा का छिड़काव करें। संतुलित उर्वरक का उपयोग करें।
मक्का फसल को फॉल आर्मीवर्म से बचाने नियमित निगरानी करें किसान
खेत में जलभराव बिल्कुल न होने दे नालियां बनाकर पानी निकालें। फालआर्मीवर्म कीट का प्रकोप अधिक होता है इसके लिए पत्तियों की नियमित जांच करें और बड़ी इल्लियों अथवा अण्ड समूहों को नष्ट करें, फिरेमोन ट्रेप, लाइट ट्रेप का उपयोग करें 10 से 20 प्रतिशत क्षति दिखने पर क्लोरेनट्रानिलीप्रोल 18.5 प्रतिशत एस.सी. 0.4 मि.ली. दवा/लीटर पानी अथवा स्पिनेटोरम 11.7 प्रतिशत एस.सी. 0.5 मि.ली./लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिये। एक ही कीटनाशक का उपयोग बार-बार न करें इससे कीटों में प्रतिरोध क्षमता का विकास होता है। पत्तियों पर धब्बा/झुलसा रोग के लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित फफूंदनाशी का प्रयोग करना चाहिए।
दलहन एवं तिलहनी फसलों को कीट-रोग से बचाने अपनाएं समन्वित प्रबंधन
लगातार बारिश में तना सड़न, पत्तियों में धब्बे रोग की संभावना रहती है इसलिए खेत में पानी जमा न होने दें। पीला मोजेक रोग के लक्षण वाले पौधों को प्रारंभिक अवस्था में उखाड़कर जमीन में गाड़ दे। खेतों में कीट एवं रोग के प्रकोप के लिए सतत् निगरानी करें। कीट प्रकोप एवं रोग लक्षण की पहचान हेतु कृषि विभाग के स्थानीय अमलों से संपर्क करें। कीटों की संख्या अधिक होने की स्थिति में कीट नियंत्रण हेतु प्रकाश ट्रेप, स्टिकी ट्रैप, फेरोमेन ट्रेप एवं अन्य जैविक विधियों को अपनायें। सफेद मक्खी की नियमित निगरानी करें क्योंकि यही पीला मोजेक वाइरस को फैलाती है। अधिक प्रकोप होने पर कीटनाशक 0.5 मि.ली./लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
पारुल के सपनों का भारत जहां बेटियों को मिले समान अवसर, सम्मान और स्वावलंबन
सेवा संकल्प अभियान में छात्रा ने साझा की विकसित भारत की परिकल्पना
सूरजपुर/19 सितम्बर 2026
ऐसा भारत, जहां महिलाओं को अपने सपने पूरे करने की स्वतंत्रता मिले, वे आत्मनिर्भर बनें और शिक्षा से लेकर रोजगार तक हर क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त करें यह परिकल्पना है शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय सूरजपुर में बीए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा पारुल की।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पारुल ने अपने सपनों के भारत की तस्वीर प्रस्तुत करते हुए महिला सशक्तिकरण, समान अधिकार और सम्मान की आवश्यकता पर अपना विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश की बेटियों को घर से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा दिखाने, आत्मरक्षा में सक्षम बनने और रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर होने के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
पारुल ने कहा, मेरे सपनों का भारत ऐसा हो, जहां महिलाओं को बेटों के समान स्वतंत्रता, अधिकार और सम्मान मिले। वे बिना किसी अनावश्यक रोक-टोक के शिक्षा, रोजगार और अपनी पसंद के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। महिलाएं अपने सपनों को पहचानें और उन्हें पूरा करने के लिए स्वतंत्र होकर प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष दोनों को समान अवसर एवं सम्मान मिलने से ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है। महिलाओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता और आगे बढ़ने के अवसर मिलने पर वे परिवार, समाज तथा देश की प्रगति में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।
पारुल ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण इसकी मजबूत नींव है। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
रंगों में उतरा सेवा का संकल्प, विद्यार्थियों ने चित्रों से दिया सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
सूरजपुर । सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जिले में कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में 17 अक्टूबर से विविध गतिविधिया आयोजित की जा रही है इसी कड़ी में अभियान अंतर्गत विकासखंड रामानुजनगर के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विद्यार्थियों के रंगों और कल्पनाओं में जीवंत दिखाई दी।
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा के नेतृत्व में सेजेस रामानुजनगर, हायर सेकेंडरी स्कूल पतरापाली, कन्या माध्यमिक शाला रामानुजनगर, माध्यमिक शाला पतरापाली, माध्यमिक शाला सोनपुर तथा माध्यमिक शाला कैलाशपुर सहित विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों में सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में शासकीय माध्यमिक शाला पतरापाली में स्काउट मास्टर योगेश साहू के मार्गदर्शन में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों से सेवा भावना, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहयोग और नागरिक दायित्व जैसे विषयों को मनमोहक ढंग से प्रस्तुत किया। किसी चित्र में स्वच्छ और सुंदर परिवेश का संदेश दिखाई दिया तो किसी में प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण का संकल्प उभरकर सामने आया।
प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में रचनात्मक सोच, कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और सहयोग की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लेकर अपने चित्रों को आकर्षक स्वरूप दिया और सेवा संकल्प अभियान के संदेश को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
आवास प्लस 2.0 पीएम आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत अपात्र एवं प्राथमिकता परिवर्तन की सूची जारी
सूरजपुर । राज्य शासन के निर्देशानुसार योजना की मार्गदर्शिका अनुरूप कलेक्टर रेना जमील एवं जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 के माध्यम से छूटे हुए पात्र परिवारों के सर्वेक्षण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम सभा के सत्यापन एवं अनुमोदन उपरान्त किए गए परिवर्तनों को जनपद पंचायत के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री पश्चात् जिले को सूची प्राप्त हुई है। जिला स्तर पर सभी परिवर्तनों को अनुमोदित करने पूर्व जिला स्तर पर गठित अपीलीय समिति के निर्णय एवं मार्गदर्शिका अनुसार सभी संशोधनों पर दावा आपत्ति आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है।
सर्वेक्षण उपरांत प्रगणक एवं चेकर के भौतिक सत्यापन के बाद भारत सरकार से जारी सूची का ग्राम सभाओं में वाचन, सत्यापन एवं अनुमोदन कराया गया। ग्राम सभाओं से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार जिले की 6 जनपद पंचायतों में कुल 8,688 परिवार अपात्र पाए गए हैं। इसमें भैयाथान से 2750, ओड़गी से 1181, प्रतापपुर से 2448, प्रेमनगर से 206, रामानुजनगर से 661 एवं सूरजपुर से 1442 परिवार शामिल हैं। इसी प्रकार जिले के 5 जनपद पंचायतों में कुल 2,412 परिवारों के प्राथमिकता क्रम में बदलाव हुआ है, इसमें भैयाथान जनपद से 515, प्रतापपुर से 75, रामानुजनगर से 682, सूरजपुर से 14 तथा प्रेमनगर से 1126 परिवार सम्मिलित हैं। जनपद पंचायतों द्वारा आवास पोर्टल पर उक्त फैक्ट अपडेट करने के उपरांत अपात्र परिवारों एवं प्राथमिकता क्रम में बदलाव की सूची को जिला स्तरीय अपीलीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के निर्णय और योजना की मार्गदर्शिका के अनुसार विलोपन एवं प्राथमिकता क्रम में संशोधन से पूर्व दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। उक्त दोनों प्रकार के संशोधनों का विवरण एवं हितग्राहिवार सूची को जिले के आधिकारिक वेबसाइट www.surajpur.nic.in पर अपलोड कर दिया गया है। इसके अलावा जिला पंचायत एवं संबंधित जनपद पंचायतों के सूचना पटल पर भी इसे चस्पा किया गया है, जहाँ आम नागरिक इसका अवलोकन कर सकते हैं।
सूची में शामिल जिन हितग्राहियों अथवा परिवारों को किसी प्रकार की आपत्ति प्रस्तुत करनी है, वे 17 सितंबर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक कार्यालयीन समय में शाम 5रू30 बजे तक मुख्य जिला पंचायत सीईओ सूरजपुर अथवा संबंधित जनपद पंचायत सीईओ के समक्ष निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयावधि के पश्चात प्राप्त किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। किसी प्रकार की कोई समस्या या शिकायत है तो जिले के हेल्पलाइन नंबर 9244049285 पर संपर्क किया जा सकता है।
घरों, मंदिरों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर जलाया गया आशीर्वाद का दिया
सूरजपुर । सेवा, संकल्प और जनभागीदारी की रोशनी से बुधवार की शाम पूरा सूरजपुर जिला जगमगा उठा। सेवा संकल्प अभियान की पहली पहल आशीर्वाद का दिया के अंतर्गत जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने उत्साहपूर्वक दीप प्रज्वलित किए। घरों की चौखट से लेकर मंदिर परिसरों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों तक जलते दीपों ने सेवा, सद्भाव और विकसित भारत के निर्माण में सहभागिता दी। अभियान में शहर और गांव के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के लोग एक सूत्र में जुड़ते हुए व्यापक जनभागीदारी का संदेश दिया।
सूरजपुर जिले के सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में नागरिकों ने अपने-अपने स्तर पर अभियान में भागीदारी निभाई। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों ने घरों की चौखट और आंगन में दीप तो वहीं नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों ने अपने घरों, प्रतिष्ठानों तथा सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाकर अभियान से जुड़ने का संदेश दिया।
ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्वसहायता समूह की महिलाओं और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया। मंदिरों और अन्य सार्वजनिक परिसरों में बड़ी संख्या में जलते दीपों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
बच्चों और युवाओं ने भी निभाई सक्रिय भागीदारी :
अभियान में स्कूली बच्चों और युवाओं की सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसरों और अपने घरों में दीप जलाकर सेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़ने का संदेश दिया। युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान दिया।महिलाओं ने घरों और आंगनों में सुंदर ढंग से दीप सजाए। स्व सहायता समूह की दीदियों ,
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने अपने पक्के घरों में दीप जलाकर सुरक्षित आशियाना मिलने की खुशी साझा की। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों ने भी अभियान में शामिल होकर अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी ने अपनी सहभागिता से अभियान को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।आशीर्वाद का दिया आयोजन के माध्यम से पूरा जिला सेवा, सकारात्मकता और राष्ट्र निर्माण की साझा भावना से रोशन दिखाई दिया।
पक्के आशियानों में आशीर्वाद का दिया से हुआ घर रोशन, सेवा से आए बदलाव की कहानी कह रहे दीप
सूरजपुर । सेवा संकल्प अभियान की पहल जिले के उन परिवारों की खुशियों से जुड़ रही है, जिनका पक्के घर का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ है। ग्राम पंचायत केवरा के रंजीत, ग्राम पंचायत केरता के सूरज लाल और ग्राम पंचायत सोहागपुर की शांति देवी ने अपने नए घरों में आशीर्वाद का दिया परिवार के साथ दीप प्रज्ज्वलित किया।प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होकर इन परिवारों ने बेहतर जीवन की नई शुरुआत की है।
रंजीत के परिवार को मिला भविष्य का भरोसा :
जनपद पंचायत प्रतापपुर की ग्राम पंचायत केवरा निवासी रंजीत के लिए अपना पक्का घर केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। घर बन जाने से परिवार की वर्षों पुरानी चिंता दूर हुई और जीवन में स्थिरता आई है। रंजीत ने कहा कि अपना पक्का घर होना हमारे परिवार का सपना था। प्रधानमंत्री आवास योजना से यह सपना पूरा हुआ। अब परिवार सुरक्षित घर में रह रहा है। इस दौरान सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का अवसर मिला है हमने भी आशीर्वाद का दिया जलाकर इस खुशी के लिए आभार व्यक्त किया।
सूरज लाल के जीवन में आई खुशियों की नई सुबह :
जनपद पंचायत प्रतापपुर की ग्राम पंचायत केरता निवासी सूरज लाल के लिए भी पक्का आवास जीवन का बड़ा बदलाव बनकर आया है। अपना घर बन जाने से परिवार को सुरक्षा और सुकून मिला है। सूरज लाल कहते हैं कि अपना पक्का घर बन जाने से परिवार की बड़ी चिंता दूर हो गई है। अब नए घर में परिवार के साथ आशीर्वाद का दिया जलाना हमारे लिए बहुत खुशी का दिन रहा।
शांति देवी के नए घर में सजी उम्मीदों की रोशनी :
ग्राम पंचायत सोहागपुर की शांति देवी के लिए भी पक्का आवास किसी सपने के पूरा होने जैसा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत होने के बाद उनका अपना घर बनकर तैयार हुआ। पक्की छत मिलने से परिवार को सुरक्षित जीवन मिला है।
शांति देवी ने अपने नए घर में आशीर्वाद का दिया जलाकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपना पक्का घर बनना हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ी खुशी है। अब हमें सुरक्षित छत मिल गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा से आमजन के जीवन में आए बदलाव सेवा संकल्प अभियान में इन हितग्राही परिवारों की कहानियां जनकल्याण की सार्थक तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से इन परिवारों पक्का आवास के साथ सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार भी मिला है।