छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
सारंगढ़ के महाविद्यालय में गुंजा ‘कोई मतदाता छूटे ना’ का संदेश
युवाओं को दिलाई मतदाता जागरूकता की शपथ

सशक्त लोकतंत्र की बुनियाद में प्रत्येक नागरिक और युवा की भागीदारी सर्वोपरि है। इसी सोच को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सारंगढ़ स्थित शासकीय लोचन प्रसाद पाण्डेय महाविद्यालय में वृहद मतदाता जागरूकता (SVEEP) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘कोई मतदाता छूटे ना’ के संकल्प पर छात्र-छात्राओं को मतदान प्रक्रिया में निष्पक्ष और सक्रिय सहभागिता निभाने की शपथ दिलाई गई। इसी तरह नए पंजीकृत युवा मतदाताओं को डिजिटल ई-एपिक (e-EPIC) की प्रतियां वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
*रंगोलियों में झलकी लोकतांत्रिक ताकत*
*18 की उम्र में मताधिकार मिलना जीवन का अहम पड़ाव*
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए मतदान के महत्व को रेखांकित किया। ‘मेरा वोट मेरी ताकत’ और ‘वोट फॉर बेटर इंडिया’ जैसे विषयों पर बनाई गई मनमोहक रंगोलियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर परछात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर पहला वोट देना प्रत्येक युवा के जीवन की एक ऐतिहासिक उपलब्धि होती है। मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का दायित्व है। जब एक युवा जागरूक होता है, तो वह पूरे समाज को सही दिशा दिखाता है।उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं शत-प्रतिशत मतदान करें, बल्कि अपने परिजनों, मित्रों और पड़ोसियों को भी मताधिकार के प्रति प्रेरित करें।
*प्रारूप-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अपील*
आगामी नगरीय निकाय चुनावों एवं निर्वाचन आयोग की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने बताया कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके ऐसे सभी युवा जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे प्रारूप-6 (Form 6) के माध्यम से त्वरित पंजीयन कराएं। जिले में बीएलओ (BLO), एसडीएम एवं तहसीलदारों के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया को सुगम बनाया गया है।
उन्होंने कॉलेज के निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) की गतिविधियों की विशेष प्रशंसा की और कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में निर्वाचन आयोग की गतिविधियों और मतदान सुधारों की प्रामाणिक जानकारी समाज तक पहुँचाने में युवाओं की भूमिका बेहद अहम है।
फर्जी दस्तावेजों से नियुक्ति, दो कर्मचारी निलंबित...
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शासकीय नौकरी प्राप्त करने से संबंधित शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी एल.एन. पटेल ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू की गई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
दरअसल, पूरा मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शिक्षा विभाग से जुड़ा है। जिला शिक्षा अधिकारी एल.एन. पटेल ने नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर उठे सवालों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर दो कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबित कर्मचारियों में विकासखंड बिलाईगढ़ के प्राथमिक शाला केरिझर में पदस्थ सहायक शिक्षक कृष्ण कुमार नाग तथा शासकीय प्राथमिक शाला तेंदुदरहा के प्रधान पाठक रामानंद साहू शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृष्ण कुमार नाग के प्रकरण में नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच के दौरान असहयोग करने और कार्यालयीन निर्देशों का पालन नहीं करने से संबंधित मामला सामने आया है।
वहीं, प्रधान पाठक रामानंद साहू के मामले में नियुक्ति के लिए प्रस्तुत डी.एड. अंकसूची की प्रामाणिकता को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य विभागीय जांच को निष्पक्ष और निर्बाध रूप से आगे बढ़ाना बताया गया है। अब जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और दोनों कर्मचारियों का पक्ष भी सुना जाएगा। इसके बाद ही आरोपों के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सरपंच के इस्तीफे की वायरल चिट्ठी से मचा हड़कंप, अब बदला फैसला...
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत टेढ़ीभदरा में सरपंच के इस्तीफे को लेकर हलचल मच गई है। सरपंच प्रेमकुमारी नारंग के नाम से इस्तीफे का एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पंचायत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, सरपंच ने मीडिया के सामने आकर इस्तीफा देने की वजह स्पष्ट की और अब पद से इस्तीफा नहीं देने की बात कही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस्तीफे की चिट्ठी
सरपंच प्रेमकुमारी नारंग के इस्तीफे का पत्र वायरल होने के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। पूर्व विधायक चंद्रदेव राय ने भी अपने फेसबुक पोस्ट में इस्तीफे की वजह पंचायत में विकास कार्य नहीं करा पाना, मूलभूत सुविधाओं की कमी और सरकार के पास पर्याप्त बजट नहीं होने को बताया।
पति की मानसिक स्थिति को बताया इस्तीफे की वजह
वहीं, मीडिया से बातचीत में सरपंच प्रेमकुमारी नारंग ने इस्तीफे की वजह अलग बताई। उन्होंने कहा कि उनके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया था। हालांकि, पत्र वायरल होने के बाद पंचायत और संबंधित अधिकारियों से मार्गदर्शन मिलने पर उन्होंने अब इस्तीफा नहीं देने का निर्णय लिया है।
रोहिना मोड़ से देवीधाम देवसागर तक सड़क निर्माण की मांग
सरपंच प्रेमकुमारी नारंग ने मीडिया के माध्यम से क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण समस्या भी उठाई। उन्होंने रोहिना मोड़ से देवीधाम देवसागर तक सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में सड़क की सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है।
फिलहाल, इस्तीफे को लेकर शुरू हुआ विवाद सरपंच के पद पर बने रहने के फैसले के बाद थमता नजर आ रहा है। वहीं, सड़क निर्माण की मांग और पंचायत में विकास कार्यों को लेकर अब प्रशासन की पहल पर नजर रहेगी।
VB-GRAM-G के तहत अधिक से अधिक श्रम दिवस सृजित कर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराएं : सीईओ
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार करने तथा अधिक से अधिक श्रम दिवस सृजित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋषिकेश तिवारी ने जनपद पंचायत बरमकेला के सभाकक्ष में VB-GRAM-G के अंतर्गत रोजगार सहायकों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायतवार रोजगार सृजन, स्वीकृत कार्यों की प्रगति एवं श्रमिकों की सहभागिता की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ तिवारी ने कहा कि ग्रामीण परिवारों को उनकी मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी रोजगार सहायक ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रियता से कार्य करते हुए अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को योजना से जोड़ें तथा श्रम दिवस सृजन के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
स्वीकृत कार्यों को समय पर प्रारंभ कर रोजगार सृजन में लाएं तेजी
बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कार्यों को समय पर प्रारंभ कराने, रोजगार की मांग करने वाले श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराने तथा संचालित कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगार सहायकों की सक्रिय भूमिका से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने पंचायतवार कार्यों की प्रगति की सतत समीक्षा करने, अधिकाधिक श्रमिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा रोजगार सृजन में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
जिला पंचायत सीईओ तिवारी ने कहा कि ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाना आवश्यक है। उन्होंने सभी रोजगार सहायकों को निर्देशित किया कि पात्र ग्रामीण परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा पंचायत स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए।
इस अवसर पर सीईओ श्रीमती संजू पटेल, एपीओ VB-GRAM-G शशिकांत गुप्ता, कमलेश कुमार मेहरा सहित तकनीकी सहायक एवं रोजगार सहायक उपस्थित रहे।
बैगिनडीह के हस्तशिल्प कलाकारों को मिली नई सौगात, 8 लाख रुपए से तैयार सुविधा केंद्र का लोकार्पण
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत बैगिनडीह में पारंपरिक हस्तशिल्प कला को प्रोत्साहन देने और स्थानीय शिल्पकारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। ग्राम पंचायत में डीएमएफ मद से वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 8 लाख रुपए की लागत से जीर्णोद्धारित सामान्य सुविधा केंद्र भवन का जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू एवं जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी ने फीता काटकर लोकार्पण किया।
ग्राम बैगिनडीह अपनी पारंपरिक हस्तशिल्प कला झारा आर्ट के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां के स्थानीय शिल्पकार अपनी कलात्मक प्रतिभा से विभिन्न प्रकार की आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं तैयार करते हैं। इन उत्पादों की शहरी क्षेत्रों में भी अच्छी मांग है। अब सामान्य सुविधा केंद्र के माध्यम से गांव के शिल्पकारों को एक ही स्थान पर अपनी कलाकृतियां तैयार करने के लिए बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध होगा।
इस केंद्र के शुरू होने से झारा आर्ट से जुड़े ग्रामीण कारीगरों को अपने उत्पादों के निर्माण में सुविधा मिलेगी। साथ ही पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ होने की उम्मीद है। यह पहल बैगिनडीह की हस्तशिल्प कला को नई पहचान दिलाने और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
राष्ट्रपति से सम्मानित शिल्पकार हीरा बाई झरेखा का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने राष्ट्रपति से सम्मानित स्थानीय हस्तशिल्प कलाकार श्रीमती हीरा बाई झरेखा को पुष्प भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उनकी पारंपरिक हस्तशिल्प कला के क्षेत्र में उपलब्धियों और योगदान की सराहना की गई। उनका सम्मान स्थानीय शिल्पकारों के लिए प्रेरणादायक रहा।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने खरीदी हस्तशिल्प कलाकृतियां
लोकार्पण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय शिल्पकारों द्वारा झारा आर्ट से तैयार की गई विभिन्न कलाकृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदी कर स्थानीय कारीगरों की कला और मेहनत को प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जनपद पंचायत सारंगढ़ के सीईओ राधेश्याम नायक, ज्योति पटेल, संजू पटेल, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिल्पकार एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
एक दिन के लिए शिक्षक बने कलेक्टर, एसपी से लेकर जिलेभर के अधिकारी
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिलेभर में शिक्षा दान की अनूठी पहल देखने को मिली, जब कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक से लेकर जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका में नजर आए। प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले अधिकारी जब स्कूलों की कक्षाओं में पहुंचे और बच्चों को पढ़ाने लगे तो विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बन गया। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋषिकेश तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी एन एल पटेल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, डिप्टी कलेक्टर सहित जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, विकासखंड एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों ने विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों के बीच अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के उपयोगी सुझाव देने के साथ जीवन में सफलता प्राप्त करने, लक्ष्य निर्धारित करने और बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आयोजित शिक्षा दान कार्यक्रम ने प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संवाद का अवसर प्रदान किया। अधिकारियों ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ जीवन की व्यावहारिक सीख भी दी। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई के दौरान आने वाली चुनौतियों, संघर्ष, मेहनत और सफलता के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर प्रयास से जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए अभी से लक्ष्य बनाने की सीख
कार्यक्रम के दौरान हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में विशेष मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों ने बच्चों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसे हासिल करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करने की प्रेरणा दी।
विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य का स्पष्ट होना आवश्यक है। यदि विद्यार्थी स्कूली जीवन से ही अपने भविष्य की दिशा तय कर नियमित मेहनत करें तो वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। अधिकारियों ने बच्चों को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। इस दौरान बच्चों ने अपनी भविष्य की आकांक्षाएं भी साझा कीं और अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
शिक्षा के साथ संस्कार और सर्वांगीण विकास का दिया संदेश
शिक्षा दान कार्यक्रम में बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, अनुशासित, संवेदनशील और संस्कारवान नागरिक बनना भी है। उन्होंने बच्चों को माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने, अच्छी आदतें अपनाने, समय का सदुपयोग करने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की सीख दी।
विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद, योग, व्यायाम और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और मजबूत आत्मविश्वास जीवन में आगे बढ़ने के महत्वपूर्ण आधार हैं। बच्चों को मोबाइल एवं अन्य डिजिटल माध्यमों का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा नियमित अध्ययन के साथ अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
युवाओं को मिलेगी साइबर सुरक्षा और करियर की राह चुनने की जानकारी
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में युवाओं को विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 10 अक्टूबर को सारंगढ़ में ‘युवा उड़ान 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग एवं जिला प्रशासन सारंगढ़–बिलाईगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम शासकीय लोचन प्रसाद पांडे स्नातकोत्तर महाविद्यालय सारंगढ़ में दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर विशेष रूप से शामिल होंगे।
साइबर सुरक्षा और करियर मार्गदर्शन पर रहेगा विशेष जोरकार्यक्रम में युवाओं को वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के महत्व, इंटरनेट एवं सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित उपयोग तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को करियर काउंसलिंग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा।
युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अपने भविष्य के निर्माण के साथ प्रदेश और देश के विकास में भी सक्रिय योगदान दे सकें।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में आयोजित ‘युवा उड़ान 2026’ का उद्देश्य युवाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करना है। बदलते समय में तकनीकी ज्ञान के साथ सही करियर का चयन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसी दृष्टिकोण से यह आयोजन विद्यार्थियों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, आम नागरिकों सहित जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता रहेगी। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग एवं जिला प्रशासन द्वारा अधिक से अधिक युवाओं से कार्यक्रम में शामिल होकर साइबर सुरक्षा और करियर मार्गदर्शन से संबंधित जानकारी का लाभ उठाने की अपील की गई है।
सामाजिक समरसता और सद्भावना का संदेश देने पण्ड्रीपाली में एक साथ बैठे सभी समाज के लोग
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा विकासखंड बिलाईगढ़ के प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम पण्ड्रीपाली में 8 अक्टूबर को ‘एक गांव गोद’ पहल के तहत अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न समाजों के प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामाजिक समरसता, समानता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर सद्भावना भोज ग्रहण किया और सामाजिक एकता की मिसाल प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे, पूर्व विधायक सनम जांगड़े, कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर छात्रावासी बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
सामाजिक कुरीतियों को दूर कर एकता और भाईचारा बढ़ाने का आह्वान
शिविर में कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू एवं जनप्रतिनिधियों ने सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और कुरीतियों को दूर करने पर जोर देते हुए कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति आपसी सद्भाव, समानता और एकजुटता से ही संभव है। उन्होंने सभी वर्गों से सामाजिक समरसता के मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा मिलजुलकर गांव और समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के प्रावधानों के अंतर्गत आयोजित शिविर में सामाजिक समानता और नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
ग्रामीणों ने रखीं मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगें
कार्यक्रम के दौरान पण्ड्रीपाली के ग्रामीणों ने कुएं की मरम्मत, प्राथमिक शाला भवन, नल-जल योजना, नलकूप, 11 केवी विद्युत व्यवस्था से संबंधित ट्रांसफार्मर की स्थापना तथा 300 मीटर नाली निर्माण सहित विभिन्न मांगें रखीं। इसके अलावा दो महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री आवास, एक दिव्यांग बच्चे के उपचार एवं शिक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।
शिविर में स्कूली एवं छात्रावासी बच्चों के लिए निबंध, भाषण, रंगोली, चित्रकला, गायन और लोकनृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। ‘मोर धरती दाई के अचरा’ छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच पण्डरीपानी तथा छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक सनम जांगड़े, वेदराम जांगड़े, सुभाष जालान, दुर्गेश केशरवानी, घनश्याम चंद्रा, अलगराम साहू, श्याम साहू, पुरुषोत्तम बंजारे, धीरज दीक्षित, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शिवकुमारी साहू, ग्राम पंचायत पण्ड्रीपाली की सरपंच श्रीमती पुष्पा गोविंद बंजारे सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग बद्रीश सुखदेवे ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाली पंचायतों, निक्षय मित्रों और मितानिनों का हुआ सम्मान
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में गुरुवार को कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू की अध्यक्षता एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव के नेतृत्व में सम्मान समारोह सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन की दिशा में सराहनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों, निक्षय मित्रों, मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान टीबी मुक्त पंचायतों को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की गई। साथ ही टीबी मरीजों के उपचार, देखभाल एवं पोषण संबंधी सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निक्षय मित्रों, मितानिनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर टीबी मरीजों को पोषण सहायता के रूप में फूड बास्केट भी प्रदान किए गए।
कार्यशाला में टीबी की समय पर पहचान, नियमित उपचार, पोषण आहार एवं जनजागरूकता के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ जनप्रतिनिधियों, पंचायतों और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋषिकेश तिवारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जनप्रतिनिधिगण सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन एवं निक्षय मित्र उपस्थित रहे।
बालिका क्रिकेट में सरगुजा का शानदार प्रदर्शन, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बना विजेता
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । सारंगढ़ के खेलभांठा मैदान में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में 17 वर्ष बालिका क्रिकेट के मुकाबले खासे रोमांचक रहे। प्रदेश के विभिन्न संभागों से पहुंची बालिका खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कड़ी टक्कर और जीत के लिए आखिरी क्षण तक चले संघर्ष के बीच सरगुजा संभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल कर विजेता का खिताब अपने नाम किया। बिलासपुर संभाग द्वितीय तथा दुर्ग संभाग तृतीय स्थान पर रहा।
चार दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान बालिका क्रिकेट में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बना। बल्लेबाजों ने जहां क्रीज पर धैर्य और आत्मविश्वास के साथ रन जुटाने का प्रयास किया, वहीं गेंदबाजों ने सधी हुई गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। क्षेत्ररक्षण में भी खिलाड़ियों ने चुस्ती और तालमेल का परिचय दिया। प्रत्येक मुकाबले में जीत के लिए टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही और खिलाड़ियों ने अंतिम गेंद तक हार नहीं मानने का जज्बा दिखाया।
सरगुजा की बालिकाओं ने दिखाया दमखम
प्रतियोगिता में सरगुजा संभाग की बालिका क्रिकेट टीम ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। टीम के खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ क्षेत्ररक्षण में बेहतर तालमेल बनाकर मुकाबलों में बढ़त बनाई और अंततः प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया। बिलासपुर संभाग ने भी कड़ी चुनौती देते हुए दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि दुर्ग संभाग की टीम तीसरे स्थान पर रही।
क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ टीम भावना भी देखने को मिली। राज्य स्तरीय मंच पर बालिका खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर बेटियां खेल के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
फुटबॉल और सॉफ्टबॉल में भी खिलाड़ियों के बीच रही कड़ी टक्कर
प्रतियोगिता के अन्य परिणामों में 14 वर्ष बालक फुटबॉल में बस्तर संभाग प्रथम, रायपुर द्वितीय और बिलासपुर तृतीय स्थान पर रहा। 17 वर्ष बालक सॉफ्टबॉल में दुर्ग प्रथम, बस्तर द्वितीय और रायपुर तृतीय स्थान पर रहा। वहीं 17 वर्ष बालिका सॉफ्टबॉल में दुर्ग संभाग ने प्रथम, सरगुजा ने द्वितीय और बस्तर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सभी खेल विधाओं में प्रदर्शन के आधार पर दुर्ग संभाग ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब हासिल किया। बेस्ट मार्च पास्ट का पुरस्कार सरगुजा संभाग तथा अनुशासन का पुरस्कार बिलासपुर संभाग को प्रदान किया गया।
समापन समारोह में रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया ने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल में हार-जीत से आगे बढ़कर निरंतर मेहनत करने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षक, शिक्षक एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।
तुलसीराम टंडन हत्याकांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल....
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जुनवानी के स्व. तुलसीराम टंडन हत्याकांड में अब पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मृतक के पुत्र फुले टंडन ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर भटगांव थाना प्रभारी शिव कुमार धारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी को मामले की विवेचना से तत्काल अलग करने के साथ निलंबन और विभागीय जांच की मांग की है।
विवाद के दौरान पुलिस के पहुंचने का दावा
शिकायत के मुताबिक, 28 जुलाई 2026 की रात करीब 9:30 बजे ग्राम जुनवानी में मृतक परिवार और आरोपी पक्ष के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। सूचना मिलने पर भटगांव थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।
मृतक के पुत्र का आरोप है कि उस दौरान मौके पर मौजूद करीब 25 से 30 ग्रामीणों के सामने आरोपी पक्ष के पुत्र पवन कुर्रे से कथित तौर पर 10 लाख रुपये लिए जाने की बात कही गई। शिकायत में थाना प्रभारी द्वारा कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
‘निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे?’
शिकायतकर्ता का कहना है कि किसी गंभीर हत्याकांड की विवेचना कर रहे पुलिस अधिकारी पर ही यदि कथित लेन-देन के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो इससे परिवार के मन में जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इसी आधार पर फुले टंडन ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी को विवेचना से अलग किया जाए और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
ग्रामीणों के बयान दर्ज करने की मांग
शिकायत में दावा किया गया है कि घटना के समय मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ऐसे में शिकायतकर्ता ने मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज करने, कथित लेन-देन के आरोपों की जांच करने और घटनास्थल से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कराने की मांग की है।
अब निगाहें पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर हैं। सवाल यह भी है कि क्या शिकायत में बताए गए ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच पूरी होने तक थाना प्रभारी को हत्याकांड की विवेचना से अलग किया जाएगा।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी
मामले में सबसे अहम बात यह है कि थाना प्रभारी पर लगाए गए 10 लाख रुपये के कथित लेन-देन और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। थाना प्रभारी शिव कुमार धारी या पुलिस विभाग की ओर से भी इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्वतंत्र जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
बिहान समूह की शिकायत पर रोहिना पहुंची टीम, लेकिन अधूरी रह गई जांच...
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पीआरपी सत्यवती कुर्रे के खिलाफ की गई शिकायत की जांच के लिए जिला स्तर पर गठित टीम बुधवार को रोहिना स्थित रीपा भवन पहुंची। टीम ने क्लस्टर से जुड़ी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शिकायतकर्ता महिलाओं से चर्चा कर शिकायत में लगाए गए आरोपों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर विवाद की स्थिति बनने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी।
महिलाओं ने जांच टीम के सामने रखे आरोप
शिकायतकर्ता महिलाओं ने जांच टीम के सामने पीआरपी पर कई गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि उनसे जिला स्तर के एक अधिकारी के नाम पर कथित तौर पर 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि मांग पूरी नहीं करने पर उन्हें परेशान किया जाता था और क्लस्टर से बाहर करने की धमकी भी दी जाती थी।
महिलाओं ने मांग की कि शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की अलग-अलग जांच की जाए और दस्तावेजों, बैंक लेनदेन तथा संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाए। ऐसी ही शिकायतों में बिना प्रस्ताव और रसीद के राशि के लेनदेन तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए हैं।
विवाद के चलते जांच नहीं हो सकी पूरी
जांच टीम के प्रमुख अधिकारी संजू पटेल के अनुसार, पीआरपी के खिलाफ कई आरोपों की शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसकी पड़ताल के लिए टीम रोहिना पहुंची थी। लेकिन जांच के दौरान पीआरपी, समूह की अध्यक्ष-सचिव और कैडर की महिलाओं के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
मौके पर माहौल बिगड़ने के कारण टीम पूरी जांच नहीं कर सकी। अधिकारी ने बताया कि शेष जांच आगामी समय में पूरी की जाएगी।
महिलाओं ने जताई नाराजगी
जांच अधूरी रहने पर शिकायतकर्ता महिलाओं ने असंतोष जताया। उनका कहना है कि समय के अभाव में उनकी शिकायतों पर विस्तार से सुनवाई नहीं हो सकी। महिलाओं ने मांग की कि उनके सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जाए और संबंधित दस्तावेजों एवं बयानों का परीक्षण किया जाए।
शिकायतकर्ता महिलाओं ने सत्यवती कुर्रे को पीआरपी के पद से हटाने की मांग भी जांच टीम के सामने रखी है।
जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी स्थिति
मामले में लगाए गए 10 लाख रुपये की कथित मांग समेत अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिकायतों की वास्तविकता दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर हैं। जांच टीम दोबारा कब मौके पर पहुंचती है और अंतिम रिपोर्ट में शिकायतों को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
भटगांव के मनीष ने इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप में जीता गोल्ड मेडल, नगरवासियों ने किया स्वागत
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । मुंबई के अंधेरी क्लब में आयोजित 9वीं इंटरनेशनल ओपन कराटे चैम्पियनशिप 2026 में छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भटगांव निवासी कक्षा 11वीं के छात्र मनीष रात्रे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गुरुजनों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन
मनीष रात्रे ने मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जीत के बाद जब मनीष भटगांव पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया।
बस स्टैंड पर हुआ जोरदार स्वागत
मनीष के जीतकर लौटने की खबर मिलते ही उनके माता-पिता, रिश्तेदार और क्षेत्र के लोग भटगांव बस स्टैंड पहुंचे। यहां लोगों ने उन्हें मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों ने मनीष को आशीर्वाद भी दिया।
जीत का श्रेय माता-पिता को दिया
अपनी सफलता पर मनीष रात्रे ने अपनी जीत का श्रेय माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में उनकी मां की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। मनीष के मुताबिक, उनकी मां ने ही उनके पिता को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने और उन्हें मुंबई भेजने के लिए तैयार किया।
मनीष ने युवाओं से कहा कि किसी भी खेल या क्षेत्र में आगे बढ़ने से पहले माता-पिता की सलाह जरूर लेनी चाहिए। उनका कहना है कि माता-पिता का आशीर्वाद और मार्गदर्शन बड़ी से बड़ी मुश्किल को आसान बनाने में मदद करता है।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
मनीष की इस उपलब्धि से भटगांव सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि मनीष आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
लगातार बारिश के बीच नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन हाई अलर्ट
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी-नालों और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों और संबंधित मैदानी अमले को संवेदनशील एवं निचले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला मुख्यालय के साथ तहसील एवं विकासखंड स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था सक्रिय रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सूचना और सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जा सके। कलेक्टर ने एसडीएम, जल संसाधन विभाग और सभी एसडीएम तहसीलदारों की वर्चुअल बैठक लेकर लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति समीक्षा की और तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता जे.एस. वारे ने बताया कि 26 सितंबर को शाम 4 बजे कलमा बैराज का जलस्तर 195.85 मीटर दर्ज किया गया है। बैराज का पूर्ण जलाशय स्तर 197 मीटर तथा खतरे का जलस्तर 198.50 मीटर है। वर्तमान में कलमा बैराज के 66 गेट पूर्ण रूप से खुले हैं और कोई भी गेट बंद नहीं है। बैराज में पानी का आवक एवं जावक प्रवाह 4,960.623 घन मीटर प्रति सेकंड यानी 1,75,159.59 क्यूसेक दर्ज किया गया है। दोपहर 2 बजे कलमा बैराज का जलस्तर 195.50 मीटर था, जो शाम 4 बजे बढ़कर 195.85 मीटर हो गया है। वहीं हीराकुंड जलाशय के 16 गेट खुले हैं और वहां से 3,00,432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलप्रवाह और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।
जिले में साराडीह बैराज की स्थिति पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। नदी किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में मैदानी अमले को सक्रिय किया गया है। सरिया क्षेत्र के 22 बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामवार मुनादी कराकर ग्रामीणों को नदी-नालों से दूर रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी बरतने की जानकारी दी गई है। सारंगढ़ एसडीएम उमेश ने बताया कि संबंधित गांवों के पंच, सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और स्थानीय स्तर पर स्थिति की जानकारी ली जा रही है। वर्तमान में जिले में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है।
इधर बिलाईगढ़ एसडीएम श्रीमती ऋचा सिंह ने बताया कि बिलाईगढ़ एवं भटगांव क्षेत्र में महानदी के किनारे स्थित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। संबंधित मैदानी अमले को सक्रिय रखा गया है और स्थानीय स्तर पर स्थिति की जानकारी लगातार ली जा रही है। फिलहाल बिलाईगढ़ एवं भटगांव क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है तथा किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
बरमकेला तहसीलदार कोमल साहू ने बताया कि लात नाला पुल, तिमरलगा-बरमकेला मार्ग पर वर्तमान में आवागमन बाधित नहीं है। क्षेत्र में कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को नदी किनारे नहीं जाने तथा जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए सावधानी बरतने के लिए सचेत किया गया है। मैदानी स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
संभावित बाढ़ या जलभराव की स्थिति में नागरिकों तक तत्काल सूचना और सहायता पहुंचाने के लिए जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07788-299016 पर सूचना दी जा सकती है। तहसीलों एवं नगर पंचायतों में भी आवश्यकतानुसार नियंत्रण कक्ष स्थापित कर स्थानीय स्तर पर सूचना एवं सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
उल्लेखनीय है प्रदेश में लगातार बारिश से उत्पन्न बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष नजर रखने, जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सचेत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रखने तथा प्रशासन, पुलिस, पंचायत और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया जिला प्रशासन द्वारा जलाशयों, बैराजों, नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि उफनते नदी-नालों, तेज बहाव वाले स्थानों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा स्थानीय प्रशासन और मैदानी अमले द्वारा जारी सावधानियों का पालन करें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलस्तर में अचानक वृद्धि की सूचना तत्काल संबंधित नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता और राहत-बचाव की कार्रवाई की जा सके।
‘वूमेन फॉर टी’ का भुगतान लंबित रखा, बिलाईगढ़ CMO निलंबित
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । बिलाईगढ़ नगर पंचायत में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा 25 सितंबर को यह आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक देवांगन पर ‘वूमेन फॉर टी’ का भुगतान लंबित रखने, परिषद के निर्धारित एजेंडा क्रमांक 21 में कूटरचना कर मूल विषय के स्थान पर अन्य विषय प्रस्तुत करने तथा स्वच्छता दीदियों के साथ अमर्यादित एवं अशोभनीय व्यवहार किए जाने के आरोप हैं।
इन मामलों में उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, बिलासपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी।
आते ही विवादों मे घिरे थे cmo
जैसे ही उन्होंने बिलाईगढ़ नगर पंचायत का पद भार ग्रहण किया था वैसे ही विवादो मे घिर गए थे। कुछ दिन पहले एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों के खिलाफ थाने मे शिकायत की थी। उसके बाद एसडीएम-तहसीलदार को वहां से हटा दिया गया था उसके बाद फिर एक जन प्रतिनिधि ने cmo के खिलाफ शिकायत की थी। फिलहाल अभी cmo यशवंत देवागन को निलंबित कर दिया गया है।
बिहान समूह की महिलाओं ने अपने PRP पर लगाए गंभीर आरोप
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बिहान समूह से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने अपने क्लस्टर के PRP (पार्टनर रिसोर्स पर्सन) के खिलाफ गंभीर शिकायत की है। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि PRP ने समूह के खाते में बिना प्रस्ताव के करीब 10 लाख रुपए ट्रांसफर कराए और अब उक्त राशि को बिना रसीद और लिखित प्रस्ताव के नगद आहरण कर देने का दबाव बनाया जा रहा है।
महिलाओं का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें समूह से हटाने की धमकी दी गई। शिकायत में PRP पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
बिना दस्तावेज नगद राशि मांगने का आरोप
शिकायत पत्र के अनुसार, CLF और VO से जुड़े कार्यों में भी बिना रसीद या आवश्यक दस्तावेज के नगद राशि की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है। महिलाओं ने इन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फर्जी फर्नीचर वाउचर से 1.48 लाख की गड़बड़ी का आरोप
महिलाओं ने शिकायत में आरोप लगाया है कि कंप्यूटर और प्रिंटर के नाम पर फर्जी फर्नीचर वाउचर तैयार कर करीब 1 लाख 48 हजार 500 रुपए की कथित वित्तीय गड़बड़ी की गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले में दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच कराने की मांग की है।
PRP को पवनी क्लस्टर से हटाने की मांग
बिहान समूह की महिलाओं ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने और संबंधित PRP को पवनी क्लस्टर से हटाने की मांग की है।
फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब शिकायत के आधार पर संबंधित विभाग द्वारा जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यह भी देखना होगा कि महिलाओं की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।
‘सेवा मेरा योगदान’ से स्वच्छता की नई पहल, कोतरी में कचरा पृथक्करण और कम्पोस्टिंग का संदेश
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत गुरुवार को सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत कोतरी स्थित व्यावसायिक परिसर में कचरा पृथक्करण एवं कम्पोस्टिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने और कचरे के उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में सेवा संकल्प अभियान की पहल ‘सेवा, मेरा योगदान’ के माध्यम से स्वच्छ और स्वस्थ गांव के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी को रेखांकित करते हुए ग्रामीणों को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ग्रामीणों को गीले कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने, सूखे कचरे को अलग रखने तथा पुनः उपयोग एवं उचित निपटान योग्य कचरे की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। ग्राम पंचायत कोतरी में संचालित एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया गया कि क्षेत्र से वाहनों के माध्यम से एकत्रित सेप्टिक टैंक के अपशिष्ट का एफएसटीपी में वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाता है। उपचारित अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान एवं उपयोग से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है।
स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए बिहान की दीदियों द्वारा आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से घरों में गीला और सूखा कचरा अलग रखने, आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा कचरे के उचित प्रबंधन का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता वॉलिंटियर बसंत भारती को स्वच्छता किट प्रदान की गई तथा उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर सारंगढ़ जनपद पंचायत सीईओ राधेश्याम नायक, नायब तहसीलदार प्रकाश पटेल, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक निमेश, संजू पटेल, ज्योति पटेल, ग्राम पंचायत कोतरी के सरपंच मथुरा गोस्वामी, जनप्रतिनिधि हरिनाथ खूंटे, जगन्नाथ केशरवानी, प्रकाश अग्रवाल, होतेश अजगल्ले, सौरभ सिंह ठाकुर, रामेश्वर पुरी गोस्वामी सहित ग्रामीणजन, महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां उपस्थित रहीं।