छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
सारंगढ़ में पहला और चौथा बुधवार को होगा शिशु और नेत्र रोग का इलाज
प्रत्येक बुधवार को मेडिकल और दिव्यांग बोर्ड का आयोजन यथावत जारी
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । जिला अस्पताल सारंगढ़ में प्रत्येक बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मेडिकल और दिव्यांग बोर्ड का आयोजन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में प्रत्येक माह में पहला और चौथा बुधवार को बच्चों के शिशु रोग और आंखों के नेत्र रोग का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाया जाता है। विगत 27 अगस्त बुधवार को आयोजित मेडिकल बोर्ड में 10 व्यक्तियों का सामान्य जांच और दिव्यांगों के चेकअप में 16 दिव्यांग प्रमाण पत्र (यूडीआईडी) के लिए चयनित हुए हैं।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु नवीनीकरण और नवीन आवेदन 31 तक
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अंतर्गत शासकीय संस्थाओं तथा अशासकीय संस्थाओं को नवीन आवेदन और नवीनीकरण का आवेदन 31 अगस्त तक जमा किया जाना है, जिसका संभावित भुगतान तिथि 10 सितम्बर 2025 निर्धारित है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा विभागीय पोर्टल पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन https://postmatric-scholarship.cg.nic.in में ऑनलाईन आवेदन किया जाता है।
शासकीय ओपन यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए 31 तक आवेदन
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ की शासकीय एकमात्र मुक्त विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी बिलासपुर है। युवा जो बारहवीं पढ़ाई के बाद नियमित कॉलेज नहीं जा सकते। ससुराल, निजी या सरकारी नौकरी के व्यस्त जिंदगी में अपनी अधूरी पढ़ाई को पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी बिलासपुर के माध्यम से पूरा कर सकते हैं, जिनके विभिन्न कोर्स में एडमिशन के लिए 31 अगस्त 2025 तक आवेदन आमंत्रित हैं। शासकीय कर्मी विभाग से अनुमति लेकर पढ़ सकते हैं। सभी सरकारी विभाग द्वारा सामान्य रूप से सभी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति अनिवार्य रूप से दी जाती है।विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यार्थियों के प्रथम, द्वितीय, तृतीय वर्ष सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं, वे भी अगली कक्षा में प्रवेश के लिए फॉर्म भरें। विश्वविद्यालय के पुराने छात्र पूर्व में पंजीकृत मोबाइल नंबर से ही लॉगिन करें, तथा नामांकन नंबर के माध्यम से पाठ्यक्रम को जोड़ें। पूर्व पंजीकृत मोबाइल नंबर पुराना आवेदन पत्र विश्वविद्यालय बिलासपुर के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
कोर्स और फीस
बारहवीं उत्तीर्ण के बाद 3 वर्षीय कोर्स में बीए कला स्नातक का वार्षिक फीस रू 4300, बीबीए बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक का वार्षिक फीस रू 6700, बीकॉम वाणिज्य स्नातक वार्षिक फीस रू 5450 और बीएससी बैचलर ऑफ साइंस (गणित) का वार्षिक फीस रू 5700 निर्धारित है। इसी प्रकार बारहवीं के बाद 1 वर्षीय कोर्स में विज्ञान के माध्यम से समाज कल्याण पर रामचरित मानस में डिप्लोमा का वार्षिक फीस रू 3200, 2 वर्षीय कोर्स में डीएलएड का वार्षिक फीस रू 10,300 और डीसीए कंप्यूटर अनुप्रयोग में डिप्लोमा का वार्षिक फीस रू 8700 निर्धारित है। वाणिज्य स्नातक (बीकॉम) उत्तीर्ण युवाओं के लिए सीजीएसटी में 6 माह कोर्स के लिए फीस रू 5600 है।
स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी के लिए 1 वर्षीय कोर्स में योग विज्ञान में डिप्लोमा का वार्षिक फीस रू 8200, पुस्तकालय और सूचना विज्ञान (बिलीब) का वार्षिक फीस रू 11200 है। संस्कृत, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, छत्तीसगढ़ी में स्नातकोतर (मास्टर ऑफ आर्ट्स) में 2 वर्षीय कोर्स के लिए वार्षिक फीस रू 7200 है। गणित में एमएससी और कॉमर्स में एमकॉम स्नातकोत्तर कोर्स के लिए वार्षिक फीस रू 7700 है।सामाजिक कार्य (एमएसडब्ल्यू) में स्नातकोत्तर का वार्षिक फीस रू 11350 है। कंप्यूटर एप्लीकेशन में (पीजीडीसीए) स्नातकोत्तर और एमएससी कंप्यूटर साइंस का वार्षिक फीस रू 10000 है। व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर (एमबीए) कोर्स के लिए वार्षिक फीस रू 19600 है। बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) कोर्स के लिए वार्षिक फीस रू 27800 है।
रंग लाया किसानों का संघर्ष: 24 साल बाद मिला डूबी जमीन का मुआवज़ा
बिलाईगढ़। ग्राम मलुहा, तहसील बिलाईगढ़ के भूधारक किसानों को आखिरकार 24 वर्षों से लंबित मुआवज़ा मिल गया। यह उपलब्धि किसानों के लगातार संघर्ष और भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ द्वारा 6 अगस्त से इंदिरा मार्केट बिलाईगढ़ परिसर में शुरू किए गए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का नतीजा है।
प्रदेश सचिव मनीष चेलक ने बताया कि इस आंदोलन में कई मुश्किल दौर आए, जब उन्हें अकेलेपन का सामना करना पड़ा, लेकिन धैर्य और दृढ़ संकल्प के चलते किसानों का हक दिलाने की राह मिली।
उन्होंने कहा – “हमारे लंबे संघर्ष और सच्ची लड़ाई ने आखिरकार परिणाम दिया। यह केवल कागज़ी जीत नहीं, बल्कि न्याय और अधिकार की वास्तविक पहचान है।”
किसानों को मिली राहत
लंबे इंतज़ार के बाद मुआवज़ा मिलने से किसानों में खुशी और राहत का माहौल है। यह आंदोलन इस बात का सबूत बन गया कि सत्य और न्याय के लिए उठी आवाज़ कभी अनसुनी नहीं रहती।
यह जीत सिर्फ मुआवज़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ग्रामीणों ने न्याय और अधिकार की नई शुरुआत के रूप में देखा है।
भालू का शिकार कर मांस खाने वाले दो गिरफ्तार, तालाब में मिला सिर और खाल
सारंगढ़ । बरमकेला वन परिक्षेत्र के छिछपानी 942 पीएफ नंबर से वन्यजीव शिकार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दो आरोपियों ने भालू का शिकार कर उसका मांस खाया, और सिर व खाल को तालाब में फेंक दिया। कटे हुए सिर और खाल तालाब में तैरते मिले, जिससे मामला उजागर हुआ।
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग शुरू में मामले को दबाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद मामला मीडिया तक पहुँचा। इसके बाद विभाग ने कपरतुंगा गाँव के दो आरोपियों जुगलाल सिदार और ज्योतिराम सिदार को गिरफ्तार किया। घटना 13 अगस्त की रात की बताई जा रही है।
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में प्रदेश में बाघ, तेंदुआ और अब भालू के शिकार जैसी घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों पर कार्रवाई जारी है, लेकिन माना जा रहा है कि इस शिकार में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को देंगे 186 करोड़ के विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात
सारंगढ़ में निर्मित 33/11 केव्ही उपकेन्द्र का होगा लोकार्पण
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 11 अगस्त सोमवार को सारंगढ़ के शासकीय महाविद्यालय मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को 186 करोड़ रूपए के विकास एवं निर्माण कार्यो की सौगात देंगे, जिसमें 90 करोड़ की लागत वाले कार्यों का भूमिपूजन तथा 96 करोड़ की लागत से हुए विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव, विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, ओपी चौधरी, टंकराम वर्मा, सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, सांसद जांजगीर-चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े, सांसद राज्यसभा देवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक सारंगढ़ श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, विधायक बिलाईगढ़ श्रीमती कविता प्राण लहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, उपाध्यक्ष जिला पंचायत अजय जवाहर नायक विशिष्ट अतिथि होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सारंगढ़ कलेक्टोरेट परिसर में 1.85 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र, 13.51 करोड़ की लागत से निर्मित चन्द्रपुर सरिया कंचनपुर सड़क मार्ग, 17.48 करोड़ की लागत से बरमकेला से कटंगीपाली सड़क उन्नयन, सारंगढ़ अंचल के 22 ग्रामों में 14.55 करोड़ की लागत से निर्मित कार्यों, 23.92 करोड़ की लागत से बरमकेला के 33 गांव तथा 23.16 करोड़ की लागत से बिलाईगढ़ क्षेत्र के 15 गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित कार्यों का लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिला चिकित्सा सारंगढ़ में 41.64 लाख रूपए की राशि से निर्मित होने वाले 20 बिस्तर वाले अतिरिक्त वार्ड, प्रतीक्षा कक्ष एवं दवा वितरण कक्ष निर्माण का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर जिला खनिज न्यास संस्थान मद से 4.73 करोड़ की लागत वाले 48 निर्माण कार्यों सहित 7.12 करोड़ की लागत से बनने वाली बोरिदा से ठेंगागुड़ी तोरा सड़क, 5.70 करोड़ की लागत वाली नवघट्टा से पीहरा सड़क, 3 करोड़ की लागत वाली दुलुमपुर से गोबरसिंघा सड़क, 3.63 करोड़ की लागत से बनने वाली बोंदा से नवघट्टा सड़क, 9 करोड़ की लागत वाली सांकरा से राबो सड़क, 3.15 करोड़ की लागत वाली बोंदा से भीखमपुरा सड़क, 3.42 करोड़ की लागत वाली रैबो से आमाबोराई सड़क, 2.38 करोड़ की लागत वाली सारंगढ़ मेनरोड से डूमरसिंघा सड़क, 4.66 करोड़ से बरमकेला में निर्मित होने वाले महाविद्यालय भवन, 74.59 लाख की लागत से निर्मित होने वाले जिला पशुधन कार्यालय भवन, 1.20 करोड़ की लागत से उपजेल सारंगढ़ में 2 मंजिला बैरक निर्माण, 1.59 करोड़ की लागत से सारंगढ़ में गोदाम निर्माण, 19.30 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली हसौद सरसींवा सराईपाली सड़क निर्माण, 5.73 करोड़ की लागत वाले कोसमुण्डा पहुंचमार्ग, 2.07 करोड़ की लागत वाले तौलीडीह साल्हेओना मार्ग तथा 89.14 लाख रूपए की लागत वाले खपरापाली से लांधिया पहुंचमार्ग का भूमिपूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ योजना अंतर्गत 67.98 लाख रूपए की लागत से धरसा रोड में सहीस मोहल्ला से गौठान तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण, 1.02 करोड़ की लागत से हाईस्कूल से गुड़ीपारा तक सीसी सड़क एवं नाली निर्माण, 68.35 लाख रूपए की लागत से मेनरोड से दूध डेयरी तक सीसी सड़क एवं नाली निर्माण, 48.34 लाख रूपए की लागत से पोरथधाम तक सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्य की आधारशीला रखेंगे। मुख्यमंत्री इस मौके पर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 3.55 करोड़ की लागत से बांजीपाली से केनाभाठा तक सड़क, 1.17 करोड़ रूपए की लागत से कलमा बैराज से बरगांव सड़क निर्माण कार्य तथा पीएमश्री योजनातंर्गत 1.47 करोड़ रूपए की लागत से सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के विभिन्न स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों, बोरवेल और वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों का भी भूमिपूजन करेंगे।
मुआवजे की मांग ले कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे मलुहा के किसान
बिलाईगढ़ । अपर सोनिया जलाशय के डुबान क्षेत्र में भूमि जाने के बाद पिछले 24 वर्षों से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे मलुहा के 6 किसान एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। यह धरना बिलाईगढ़ नगर पंचायत के इंदिरा मार्केट में भीम रेजिमेंट के नेतृत्व में शुरू हुआ।
किसानों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार तक सैकड़ों आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन और “तारीख पर तारीख” ही मिली। मुआवजा न मिलने पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हक के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर न्याय नहीं दे रही है।
किसान मनीष चेलक ने साफ कहा, “जब तक हमें मुआवजा नहीं मिलेगा, हम धरने से नहीं उठेंगे।” प्रदर्शन के पहले दिन स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा और एक बार फिर आश्वासन दिया, लेकिन किसान अब आश्वासन से आगे ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बहरहाल, अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 24 साल से लंबित यह मुआवजा मामला इस बार किसानों को उनका हक दिला पाएगा या फिर यह धरना भी केवल वादों तक सिमटकर रह जाएगा।
पार्षद के वाहन की टक्कर से मासूम की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
बिलाईगढ़ । बिलाईगढ़ नगर पंचायत के पार्षद धनीराम देवांगन एक सड़क दुर्घटना के मामले में विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उनके वाहन की टक्कर से एक नाबालिग बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दुर्घटना के बाद पीड़ित परिजनों ने मीडिया के सामने आकर पार्षद पर गंभीर लापरवाही और राजनीतिक प्रभाव के दुरुपयोग के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद पार्षद ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाने के बजाय खुद को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। उनके सहयोगी इलाज के नाम पर तरह-तरह के बहाने बनाते रहे और मौके की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जब बच्ची की मौत की पुष्टि हो गई, तो पार्षद पक्ष की ओर से समझौते के लिए पैसों का लालच भी दिया गया। परिजनों ने साफ तौर पर कहा कि मामला रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही थी।
घटना में शामिल वाहन को पुलिस थाने लाया गया है, लेकिन अब तक आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फोर लेन निर्माण पर विरोध तेज, सरसिंवा-भटगांव में बायपास की उठी मांग
नागरिकों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, अनदेखी पर होगा नगर बंद और आंदोलन
बिलाईगढ़ । कुम्हारी से सारंगढ़ तक प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग 130-B के तहत फोर लेन सड़क निर्माण को लेकर सरसिंवा और भटगांव नगर में स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि प्रस्तावित सड़क नगर के बीचोंबीच निकलने से हजारों लोगों का जीवन और कारोबार प्रभावित होगा।
सरसिंवा में ज्ञापन, भटगांव में हस्ताक्षर अभियान
सरसिंवा नगर पंचायत के नागरिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बायपास मार्ग की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि नगर के मुख्य मार्ग पर करीब 150 मकान और 150 से अधिक दुकानें हैं। यदि फोर लेन निर्माण इसी मार्ग से होता है तो लोगों को उजड़ना पड़ेगा और स्थानीय व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा।
इसी मांग को लेकर भटगांव में भी नागरिकों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। लोगों ने स्पष्ट कहा कि फोर लेन सड़क नगर के बाहर से निकाली जाए, ताकि जन-जीवन और कारोबार प्रभावित न हो।
आंदोलन की चेतावनी
सरसिंवा और भटगांव के नागरिकों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो नगर बंद और लोकतांत्रिक प्रदर्शन जैसे कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा
स्थानीय प्रशासन अब दोराहे पर खड़ा है—या तो जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बायपास का विकल्प तैयार करे, या फिर बढ़ते जनआक्रोश का सामना करने को तैयार रहे।
अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया देती है, या लोगों को एक बड़े जन आंदोलन की ओर कदम बढ़ाना पड़ेगा।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में तंबाकू नियंत्रण को लेकर सख्त कार्रवाई
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देशानुसार डॉ एफ आर निराला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय के सहयोग से कोटपा अधिनियम 2003 के तहत सख्त कार्रवाई की गई।
धारा 4, धारा 6 ए और 6 बी के तहत 49 चालान काट कर चालान राशि 8750 जमा किया गया। इसी प्रकार बिलाईगढ़ ब्लॉक में 15 चालान काट कर 2400 रूपये जमा किए गए।
जिले में सभी ब्लॉक में प्रवर्तन दल के द्वारा जिले के विभिन्न पान ठेलो और शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में छापा मारकर चलानी कार्यवाही किया गया। धूम्रपान निषेध हेतु कोटपा अधिनियम 2003 के नियमों के उलंघन करने वाले व्यक्तियों पर जुर्माना लगाया गया।
तंबाकू उत्पाद से संबंधित विज्ञापनों को ग्रामों व शहरों से हटवाया गया। 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के द्वारा क्रय- विक्रय सहित उपभोग करने पर कार्यवाही किया गया।
प्रवर्तन दल में डॉ. इन्दु सोनवानी जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, डॉ दिव्या जोशी, नॉमिली तिवारी, डॉ प्रकाश कुर्रे, डॉ शिवांश पटेल, डॉ सीमा जगत, डॉ लोकेश कुमार,संतोष टंडन, सचिन टंडन, गजेन्द्र देवांगन, आकाश सिदार,अंबिका ध्रुव, धनसाय कुर्रे, आरक्षक मुकेश चंद्रा, मोहनमति, सतेंद्र बर्मन उपस्थित थे।
धारासिव के पनखत्ती तालाब में मिला अज्ञात भ्रूण, इलाके में सनसनी
बिलाईगढ़ । थाना क्षेत्र के धारासिव गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई जब गांव के पनखत्ती तालाब में एक अज्ञात भ्रूण तैरता हुआ मिला। इस दर्दनाक और शर्मनाक घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिलाईगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब में मिला भ्रूण पूरी तरह विकसित था, उसके आंख, कान, हाथ-पैर पूरी तरह बन चुके थे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह कई महीने का इंसानी भ्रूण हो सकता है। इस अमानवीय कृत्य को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने इसे "मानवता को शर्मसार करने वाला" और "घृणित अपराध" बताते हुए तत्काल जांच की मांग की है।
पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज और संभावित संदेहियों की जानकारी जुटाने का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि भ्रूण को किसने और क्यों तालाब में फेंका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि समाज की गिरती सोच का दुखद उदाहरण भी है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले पर कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को जल्द पकड़ने की मांग की है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द खुलासा करने का भरोसा दिलाया है।
3 अगस्त रविवार को होगा प्रयोगशाला सहायक परीक्षा
परीक्षा में आधी बांह के कपड़े पहनने की अनुमति
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के वेबसाइट में 3 अगस्त रविवार को आयोजित होने वाले प्रयोगशाला सहायक परीक्षा का प्रवेश पत्र अपलोड किया जा चुका है। व्यापम की यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक निर्धारित है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में 09 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, इसमें 3358 अभ्यर्थी शामिल होंगे। वेबसाइट व्यापमसीजी डॉट सीजीस्टेट डॉट जीओवी डॉट इन https://vyapamcg.cgstate.gov.in है।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश पूर्व परीक्षार्थी की होगी जांच :
परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व अभ्यर्थियों के हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तथा हाथों से तलाशी, फ्रिस्किंग किया जाएगा। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में आबंटित एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से यह फ्रिस्किंग कार्य किया जाना है। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग महिला पुलिस कर्मी से ही कराया जाना है। व्यापम के निर्देशों का पालन ना करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जायेगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश पूर्व सावधानियां
परीक्षार्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करेंगे। पैर में चप्पल पहन कर जाएं। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रिानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
परीक्षा केंद्र में निर्धारित समय पर पहुंचना होगा
परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा केन्द्र से बाहर जाना वर्जित है।
ओरिजनल पहचान पत्र से मिलेगा परीक्षा केंद्र में प्रवेश
प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट ले और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी। परीक्षार्थी को परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, का एक मूल पहचान पत्र परीक्षा दिवस में परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आता है, तो अभ्यर्थी अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो ले कर परीक्षा केंद्र में जाए।परीक्षार्थी परीक्षा कक्षा में केवल काले या नीले बाल पॉइंट पेन को ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग में लाये। चयन और प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है, अतः इसे सुरक्षित रखें। व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम में उद्यमियों और बैंकों के बीच हुआ सीधा संवाद
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । बैंकर्स एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के सहयोग मे रैंप योजना (राइजिंग एंड एक्सलेरिटिंग एमएसएमई परफार्मेंस) के अंतर्गत होटल श्रीओम बस स्टैंड के पास सारंगढ़ में "उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के कई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों (एमएसएमई), महिला उद्यमियों के प्रतिनिधियों, पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना व प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना स्व सहायता समूह, एफपीओ और स्टार्टअप्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिले के प्रमुख बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों ने भाग लेकर उपस्थित उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं, मुद्रा योजना और छत्तीसगढ़ टीएमएसई के लाभों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बैंक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला। उपस्थित उद्यमियों ने अपने व्यापार से जुड़ी समस्याओं को साझा किया, जिन पर बैंक अधिकारियों ने समाधान और मार्गदर्शन प्रदान किया। मौके पर ही कई ऋण प्रस्तावों पर कार्यवाही प्रारंभ की गई।
कलम नारायण ध्रुव जिला व्यापार एवं
उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम एमएसएमई सेक्टर को सशक्त करने की दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं और भविष्य में ऐसे और भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी बैंकों और उपस्थित उद्यमियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर संबंधित अग्रणी बैंक एसबीआई के जिला प्रबंधक सुरेश दमके, विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, औद्योगिक संगठन एवं स्थानीय उद्यमी सहित महेंद्र अग्रवाल उपस्थित रहे।
सड़कों पर गौवंश का डेरा: हादसों में बढ़ोतरी, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल...
बिलाईगढ़ । बिलाईगढ़ क्षेत्र में गौवंश की उपेक्षा और प्रशासनिक लापरवाही ने अब गंभीर रूप ले लिया है। सड़कों और पुल-पुलियों को अपना बसेरा बना चुके गौवंश न केवल खुद खतरे में हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
आवारा गौवंश का सड़क पर डेरा
इलाके में गौवंश के लिए न तो समुचित आश्रय स्थल है, न ही उनके संरक्षण की कोई ठोस व्यवस्था। ऐसे में ये बेजुबान जानवर अब सड़क पर चल रहे वाहनों के बीच आ-जा रहे हैं, जिससे छोटे-बड़े वाहन चालकों को हर दिन जान का जोखिम उठाना पड़ रहा है।
दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा
बीते कुछ दिनों में गौवंशों की चपेट में आकर कई बाइक और स्कूटर सवार घायल हो चुके हैं, वहीं कई गायें दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होकर बिना उपचार के तड़प-तड़पकर दम तोड़ रही हैं। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि घायलों को समय पर न तो चिकित्सकीय सहायता मिलती है और न ही प्रशासनिक हस्तक्षेप होता है।
'गौभक्तों' की चुप्पी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों में अब उन तथाकथित 'गौभक्तों' के प्रति भी रोष बढ़ रहा है, जो मंचों पर गौसेवा के दावे करते हैं, लेकिन ज़मीनी हालात में नज़र नहीं आते। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि वाकई गौ सेवा का भाव है तो अब समय है कि सड़कों पर तड़पते इन बेजुबानों के लिए स्थायी समाधान खोजा जाए।
समुचित आश्रय की मांग
ग्रामीणों और समाजसेवियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गोशाला या अस्थायी शेड की व्यवस्था, घायल गायों के उपचार की सुविधा, और सड़कों से हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही हादसों से बचने के लिए रात में रोशनी की उचित व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की भी जरूरत बताई गई है।
प्रशासन की अगली चाल पर टिकी निगाहें
फिलहाल, स्थानीय प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता को लेकर जन आक्रोश बढ़ रहा है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन गौवंश की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है। यदि जल्द कोई पहल नहीं हुई, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
यह मुद्दा अब केवल पशु कल्याण का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी का भी है।
सारंगढ़ में 1 अगस्त को "वित्तीय सहायता, लोन, बैंकिंग" टॉपिक पर होगा कार्यशाला
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । जिले के निवासियों के छोटे बड़े बिजनेस की कल्पना को साकार करने के लिए जिला व्यापारी एवं उद्योग केंद्र सारंगढ़ बिलाईगढ़ के द्वारा उद्योग बैंकर्स संवाद का एक दिवसीय कार्यशाला श्रीओम होटल सारंगढ़ में 1 अगस्त को किया जाएगा।
कार्यशाला में बिजनेस के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण योजनाओं की जानकारी, एमएसएमई इकाइयों से संबंधित वित्तीय समस्याओं का समाधान, क्रेडिट लिंक योजनाओं (सीजीटीएमएसई, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन आदि) की जानकारी उद्यमियों और बैंकर्स के मध्य प्रत्यक्ष संवाद, महिला उद्यमियों एवं स्वसहायता समूह को मार्गदर्शन विशेष रूप से दिया जाएगा।
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों, महिला उद्यमी और स्व सहायता समूह के साथ-साथ कारीगरों (नाई, धोबी, दर्जी, झाड़ू चटाई निर्माता, हथोड़ा व टूलकिट निर्माता, खिलौना निर्माता, राजमिस्त्री, मोची, मूर्तिकार, शिल्पकार आदि) को रैंप योजना (एमएसएमई प्रदर्शन को बढ़ाना और तेज करना) के तहत बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं एवं वित्तीय सहायता से जोड़ना, इस कार्यशाला का उद्देश्य है।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक कमल नारायण ध्रुव ने जिले के सभी इच्छुक उद्यमियों एवं लाभार्थियों, स्व सहायता समूह आदि को इस निशुल्क कार्यशाला में भाग लेने के लिए आग्रह किया है। अधिक जानकारी के लिए महाप्रबंधक के मोबाइल नंबर 8319370847 एवं सहायक प्रबंधक मोबाइल नंबर 9926122801 पर संपर्क कर सकते हैं।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने बालक छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया
सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने मंगलवार को शाम 7 बजे प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास पवनी का आकस्मिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास में रह रहे कक्षा 9वीं के एक छात्र से कहा कि अब तक पढ़ाई को कॉपी में लिखे क्यों नहीं हो। वहीं दूसरे छात्रों से पढ़ाई, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा किया।
कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने विशेष रूप से गणित विषय पर छात्रों से संवाद किया और उनकी नोटबुक की जांच की। एक छात्र की गणित की कॉपी देखकर उन्होंने उसकी सुंदर हैंडराइटिंग की सराहना भी की। साथ ही, अंग्रेजी की नोटबुक और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर भी जानकारी ली।
मध्यान्ह भोजन योजना की स्थिति जानने के लिए भी कलेक्टर ने छात्रों से सीधे पूछताछ की और उनकी संतुष्टि का आकलन किया।
निरीक्षण के समय छात्रावास अधीक्षक अनुपस्थित पाए गए। छात्रावास की क्षमता 50 बिस्तरों की है, लेकिन निरीक्षण के दौरान केवल 16 बच्चे ही उपस्थित मिले। बताया गया कि कुछ छात्र छुट्टी में अपने घर चले गए हैं। इस दौरान बिलाईगढ़ एसडीएम वर्षा बंसल, डिप्टी कलेक्टर अनिकेत साहू, पटवारी जीवनलाल साहू और राजस्व निरीक्षक भी उपस्थित थे।
किसान स्वयं कर सकते हैं एग्रीस्टेक पोर्टल में फॉर्मर पंजीयन
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । किसान अपना पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल में स्वयं कर सकता है। पंजीयन करने के लिए स्मार्ट फोन या कम्प्यूटर सेट, आधार नंबर लिंक मोबाईल, आधार कार्ड, भूमि का खसरा बी-1 की आवश्यकता होगी।
कम्प्यूटर से पंजीयन करने के लिए वेबसाईट सीजी एफ आर डॉट एग्रिस्टेक डॉट जीओवी डॉट इन पर जाना होगा। मोबाईल से पंजीयन करने के लिए गूगल प्ले स्टोर से फॉर्मर रजिस्ट्री सीजी एप डाऊनलोड करना होगा। साईट या एप पर जाकर पेज में नीचे क्रिएट न्यू यूजर अकाउंट पर जाये, अपना आधार नंबर बाक्स में भरें, आधार ओटीपी से आधार नंबर वेरीफाई करें, आपकी डिटेल अपने आप आ जायेगी, पेज में सबसे नीचे जाएं, मोबाईल नंबर भरें, ओटीपी से मोबाईल नंबर वेरीफाई करें, अपना स्वयं का पासवर्ड बनाये।
अब वापस लॉगिन पेज पर जाकर अपने मोबाईल व पासवर्ड से लॉगिन करें, लॉगिन करने पर आपकी डिटेल पेज पर दिखाई देगी व रजिस्टर पर क्लिक करें, पोर्टल आपसे पूछेगा की आप मोबाईल नंबर बदलना चाहते है? नहीं कर आगे बढ़े। किसान को अपनी डिटेल हिन्दी में भरना होगा (या गुगल ट्रांसलेट से कर सकते है)। आपके विवरण को अंग्रेजी से मिलाकर प्रतिशत में कितना मिल रहा है, बताएगा ध्यान में रखे जानकारी 80 प्रतिशत से ज्यादा मिले। इसी प्रकार आपका पता, जिला, अनुभाग, आदि भरें, अब रजिस्ट्रेशन जमीन की जानकारी में आगे जाये।
जमीन में मालिक या किरायेदार पूछेगा आपको कृषि और लैंड ओवनिंग का दो विकल्प दिखाई देगा दोनों को सेलेक्ट करें। फैच लैंड डिटेल पर क्लिक करें।
सर्वे नंबर पर मूल खसरा नंबर एवं सर्वे नंबर पर भरें जो संख्या हो उसे भरें, जैसे-110/5 है तो पहले खाने में 110 एवं दूसरे खाने में 5 भरें। अपना नाम किसान की सूची में सलेक्ट करें, पहचानकर्ता के नाम को मिलान कर सबमिट करें। किसान के नाम जितनी भूमि है, सब दिखाई देगी फिर भी बी-1 से मिलाकर उन खसरा का चयन करें जो आपकी है। अब वेरीफाई ऑल लैण्ड पर जो की लिस्ट में ऊपर है उसे क्लिक करें। बाक्स में सहमति के लिए चेकबाक्स में क्लिक करें, ई साईन का विकल्प खुलने पर ई साईन ओटीपी के माध्यम से पूर्ण करें।
ई साईन होने के लिए आधार की साईट पर जो अपने आप खुलेगी आधार नंबर डालकर ओटीपी के माध्यम से ई साईन करें। ई-साईन करने पर आपका रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण होकर नामांकन नंबर मिलेगा। यदि आपके द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक मिलान हो रहा है तो यह स्वचलित प्रक्रिया के तहत 48 घंटे में आपकी फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो जायेगी और यदि 80 प्रतिशत से कम मिलान है तो पटवारी और तहसीलदार द्वारा वेरीफिकेशन पूर्ण होने पर आईडी जारी होगी।