छत्तीसगढ़ / बेमेतरा
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जिला स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन
बेमेतरा । जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विषय पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 7 से 11 जुलाई 2025 तक सीएमएचओ कार्यालय के प्रशिक्षण हॉल में किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स प्रमाणन की तैयारी और स्वास्थ्यकर्मियों की दक्षता में वृद्धि करना रहा। कार्यक्रम में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सा अधिकारी, आरएमए, स्टाफ नर्स, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सहित कुल 194 स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रशिक्षण में सभी कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, कार्यप्रवाह, दस्तावेजीकरण और मातृ-शिशु केंद्रित सेवा प्रावधानों के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यशाला के संचालन में यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. अक्षय तिवारी एवं तकनीकी टीम ने प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों का सफल संचालन किया। यूनिसेफ की तकनीकी मार्गदर्शन एवं फीडबैक प्रणाली से स्वास्थ्य कर्मियों में आत्मविश्वास का संचार हुआ और सेवा गुणवत्ता के प्रति नई जागरूकता विकसित हुई। कार्यक्रम का सफल नेतृत्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहडेलकर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक बंसोड़, टीकाकरण अधिकारी डॉ. शरद, डॉ. बी.एल. राज, पीडियाट्रिशियन डॉ. दीपक कुमार निराला, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री लता बंजारे, श्रीमती हिना सिन्हा एवं जिला प्रशिक्षण समन्वयक श्री अमित के मार्गदर्शन में किया गया। सभी अधिकारियों ने टीम भावना को बढ़ावा देते हुए प्रतिभागियों को निरंतर सीखते रहने और आगामी राष्ट्रीय मूल्यांकन की तैयारी में जुटने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम को नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
केन्द्रीय विद्यालय बेमेतरा को मिली मंजूरी, शैक्षणिक सत्र 2025-26 से होगा संचालन प्रारंभ
बेमेतरा । भारत सरकार द्वारा नागरिक/रक्षा क्षेत्र में 85 नए केन्द्रीय विद्यालयों की स्थापना के निर्णय के अंतर्गत बेमेतरा जिले को एक नई सौगात मिली है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन द्वारा जारी आदेश के अनुसार केन्द्रीय विद्यालय बेमेतरा की स्थापना को स्वीकृति मिल गई है, और यह विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2025-26 से संचालन प्रारंभ करेगा। नए केन्द्रीय विद्यालय के संचालन के लिए बेमेतरा के शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय भवन, बावामोहतरा तहसील-बेमेतरा को नामांकित स्थान के रूप में चयनित किया गया है।
भूमि हस्तांतरण एवं उपयुक्त अस्थायी भवन की उपलब्धता के बाद विद्यालय का संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक कक्षा में एक-एक सेक्शन) संचालित होगा, तथा भविष्य में कक्षाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश प्रक्रिया भूमि हस्तांतरण और भवन की अन्य सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। यह विद्यालय बेमेतरा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा और स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्रदान करेगा।
मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए बीएलओ-सुपरवाइजर का प्रशिक्षण शुरू
बेमेतरा । भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़, रायपुर के निर्देशानुसार फोटोयुक्त निर्वाचन नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के पूर्व ’’राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम’’ के अंतर्गत जिले में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) एवं बीएलओ सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण 10 जुलाई से शुरू हो गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रियाएं सुचारु एवं निष्पक्ष रूप से सम्पन्न हो सकें।
प्रशिक्षण का बैचवार आयोजन
विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 69-बेमेतरा अंतर्गत तहसील बेरला में 10 जुलाई से 12 जुलाई 2025 तक बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण जनपद पंचायत बेरला के सभाकक्ष में बैचवार आयोजित किया गया है। इसके पश्चात तहसील बेमेतरा, तहसील साजा एवं तहसील नवागढ़ में 14 जुलाई से 17 जुलाई 2025 तक क्रमशः प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। सभी संबंधित क्षेत्रों के बीएलओ और सुपरवाइजरों को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने हेतु निर्देशित किया गया है।
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएं
प्रशिक्षण में निर्वाचन कार्य से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की गहन जानकारी प्रदान की जा रही है। मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को निम्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
निर्वाचन नामावली में संशोधन की प्रक्रिया
फार्म 6, 7, 8 एवं 6बी के प्रबंधन की प्रक्रिया, मतदाता सूची में नवीन प्रविष्टि, विलोपन एवं सुधार से संबंधित प्रावधान, निर्वाचन आयोग के संवैधानिक एवं विधिक दिशा-निर्देश, शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार करने हेतु तकनीकी उपकरणों का उपयोग, प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मियों को उनकी भूमिका एवं उत्तरदायित्वों से भलीभांति अवगत कराया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य समयबद्ध एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न हो सके। जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से बीएलओ एवं सुपरवाइजरों की दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।
केन्द्रीय विद्यालय बेमेतरा को मंजूरी
शैक्षणिक सत्र 2025-26 से होगा संचालन
बेमेतरा। भारत सरकार द्वारा नागरिक/रक्षा क्षेत्र में 85 नए केन्द्रीय विद्यालयों की स्थापना के निर्णय के अंतर्गत बेमेतरा जिले को एक नई सौगात मिली है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन द्वारा जारी आदेश के अनुसार केन्द्रीय विद्यालय बेमेतरा की स्थापना को स्वीकृति मिल गई है, और यह विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2025-26 से संचालन प्रारंभ करेगा। नए केन्द्रीय विद्यालय के संचालन के लिए बेमेतरा के शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय भवन, बावामोहतरा तहसील-बेमेतरा को नामांकित स्थान के रूप में चयनित किया गया है। भूमि हस्तांतरण एवं उपयुक्त अस्थायी भवन की उपलब्धता के बाद विद्यालय का संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
प्रारंभिक चरण में विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक कक्षा में एक-एक सेक्शन) संचालित होगा, तथा भविष्य में कक्षाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश प्रक्रिया भूमि हस्तांतरण और भवन की अन्य सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। यह विद्यालय बेमेतरा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा और स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्रदान करेगा।
मतदाता सूची में 18-19 वर्ष के छात्रों के नाम जोड़ने विशेष शिविर 14 व 16 को
बेमेतरा । भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले के महाविद्यालयों में अध्ययनरत 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने हेतु विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार शासकीय पं. जवाहर लाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेमेतरा में 14 जुलाई को तथा शासकीय लक्ष्मण प्रसाद वैद्य कन्या महाविद्यालय बेमेतरा में 16 जुलाई को पूर्वान्ह 11.00 बजे से शिविर आयोजित किया जाएगा। इस विशेष शिविर का उद्देश्य उन नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ना है, जो 18 से 19 वर्ष की आयु सीमा में हैं। शिविर में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को ऑनलाइन फॉर्म-6 भरना होगा। इसके लिए उन्हें आधार कार्ड, 10वीं की अंकसूची, पासपोर्ट साइज फोटो, तथा परिवार के किसी एक सदस्य का फोटो परिचय पत्र साथ लाना अनिवार्य किया गया है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने दोनों महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे अपने महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों को शिविर की जानकारी दें तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। शिविर में विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं दस्तावेजों की पूर्ति के आधार पर नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। निर्वाचन कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ’’कोई मतदाता न छूटे’’ इस संकल्प को लेकर यह शिविर आयोजित किया जा रहा है, ताकि युवा मतदाता लोकतांत्रिक प्रणाली में भागीदारी कर सकें। जिला प्रशासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित तिथि को शिविर में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर मतदाता सूची में अपना नाम जोड़वाएं।
संयुक्त जिला कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली का शुभारंभ
बेमेतरा । जिले में शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटलीकरण की ओर अग्रसर करते हुए, आज संयुक्त जिला कार्यालय बेमेतरा में ई-ऑफिस प्रणाली का विधिवत शुभारंभ किया गया। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने बुधवार को अपने कक्ष से ई-ऑफिस प्रणाली का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल शासन की मंशा के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रशासनिक कार्यों को पारदर्शी, दक्ष एवं समयबद्ध बनाएगी।
कलेक्टर शर्मा ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से न केवल कार्यों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि कार्यों की गति में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। यह पहल कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद एवं सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने इसे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की दिशा में जिले का एक प्रभावी और ठोस कदम बताया।
ई-ऑफिस, एक डिजिटल बदलाव की पहल
ई-ऑफिस, जिसे इलेक्ट्रॉनिक कार्यालय भी कहा जाता है, एक ऐसा डिजिटल कार्यस्थल समाधान है, जो शासकीय कार्यालयों में कागज रहित, सरल, प्रभावशाली और पारदर्शी कार्य प्रणाली को बढ़ावा देता है। यह एक ओपन आर्किटेक्चर पर आधारित प्रणाली है, जिसे विभिन्न स्तरों पर कार्यान्वित किया जा सकता है। यह प्रणाली भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समस्त शासकीय विभागों में प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से सुलभ और कुशल बनाना है।
ई-ऑफिस के मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली को आसान और तेज बनाना। काम में पारदर्शिता लाकर जवाबदेही सुनिश्चित करना। कार्य निष्पादन की गुणवत्ता और गति में सुधार। कागज के उपयोग को न्यूनतम कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान। ई ऑफिस से सरकारी कार्यों की प्रक्रिया नागरिकों के लिए अधिक स्पष्ट हो जाती है। अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कार्यों के लिए उत्तरदायी होते हैं, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आती है। कार्य प्रक्रिया में तेजी आने से समय और संसाधनों की बचत होती है। सिस्टम आधारित कार्यप्रणाली से कर्मचारी अधिक कुशलता से कार्य कर पाते हैं।
ई-ऑफिस का उपयोग केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन सहित विभिन्न स्तरों पर किया जा रहा है। यह प्रणाली फाइल प्रबंधन, रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालयीन संचार जैसे विविध कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित करने में मदद करती है। ई-ऑफिस प्रणाली के शुभारंभ के साथ बेमेतरा जिला प्रशासन ने सुशासन और कार्यकुशलता की दिशा में एक प्रभावशाली कदम बढ़ाया है। यह पहल आने वाले समय में समस्त शासकीय कार्यों को अधिक सुगम, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
उचित मूल्य दुकान संचालन के आवेदन
बेमेतरा । बेमेतरा नगर पालिका परिषद अंतर्गत वार्ड क्रमांक 16 परशुराम वार्ड में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान आई.डी. क्रमांक 501007012 का संचालन कर रही संस्था सीता गीता महिला स्व सहायता समूह बेमेतरा द्वारा दिनांक 01 जुलाई 2025 को संचालन में असमर्थता व्यक्त करते हुए त्याग पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसके फलस्वरूप उक्त दुकान रिक्त हो गई है। उक्त रिक्त दुकान के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत पात्र संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक स्थानीय नगरीय निकाय, महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति, अन्य सहकारी समिति, राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम अथवा वन सुरक्षा समितियां, जो न्यूनतम तीन माह पूर्व पंजीकृत हों, वे दिनांक 11 जुलाई 2025 तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन के साथ समिति का पंजीयन प्रमाण पत्र, सदस्यों का विवरण, बैंक पासबुक की छायाप्रति, अध्यक्ष/सचिव एवं सदस्यों का आधार एवं पैन कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक है। आवेदन प्रारूप एवं विस्तृत जानकारी जिला कार्यालय बेमेतरा के कक्ष क्रमांक 54 में कार्यालयीन समय में प्राप्त की जा सकती है।
पुलिस द्वारा 12 जब्त वाहनों की खुली नीलामी 16 को
बेमेतरा । आबकारी एक्ट के तहत जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी द्वारा जप्त कर राजसात किये गए कुल 12 वाहनों (07 दोपहिया एवं 05 चारपहिया) की खुली बोली प्रक्रिया के माध्यम से नीलामी की जाएगी। पूर्व में यह नीलामी 09 जुलाई 2025 को आयोजित होनी थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसमें आंशिक संशोधन किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब यह नीलामी 16 जुलाई 2025, बुधवार को प्रातः 11.00 बजे से सायं 04.00 बजे तक थाना सिटी कोतवाली परिसर में आयोजित की जाएगी।
नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार—दोपहिया वाहन हेतु 2000 एवं चारपहिया वाहन हेतु 5000 का बैंक ड्राफ्ट पुलिस अधीक्षक, जिला बेमेतरा के नाम से बनवाकर, बंद लिफाफे में संबंधित वाहन का नंबर, वाहन का प्रकार, अपना नाम, पता एवं मोबाइल नंबर अंकित कर 14 जुलाई 2025 तक कार्यालयीन समय में रक्षित निरीक्षक, बेमेतरा के समक्ष जमा करना अनिवार्य है। इच्छुक क्रेता नीलामी तिथि के पूर्व थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा परिसर में कार्यालयीन समय में जाकर वाहनों का अवलोकन कर सकते हैं। नीलामी की विस्तृत शर्तें थाना सिटी कोतवाली एवं अन्य थाना/चौकी/पुलिस कार्यालयों के नोटिस बोर्ड में प्रदर्शित की गई हैं, जिन्हें वहाँ जाकर देखा एवं प्राप्त किया जा सकता है।
समन्वित पोषण प्रबंधन से बदलती खेती का चेहरा बेमेतरा की सहज क्रांति
बेमेतरा । जब मानसूनी बादल आसमान में उमड़-घुमड़ रहे थे, तब नवलपुर (विकासखंड बेमेतरा) की श्रीमती बेदनबाई पति श्री सोपन ने अपने 2.42 एकड़ खेत में हल चलाते हुए एक सधे हुए कदम के साथ समन्वित पोषण प्रबंधन की नई राह पकड़ी।
यह राह केवल उनकी खेती का भविष्य ही नहीं, बल्कि जिले के हज़ारों कृषकों के लिए भी उम्मीद की इबारत लिख रही हैकृऔर इसके केंद्र में है राज्य सरकार की “मिट्टी सेहतदृफसल उपज” अभियान श्रृंखला। फसलों की स्वस्थ वृद्धि और अधिक उत्पादन के लिए कुल 17 प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश प्रमुख हैं।
नाइट्रोजन पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को तीव्र करता है तथा तनों और पत्तियों की वृद्धि में सहायक होता है। फास्फोरस जड़ों की मजबूती और विकास के लिए अनिवार्य है। पोटाश पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ जल अवशोषण में भी मदद करता है।
इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए किसान यूरिया, डीएपी, एनपीके, सुपर फास्फेट, पोटाश जैसे विभिन्न उर्वरकों का उपयोग करते हैं। अब किसान सिर्फ एक ही प्रकार के उर्वरक पर निर्भर न रहकर मिश्रित और संतुलित उर्वरक रणनीति अपना रहे हैं, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर हो।
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा पहुंची जिला चिकित्सालय
बच्चों और माताओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की ली जानकारी, व्यवस्थाओं पर जताई संतुष्टि
बेमेतरा ।छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने शुक्रवार को शाम जिला चिकित्सालय बेमेतरा पहुंची। उन्होंने एमसीएच बिल्डिंग में प्रसव कक्ष, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), एसएनसीयू वार्ड समेत अन्य चिकित्सा इकाइयों का गहन अवलोकन किया।
इस दौरान डॉ. शर्मा ने अस्पताल में भर्ती प्रसूता महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही इलाज एवं देखरेख की सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सा स्टाफ द्वारा दी जा रही सेवाओं और अस्पताल परिसर में उपलब्ध स्वच्छता एवं सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, पार्षद नीतू कोठारी, आयोग की सदस्य निवेदिता जोशी, प्रफुल्ल शर्मा भी उनके साथ उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अशोक बसोड़, सिविल सर्जन डॉ.लोकेश साहू, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक निराला, मेट्रन, अस्पताल प्रमुख सलाहकार डॉ. स्वाति यदु, जिला मीडिया प्रभारी संजय तिवारी, फीडिंग डेमॉन्स्ट्रेटर दीप्ति धुरंधर समेत अन्य चिकित्सकीय स्टाफ एवं मरीजों के परिजन मौजूद थे।
डॉ. शर्मा ने अस्पताल प्रशासन को कहा कि बच्चों एवं माताओं को समुचित पोषण, समय पर उपचार तथा साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र की विशेष सराहना करते हुए इसे कुपोषण मुक्ति के लिए प्रभावी पहल बताया। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र की पंजी और प्रतिदिन बच्चों की नियमित पोषण डाइट आदि अवलोकन किया।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने बीरेन्द्र राजपूत के घर में लाई ऊर्जा क्रांति
बिजली आने-जाने की झंझट ही खत्म
बेमेतरा। प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar : Muft Bijli Yojana) छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति का प्रतीक बनकर उभर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अब केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार का भी प्रत्यक्ष सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार की ओर से दी जा रही अतिरिक्त सहायता से उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का लाभ मिल रहा है, जिससे घरों की छतों पर सौर पैनल लगवाना अब और भी आसान और किफायती हो गया है।
इस योजना के तहत जिले के बेमेतरा शहर निवासी बीरेन्द्र राजपूत ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती द्रोपती राजपूत के नाम से 3.370 किलोवाट (KW) का सोलर पैनल जनवरी 2025 में स्थापित करवाया। उन्हें कुल ₹78,000 की सब्सिडी मिली, जो आवेदन के मात्र 15 दिनों के भीतर सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो गई।
बीरेन्द्र बताते हैं कि उन्होंने इस योजना के तहत सौर पैनल लगवाने के बाद से बिजली बिल की चिंता से पूरी तरह छुटकारा पा लिया है। पिछले पाँच माह से उनका बिजली बिल या तो शून्य आया है, या बहुत ही कम। उन्होंने बताया कि उनके घर में 1 HP की पानी की मोटर, एसी और अन्य घरेलू उपकरण सहजता से चलते हैं और बिजली की आपूर्ति भी अब लगातार बनी रहती है।
उपभोक्ता श्रीमती द्रौपति राजपूत द्वारा पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 3 किलो वॉट के प्लांट कैपेसिटी का ऑन ग्रिड कनेक्शन माह जनवरी में लिया गया था। माह मई 2025 तक सोलर पैनल द्वारा कुल 1160 यूनिट बिजली ग्रिड में सप्लाई किया गया है एवम ग्रिड से 1146 यूनिट बिजली उपयोग हेतु इंपोर्ट गया है।जिससे माह जनवरी से माह मई तक उपभोक्ता को मात्र कुल 90 रुपए का विद्युत बिल प्राप्त हुआ है।
बीरेन्द्र कहते हैं – “पहले अक्सर बिजली कट जाती थी। दिन-रात कभी भी लाइट चली जाती थी जिससे गुस्सा आता था, नींद में खलल पड़ती थी, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। लेकिन अब सोलर पैनल लगने के बाद बिजली आने-जाने की झंझट ही खत्म हो गई है। बच्चे रात में बिना रुकावट के पढ़ाई करते हैं और हम सब सुकून से रहते हैं।
इस योजना ने उनके परिवार को न केवल सहज और सस्ती बिजली दी है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का एहसास भी कराया है। पहले जहाँ मासिक बिजली बिल एक बड़ा खर्च होता था, अब वहीं सौर ऊर्जा से हर माह की बचत शुरू हो गई है।
बीरेन्द्र राजपूत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उनका कहना है कि यह योजना आमजन के जीवन को वास्तव में बदल रही है, और यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।
इस तरह प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना छत्तीसगढ़ में न केवल स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा कर रही है, बल्कि लोगों की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर रही है। बीरेन्द्र राजपूत जैसे लाभार्थी इसकी जीवंत मिसाल हैं, जो इस योजना की सफलता की कहानी को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।
ओंकार नाथ : एक नई शुरुआत की ओर
बेमेतरा। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आयोजित शिविरों ने बेमेतरा जिले के सुदूर और पिछड़े गांवों में जनसेवाओं को नजदीक लाकर आमजन के जीवन में सार्थक परिवर्तन की दिशा तय की है। ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण है। विकासखंड साजा के ग्राम कोरवाय निवासी ओंकार नाथ का।
ओंकार नाथ एक मेहनती और ईमानदार खेतिहर मजदूर हैं, जो लंबे समय से मनरेगा व अन्य निर्माण कार्यों में असंगठित क्षेत्र में श्रमिक के रूप में कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। लेकिन सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव और आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण वह अब तक किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ नहीं ले पाए थे।
जब ग्राम कोरवाय में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत दो दिवसीय शिविर आयोजित किया गया, तब ओंकार नाथ भी अपनी जिज्ञासा और उम्मीदों के साथ शिविर में पहुंचे। वहां उन्हें श्रम विभाग की टीम ने श्रमिक पंजीयन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दस्तावेजों की तत्काल जांच कर शिविर में ही उनका नवीन श्रम कार्ड बनाया गया। यह ओंकार नाथ के जीवन की दिशा बदलने वाला क्षण था।
नवीन श्रम कार्ड पंजीयन हुआ। मिलने के बाद अब को राज्य सरकार की श्रम कल्याण योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। आगे भविष्य में जैसे कि–भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की ओर से श्रमिक बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, मुफ्त साइकिल, मातृत्व सहायता, औजार सहायता, पेंशन, और मकान निर्माण सहायता जैसी योजनाओं का लाभ वे उठा सकेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने शिविर के दौरान आधार अपडेट, आयुष्मान भारत कार्ड, और बैंक खाता आधार से लिंक की प्रक्रिया भी पूरी की।
ओंकार नाथ कहते हैं, “पहले मुझे नहीं पता था कि मुझे सरकार से इतना कुछ मिल सकता है। अब मुझे उम्मीद है कि मेरे बच्चों की पढ़ाई और हमारे जीवन की कठिनाइयों में कुछ राहत जरूर मिलेगी। यह शिविर हमारे गांव के लिए वरदान साबित हुआ।”
उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि इस बात की मिसाल भी है कि जब सरकार की योजनाएं लोगों के द्वार तक पहुंचती हैं और सही मार्गदर्शन मिलता है, तो बदलाव संभव है।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के इस सफल शिविर ने यह सिद्ध किया है कि सही समय, सही स्थान और संवेदनशील प्रयासों के माध्यम से सामाजिक समावेशन और सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया जा सकता है। चुरावन सिंह की यह कहानी अब ग्राम कोरवाय में नई उम्मीदों और प्रेरणा की कहानी बन चुकी है।
खाद्य मंत्री ने किया अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण, शाला प्रवेश उत्सव में हुए शामिल
बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी जरूरी: खाद्य मंत्री दयालदास बघेल
बेमेतरा । खाद्य मंत्री दयालदास बघेल आज नवागढ़ विकासखंड के ग्राम बदनारा में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नव प्रवेशी विद्यार्थियों को शिक्षा की नई यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं और अपने प्रेरणादायक उद्बोधन से बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री बघेल ने बच्चों को पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश वितरित किए और मुंह मीठा कराकर उनका स्वागत किया। गुलाल और तिलक से बच्चों का पारंपरिक रूप से स्वागत कर शिक्षा की इस नई यात्रा की शुरुआत को उत्सव में बदला गया। उन्होंने विद्यालय में निर्मित एक अतिरिक्त कक्षा कक्ष का लोकार्पण भी किया। बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
अपने संबोधन में मंत्री श्री बघेल ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। विद्यालय एक ऐसा मंदिर है जहाँ से बच्चों का संपूर्ण विकास आरंभ होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। गणवेश, पाठ्यपुस्तक, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति जैसी योजनाएँ इसी दिशा में मजबूत कड़ी हैं।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह बच्चों के सोचने-समझने और व्यवहार में बदलाव लाने वाली होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास होना चाहिए कि गांव का हर बच्चा स्कूल आए, शिक्षा पाए और आत्मनिर्भर बने।
उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय रुचि लें। “आप अपने बच्चों से रोज पूछें कि आज स्कूल में क्या सीखा.? इससे बच्चे न केवल उत्साहित होंगे, बल्कि शिक्षक भी बेहतर शिक्षण के लिए प्रेरित होंगे।” उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षा के महत्व को समाज तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है।इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष खोरबाहरा साहू, अजय साहू, जिला शिक्षा अधिकारी सरपंच-पंचगण, शिक्षकगण, ग्रामीणजन और छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी सहायिका पद के आवेदन
बेमेतरा। जिले की एकीकृत बाल विकास परियोजना बेमेतरा अंतर्गत वर्तमान में नवीन स्वीकृत पद एवं रिक्त पद हेतु आ.बा. सहायिका के पद पर शासन द्वारा निर्धारित निर्देश एवं मानदंडों के अनुसार नियमानुसार नियुक्ति किया जाना हैं। इसके अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय जिला बेमेतरा के ग्राम बावामोहतरा पुराना वार्ड नंबर 12 के नया वार्ड 15 आगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 2 पर सहायिका पद पर आवेदन आमंत्रित किया गया हैं।
आवेदन संबंधित नगरीय की आवेदिकाओ द्वारा आवेदन पत्र भरकर निर्धारित तिथि में 26 जून 2025 से 11 जुलाई 2025 तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बेमेतरा वार्ड नं. 10/13 (सिंघौरी) बेमेतरा में कार्यालयीन समय 10ः00 से 5ः30 बजे तक सीधे अथवा पंजीकृत डाक द्वारा जमा किये जायेगे। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जावेगे।
आंगनबाड़ी सहायिका के पद हेतु निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8 वीं परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होना चाहिए। एक वर्ष या अधिक सेवा अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। आवेदिका को ग्रामीण क्षेत्रों में उसी नगरी वार्ड की स्थानीय निवासी होनी चाहिए जिस वार्ड में आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए विज्ञापन जारी हुआ है। तथा नगरीय क्षेत्र में उसी वार्ड की निवासी होनी चाहिए जिस वार्ड हेतु विज्ञापन जारी हुआ है। सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रति के साथ आवेदन पत्र सम्बन्धित एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय में निर्धारित अंतिम तिथि तक सीधे अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है।
जब्त वाहनों की नीलामी 9 जुलाई को
बेमेतरा । बेमेतरा जिले के विभिन्न थाना/चौकी क्षेत्रों में आबकारी एवं अन्य मामलों में जब्त किए गए 12 वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया 9 जुलाई 2025 को सम्पन्न होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बेमेतरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह नीलामी प्रातः 11ः00 बजे से पुलिस थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा परिसर में की जाएगी।
नीलामी हेतु वाहनों का निरीक्षण इच्छुक बोलीदाताओं द्वारा 9 जुलाई की सुबह 04ः00 बजे से किया जा सकेगा। नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को ₹2000 की पंजीयन शुल्क राशि जमा करनी होगी, जबकि ₹5000 की धरोहर राशि नगद के रूप में जमा करना अनिवार्य होगा।
नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति 7 जुलाई 2025 तक कार्यालयीन समय में संबंधित अधिकारी से संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं। केवल समयसीमा में पंजीकृत व्यक्ति ही नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। वाहनों की नीलामी से पूर्व इच्छुक व्यक्ति थाना सिटी कोतवाली परिसर में आकर वाहन भी देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नीलामी से संबंधित जानकारी थाना सिटी कोतवाली, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तथा अन्य थाना/चौकियों में चस्पा नोटिस बोर्ड से भी प्राप्त की जा सकती है।
जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक 30 को
बेमेतरा । कार्यालय कार्यपालन अभियंता एवं सदस्य सचिव, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग), खंड-बेमेतरा द्वारा जारी सूचना के अनुसार जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की महत्वपूर्ण बैठक 30 जून 2025, दिन सोमवार को प्रातः 10:00 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं मिशन प्रमुख द्वारा की जाएगी। इस बैठक में जिला पंचायत बेमेतरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उप संचालक कृषि, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी सदस्य के रूप में सम्मिलित होंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा अंतर्गत जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा।
25 सितंबर 2024 के पश्चात प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन पर चर्चा। प्री-क्वालिफिकेशन के आधार पर निविदाओं की स्वीकृति/अस्वीकृति पर निर्णय। विद्युत संयोजन से संबंधित समस्याओं पर विचार। अपूर्ण योजनाओं पर चर्चा एवं आवश्यक निर्णय। संपूर्ण योजनाओं की सामुदायिक स्वीकृति की स्थिति पर चर्चा। न्यूनतम दर पर प्राप्त निविदा के संबंध में निर्णय। जल जीवन मिशन के कार्यों के प्रचार-प्रसार हेतु निविदा पर विचार। ग्राम सभाओं में प्रशासनिक स्वीकृति हेतु रखे गए प्रस्तावों पर चर्चा। अन्य आवश्यक विषयों पर चर्चा। बैठक में मिशन के अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी एवं भावी कार्ययोजना पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार ऑनलाइन आवेदन 31 जुलाई तक
बेमेतरा । भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) वर्ष 2025 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देश के उन प्रतिभाशाली बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने बहादुरी, नवाचार, खेल, समाज सेवा, संस्कृति, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है। जिले से ऐसे योग्य बच्चों को चिन्हित कर ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। आवेदन केवल पोर्टल https://awards.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे, जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। पोर्टल 1 अप्रैल 2025 से लाइव है।
पुरस्कार के रूप में चयनित बच्चों को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रपति के करकमलों द्वारा पदक, प्रमाणपत्र और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में आयोजित किया जाता है।
आवेदन की पात्रता
इस पुरस्कार के लिए 5 वर्ष से अधिक एवं 18 वर्ष से कम आयु (31 जुलाई 2025 की स्थिति में) वाले भारत में निवासरत भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं।
नामांकन भेजने के अधिकारी/संस्था
नई गाइडलाइन के अनुसार राज्य सरकार, जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट, पंचायती राज संस्थान, शहरी स्थानीय निकाय, शैक्षणिक संस्थान भी असाधारण कार्य करने वाले बच्चों के नामांकन भेज सकते हैं। पुरस्कार का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है और उन्हें दूसरों के लिए रोल मॉडल के रूप में स्थापित करना है। इच्छुक प्रतिभाशाली बच्चे, उनके अभिभावक या संस्थाएं निर्धारित पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए https://awards.gov.in पर विजिट कर सकते है।