छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
सुव्यवस्थित धान खरीदी से किसान संतुष्ट, पारदर्शी प्रक्रिया से बढ़ा भरोसा
बिलासपुर । जिले में सुव्यवस्थित धान खरीदी की प्रक्रिया से किसान खुश हैं। केंद्रो में बारदाने की उपलब्धता, व्यवस्था एवं कर्मचारियों के सहयोग से किसान संतुष्ट है। एरमसाही सेवा सहकारी समिति में धान बेचने पहुंचे ग्राम एरमसाही के किसान राम साहू ने भी खरीदी व्यवस्था को लेकर संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों से धान खरीदी के लिए समुचित इंतज़ाम किए गए हैं। केंद्र में बारदाने की उपलब्धता के साथ ही टोकन कटने में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आई। उन्होंने बताया कि वे इस वर्ष 163 कट्टी धान बेचने केंद्र पहुंचे हैं, उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र पर टोकन कटने से लेकर धान तौलने तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही। केंद्र में बारदाना उपलब्ध है, कर्मचारी सहयोगी है और किसानों के लिए आवश्यक सभी सुविधाएँ पहले से सुनिश्चित थीं।
एरमसाही धान खरीदी केंद्र में धान बेचने आए हरदाडीह के किसान कलश राम साहू ने बताया कि वे 76 कट्टी लेकर पहुंचे है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किए जाने से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। इस राशि से उनकी आय में स्थिरता आई है और खेती को आर्थिक मजबूती मिली है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की नियमित किस्तें बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों में बड़ा सहयोग देती हैं। दोनों किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने किसानों की कठिनाइयों को समझकर जो निर्णय लिए हैं, उनके परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।
कोपरा जलाशय को मिलेगा रामसर स्थल का दर्जा
राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने भेजा प्रस्ताव
बिलासपुर, 21 नवम्बर 2025

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान
वन मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है। यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गाँवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है।
जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है यहाँ की
इसके अलावा यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है। खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या यहाँ हर वर्ष दर्ज की जाती है। जलाशय में मछलियाँ, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है।
दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थल
राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 की पूर्णता करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है।
स्वीकृति मिलने पर पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा
इसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय तथा पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा।
ग्रामीण आजीविका के विकास को मजबूत करने की तैयारी
सरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया धान खरीदी का शुभारंभ
बिलासपुर, 15 नवम्बर 2025





उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत की। उन्होंने सेंदरी सोसाइटी में ग्राम कछार के किसान श्री रामकुमार साहू और श्री अनंतराम साहू का धान खरीद कर इसका विधिवत शुभारंभ किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने धान खरीदी केंद्र पर दोनों किसानों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उनके धान की तौलाई कर बोहनी किया। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी और कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और किसान भी इस दौरान मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में किया राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण
बिलासपुर, 15 नवंबर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर के मध्य स्थित रघुराज स्टेडियम में दानदाता गोंड राजा रघुराज सिंह जगत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पंडरिया जमींदारी के राजा रघुराज सिंह जगत द्वारा शहर के बीचोबीच दान की गई लगभग 5 एकड़ भूमि पर इस ऐतिहासिक स्टेडियम का निर्माण किया गया है। क्रिकेट सहित कई इनडोर खेल प्रतियोगिताएं इसमें आयोजित होती हैं। मालूम हो कि अविभाजित बिलासपुर जिले की पश्चिम सीमा में पंडरिया जमींदारी शामिल थी।
वर्ष 1958 में यहां के राजा रघुराज सिंह जगत ने बिलासपुर शहर के बीचोबीच स्थित अपनी बेशकीमती जमीन खेलों के विकास के लिए दान कर दी थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर स्टेडियम बना है। फिजिकल कल्चरल सोसाइटी फिलहाल इसकी देखरेख करती है। राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम कई रणजी मैचों का गवाह रह चुका है । स्टेडियम में 1978, 1979 और 1981 में विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ तीन रणजी मैचों की मेजबानी भी कर चुका है। इसके अलावा यहां कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हमारे राष्ट्रगौरव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
बिलासपुर में वंदे मातरम् उद्यान का लोकार्पण और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिका का अनावरण
मुख्यमंत्री ने सेनानियों के परिजनों का किया सम्मान
बिलासपुर, 15 नवंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बनाए गए वंदे मातरम् उद्यान का लोकार्पण एवं नाम पट्टिका का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने जिस अदम्य साहस और देशभक्ति के साथ अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया, उनका त्याग और बलिदान हमारे लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा। वे हमारे राष्ट्रगौरव हैं। उनकी स्मृति को अक्षुण्ण रखना और उनके परिजनों का सम्मान करना हमारे लिए सौभाग्य का विषय है।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों से मुलाकात की और उन्हें शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
बिलासपुर शहर के शिव टाकीज चौक से पुराने बस स्टैंड चौक तक विस्तारित वंदे मातरम् उद्यान में नगर के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामों की पट्टिकाएँ स्थापित की गई हैं। नागरिकों के लिए उद्यान में टहलने एवं घूमने की सुविधा के साथ फाउंटेन, हरियाली और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “वंदे मातरम् उद्यान और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिका के माध्यम से उनकी स्मृतियों को संजोने का प्रयास किया गया है। यह केवल एक पट्टिका नहीं, बल्कि हमारे इतिहास का वह सजीव दस्तावेज है जिसे देखकर हर नागरिक गर्व महसूस करेगा। यह पहल युवाओं और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करेगी।”
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर यह विशेष आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अमूल्य योगदान को स्मरण कर रहे हैं, जिनके बलिदानों से हमें आजादी मिली है।
बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित यह देश का पहला उद्यान है, जो स्थानीय वीरों को सम्मान देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्मित वंदे मातरम् उद्यान का नाम वंदे मातरम् गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखा गया है। उद्यान में कुल 25 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिकाएँ लगाई गई हैं, जिनमें स्व. ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर, श्री रामगोपाल तिवारी, श्री चित्रकांत जायसवाल, डॉ. वासुदेव देवरस, श्री कालीचरण तिवारी, श्री मथुरा प्रसाद दुबे, श्री विश्वनाथधर दिवान, श्री राजकिशोर शर्मा, श्री प्रह्लाद पीपलवा, डॉ. शिवदुलारे मिश्रा, श्री श्यामानंद वर्मा, श्री मुरलीधर मिश्रा, श्री रामकृष्ण पाण्डेय, श्री ई. राघवेंद्र राव बैरिस्टर, श्री हरनारायण वाजपेयी, श्री राम चरण श्रीवास, श्री चिंतामणि ओत्तलवार, श्री भ्रमर गुप्ता, श्री यदुनंदन/मनोहर सिंह, डॉ. भगवान दास ताहिलयानी, डॉ. दयाराम कलवानी, डॉ. मुरलीधर जैसवानी, क्रांति कुमार भारती, श्री राम चरण साहू, बाल सेनानी श्री गंगा प्रसाद वाजपेयी के नाम शामिल हैं।
कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, नगर निगम सभापति श्री विनोद सोनी, श्री मोहित जायसवाल, श्री राजा पांडे, पूर्व विधायक श्री चंद्रप्रकाश बाजपेयी, ई. रमेंद्र राव, श्री मुरली खंडेलवाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, सामाजिक संगठन तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
देश के जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने का काम कर रहे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बिलासपुर शहर में स्थापित होगी भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा
मुख्यमंत्री ने जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
बिलासपुर, 15 नवम्बर 2025



पुलिस परेड ग्राउंड, बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास शौर्य, बलिदान और गौरव से ओत-प्रोत है। देश की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीरों का योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय रहा है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक रूप से अधिकारी थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा की स्थापना तथा शहर के एक प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने, जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300 और 200 सीटर के अत्याधुनिक पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की स्थापना तथा कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपेक्षा को सुधारा है और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान एवं विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि में गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय ने पूरे देश में स्वाभिमान और गर्व की नई चेतना जगाई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय वीरों और नायकों के योगदान को सम्मानित किया है। यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से बेहतर ढंग से परिचित हो सके।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दी। उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय की स्थापना कर जनजातीय विकास हेतु विशेष बजट प्रावधान सुनिश्चित किए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि से देश के 6,600 से अधिक गांवों में तीव्र विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत सड़क, आवास और मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है तथा इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों, समाजसेवियों तथा स्कैच तैयार करने वाली दीपिका ध्रुव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन बिलासपुर के लिए सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब 329 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को स्वतंत्रता आंदोलन के महा-नायक बताते हुए नवा रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख किया और सभी से उसे अवश्य देखने की अपील की।
इस अवसर पर विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप लहरिया, श्री अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जनजातीय समाज के श्री हेमंत राज, श्री वीरेंद्र सिंह राज, श्री उमेश कश्यप, श्रीमती वंदना उइके, श्री वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वदेशी मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का उत्सव भी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
साइंस कॉलेज मैदान में स्वदेशी मेला का मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन
कारीगरों, स्व-सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना
प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का किया जा रहा निर्माण
हर घर स्वदेशी–हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लेने जनता से आव्हान
बिलासपुर , 15 नवंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी मेला का अवलोकन करने पहुंचे। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच परिवार, बिलासपुर द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रऋषि श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने स्वदेशी स्टालों का अवलोकन किया और कारीगरों, स्व-सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक धुरी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वदेशी मेला में स्थानीय परंपराओं के संवर्धन, ग्रामीण-शहरी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। हस्तशिल्प, कोसा वस्त्र, ढोकरा एवं बेलमेटल कला, गृह सज्जा सामग्री, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों से सजे स्टॉलों ने आगंतुकों का विशेष आकर्षण खींचा। मेले में प्रदर्शित हस्तनिर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “न्यायधानी बिलासपुर में स्वदेशी मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का उत्सव है।” उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी को नमन करते हुए कहा कि मंच द्वारा स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि मंच के पदाधिकारी वर्षों से प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्वदेशी मेलों का आयोजन करते आ रहे हैं। इस वर्ष पहली बार बस्तर में भी स्वदेशी मेला आयोजित हुआ, जिसमें गृहमंत्री श्री अमित शाह भी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी की शक्ति को सबसे पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पहचाना था। महात्मा गांधी जी ने चरखा चलाकर स्वराज और स्वदेशी को जनांदोलन बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी एक विचार है, जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और राष्ट्र की आत्मा को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। ‘लोकल फॉर वोकल’ के आह्वान ने देशभर में स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन को गति प्रदान की। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने स्वदेशी निर्माण और उद्यमिता को मजबूती दी। ‘मेक इन इंडिया’ और कौशल विकास अभियान ने लाखों युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “यदि हम विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो हमारा पैसा विदेश जाएगा, इसलिए स्वदेशी अपनाना राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने व्यापारियों से भी आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता से प्रदर्शित एवं विक्रय करें, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोसा, ढोकरा आर्ट और बस्तर का बेलमेटल आज वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। हमारे स्व-सहायता समूहों की बहनें उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का बड़ा मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक सोच नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। वैश्वीकरण की प्रतिस्पर्धा के दौर में भी स्वदेशी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और विदेशी बाजारों में भी छत्तीसगढ़ के उत्पाद अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा—“आइए, हम सब मिलकर हर घर स्वदेशी–हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लें। यही आत्मनिर्भर भारत, मजबूत छत्तीसगढ़ और समृद्ध समाज का पथ है।” मुख्यमंत्री ने स्वदेशी जागरण मंच, उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों, कुटीर उद्योगों और उपभोक्ताओं को स्वदेशी आंदोलन को मजबूत करने तथा मेले को सफल बनाने के लिए बधाई और धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेला में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 04 हितग्राहियों को प्रथम ऋण राशि वितरित की।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने स्वदेशी जागरण मंच को कार्यक्रम की दिव्यता और निरंतरता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में इस आयोजन ने वास्तविक रूप से एक विशाल मेले का स्वरूप ग्रहण कर लिया है, जो स्वदेशी विचारधारा की जनस्वीकृति को दर्शाता है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को देश की नई दिशा बताया। उन्होंने कहा कि “अब हमें केवल आर्थिक आज़ादी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आज़ादी की ओर भी आगे बढ़ना है। आत्मनिर्भर भारत का मूल मंत्र यही है कि हम स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाएं, स्थानीय उत्पादों को सम्मान दें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।”
विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में स्वदेशी आंदोलन ने निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने महात्मा गांधी के पहले स्वदेशी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि “गांधी जी जब दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, तब विदेशी कपड़ों की पहली बार सार्वजनिक होली जलाकर यह संदेश दिया कि देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वदेशी अपनाना आवश्यक है।”
विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा वर्ष 1991 में प्रारंभ की गई पहल आज देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि उस समय स्वदेशी का संदेश एक आंदोलन था, आज यह राष्ट्र के आर्थिक स्वाभिमान का मूल मंत्र बन गया है। विधायक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य तभी संभव है जब देश के नागरिक भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम के समापन में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने स्वागत भाषण दिया। वहीं श्री सुब्रत चाकी ने स्वदेशी मेला का प्रस्तावना प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल एवं 1 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा
बिलासपुर, 9 नवम्बर 2025




मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी जल्द स्वीकृति की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना तथा कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अटल श्रीवास्तव, श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा, एवं महापौर श्रीमती पूजा विधानी विशेष रूप से उपस्थित थीं।
मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देश के अनेक हिस्सों में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध था। उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित एक समृद्ध राज्य है, जो खनिज, वन एवं जल संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को साथ लेकर राज्य को और अधिक प्रगति के मार्ग पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार को मात्र 22 माह हुए हैं, और इतनी कम अवधि में भी मोदी की गारंटी के रूप में किए गए लगभग सभी बड़े वादे पूरे किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नया और शक्तिशाली भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास कार्यों को तीव्र गति से प्रारंभ किया गया है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर के अनेक ग्रामों को पुनः विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिली है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना का कार्य आरंभ हो चुका है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 जारी किया है। इसमें निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न भागों में कल्चुरियों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति अत्यंत तीव्र है।
श्री जायसवाल ने कहा कि कल्चुरी समाज के पूर्वजों द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। कल्चुरियों ने अपने काल में तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएं बनवाई थीं — आज की सरकार भी उन्हीं परंपराओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान आदर का भाव रखती है। कार्यक्रम में कल्चुरी कलार समाज के मोहित जायसवाल ने स्वागत भाषण दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में की विधिवत पूजा-अर्चना
महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए मां महामाया का आशीर्वाद लिया।
टीईटी अनिवार्यता खत्म करने की मुहिम: सर्व शिक्षक संघ सांसदों को सौंपेगा ज्ञापन
बिलासपुर । सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य किए जाने के फैसले के बाद देशभर में शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है। इस आदेश के अनुसार, अब पदोन्नति केवल उन्हीं शिक्षकों को मिलेगी जिन्होंने टीईटी पास किया है। साथ ही, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से अधिक बची है, उन्हें दो साल के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य होगा — अन्यथा उनकी नौकरी पर भी संकट आ सकता है। हालांकि, जिनकी सेवा अवधि पांच साल से कम है, उन्हें कोर्ट ने छूट दी है, लेकिन ऐसे शिक्षक प्रमोशन के पात्र नहीं होंगे।
सांसदों तक पहुंचाएंगे मुद्दा
इस निर्णय से शिक्षकों में असंतोष फैल गया है। कई राज्यों में शिक्षक संगठन इस अनिवार्यता को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में सर्व शिक्षक संघ ने इस मुद्दे को संसद तक पहुंचाने का फैसला लिया है। संघ छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर उनसे आग्रह करेगा कि वे संसद के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएं और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act) की धारा 23 में संशोधन के लिए पहल करें।
सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने बताया कि तमिलनाडु समेत कई राज्य सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने इस मामले को अब बड़ी बेंच के पास भेजा है, जहां विस्तृत चर्चा होगी। पाण्डेय ने कहा कि शिक्षक का अनुभव ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। जो शिक्षक वर्षों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता का आकलन सिर्फ एक परीक्षा से करना उचित नहीं है।
संघ का मानना है कि यदि केंद्र सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम में आवश्यक संशोधन करती है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उपजी स्थिति स्वतः सुलझ सकती है। इसके लिए संघ ने कानूनी विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया है।
बिलासपुर मंडल में फिर लापरवाही: पैसंजर के आगे-पीछे खड़ी हो गई मालगाड़ी, यात्रियों में हड़कंप...
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को कोटमी सोनार और जयराम नगर स्टेशन के बीच एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया, जब एक ही ट्रैक पर दो मालगाड़ियां और एक यात्री ट्रेन आमने-सामने आ गईं।
जानकारी के अनुसार, यात्री ट्रेन के आगे और पीछे दोनों दिशाओं में मालगाड़ियां खड़ी हो गईं। इस स्थिति को देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री डर के मारे ट्रेन से नीचे उतर गए। गनीमत रही कि समय रहते ट्रेनों को रोका गया और किसी भी तरह की टक्कर नहीं हुई।
यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब बिलासपुर रेल हादसे की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है। मंगलवार शाम को कोरबा से बिलासपुर आ रही लोकल ट्रेन खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इंजन, गार्ड डिब्बा और दो कोच मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गए थे। इस हादसे में ट्रेन चालक विद्यासागर की मौत हो गई थी और महिला असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। इस हादसे में 11 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 20 घायलों का इलाज जारी है।
लगातार दो दिनों में दो रेल हादसे या लापरवाहियाँ सामने आने से यात्रियों में दहशत और रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरे सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल रेलवे अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा शुरू कर दी है।
CGPSC-2021: हाईकोर्ट ने 37 चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने का आदेश दिया
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC-2021) परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने गुरुवार को राज्य सरकार की याचिका खारिज करते हुए उन 37 चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने का आदेश दिया है, जिनके खिलाफ सीबीआई ने अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में हुई। राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें इन 37 अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग देने के निर्देश दिए गए थे।
राज्य सरकार की दलील
सरकार की ओर से अधिवक्ताओं ने कहा कि चूंकि सीबीआई इस फर्जीवाड़े की जांच कर रही है, इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं होती, ज्वाइनिंग देना उचित नहीं होगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की बात सामने आई थी और परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि यदि परीक्षा में गड़बड़ी साबित हो रही है, तो पूरी परीक्षा प्रक्रिया को रद्द करने पर विचार क्यों नहीं किया जा रहा। कोर्ट ने सीबीआई से पूछा कि जांच कब तक पूरी होगी, लेकिन एजेंसी इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी।
डिवीजन बेंच का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, उन्हें अनिश्चितता में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने राज्य सरकार की रिट याचिका खारिज करते हुए सभी 37 अभ्यर्थियों को तुरंत ज्वाइनिंग देने का निर्देश दिया।
कोर्ट के प्रमुख प्रश्न और टिप्पणियाँ
राज्य सरकार बताए कि किन उम्मीदवारों पर चार्जशीट दायर की गई है और कितनों की जांच अब भी लंबित है।
सीबीआई यह स्पष्ट करे कि परीक्षा प्रक्रिया में आयोग के कौन-कौन से अधिकारी जांच के दायरे में हैं।
अगर प्रश्नपत्र लीक का मामला सही है, तो पूरी परीक्षा रद्द करने पर विचार क्यों नहीं किया गया।
पृष्ठभूमि
CGPSC-2021 फर्जीवाड़ा प्रकरण में राज्य सरकार ने पहले ही बताया था कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र ओपन कर दिए गए थे। इस संबंध में कई अभ्यर्थियों और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। इससे पहले सिंगल बेंच ने कहा था कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है, उन्हें नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।
बिलासपुर रेल हादसा: ज्वाइंट फाइंडिंग रिपोर्ट में ट्रेन क्रू को ठहराया गया जिम्मेदार...
बिलासपुर । बिलासपुर रेल हादसे को लेकर सुपरवाइजरी जांच की ज्वाइंट फाइंडिंग रिपोर्ट सामने आ गई है। प्रारंभिक जांच में ट्रेन क्रू को हादसे के लिए जिम्मेदार पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लोकल ट्रेन के चालक दल ने डेंजर सिग्नल को पार कर लिया था, जिसके कारण यह भीषण हादसा हुआ।
रेल मंत्रालय ने मामले की गहन जांच के लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) स्तर की जांच समिति गठित की है। रेल संरक्षा आयुक्त की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
12 लोगों की मौत, 20 घायल
गौरतलब है कि मंगलवार शाम लगभग चार बजे बिलासपुर के पास यह हादसा हुआ था, जब पटरी पर खड़ी एक मालगाड़ी को गेवरारोड लोकल पैसेंजर ट्रेन ने पीछे से टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 20 यात्री घायल हुए हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
रेल हादसे के बाद से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
पीएम उज्ज्वला योजना से बिलासपुर जिले के 13,761 गरीब परिवारों को मिलेंगे निःशुल्क गैस सिलेंडर
बैठक में जारी किए गैस एजेंसी संचालकों को दिशा-निर्देश
बिलासपुर। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर की अध्यक्षता में मंथन सभाकक्ष में गैस एजेंसी संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न गैस कंपनियों के 30 से अधिक एजेंसी प्रतिनिधि शामिल हुए। मालूम हो कि बिलासपुर जिले को इस योजना के तहत इस साल 13 हजार 761 हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने शिविर लगाकर प्रकरण तैयार करने और हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए है।
खाद्य नियंत्रक श्री कुजूर ने बैठक में कहा कि शिविर लगाकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि वे पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों का सत्यापन पंचायतों के साथ समन्वय बनाकर वितरण की प्रक्रिया में लक्ष्य की प्राप्ति की जाए और वितरण कार्य में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारियों को आवेदन, फॉलोअप और पात्र हितग्राहियों को शीघ्रता से गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। आवेदन पत्र में दी गई जानकारी की जांच के बाद ही कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही नई गाइडलाइन के अनुसार हितग्राहियों को नए आवेदन प्रस्तुत करने होंगे।
खाद्य नियंत्रक ने कहा कि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत वितरण की जानकारी ग्राम पंचायतों में सूचना पटल एवं स्थानीय माध्यमों से सार्वजनिक की जाएगी ताकि कोई पात्र परिवार योजना से वंचित न रह जाए। यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार, स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। खाद्य नियंत्रक श्री कुजूर ने बताया कि जिले में अब 2 लाख 94 हजार से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ दिया जा चुका है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत जिले में 13 हजार 761 नए गैस कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। बैठक में उज्जवला योजना के नोडल हेमप्रकाश साहू, एफओ अजय मौर्य, राजीव लोचन तिवारी, श्रीमती सविता शर्मा, विनिता दास, फूड इंस्पेक्टर आशीष दीवान, मंगेशकांत, ललीता शर्मा, वर्षा सिंह एवं वसुधा राजपूत सहित एलपीजी गैस कंपनी के अभिकर्ता उपस्थित थे।
नए कनेक्शन के लिए पात्रता निर्धारित -
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत पात्रता के लिए नए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। जिन परिवारों में कोई सदस्य प्रति माह 10 हजार रुपए से अधिक कमाता हो, व्यवसायिक कर या आयकर का भुगतान करता हो, घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो अथवा सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम हो, उन्हें योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसी तरह किसान क्रेडिट कार्ड की 50 हजार रुपए से अधिक क्रेडिट सीमा वाले किसान, सिंचाई उपकरण सहित 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि रखने वाले, या 7.5 एकड़ से अधिक भूमि और कम से कम एक सिंचाई उपकरण वाले परिवार पात्र नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त 30 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट क्षेत्र वाले मकान के स्वामी, स्वयं की मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन, मछली पकड़ने वाली नाव या यंत्रीकृत कृषि उपकरण के मालिक तथा जिन परिवारों के पास पहले से एलपीजी कनेक्शन हैं, वे भी योजना के लाभ से वंचित रहेंगे।
श्री रामलला दर्शन योजना : संभाग से 850 और जिले के 225 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए हुए रवाना
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने दिखाई हरी झंडी
बिलासपुर । श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आज भारत गौरव ट्रेन बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालु को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस विशेष ट्रेन को बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, अन्य जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी एवं रेलवे के कर्मचारी उपस्थित थे।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का स्टेशन में भव्य स्वागत किया गया। गाजे बाजे और पारंपरिक नृत्य और तिलक लगाकर भक्तों का स्वागत किया गया। ये श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे। दर्शन के लिए जा रहे इन श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई इस विशेष ट्रेन में बिलासपुर जिले के 225 यात्री भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां ठहरने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा।
श्रद्धा और उल्लास से भरी स्पेशल ट्रेन से 850 श्रद्धालु हुए अयोध्या धाम के लिए रवाना, हुए भाव-विभोर
बिलासपुर, 29 अक्टूबर 2025


बिलासपुर रेलवे स्टेशन बुधवार को भक्ति और उल्लास का केंद्र बन गया जब छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग के सभी जिलों से जुटे 850 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। लंबे अरसे बाद धार्मिक आस्था से भरी इस विशेष यात्रा ने स्टेशन परिसर को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया।
अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई इस विशेष ट्रेन को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों ने श्रद्धालुओं का पुष्प-वर्षा से स्वागत किया और उनके मंगलमय यात्रा की कामना की। अनेक यात्री भावविभोर होकर हाथ जोड़कर “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए।
इस यात्रा के दौरान यात्रियों को भगवान श्रीरामलला के अयोध्या धाम दर्शन के साथ-साथ वाराणसी में काशी विश्वनाथ जी के दर्शन का भी सुअवसर मिलेगा। श्रद्धालुओं में इस अनोखी यात्रा को लेकर गहरी उत्सुकता और श्रद्धा झलक रही थी। कई बुजुर्ग यात्रियों ने कहा कि यह उनके जीवन की अविस्मरणीय आध्यात्मिक यात्रा होगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी की ओर से भोजन, पेयजल, चिकित्सा, आरामदायक यात्रा और सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित किया कि हर यात्री को सुविधा और सम्मान मिले।
ट्रेन प्रस्थान के समय स्टेशन पर विदाई जैसा भावुक दृश्य देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की थाप, नारों की गूंज और भक्ति संगीत के बीच ट्रेन धीरे-धीरे आगे बढ़ी तो यात्रियों के चेहरे पर आनंद और भक्ति की झलक साफ दिखाई दी।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने बताया कि यह यात्रा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को जीवनभर की आध्यात्मिक अनुभूति देने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष बिलासपुर श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जनप्रतिनिधि, आईआरसीटीसी, टूरिज्म बोर्ड एवं रेलवे के कर्मचारी उपस्थिति थे।
कलेक्टर ने टीएल बैठक में की योजनाओं की समीक्षा
सड़क सुधार सहित निर्माण कार्यों में तेजी लाएं
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज साप्ताहिक टीएल बैठक में राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सड़क मरम्मत सहित तमाम निर्माण कार्यों में अब तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। आपने कहा कि बरसात संपन्न होने के बाद निर्माण कार्यों के लिए अनुकूल माहौल है। लिहाजा कार्य-योजना के अनुरूप युद्धगति से समय-सीमा में काम पूर्ण कर लोगों को सुविधा प्रदान की जाये। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार सहित जिला स्तरीय सभी विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
कलेक्टर ने बैठक में धान खरीदी की तैयारी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खरीदी कार्य से जुड़े हर काम में पारदर्शिता और ईमानदारी दिखनी चाहिए। प्रत्येक स्तर पर निगरानी के लिए टीम गठित किए गए हैं। प्रतिदिन मौके पर खरीदे गए धान का भौतिक सत्यापन किया जायेगा। उन्होंने खरीदी केन्द्र की तैयारी के लिए निर्धारित चेकलिस्ट के अनुरूप तैयारी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। श्री अग्रवाल ने शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर दिया। नियुक्त किए गये नोडल अधिकारियों को सौंपे गये स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की। उन्होंने शिक्षकों की कम संख्या वाले स्कूलों में प्राथमिकता के साथ स्मार्ट टीव्ही भेजने को कहा है। इविद्या एप्प की जानकारी देकर इसका बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच प्रचार-प्रसार के लिए भी कहा है। बैठक में पीएम सूर्यघर बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि योजना का लाभ उठाने के लिए साढ़े 3 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किए हैं। इनमें से साढ़े 7 सौ लोगों के निवास पर प्लाण्ट स्थापित कर लिए गए हैं।
योजना का लाभ उन्हें मिलने लगा है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत फौत हो चुके किसानों के बदले उनके वारिसानों का नाम दर्ज कर इनका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव की तैयारी की भी जानकारी ली। इसके अंतर्गत 11 एवं 12 नवम्बर को बिलासपुर में जिला स्तरीय प्रतियोगिता होगी। इसके पहले ब्लॉक एवं ग्राम स्तरीय आयोजन संपन्न कराने के निर्देश दिए। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के भौतिक सत्यापन में हो रहे विलंब पर नाराजगी जाहिर की और इसे एक सप्ताह में पूर्ण कर रिपोर्ट देने को कहा है। पीएम जनमन योजना की भी बैठक में समीक्षा की गई।
कलेक्टर जनदर्शन : रिटायर्ड शिक्षक ने स्कूलों में स्वैच्छिक सेवा के लिए दिया आवेदन
सरपंच द्वारा तालाब प्रदूषित किए जाने की हुई शिकायत
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनी और आवेदन लेकर समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा।जनदर्शन में सैकड़ों आवेदन, विभिन्न मांगों, शिकायतों और जनसुविधा की मांग को लेकर थे। सरकारी स्कूल से रिटायर्ड राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक ने जनदर्शन में पहुंचकर सरकारी स्कूलों में स्वैच्छिक सेवा के लिए आवेदन दिया।
ग्राम खजुरी के राज्यपाल से सम्मानित रिटायर्ड शिक्षक करमु सिंह ने शासकीय स्कूलों में स्वैच्छिक सेवा के रूप में अध्यापन के लिए जनदर्शन में आवेदन दिया ताकि बच्चों की शिक्षा में वे अपना योगदान दे सकें, कलेक्टर ने आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा। वन अधिकार पत्र पट्टे की मांग लेकर बड़ी संख्या में ग्राम फदहाखार के ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों की मांग थी कि उन्हें वन अधिकार पत्र दिया जाए,वे वर्षों से इन क्षेत्रों में निवासरत हैं, इस प्रकरण को कलेक्टर ने वनमण्डल अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा। तखतपुर विकासखंड के ग्राम पांड़ के ग्रामीणों ने सरपंच द्वारा सार्वजनिक निस्तारी के लिए उपयोग में आने वाले जूनी तालाब में सरपंच द्वारा बिना मुनादी के बड़ी संख्या में मछली बीज डालने और हजारों मछलियों के मरने से तालाब के जल प्रदूषित होने की शिकायत की है, ग्रामीणों ने शिकायत में लिखा कि पास ही प्राथमिक स्कूल है जहां के बच्चों के लिए ये तालाब खतरा बन चुका है ग्रामीणों ने लापरवाह सरपंच के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की, कलेक्टर ने त्वरित रूप से प्रकरण को सीईओ तखतपुर को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा।
मुख कैंसर से पीड़ित ग्राम परसदा निवासी ग्रामीण ने आयुष्मान कार्ड से इलाज की मांग की ,जिसे सीएमएचओ को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा गया। ग्राम पंचायत परसदा, विकासखंड बिल्हा के ग्रामीणों ने गांव में जल संकट और गिरते भू जल स्तर की समस्या के निराकरण की मांग करते हुए गांव में रबी फसल लगाने पर रोक की मांग की प्रकरण को कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत को सौंपा। जनदर्शन में अवैध कब्जे और एग्रीस्टैक पोर्टल में नाम दर्ज नहीं होने की शिकायतें व भूमि सीमांकन का कार्य पटवारी और राजस्व निरीक्षक द्वारा न किए जाने की शिकायत लेकर किसान पहुंचा। कलेक्टर ने प्रकरण संबंधित अधिकारियों को उचित निराकरण के लिए भेजा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नाम आने के बावजूद राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत लेकर ग्राम सोनबांधा का ग्रामीण पहुंचा, कलेक्टर ने सीईओ जनपद तखतपुर को आवेदन आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा।