छत्तीसगढ़ / बालोद

डौंडी में दो सूत्रीय मांगों पर आज नगर बंद और चक्काजाम का ऐलान, गौ तस्करी के विरोध में शिवसेना समेत कई संगठन भी साथ

 डौंडी में दो सूत्रीय मांगों पर आज नगर बंद और चक्काजाम का ऐलान, गौ तस्करी के विरोध में शिवसेना समेत कई संगठन भी साथ


डौंडी। डौंडी में सामाजिक और किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर आंदोलन का माहौल तैयार हो गया है। कृषिगत खाद सामग्री की कमी और क्षेत्र में गौवंश तस्करी एवं गौवध के विरोध में, स्थानीय व्यापारी संघ के समर्थन से कांग्रेस ने आज 04 अगस्त 2025 को नगर बंद और मथाई चौक में चक्काजाम की घोषणा की है। इस आंदोलन को सियासी मंच बनने से ऊपर उठाकर, गौमाता के सम्मान और किसान हित का संघर्ष बताया जा रहा है, जिसमें विभिन्न संगठनों की भागीदारी भी बढ़ती दिख रही है। शिवसेना समेत अन्य संगठन भी सक्रियता से आंदोलन का हिस्सा बनने की घोषणा कर चुके हैं। डौंडी में यह आंदोलन प्रशासन की निष्क्रियता और राहत के वादों पर अमल न होने से उपजा है, जिससे जनता में असंतोष है।

डौंडी ब्लॉक के किसान और व्यापारी लंबे समय से दो बड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं— एक तरफ गौठान से जुड़े गौवंश तस्करी का मामला और दूसरी ओर सहकारी समिति केंद्रों पर कृषि कार्य के लिए जरूरी खाद सामग्री की किल्लत का सवाल। ऐसी परिस्थिति में, कांग्रेस की ब्लॉक इकाई ने व्यापारी संघ के समर्थन से सोमवार 4 अगस्त को मथाई चौक में नगर बंद और चक्काजाम का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर बार-बार आश्वासन के बाद भी इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया—इसी के विरोध स्वरूप अब निर्णायक आंदोलन की राह चुनी गई है।

गौरतलब है कि करीब 350 गौवंश की तस्करी का मामला नगर पंचायत डौंडी के गोठान से सामने आया था, जिस पर क्षेत्र में खासा रोष है। इसी के समानांतर पूरे ब्लाक में सहकारी समितियों में कृषिगत खाद सामग्री की भारी कमी का मुद्दा भी किसानों के लिए चिंता का कारण है। 18 जुलाई को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कोमेश कोर्राम के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय का घेराव कर, प्रशासन से कार्यवाही और न्याय की मांग की गई थी। अधिकारीगण ने दो से तीन दिन के भीतर समाधान का लिखित आश्वासन दिया था और गौवंश तस्करी की जांच का जिम्मा राजहरा सीएसपी को सौंपा गया था। जहाँ चार दिनों में जांच पूरी कर दोषियों पर कार्यवाही का मौखिक आश्वासन मिला था।  

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दोनों गंभीर मुद्दों— अवैध गौवंश तस्करी और खाद सामग्री की किल्लत पर अभी तक प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई है। इसी वजह से चुनावी राजनीति से ऊपर उठकर ‘गौमाता का सम्मान और किसान भलाई’ जैसे सरोकारों को लेकर चक्काजाम और बंद का रास्ता अपनाया गया है। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशासन को नियमानुसार सूचना दे दी गई है और यदि मांगें न सुनी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

शिवसेना के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने कहा है कि डौंडी गौठान की निष्पक्ष जांच नहीं हुई है, दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और हिंदुत्व रक्षा के मद्देनजर शिवसेना इस लड़ाई में अंत तक डटी रहेगी। उनकी पार्टी उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व में गौवंश संरक्षण के लिए हर संगठन का समर्थन करेगी और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की मांग करती है।  

माना जा रहा है कि इस चक्काजाम में कुछ अन्य संगठन भी गुप्त रूप से मैदान में उतर सकते हैं, जिससे यह आंदोलन और व्यापक स्वरूप ले सकता है। कुल मिलाकर, डौंडी में किसानों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों की बढ़ती एकता के चलते सोमवार को नगर बंद और चक्काजाम प्रशासन की परीक्षा का दिन साबित हो सकता है। भविष्य में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर जनता का रुख काफी कुछ इस आंदोलन की सफलता और उसकी प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

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