छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

कैसे बनेगी भारत तीसरी शक्ति?

आजादी के 79 साल में स्कूल भवन नही

शासन की स्वीकृत राशि चढ़ गया भ्रष्टाचार का भेंट

कवर्धा  :-  आज हमारे देश की गिनती सबसे बड़ी तीसरी शक्ति के रूप में गिनी जा रही  है।हमें विश्व गुरु मानने की बात कही जाती है ,2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का सपना संजोए हुए चल रहे हैं। कबीरधाम जिला पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह और वर्तमान डिप्टी सीएम विजय शर्मा का गृह नगर क्षेत्र है जहां पंडरिया विकास खंड अंतर्गत सुदूर वनांचल बैगा आदिवासी बनवासी विशेष पिछड़ी जनजाति  ग्राम पंचायत भेलकी , देवानपटपर,बदना चुवा  में आजादी के 79 साल बाद भी स्कूल भवन नहीं है। 2007-08 में स्वीकृत राशि से बनने वाली भवन की राशि भी भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ़ गई है। अधिकारी हैं कि ऐसे दोषी लोगों को बचाने में ही अपनी शक्ति लगा रखे हैं। काम की अधिकता के चलते कार्रवाई करने की फुर्सत ही नही है। 
       
हम विश्व पटल पर तीसरी शक्ति बनने का सपना देख रहे हैं। विश्वगुरु होने का दम भर रहे हैं,2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र होने का दिब्य सपना लोगों को दिखा रहे हैं। देश के लोग आशमान पर अपना घर बनाने को सोच रहे हैं। चंद्रयान पर जा हो आ रहे हैं। किसी भी राष्ट्र की शक्ति का अंदाजा वहां के जनसंख्या की शिक्षा से लगाई जा सकती है। किंतु छत्तीसगढ़ राज्य के कवर्धा यानि कबीरधाम जिला जहां तीन बार मुख्यमंत्री रहे डॉ.रमन सिंह,वर्तमान सरकार में कद्दावर मंत्री डिप्टी सीएम विजय शर्मा का गृह जिला है । पंडरिया विकास खंड अंतर्गत राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा जनजाति के गांव में शिक्षा अध्ययन करने के लिए स्कूल भवन नही है। छत्तीसगढ़ शासन ने 2007 -08 में भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत करी थी किंतु भवन निर्माण हुआ की नही इस ओर जिले के किसी भी अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है।
 
परिणाम स्वरूप जिन्हें जिम्मेदारी दी गई थी वह भी अपने संरक्षक अधिकारियों के बल पर राशि डकार गया है। ग्राम पंचायत भेलकी के तत्कालीन सचिव पर एस. डी. एम. न्यायालय में केश लंबित है, कांदावानी के सचिव पर अनियमितता की शिकायत है ।  जिला पंचायत सीईओ ने सचिव के ऊपर कार्रवाई करने के बदले उन्हें पंडरिया जनपद पंचायत कार्यालय अटैच कर रखा है वह भी पंडरिया अपनी उपस्थिति नहीं देता है।   जिला पंचायत सीईओ इस संबंध में बात करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए ऊटपटांग जवाब देते हैं। कार्य की अधिकता लिए कलेक्टर से जवाब देने की बात कहते है। इसके पीछे मनसा क्या है ये तो सीईओ साहब ही बता सकते हैं। 
 
खैर यहां तो हम पंडरिया विकास खंड अंतर्गत सुदूर वनांचल बैगा आदिवासी बनवासी ग्राम पंचायत भेलकी, ग्राम देवानपटपर,बदना चुवा, में आजादी के 79 साल बाद भी बच्चों को शिक्षा अध्ययन करने लिए स्कूल भवन नही है। इस बात आगे बढ़ा रहे हैं ।निर्माण की स्वीकृत राशि भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ़ गया है।  जानकारी के अनुसार भेलकी में भवन लेंटर टॉप तक 17 साल में पहुंचा है। 3 लाख 75 हजार निकला गया है वहीं देवांपटपर में स्कूल भवन का प्लिंथ और बदना चुवा में भी कार्य उखाड़ फेंकें गए हैं। लगभग 1.75,1.75 लाख रुपया क्रमशः निकाल लिया गया है। जिस के ऊपर भी दोष हैं उन्हें बचाने के पीछे का लाभ किसे हैं। उन पर सरकार और प्रशासन कार्रवाई करे । ताकि गरीब बैगा आदिवासी बनवासी बच्चों को शिक्षा का लाभ दिया जा सके।

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