उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रयास के कोटा- अचानकमार केंवची मार्ग का अब होगा मजबूती नवीनीकरण
मुंगेली |
2025-10-25 18:15:31
डिप्टीसीएम अरुण साव के प्रयास से कोटा - अचानकमार - केंवची मार्ग का 32 करोड़ 34 लाख की लागत से होगा मजबूती नवीनीकरण कार्य
काफी वर्षो से जंगल मे निवासरत बैगा आदिवासियों की मांग रही
बच्चों को स्कूल आने जाने के लिए सुगम रास्ता
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रयास के कोटा- अचानकमार केंवची मार्ग का अब होगा मजबूती नवीनीकरण
लोरमी - लोरमी क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए संकल्पित डिप्टी सीएम व विधायक अरुण साव के द्वारा लोरमी क्षेत्र के बहुप्रशिक्षित मांग कोटा से अचानकमार केंवची मार्ग तक कुल 57.60 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 32 करोड़ 34 लाख 10 हजार रुपये की लागत से मजबूतीकरण नवीनीकरण कार्य के लिए प्रदान कराए। उक्त सड़क निर्माण हो जाने से अचानकमार टाईगर रिजर्व में निवासरत बैगा आदिवासियों के लिए आवागमन की सुविधा मिलेगी साथ ही अमरकंटक गौरेला, पेंड्रा जाने वाले लोगों के लिये सुगम रास्ता मिलेगा।
जिसके लिए शासन की ओर से 32 करोड़ 34 लाख 10 हजार रुपये की राशि स्वीकृत हुई जिससे 57.60 किमी सड़क का निर्माण कार्य होगा
गौरतलब है कि अचानकमार टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाली सड़क कोटा शिवतराई से अचानकमार, केंवची तक पूरी तरह सड़क जर्जर व गढ्ढे हो चुकी है। उक्त मार्ग में डामरीकरण तो दूर लग्भग कुछ सालों से इसकी मरम्मत तक नहीं हुई है, ऐसी स्थिति में बैगा आदिवासियों सहित एटीआर में आने वाले पर्यटकों, राहगीर यहां से गुजरने में भी कतराते हैं। ज्ञात हो कि एटीआर संवेदनशील व संरक्षित क्षेत्र होने के कारण टाइगर रिजर्व प्रबंधन मरम्मत की अनुमति देने से अनाकानी करते रहते है प्रबंधन तो इसमें राहगीरों के प्रवेश पर ही प्रतिबंध लगाना चाहता है, लेकिन आम जनता की सुविधा से जुडी सड़क होने के कारण इस पर आज तक प्रतिबंध नहीं लग सका। लिहाजा इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
अचानकमार टाईगर रिजर्व जंगल जैव विविधता एवं वनस्पति से परिपूर्ण है, यहाँ पर सभी प्रकार के जीव जंतु एवं जंगली जानवरों का महत्वपूर्ण निवास स्थान है, पहले अचानकमार सेंचुरी हुआ करती थी तब उस समय ज्यादा सख्त नियम नहीं थे। इसलिए लोक निर्माण विभाग आसानी से सड़कों की मरम्मत कर लेता था। लेकिन जब से टाइगर रिजर्व घोषित हुआ है, यहां मरम्मत कराना भी लोक निर्माण विभाग के लिए कठिन हो गया है। विभाग ने कई बार अनुमति लेने का प्रयास किया प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकी मरम्मत नही होने से बरसात में बारिश होने से उक्त मुख्य मार्ग धीरे- धीरे जर्जर गड्डे होती गई। वर्तमान में स्थिति यह है की सड़क में केवल गड्ढे हैं। जिससे बैगा आदिवासियों, छात्रों राहगीरों के साथ सरकारी गाड़ियां व एंबुलेंस चालक को भी टाइगर रिजर्व से गुजरने में परेशानी होती है।
कई बार इसकी मरम्मत व डामरीकरण का प्रयास किया गया। लेकिन हर बार टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने दरकिनार कर दिया। प्रबंधन की इस अनदेखी का खामियाजा राहगीरों को भुगतान पड़ रहा है। जबकि अमरकंटक समेत मध्य प्रदेश जाने के लिए यह सड़क बेहद कम दूरी व सुविधाजनक है। इतनी जर्जर होने के बाद भी गाड़ियां यहां से गुजरती हैं। हालांकि इसकी जर्जर हालत की वजह से अब पहले से यातायात का दबाव कम हुआ है। राहगीर लगातार इसकी मरम्मत चाहते थे। लेकिन टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कभी भी इसकी मरम्मत को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई। लेकिन वही छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम व लोरमी विधायक अरुण साव के प्रयास से उक्त सड़क की तस्वीर बदलने वाली है श्री साव के प्रयास से 32 करोड़ 34 लाख 10 हजार की लागत से कोटा अचानकमार केंवची सड़क का मजबूतीकरण व नवीनीकरण का कार्य जल्द किया जाएगा जिससे निवासरत बैगा आदिवासियों सहित उक्त मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों छात्रों को सुगम रास्ता मिल पायेगा।
शिवतराई से केंवची तक सड़क की हालत जर्जर
अचानकमार टाइगर रिजर्व अंतर्गत शिवतराई से लेकर केंवची तक है। कोर जोन(अतिसंवेदनशील क्षेत्र) के कारण इतने हिस्से में मरम्मत नहीं हो सकी। टाइगर रिजर्व प्रबंधन का मानना है कि सड़क बनने के बाद गाड़ियों का दबाव बढ़ेगी। इसके अलावा गति भी तेज होगी। इससे वन्य प्राणियों को खतरा है। इस क्षेत्र में वन्य प्राणियों का मूमेंट रहता है।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन के मुताबिक अचानकमार टाइगर रिजर्व की सड़क से प्रतिदिन गाड़ियां गुजरती हैं। इसमें कार और बाइक हैं। ये गाड़ियां अमरकंटक के अलावा गौरेला, पेंड्रा व मरवाही की ओर जाती है। चार पहिया तो दूर उक्त मार्ग में दो पहिया वाहन सायकल चलना भी तकलीफ होता रही है।