छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

जिले में धान खरीदी सुगमता से जारी, तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था से किसानों में उत्साह

 गरियाबंद । जिले में इस वर्ष धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाई गई है, जिसका लाभ किसानों को प्रतिदिन मिल रहा है। ग्राम पंचायत देवरी के किसान मदन लाल साहू ने आज अपने पुत्र धनेश्वर साहू के नाम से ऑनलाइन टोकन के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 3,100 रुपये क्विंटल पर धान का विक्रय किया। 

उन्होंने बताया कि नई प्रणाली से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि धान विक्रय पूरी तरह सुगमता से संपन्न हुआ। उन्होनें बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि उनके ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में लगे चार पहिया मालवाहक वाहनों की किस्त भरने में काम आएगी। उन्होंने धान खरीदी केंद्र देवरी की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए बताया कि इस वर्ष की खरीदी प्रणाली पारदर्शी और सुविधाजनक है। उन्होंने राज्य शासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की निर्णयकारी नीतियाँ किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई हैं। इस वर्ष राज्य शासन ने धान खरीदी में कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। ऑनलाइन टोकन व्यवस्था, ई-केवाईसी अनिवार्यता, बायोमेट्रिक सत्यापन और कंट्रोल रूम आधारित निगरानी से धान खरीदी की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित हुई है। किसानों को लंबे इंतजार, भीड़ और अनियमितता से राहत मिली है। 

राज्य शासन द्वारा इस वर्ष छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर से 31 जनवरी तक जारी रहेगी। प्रति किसान 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीद की सीमा तय की गई है। पूरे राज्य में 2,700 से अधिक खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिनमें गरियाबंद जिले के 90 केंद्र भी शामिल हैं। सीमावर्ती जिलों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जांच दल गठित किए गए हैं। जिले में प्रशासन द्वारा निगरानी बढ़ाई गई है ताकि धान खरीदी केवल पात्र एवं पंजीकृत किसानों से ही की जा सके। देवरी सहित जिले के अनेक किसानों ने नई खरीदी प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था के कारण प्रक्रिया पहले से अधिक सहज और विश्वासपूर्ण बन गई है। धान बेचने, टोकन प्राप्त करने और भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आने से किसान संतुष्ट हैं।

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