छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़

धान पंजीयन रद्द करने की मांग लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे टेढ़ीभदरा के ग्रामीण

 तहसीलदार और एसडीएम को दोबारा सौंपा ज्ञापन

बिलाईगढ़। बिलाईगढ़ के भटगांव तहसील कार्यालय में गुरुवार शाम को टेढ़ीभदरा गांव के सैंकड़ों ग्रामीण पहुंचे और धान पंजीयन रद्द कराने की मांग को लेकर तहसीलदार और एसडीएम को दोबारा ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण पिछले डेढ़ महीनों से कलेक्टर कार्यालय और एसडीएम बिलाईगढ़ के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं मिला है।

70 वर्षों से बसे ग्रामीण, जमीन पर विवाद गहराया
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर वे और उनके पूर्वज 70 वर्षों से रह रहे हैं, उसी भूमि को जगदीश बिंझिया नाम के व्यक्ति ने अपना बताकर कृषि पंजीयन करा लिया। ग्रामीणों के अनुसार यह जमीन मध्यप्रदेश शासन काल के दौरान सिलिंग एक्ट में थी, फिर भी वर्तमान में उसका पर्चा पट्टा जारी कर दिया गया। इसी जमीन पर ग्रामीणों के मकान, बाड़ी और कृषि कार्य होते हैं, जिससे वे अपना गुजर-बसर करते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जगदीश द्वारा न तो कभी खेती की गई और न ही धान लगाया गया, इसके बावजूद पटवारी और अधिकारियों की मिलीभगत से उसका धान पंजीयन कर दिया गया। ग्रामीणों ने तुरंत पंजीयन रद्द करने की मांग की है।

अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

तहसीलदार का बयान
तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर भौतिक सत्यापन कराया गया है। यदि मौके पर यह साबित होता है कि जगदीश द्वारा धान नहीं लगाया गया है, तो उसका पंजीयन रद्द कर दिया जाएगा।

अब फैसला प्रशासन के हाथ में
गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्या जल्द सुनी जाएगी। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या ग्रामीणों को अब न्याय मिलेगा या उन्हें आगे भी दफ्तरों और अदालतों के चक्कर काटने पड़ेंगे।

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