छत्तीसगढ़ / मुंगेली

शीत लहर की आहट सुनहरी धूप में पढ़ने लगे छात्र


सुबह की धूप का आनंद लेकर पढ़ते सरकारी स्कूल सेमरसल के छात्र

ठंड में छात्रों ने लिए धूप का आनंद, संस्कृत की पढ़ाई की

गुनगुनी में बच्चों ने पढ़ाई की, शिक्षक उमाशंकर ने संस्कृत पढ़ाया

लोरमी - सुबह सुबह ठंड के कारण तापमान गिर गया है शीतलहर चल रहा है ऐसे में सुनहरे धूप में बैठकर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरसल के छात्रों ने पढ़ाई का आनंद लिया। संस्कृत की कक्षा लेते हुए शिक्षक उमाशंकर सिंह ने अपने अनुभव साझा किया कि बच्चों के विशेष आग्रह पर शाला प्रांगण में कक्षा लगाया गया। जो वास्तव में जरूरी भी था क्योंकि ठंड बढ़ गया है। वही पाठ्यक्रम के संबंध में बात करते हुए कहा कि प्राचीन गुरु शिष्य सम्बन्ध जैसे वशिष्ठ-राम, गुरु द्रोण-अर्जुन, रामकृष्ण-विवेकानन्द, धौम्य-आरुणि की गाथा व भगवान राम की कुटुंब को रेखाचित्र सोदाहरण पढ़ाने का रोचक अनुभव हुआ। बच्चों ने इस नयापन को एहसास भी किया। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राओं को प्रधानपाठक आत्माराम कश्यप द्वारा गर्म कपड़े लेकर आने का निर्देश दिया गया है। चूंकि तापमान 9 डिग्री सेल्सियस था इस कारण रोचक तरीके से नवाचार करते हुए बच्चों को समूह में अभ्यास कार्य दिया गया। पाठ्यक्रम में अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी भी जोर शोर से चल रही है। ऐसे समय में छात्रों ने सुबह की मीठी धूप में पढ़ने को बड़ा मजेदार बताया। कक्षा छठवीं की छात्रा शिवानी कश्यप ने बताया कि सुबह-सुबह शीत गिरने के कारण बहुत अधिक ठंड का एहसास हो रहा था इसलिए दैनिक प्रार्थना होने के बाद हमने आग्रह किया कि आज धूप में ही पढ़ाया जाए। जिससे हमारे शिक्षक उमाशंकर राजपूत ने बाहर में ही शाला प्रांगण में कक्षा लगाया वास्तव में बड़ा आनंद आया और आज हमने संस्कृत के पाठ को बहुत रोचक तरीके से सीखा है। शालेय कार्य में सहयोग करने वाले शिक्षक राकेश पांडेय, राजकुमार कश्यप, पुष्पा चतुर्वेदी ने पढ़ाने की इस तकनीक को मौसमरूप सही बताया। वहीं प्रधानपाठक आत्माराम कश्यप ने गुनगुनी धूप को स्वास्थ्य वर्धक भी करार दिया है।

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