छत्तीसगढ़ / बालोद

'व्हीबी-जी राम जी' अधिनियम : ग्रामीण रोजगार गारंटी को मजबूत करने वाला नया कदम

 बालोद। जिले में 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण' (व्हीबी-जी राम जी) अधिनियम के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने हेतु विशेष ग्राम सभाओं का सफल आयोजन किया गया। जनपद पंचायत डौंडी द्वारा आदिवासी बहुल ग्रामों में 24 दिसंबर और शेष क्षेत्रों में 26 दिसंबर को आयोजित इन सभाओं ने ग्रामीणों को नई योजना की विशेषताओं से परिचित कराया। यह अधिनियम विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जो ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भरता प्रदान करेगा।


विशेष ग्राम सभाओं में अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा हुई। ग्रामीणों को बताया गया कि यह कानून मनरेगा को और सशक्त बनाता है। अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का अकुशल शारीरिक श्रम रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यदि मांग करने के बाद भी समय पर काम न मिले, तो राज्य सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी। मजदूरी भुगतान में विलंब पर हर अतिरिक्त दिन का मुआवजा अनिवार्य होगा।

कार्ययोजनाओं का निर्धारण ग्राम सभा के माध्यम से होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और भागीदारी बढ़ेगी। प्राथमिकता जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें-नाली निर्माण, आजीविका गतिविधियां और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन कार्यों को दी जाएगी। प्रशासनिक व्यय सीमा 6% से बढ़ाकर 9% कर दी गई है, जो क्षेत्रीय कर्मचारियों की क्षमता मजबूत करेगी। पुराने मनरेगा कार्य सुरक्षित रहेंगे, जबकि नई योजना से रोजगार के द्वार और चौड़े होंगे।

सभाओं में अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं वाली मुद्रित सामग्री वितरित की गई। सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साह से भाग लिया। राज्य शासन का यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगा, पंचायतों को सशक्त करेगा और आजीविका के नए अवसर सृजित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 'व्हीबी-जी राम जी' ग्रामीण भारत को समृद्धि के पथ पर ले जाएगा, जहां हर परिवार की आय सुनिश्चित होगी। जिले में ऐसी सभाओं का विस्तार जारी रहेगा।

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