आंचल महिला क्लस्टर संगठन संबलपुर में पशु सखियों को दिया गया प्रशिक्षण
धमतरी - आंचल महिला क्लस्टर संगठन संबलपुर में दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत पशुपालन एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों से चयनित पशु स खियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशु सखियों को पशुपालन से जुड़ी नवीन तकनीकों, योजनाओं एवं व्यवहारिक ज्ञान से अवगत कराना रहा ताकि वे ग्रामीण स्तर पर पशुपालकों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें।
इस अवसर पर जनपद पंचायत के विभागीय अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय समन्वयक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने पशु सखी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पशु सखी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं जो पशुपालकों और विभाग के बीच सेतु का कार्य करती हैं।
प्रशिक्षण सत्रों में पशु सखियों को पशुओं के संतुलित आहार प्रबंधन, टीकाकरण, कृमिनाशक दवा, स्वच्छता, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तकनीक, नस्ल सुधार, पशु रोगों की प्रारंभिक पहचान एवं प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। इसके साथ ही पशुपालन से संबंधित शासकीय योजनाओं, बीमा योजना, पशु ऋण एवं अनुदान योजनाओं के बारे में भी विस्तार से समझाया गया, ताकि पशु सखी अपने गांवों में पशुपालकों को इन योजनाओं से जोड़ सकें।
विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि समय पर टीकाकरण और सही पोषण से पशुओं की उत्पादकता में वृद्धि होती है जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ती है। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से पशु सखियों को समझाया गया कि वे किस प्रकार पशुपालकों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित करें और पशु स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में सहभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और क्षेत्र में पशुपालन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। पशु सखियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे गांव में पशुपालकों की बेहतर सहायता कर पाती हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी नियमित अंतराल पर ऐसे प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
अंत में प्रतिभागी पशु सखियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। यह प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को सशक्त बनाने तथा पशु सखियों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित।