छत्तीसगढ़ / बालोद

दूधली में धूमधाम से शुरू हुआ देश का पहला नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी : 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' थीम पर विवादों के बीच आयोजन

 दूधली में धूमधाम से शुरू हुआ देश का पहला नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी : 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' थीम पर विवादों के बीच आयोजन


बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दूधली गांव में देश का पहला नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी भव्यता से प्रारंभ हुआ। राज्यपाल रामेन डेका ने 5 दिवसीय इस मेगा इवेंट का उद्घाटन किया, जिसमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक के 11 हजार से अधिक स्काउट्स-गाइड्स और 400 विदेशी प्रतिभागी शामिल हैं। हालांकि, स्काउट-गाइड राज्य अध्यक्ष पद को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और कांग्रेस के भ्रष्टाचार आरोपों से घिरा यह आयोजन विवादों की भेंट चढ़ गया है।

राज्यपाल के हाथों भव्य शुभारंभ

दूधली के 146 एकड़ विशाल मैदान में स्थापित अस्थायी शहर में राज्यपाल रामेन डेका ने स्काउट गाइड ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' थीम पर आधारित इस जंबूरी में प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर सुआ और डंडा नृत्य का प्रशिक्षण दिया गया। हजारों छात्र एक मंच पर एकता का संदेश देते नृत्य प्रस्तुत करेंगे। आयोजन को सफल बनाने हेतु 2000 टेंट, 6 भोजन डोम, 30 बेड का अस्थायी अस्पताल, प्रशासनिक कंट्रोल रूम जैसी पूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं। विभिन्न विभागों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

अध्यक्ष पद विवाद ने मचाया हंगामा

स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विवाद पर बड़ा बयान दिया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल की नाराजगी पर उन्होंने कहा, "बृजमोहन भैया हमारे परिवार के बड़े भाई हैं। वैधानिक अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें हटाए बिना नए अध्यक्ष की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध है। उनसे मुलाकात कर विवाद सुलझाएंगे।" अग्रवाल ने न्यायालय का रुख कर जंबूरी स्थगन की मांग की थी, जबकि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। मंत्री ने पलटवार किया, "कांग्रेस बिना सोचे-समझे आरोप लगाती है। स्काउट की कार्यप्रणाली अलग है। पुराने लोग कुछ भी बोल देते हैं। बृजमोहन भैया से कल मिलूंगा।"

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

उद्घाटन में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कांकेर सांसद भोजराज नाग, मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। विधायकगण, राज्य-जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय-राज्य पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गरिमा प्रदान की। विवाद के बावजूद आयोजन सुचारु रूप से चला, जो संगठन की मजबूती दर्शाता है।

सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

जंबूरी विविधता में एकता का जीवंत प्रदर्शन है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक के बच्चे एक छत के नीचे एकत्रित होकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ी लोक नृत्यों का समावेश स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर उजागर कर रहा है। 400 विदेशी स्काउट्स की भागीदारी से वैश्विक आयाम जुड़ गया। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और देशभक्ति की भावना जगाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

विवादों से उपर उठकर सफलता का संकल्प

अध्यक्ष पद विवाद और भ्रष्टाचार आरोपों के बीच भी जंबूरी राष्ट्र निर्माण का उत्सव बन गया। मंत्री यादव का बयान सौहार्द का संदेश देता है, जबकि अग्रवाल का न्यायालयीन कदम संगठन की स्वायत्तता पर जोर। दूधली का यह मैदान न केवल स्काउटिंग का केंद्र, बल्कि विवादों के बीच एकता का प्रतीक बन चुका है। 5 दिवसीय आयोजन राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करेगा।

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