छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा

साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में जिला स्तरीय बस्तर पंडुम के व्यवस्थित आयोजन सहित प्रमुख विभागीय कार्यों के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देश

 कलेक्टर ने भूमि प्रबंधन, वन अधिकार पत्रों और पुनर्वास कार्यों की प्रगति पर दिए अहम निर्देश

आवारा पशु नियंत्रण, स्वच्छता और सड़क सुरक्षा उपायों की हुई समीक्षा

दंतेवाड़ा, 20 जनवरी 2026

कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने आज कलेक्टरेट के डंकनी सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में आगामी जिला स्तरीय बस्तर पंडुम आयोजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पर्व को जिले की गरिमा के अनुरूप भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने पर विशेष जोर देते हुए सभी विभागों को तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मंच निर्माण, प्रतिभागियों के आवागमन, सुरक्षा प्रबंधन, पेयजल एवं स्वच्छता, संपूर्ण लॉजिस्टिक व्यवस्था तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस्तर की समृद्ध कला, संस्कृति और विरासत की आत्मा को दर्शाने वाला माहौल तैयार किया जाए, ताकि पंडुम की भव्यता और सांस्कृतिक महत्व प्रभावशाली रूप में सामने आए।
 
बैठक के दौरान विभागवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए उन्होने मानव अधिकार आयोग एवं माननीय उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों, हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामलों, विभागीय जानकारी की अद्यतन हस्ताक्षरित प्रतियों और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित व्यवस्थाओं की स्थिति पर विशेष फोकस किया । इसके अलावा आवारा मवेशी एवं श्वान के प्रबंधन, मुक्ति धामों के सुधार, कोटपा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई, जनगणना 2027 की तैयारी, पुनर्वास केंद्रों के निरीक्षण, भोजन एवं वेलकम किट व्यवस्था, छात्रों को छात्रवृत्ति भुगतान, एस.ओ.पी. के अद्यतन, शैक्षणिक भ्रमण एवं खेल गतिविधियों की स्थिति भी समीक्षा के प्रमुख बिंदु रहे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित एवं आत्मसमर्पित व्यक्तियों को शासकीय योजनाओं से लाभांवित करने के लिए विभागवार योजनाओं के सेचुरेशन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस क्रम में कलेक्टर  ने नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत मॉडल स्कूल, आंगनबाड़ी, पीडीएस व पीएचई से संबंधित कार्यों की प्रगति तथा जनसमस्या निवारण शिविरों की स्थिति पर भी चर्चा की ।
 
इसके अलावा कलेक्टर ने वेटलैंड भूमि के सीमांकन, भूमि बैंक हेतु समिति गठन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु भूमि चिन्हांकन, वन अधिकार पत्रों एवं फौती नामांतरण, विभिन्न विभागों में लंबित भूमि आबंटन प्रकरणों पर कार्यवाही की गति बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, पीएमएवाई, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक खाते एवं स्वच्छ भारत मिशन के गैप को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।बैठक में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्यों, जर्जर शासकीय स्कूल भवनों के डिस्मेंटल प्रस्ताव, जेम पोर्टल निविदाओं के सत्यापन, कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के निर्देशों के अनुपालन, विभागीय योजनाओं की समीक्षा, फील्ड विजिट में दिए निर्देशों की स्थिति तथा विभिन्न शिकायत निवारण पोर्टलों सीपी जीआरएमएस, मुख्यमंत्री जनदर्शन, सचिवालय, ई-समाधान व सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा उन्होने ग्राम मुलेर में सड़क एवं पुलिया निर्माण, मुलेरदृनहाड़ी सड़क निर्माण, दूरस्थ क्षेत्रों के निरीक्षण, बसों में आग की रोकथाम और सड़क सुरक्षा उपायों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, शिक्षकों की उपस्थिति, पीएमएमवीवाई के कोड मिसमैच, लक्ष्यों की पूर्ति, एचसीएम, एफआरएस तथा टीएचआर स्टेटस की समीक्षा भी की गई।बैठक के अंत में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम 2013 के तहत एसएचई-बॉक्स पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग, कृषि धन धान्य योजना तथा आकांक्षी जिला, आकांक्षी विकासखंड से संबंधित प्रगति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।इस समीक्षा बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को कलेक्टर ने निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों में तेजी लाएं और सभी अधिकारी सौंपे गए दायित्वों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। इस बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित अन्य विभाग के विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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